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कक्षा – 6
अध्याय ४ – चट्टान और खनिज पदार्थ
परिचय
क्या आपने कभी पहाड़, बड़ी-बड़ी चट्टानें या जमीन से निकलने वाले पत्थर देखे हैं? क्या आपने सोचा है कि ये कैसे बने? हमारे घरों, सड़कों, पुलों और मंदिरों के निर्माण में जो पत्थर उपयोग होते हैं, वे कहाँ से आते हैं?
इन सभी प्रश्नों का उत्तर हमें चट्टान (Rock) और खनिज (Mineral) के अध्ययन से मिलता है।
पृथ्वी की ऊपरी परत मुख्य रूप से चट्टानों से बनी है और चट्टानें कई प्रकार के खनिजों से मिलकर बनती हैं। इसलिए चट्टान और खनिज पृथ्वी के सबसे महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधनों में से हैं।
चट्टान (Rock) क्या है?
चट्टान पृथ्वी की ऊपरी सतह का कठोर भाग है, जो एक या एक से अधिक खनिजों से मिलकर बनी होती है।
सरल शब्दों में—
कई खनिज मिलकर चट्टान बनाते हैं।
उदाहरण
ग्रेनाइट
संगमरमर
बलुआ पत्थर
बेसाल्ट
खनिज (Mineral) क्या है?
खनिज वे प्राकृतिक पदार्थ हैं जो पृथ्वी के भीतर पाए जाते हैं और जिनका निश्चित रासायनिक संघटन तथा विशेष गुण होते हैं।
उदाहरण
सोना
चाँदी
लोहा
ताँबा
अभ्रक (Mica)
क्वार्ट्ज
हीरा
याद रखें
खनिज → मिलकर चट्टान बनाते हैं।
चट्टानों के प्रकार
चट्टानों को बनने की प्रक्रिया के आधार पर तीन भागों में बाँटा जाता है—
आग्नेय चट्टान
अवसादी चट्टान
कायांतरित चट्टान
अब इन्हें विस्तार से समझते हैं।
1. आग्नेय चट्टान (Igneous Rock)
पृथ्वी के अंदर बहुत गर्म पिघला हुआ पदार्थ होता है जिसे मैग्मा (Magma) कहते हैं।
जब यही मैग्मा ठंडा होकर कठोर हो जाता है, तब आग्नेय चट्टान बनती है।
इसलिए इन्हें प्राथमिक चट्टान भी कहा जाता है क्योंकि सबसे पहले यही बनी थीं।
उदाहरण
ग्रेनाइट
बेसाल्ट
विशेषताएँ
✔ सबसे पहले बनने वाली चट्टान
✔ बहुत कठोर होती है।
✔ इनमें परतें नहीं होतीं।
✔ इनमें जीवाश्म नहीं पाए जाते।
आग्नेय चट्टान दो प्रकार की होती है
(क) अंतर्वेधी आग्नेय चट्टान
जब मैग्मा पृथ्वी के अंदर ही ठंडा होता है।
उदाहरण
ग्रेनाइट
(ख) बहिर्वेधी आग्नेय चट्टान
जब लावा पृथ्वी की सतह पर निकलकर ठंडा होता है।
उदाहरण
बेसाल्ट
2. अवसादी चट्टान (Sedimentary Rock)
हवा, पानी और नदियाँ चट्टानों को धीरे-धीरे तोड़ देती हैं।
ये छोटे-छोटे कण नदी, झील या समुद्र में जाकर जमा होते रहते हैं।
लाखों वर्षों तक दबाव पड़ने से ये कठोर होकर नई चट्टान बना लेते हैं।
इन्हें अवसादी चट्टान कहते हैं।
उदाहरण
बलुआ पत्थर
चूना पत्थर
शेल
विशेषताएँ
✔ इनमें परतें होती हैं।
✔ इनमें जीवाश्म पाए जाते हैं।
✔ अपेक्षाकृत नरम होती हैं।
जीवाश्म (Fossils)
प्राचीन पौधों और जानवरों के कठोर अवशेषों को जीवाश्म कहते हैं।
ये मुख्य रूप से अवसादी चट्टानों में पाए जाते हैं।
जीवाश्मों से हमें लाखों वर्ष पुराने जीवों की जानकारी मिलती है।
3. कायांतरित चट्टान (Metamorphic Rock)
जब आग्नेय या अवसादी चट्टानों पर अत्यधिक ताप और दबाव पड़ता है, तब उनका रूप बदल जाता है।
इसी प्रक्रिया को कायांतरण कहते हैं।
इससे बनने वाली चट्टानों को कायांतरित चट्टान कहते हैं।
उदाहरण
| पुरानी चट्टान | नई चट्टान |
|---|---|
| चूना पत्थर | संगमरमर |
| ग्रेनाइट | नाइस |
| शेल | स्लेट |
विशेषताएँ
✔ अत्यधिक कठोर होती हैं।
✔ सुंदर दिखाई देती हैं।
✔ भवन निर्माण में उपयोग होती हैं।
खनिजों के प्रकार
खनिज दो प्रकार के होते हैं—
1. धात्विक खनिज
इनसे धातुएँ प्राप्त होती हैं।
उदाहरण
लोहा
ताँबा
सोना
चाँदी
एल्युमिनियम
2. अधात्विक खनिज
इनसे धातु नहीं मिलती।
उदाहरण
अभ्रक
नमक
जिप्सम
चूना पत्थर
चट्टानों का उपयोग
चट्टानें हमारे जीवन में अत्यंत उपयोगी हैं।
इनका उपयोग—
घर बनाने में
सड़क बनाने में
पुल बनाने में
मंदिर बनाने में
मूर्तियाँ बनाने में
सीमेंट बनाने में
सजावट में
किया जाता है।
खनिजों का उपयोग
खनिजों का उपयोग अनेक उद्योगों में होता है।
जैसे—
लोहा → मशीन बनाने में
ताँबा → बिजली के तार
सोना → आभूषण
चाँदी → आभूषण
अभ्रक → विद्युत उपकरण
चूना पत्थर → सीमेंट
खनन (Mining)
पृथ्वी के अंदर से खनिज निकालने की प्रक्रिया को खनन कहते हैं।
खनन दो प्रकार से किया जाता है—
1. खुली खदान
जब खनिज जमीन की सतह के पास हो।
2. भूमिगत खदान
जब खनिज बहुत गहराई में हो।
खनन के लाभ
रोजगार मिलता है।
उद्योगों को कच्चा माल मिलता है।
देश की आर्थिक उन्नति होती है।
नई तकनीक का विकास होता है।
खनन से होने वाली हानियाँ
जंगल नष्ट होते हैं।
मिट्टी का कटाव बढ़ता है।
जल प्रदूषण होता है।
वायु प्रदूषण बढ़ता है।
वन्य जीवों का आवास नष्ट होता है।
खनिजों का संरक्षण
खनिज सीमित संसाधन हैं, इसलिए इनका संरक्षण आवश्यक है।
इसके लिए—
आवश्यकता अनुसार ही उपयोग करें।
धातुओं का पुनर्चक्रण (Recycling) करें।
नई तकनीक अपनाएँ।
खनन के बाद वृक्षारोपण करें।
प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करें।
चट्टान चक्र (Rock Cycle)
पृथ्वी पर चट्टानें हमेशा एक जैसी नहीं रहतीं।
मैग्मा ठंडा होकर आग्नेय चट्टान बनाता है।
आग्नेय चट्टान टूटकर अवसादी चट्टान बनती है।
अवसादी चट्टान पर ताप और दबाव पड़ने से कायांतरित चट्टान बनती है।
कायांतरित चट्टान फिर पिघलकर मैग्मा बन सकती है।
इसी निरंतर परिवर्तन को चट्टान चक्र कहते हैं।
महत्वपूर्ण अंतर
| आधार | चट्टान | खनिज |
|---|---|---|
| परिभाषा | एक या अधिक खनिजों से बना पदार्थ | प्राकृतिक शुद्ध पदार्थ |
| संरचना | कई खनिजों का समूह | निश्चित रासायनिक संघटन |
| उदाहरण | ग्रेनाइट, संगमरमर | सोना, लोहा, अभ्रक |
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण प्रश्न
अति लघु उत्तरीय
चट्टान क्या है?
खनिज किसे कहते हैं?
मैग्मा क्या है?
जीवाश्म क्या है?
खनन किसे कहते हैं?
लघु उत्तरीय
आग्नेय चट्टान की विशेषताएँ लिखिए।
अवसादी चट्टान कैसे बनती है?
कायांतरित चट्टान क्या है?
खनिजों के उपयोग लिखिए।
चट्टानों के उपयोग बताइए।
दीर्घ उत्तरीय
चट्टानों के तीनों प्रकारों का वर्णन उदाहरण सहित कीजिए।
खनन के लाभ एवं हानियाँ लिखिए।
चट्टान चक्र का वर्णन कीजिए।
खनिजों के संरक्षण की आवश्यकता क्यों है?
अध्याय का सार (Summary)
पृथ्वी की ऊपरी परत चट्टानों से बनी है।
खनिज प्राकृतिक शुद्ध पदार्थ होते हैं।
कई खनिज मिलकर चट्टान बनाते हैं।
चट्टानें तीन प्रकार की होती हैं—आग्नेय, अवसादी और कायांतरित।
जीवाश्म मुख्यतः अवसादी चट्टानों में पाए जाते हैं।
खनिज उद्योग, निर्माण और दैनिक जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
खनिज सीमित संसाधन हैं, इसलिए उनका संरक्षण आवश्यक है।
चट्टानों का निर्माण और परिवर्तन निरंतर चलता रहता है, जिसे चट्टान चक्र कहते हैं।
धातु, उनके अयस्क और उपयोग
| धातु का नाम | प्रमुख अयस्क (Ore) | प्रमुख उपयोग |
|---|---|---|
| लोहा (Fe) | हेमेटाइट (Fe₂O₃), मैग्नेटाइट (Fe₃O₄), लिमोनाइट | पुल, इमारतें, वाहन, मशीनें, स्टील निर्माण |
| एल्यूमिनियम (Al) | बॉक्साइट (Al₂O₃·2H₂O), क्रायोलाइट | हवाई जहाज़, बिजली की तारें, रसोई के बर्तन |
| ताँबा (Cu) | क्यूप्राइट (Cu₂O), चाल्कोपाइराइट (CuFeS₂), मलेचाइट (CuCO₃·Cu(OH)₂) | बिजली की तारें, बर्तन, सिक्के, औज़ार |
| सोना (Au) | प्राकृतिक अवस्था (मौलिक रूप में मिलता है) | आभूषण, सिक्के, मूल्यवान वस्तुएँ |
| चाँदी (Ag) | अर्जेन्टाइट (Ag₂S), हॉर्न सिल्वर (AgCl) | आभूषण, सिक्के, दर्पण, विद्युत उपकरण |
| दस्ता (Zn) | जिंक ब्लैंड (ZnS), कैलामाइन (ZnCO₃) | बैटरी, पीतल, लोहे पर गैल्वनाइज़िंग |
| सीसा (Pb) | गैलेना (PbS) | बैटरी, पाइप, गोलियाँ |
| निकेल (Ni) | पेंटलैंडाइट (Ni,Fe)₉S₈ | सिक्के, स्टेनलेस स्टील, मिश्रधातु |
भाग – 1 : बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ)
मैग्मा जब धरती की सतह पर निकलकर ठोस हो जाता है, तो उसे क्या कहते हैं?
(क) पुमिस
(ख) लावा
(ग) शैल
(घ) जीवाश्मरेललाइन के नीचे जो काले पत्थर डाले जाते हैं, वे किस प्रकार की चट्टान के टुकड़े होते हैं?
(क) ग्रेनाइट
(ख) पुमिस
(ग) बेसाल्ट
(घ) स्लेटचूना पत्थर किस प्रकार की चट्टान है?
(क) आग्नेय
(ख) अवसादी
(ग) रूपांतरित
(घ) ज्वालामुखीसंगमरमर किससे बनता है?
(क) ग्रेनाइट
(ख) स्लेट
(ग) चूना पत्थर
(घ) बेसाल्टप्राकृतिक गैस का मुख्य घटक कौन-सा है?
(क) एथेन
(ख) मिथेन
(ग) प्रोपेन
(घ) ब्यूटेन
“कक्षा 6 विज्ञान के अन्य अध्याय प्रश्न उत्तर यहाँ पढ़ें।”
भाग – 2 : रिक्त स्थान भरिए (Fill in the blanks)
मैग्मा जब सतह पर निकलता है तो उसे ________ कहते हैं।
उत्तर – लावा________ चट्टान में अक्सर जीवाश्म पाए जाते हैं।
उत्तर – अवसादी (पीली चट्टान)संगमरमर एक ________ चट्टान है।
उत्तर – रूपांतरितकोयला, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस को ________ ईंधन कहते हैं।
उत्तर – जीवाश्मलोहे में क्रोमियम मिलाने से ________ स्टील बनता है।
उत्तर – स्टेनलेस
भाग – 3 : लघु प्रश्न (Short Questions)
मैग्मा और लावा में क्या अंतर है?
मैग्मा धरती के अंदर पिघला हुआ पत्थर है, जबकि जब यह सतह पर निकलता है तो उसे लावा कहते हैं।
पुमिस पत्थर में छिद्र क्यों होते हैं?
पुमिस बनते समय उसमें से गैस निकलती है, जिससे पत्थर में छिद्र बन जाते हैं।
जीवाश्म क्या होते हैं?
करोड़ों साल पहले जीवित जीवों के अवशेष जो पत्थरों में दबकर संरक्षित हो जाते हैं, उन्हें जीवाश्म कहते हैं।
स्टील और स्टेनलेस स्टील में अंतर बताइए।
स्टील लोहा और कार्बन से बनता है, जबकि स्टेनलेस स्टील लोहा व क्रोमियम से बनता है और उस पर जंग नहीं लगता।
भाग – 4 : दीर्घ प्रश्न (Long Questions)
ज्वालामुखी चट्टानें कैसे बनती हैं? उदाहरण दीजिए।
जब मैग्मा धरती की सतह पर दरारों से बाहर आता है तो उसे लावा कहते हैं। यह लावा ठंडा होकर ठोस बन जाता है और ज्वालामुखी चट्टान का निर्माण करता है। उदाहरण – बेसाल्ट, ग्रेनाइट, पुमिस।
अवसादी (पीली) चट्टानें कैसे बनती हैं और इनमें जीवाश्म क्यों मिलते हैं?
नदियों, झीलों और समुद्र के तल में मिट्टी और रेत की परतें जमा होती जाती हैं। दबाव और गर्मी के कारण लाखों वर्षों में यह परतें कठोर होकर अवसादी चट्टान बन जाती हैं। चूँकि इन परतों में जीवों के अवशेष दब जाते हैं, इसलिए इनमें जीवाश्म पाए जाते हैं।
जीवाश्म ईंधन (Fossil Fuels) क्या हैं और उनका महत्व बताइए।
करोड़ों वर्ष पहले जीवों के अवशेष दबकर कोयला, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस में बदल गए। इन्हें जीवाश्म ईंधन कहते हैं। इनका उपयोग बिजली उत्पादन, रसोई गैस, वाहन ईंधन और औद्योगिक कार्यों में होता है।
भाग – 5 : सामान्य प्रश्न (FAQ)
Q1. सबसे कठोर चट्टान कौन-सी है?
ग्रेनाइट सबसे कठोर चट्टान मानी जाती है।
Q2. क्या सभी खनिज अयस्क होते हैं?
नहीं, सभी खनिजों से धातु निकालना आसान नहीं होता। केवल वही खनिज अयस्क कहलाते हैं जिनसे धातु सस्ते और सरल तरीके से निकाले जा सकें।
Q3. संगमरमर कहाँ उपयोग होता है?
संगमरमर भवन निर्माण, मंदिर, मूर्तियाँ और सजावटी कार्यों में उपयोग होता है।
Q4. पेट्रोलियम की शुद्धि से कौन-कौन से उत्पाद मिलते हैं?
पेट्रोल, डीजल, केरोसिन, एल.पी.जी., प्लास्टिक, रंग, तेल आदि।
Q5. प्राकृतिक गैस का उपयोग कहाँ होता है?
CNG से वाहन चलते हैं, बिजली उत्पादन होता है और घरों में खाना पकाने के लिए भी उपयोग किया जाता है।






