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Toggleपृथ्वी एक ग्रह के रूप में
🔹 A. पृथ्वी एक ग्रह के रूप में – एक पंक्ति के प्रश्न (1 अंक)
प्रश्न 1. पृथ्वी का एकमात्र प्राकृतिक उपग्रह कौन-सा है?
उत्तर: चंद्रमा।
प्रश्न 2. पृथ्वी सूर्य से दूरी के क्रम में कौन-सा ग्रह है?
उत्तर: तीसरा।
प्रश्न 3. पृथ्वी को गोलाकार सर्वप्रथम किसने बताया?
उत्तर: पाइथागोरस।
प्रश्न 4. पृथ्वी के विषुवतीय और ध्रुवीय व्यास में कितना अंतर है?
उत्तर: लगभग 43 किमी।
प्रश्न 5. पृथ्वी का वास्तविक आकार क्या कहलाता है?
उत्तर: पृथ्वाकार (चपटा उपगोल)।
🔹 B. पृथ्वी एक ग्रह के रूप में -अति संक्षिप्त उत्तरीय प्रश्न (2 अंक)
प्रश्न 1. पृथ्वी को चपटा उपगोल क्यों कहा जाता है?
उत्तर:
पृथ्वी ध्रुवों पर थोड़ी चपटी तथा विषुवत रेखा पर उभरी हुई है। इसलिए इसे पूर्ण गोल न कहकर चपटा उपगोल या पृथ्वाकार कहा जाता है।
प्रश्न 2. आइजक न्यूटन ने पृथ्वी के आकार के बारे में क्या कहा?
उत्तर:
आइजक न्यूटन ने बताया कि पृथ्वी ध्रुवों पर चपटी और मध्य भाग में उभरी हुई है तथा इसकी तुलना नारंगी फल से की।
प्रश्न 3. पृथ्वी को अनोखा ग्रह क्यों कहा जाता है?
उत्तर:
पृथ्वी पर जल, वायु, उपयुक्त तापमान और जीवन का अस्तित्व पाया जाता है, जो अन्य ग्रहों पर नहीं है, इसलिए इसे अनोखा ग्रह कहा जाता है।
🔹 C.पृथ्वी एक ग्रह के रूप में- कारण बताइए (3 अंक)
प्रश्न 1. प्लूटो को ग्रहों की सूची से क्यों हटाया गया?
उत्तर:
अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संघ (IAU) के अनुसार प्लूटो अपने कक्षा क्षेत्र को पूरी तरह साफ नहीं कर पाया। इसलिए 2006 में इसे ग्रह की श्रेणी से हटाकर बौना ग्रह घोषित कर दिया गया।
प्रश्न 2. सूर्य का प्रकाश पृथ्वी तक पहुँचने में लगभग 8 मिनट क्यों लेता है?
उत्तर:
सूर्य और पृथ्वी के बीच की दूरी लगभग 15 करोड़ किमी है। प्रकाश की गति बहुत तेज होने पर भी इतनी अधिक दूरी तय करने में उसे लगभग 8 मिनट लगते हैं।
🔹 D.पृथ्वी एक ग्रह के रूप में- 5 अंक के महत्वपूर्ण प्रश्न
प्रश्न 1. पृथ्वी की गोलाभ आकृति के चार प्रमाण लिखिए।
उत्तर:
पृथ्वी की गोलाभ आकृति के प्रमुख प्रमाण निम्नलिखित हैं—
समुद्र में जहाज पहले नीचे से अदृश्य होते हैं।
चंद्रग्रहण के समय पृथ्वी की छाया गोल दिखाई देती है।
उपग्रहों से ली गई तस्वीरों में पृथ्वी गोल दिखाई देती है।
पृथ्वी की परिक्रमा करके उसी स्थान पर पहुँचा जा सकता है।
प्रश्न 2. सौरमण्डल का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
उत्तर:
सौरमण्डल सूर्य तथा उसके चारों ओर परिक्रमा करने वाले 8 ग्रहों, उपग्रहों, क्षुद्रग्रहों, धूमकेतुओं और उल्काओं से मिलकर बना है। सूर्य सौरमण्डल का केंद्र है और सभी ग्रह उसी से ऊर्जा प्राप्त करते हैं।
🔹 E. पृथ्वी एक ग्रह के रूप में – दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (10 अंक)
प्रश्न. पृथ्वी के आकार के बारे में प्राचीन एवं आधुनिक धारणाओं का विस्तार से वर्णन कीजिए।
उत्तर:
प्राचीन काल में पृथ्वी के आकार को लेकर विभिन्न धारणाएँ प्रचलित थीं। प्रारंभ में कुछ विद्वानों का मानना था कि पृथ्वी चपटी है। यूनानी विद्वान पाइथागोरस ने सबसे पहले पृथ्वी को गोलाकार बताया। अरस्तू ने चंद्रग्रहण के समय पृथ्वी की गोल छाया देखकर इसकी पुष्टि की।
आधुनिक काल में वैज्ञानिक प्रयोगों और गणनाओं से यह सिद्ध हुआ कि पृथ्वी पूर्ण रूप से गोल नहीं है। आइजक न्यूटन ने बताया कि पृथ्वी ध्रुवों पर चपटी तथा विषुवत रेखा पर उभरी हुई है। बाद में कृत्रिम उपग्रहों से प्राप्त चित्रों ने पृथ्वी के पृथ्वाकार (चपटा उपगोल) स्वरूप को पूरी तरह प्रमाणित कर दिया।
आज यह स्पष्ट है कि पृथ्वी का वास्तविक आकार पृथ्वाकार है, जो जीवन के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ प्रदान करता है।
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