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Toggleभारतीय उपमहादेश के आदिमानव
1. भारतीय उपमहादेश के आदिमानव पाठ का रिक्त स्थानों की पूर्ति करें:
1.1 आदिमानव पहले (कच्चा माँस और कंदमूल फूल) खाते थे।
1.2 आदिमानव का पहला हथियार (हल्का नुकीला पत्थर) था।
1.3 आदिमानव का पहला जरूरी आविष्कार (आग) था।
2.भारतीय उपमहादेश के आदिमानव पाठ का ‘क’ स्तम्भ को ‘ख’ स्तम्भ से मिलाइए:
| ‘क’ स्तम्भ | ‘ख’ स्तम्भ |
|---|---|
| कृषि कार्य | नवीन पत्थर युग |
| पशुपालन | कर्नाटक |
| भीमबेटका | प्राचीन पत्थर युग |
| हुसंगी | मध्य प्रदेश |
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3.भारतीय उपमहादेश के आदिमानव पाठ का अपनी भाषा में सोचकर उत्तर लिखें:
3.1 आदिमानव यायावर क्यों थे?
Ans :-आदिमानव यायावर (घुमंतू) इसलिए थे क्योंकि वे भोजन और जल की तलाश में एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाते थे। वे शिकार करते और वनस्पति एकत्रित करके अपना जीवन यापन करते थे।
3.2 आग जलाना सीखने के बाद आदिमानव को क्या-क्या सुविधाएँ मिलीं?
Ans:-आग जलाना सीखने के बाद आदिमानव को भोजन पकाने, ठंड से बचने, जंगली जानवरों से सुरक्षा पाने और अंधेरे में उजाला करने जैसी सुविधाएँ मिलीं। इससे उनके जीवन में बड़ा परिवर्तन आया।
3.3 आदिमानव ने समूह क्यों बनाया? इसके क्या लाभ हुए?
Ans:-आदिमानव ने समूह इसलिए बनाया ताकि वे शिकार को आसान बना सकें, एक-दूसरे की सुरक्षा कर सकें और संसाधनों को साझा कर सकें। समूह में रहने से भाषा और संचार का विकास हुआ, जिससे सभ्यता की नींव पड़ी।
4.भारतीय उपमहादेश के आदिमानव पाठ का स्वयं करो:
4.1 मनुष्य के प्रत्येक स्तर पर क्या-क्या परिवर्तन देखा जा सकता है?
Ans:-मनुष्य के विकास में कई परिवर्तन हुए जैसे- खड़े होकर चलना, औजारों का प्रयोग करना, आग जलाना सीखना, कृषि और पशुपालन करना, गाँव और शहर बसाना, तथा आधुनिक सभ्यता विकसित करना।
4.2 चित्रों से हमें आदिमानव के पत्थर के हथियार बनाने की प्रक्रिया के बारे में क्या ज्ञात होता है?
Ans :-चित्रों से पता चलता है कि आदिमानव पहले असंगठित पत्थरों का उपयोग करते थे, फिर उन्हें घिसकर नुकीला बनाया और बाद में कुल्हाड़ी, भाले और अन्य औजार बनाए, जिससे शिकार और सुरक्षा में आसानी हुई।
बच्चों, आज से लाखों साल पहले मनुष्य आज जैसा नहीं था। वह जंगलों में रहता था, शिकार करता था और भोजन की खोज में एक जगह से दूसरी जगह घूमता रहता था। ऐसे प्रारंभिक मनुष्यों को आदिमानव कहा जाता है।
1. आदिमानव कौन थे?
बहुत पहले पृथ्वी पर घने जंगल थे। अफ्रीका में रहने वाले कुछ बड़े बंदर जैसे जीव (Ape) धीरे-धीरे बदलते गए और उनसे मनुष्य का विकास हुआ।
मनुष्य की विशेषताएँ:
- दो पैरों पर चलना
- हाथों से वस्तुएँ पकड़ना
- बड़ा मस्तिष्क होना
- सोचने और सीखने की क्षमता
2. आदिमानव के प्रकार
(क) अस्ट्रालोपिथेकस
- लगभग 40 लाख वर्ष पहले
- दो पैरों पर खड़े होने का प्रयास करते थे
- फल और कंदमूल खाते थे
(ख) होमो हैबिलिस
- लगभग 26 लाख वर्ष पहले
- पत्थर के औजार बनाना सीखा
- समूह में रहते थे
(ग) होमो इरेक्टस
- लगभग 20 लाख वर्ष पहले
- सीधे खड़े होकर चलते थे
- आग का उपयोग करना सीखा
- गुफाओं में रहते थे
(घ) होमो सेपियन्स
- लगभग 2 लाख वर्ष पहले
- बुद्धिमान मनुष्य
- शिकार करते थे
- भाले और नुकीले हथियार बनाते थे
3. पाषाण युग (Stone Age)
क्योंकि आदिमानव पत्थर के औजारों का उपयोग करते थे, इसलिए इस काल को पाषाण युग कहा जाता है।
(1) प्राचीन पाषाण युग
- बड़े और भारी पत्थर के हथियार
- शिकार और कंदमूल पर निर्भर
- गुफाओं में रहते थे
(2) मध्य पाषाण युग
- छोटे और नुकीले हथियार
- पशुपालन की शुरुआत
- छोटी-छोटी बस्तियाँ बनने लगीं
(3) नवपाषाण युग
- खेती शुरू हुई
- पशुपालन बढ़ा
- मिट्टी के बर्तन बनने लगे
- स्थायी बस्तियाँ बसने लगीं
4. आग की खोज
आदिमानव का सबसे बड़ा आविष्कार था आग।
आग से लाभ:
- ठंड से बचाव
- जंगली जानवरों से सुरक्षा
- भोजन पकाना
- रोशनी मिलना
5. भारतीय उपमहादेश के आदिमानव
भारत में आदिमानव के कई प्रमाण मिले हैं।
मुख्य स्थान:
- सोहन घाटी (कश्मीर)
- भीमबेटका (मध्य प्रदेश)
- हुसंगी घाटी (कर्नाटक)
- नर्मदा घाटी
- बागोर (राजस्थान)
6. भीमबेटका की गुफाएँ
भीमबेटका मध्य प्रदेश में स्थित है।
विशेषताएँ:
- गुफाओं में आदिमानव रहते थे।
- दीवारों पर चित्र बनाए गए।
- चित्रों में शिकार और जानवरों को दिखाया गया।
7. यायावरी जीवन क्या था?
यायावरी जीवन का अर्थ है:
👉 एक स्थान से दूसरे स्थान पर घूमते रहना।
आदिमानव:
- शिकार की तलाश में घूमते थे।
- स्थायी घर नहीं होते थे।
- गुफाओं और पेड़ों के नीचे रहते थे।
8. स्थायी बस्ती कैसे बनी?
जब मनुष्य ने खेती करना सीखा:
- भोजन की समस्या कम हुई।
- एक ही स्थान पर रहने लगा।
- घर बनाने लगा।
- गाँव बसने लगे।
इसी को स्थायी बस्ती की स्थापना कहते हैं।
9. संस्कृति और सभ्यता
संस्कृति
मनुष्य के रहन-सहन, पहनावे, भोजन और कार्य करने के तरीके को संस्कृति कहते हैं।
सभ्यता
जब मनुष्य खेती, घर, गाँव, औजार और सामाजिक व्यवस्था विकसित करता है, तो उसे सभ्यता कहते हैं।
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