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A. मापन -सही विकल्प का चयन करो (MCQ)
वह इकाई जो मौलिक नहीं है—
उत्तर: (b) लीटर √मौलिक मात्रक (इकाई) है—
उत्तर: (c) मीटर √एक ऑगस्ट्राम बराबर होता है—
उत्तर: (c) 10⁻¹⁰ मीटर √मीटर की परिभाषा में जिस तापमान का उल्लेख है—
उत्तर: (a) 0°C या 273 K √1 माइक्रॉन बराबर होता है—
उत्तर: (a) 10⁻⁴ सेमी √नपना बेलन से मापी जाती है—
उत्तर: (b) द्रवों का आयतन √
B. मापन — अति संक्षिप्त उत्तरवाले प्रश्न (1 अंक)
प्रश्न 1. क्या पेट्रोल भौतिक राशि है?
उत्तर: नहीं, पेट्रोल स्वयं भौतिक राशि नहीं है, परंतु उसका आयतन (लीटर) एक भौतिक राशि है।
प्रश्न 2. मौलिक इकाई के उदाहरण दो।
उत्तर: मीटर, किलोग्राम, सेकण्ड।
प्रश्न 3. तीन व्युत्पन्न इकाइयों के उदाहरण दो।
उत्तर: मीटर/सेकण्ड, न्यूटन, जूल।
प्रश्न 4. सूक्ष्म जीवों के आकार मापने की इकाई क्या है?
उत्तर: माइक्रॉन (Micron)।
प्रश्न 5. प्रकाश तरंगों या X-rays की तरंगदैर्घ्य मापने की इकाई क्या है?
उत्तर: ऑगस्ट्राम (Å)।
प्रश्न 6. परमाणु के केन्द्रक का व्यास किस इकाई में मापा जाता है?
उत्तर: फर्मी (Fermi)।
प्रश्न 7. 1 नैनोमीटर किसके बराबर होता है?
उत्तर: 1 नैनोमीटर = 10⁻⁹ मीटर।
प्रश्न 8. दूरी की सबसे बृहद इकाई कौन-सी है?
उत्तर: पारसेक (Parsec)।
प्रश्न 9. वेग की विमा क्या है?
उत्तर: LT−1LT⁻¹LT−1
प्रश्न 10. त्वरण की विमा क्या है?
उत्तर: LT−2LT⁻²LT−2
प्रश्न 11. बल की विमा क्या है?
उत्तर: MLT−2MLT⁻²MLT−2
प्रश्न 12. मीटर स्केल का अल्पतमांक कितना होता है?
उत्तर: 1 मि.मी. या 0.1 सेमी।
प्रश्न 13. मीटर स्केल की परास कितनी होती है?
उत्तर: 1 मीटर या 100 सेमी।
प्रश्न 14. तापक्रम की SI इकाई क्या है?
उत्तर: केल्विन (K)।
प्रश्न 15. मीटर स्केल किस मिश्र धातु की बनी होती है?
उत्तर: प्लेटिनम-इरीडियम।
प्रश्न 16. बाट-बॉक्स में रखे बाटों का अनुपात क्या होता है?
उत्तर: 5 : 2 : 2 : 1
C. मापन — संक्षिप्त उत्तरवाले प्रश्न (2 अंक)
प्रश्न 1. हम मापन क्यों करते हैं?
उत्तर:
मापन का उद्देश्य किसी वस्तु या घटना के आकार, द्रव्यमान, लंबाई, समय, आयतन आदि को संख्यात्मक मान प्रदान करना होता है। बिना मापन के हम वस्तुओं की तुलना, वैज्ञानिक अध्ययन तथा दैनिक जीवन के कार्यों को सही ढंग से नहीं कर सकते। इसलिए मापन विज्ञान और जीवन दोनों के लिए आवश्यक है।
प्रश्न 2. भौतिक राशि क्या है? उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर:
वे सभी राशियाँ जिन्हें मापा जा सके और जिन्हें किसी संख्या तथा इकाई द्वारा व्यक्त किया जा सके, भौतिक राशियाँ कहलाती हैं।
उदाहरण: लंबाई (मीटर), द्रव्यमान (किलोग्राम), समय (सेकण्ड)।
प्रश्न 3. इकाई रहित भौतिक राशियाँ कौन-सी हैं?
उत्तर:
कुछ भौतिक राशियाँ अनुपात के रूप में व्यक्त की जाती हैं, इसलिए उनकी कोई इकाई नहीं होती। इन्हें इकाई-रहित भौतिक राशियाँ कहते हैं।
उदाहरण: अपवर्तनांक, आपेक्षिक घनत्व।
प्रश्न 4. ऐसी राशियों के नाम लिखिए जिनका मापन नहीं किया जा सकता।
उत्तर:
कुछ भावनात्मक या मानसिक अवस्थाएँ ऐसी होती हैं जिनका वैज्ञानिक मापन संभव नहीं है।
उदाहरण: प्रेम, घृणा, भय, खुशी।
प्रश्न 5. CGS प्रणाली को दशमलव प्रणाली क्यों कहा जाता है?
उत्तर:
CGS प्रणाली में सभी इकाइयाँ 10 के गुणकों या भागों में व्यक्त की जाती हैं। इसी कारण इसे दशमलव प्रणाली कहा जाता है। इसमें सेंटीमीटर, ग्राम और सेकण्ड का प्रयोग होता है।
प्रश्न 6. मापन की पद्धति से क्या समझते हो?
उत्तर:
इकाइयों के उस निश्चित समूह को, जिसके आधार पर भौतिक राशियों का मापन किया जाता है, मापन की पद्धति कहते हैं।
उदाहरण: CGS पद्धति, MKS पद्धति, FPS पद्धति।
प्रश्न 7. मीटर की आधुनिक परिभाषा लिखिए।
उत्तर:
मीटर की आधुनिक परिभाषा के अनुसार—
प्रकाश द्वारा निर्वात में 1/299792458 सेकण्ड में तय की गई दूरी को 1 मीटर कहते हैं।
प्रश्न 8. प्रकाश वर्ष से क्या समझते हो?
उत्तर:
प्रकाश वर्ष वह दूरी है, जिसे प्रकाश एक वर्ष में निर्वात में तय करता है। यह दूरी मापने की एक बहुत बड़ी इकाई है, जिसका प्रयोग खगोलीय दूरियों के लिए किया जाता है।
प्रश्न 9. विमा क्या है?
उत्तर:
किसी भौतिक राशि को जब मौलिक राशियों (द्रव्यमान, लंबाई, समय आदि) के घातों के रूप में व्यक्त किया जाता है, तो उसे उस राशि की विमा कहते हैं।
प्रश्न 10. अल्पतमांक से क्या समझते हो?
उत्तर:
किसी मापन उपकरण द्वारा मापी जा सकने वाली सबसे छोटी मात्रा को उस उपकरण का अल्पतमांक (Least Count) कहते हैं। यह उपकरण की मापन-क्षमता को दर्शाता है।
D. मापन — विस्तृत उत्तरवाले प्रश्न (3 अंक)
प्रश्न 1. भौतिक राशि एवं इकाई को उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर:
विज्ञान में जिन राशियों को मापा जा सकता है और जिन्हें किसी संख्या तथा निश्चित मान के द्वारा व्यक्त किया जा सकता है, उन्हें भौतिक राशियाँ कहा जाता है। भौतिक राशियों का प्रयोग हम किसी वस्तु के आकार, द्रव्यमान, समय, तापमान, वेग आदि को स्पष्ट रूप से बताने के लिए करते हैं। केवल कहना कि कोई वस्तु “लंबी” या “भारी” है, पर्याप्त नहीं होता, जब तक हम उसे मापकर संख्यात्मक रूप में न बताएं।
किसी भौतिक राशि की माप के लिए जिस निश्चित, मानक और सर्वमान्य मात्रा का प्रयोग किया जाता है, उसे उस भौतिक राशि की इकाई कहते हैं। इकाई के बिना भौतिक राशि का कोई अर्थ नहीं होता। भौतिक राशि को हमेशा संख्या × इकाई के रूप में लिखा जाता है।
उदाहरण:
यदि किसी मेज की लंबाई 2 मीटर है, तो यहाँ लंबाई भौतिक राशि है, 2 संख्या है और मीटर उसकी इकाई है।
किसी वस्तु का द्रव्यमान 5 किलोग्राम हो, तो द्रव्यमान भौतिक राशि और किलोग्राम उसकी इकाई है।
समय, तापमान, वेग, बल आदि भी भौतिक राशियाँ हैं, जिनकी क्रमशः इकाइयाँ सेकण्ड, केल्विन, मीटर/सेकण्ड और न्यूटन होती हैं।
अतः स्पष्ट है कि भौतिक राशि वह है जिसे मापा जा सके और इकाई वह निश्चित मान है जिसकी सहायता से उस माप को व्यक्त किया जाता है। भौतिक राशि और इकाई एक-दूसरे के पूरक हैं और मापन के लिए दोनों का होना आवश्यक है।
उत्तर:
वे भौतिक राशियाँ जिनके साथ किसी भी प्रकार की इकाई नहीं जुड़ी होती, इकाई-विहीन भौतिक राशियाँ कहलाती हैं। सामान्यतः ऐसी राशियाँ दो समान प्रकार की भौतिक राशियों के अनुपात (Ratio) के रूप में व्यक्त की जाती हैं। क्योंकि अनुपात में ऊपर और नीचे की राशियों की इकाइयाँ आपस में कट जाती हैं, इसलिए परिणाम के रूप में कोई इकाई शेष नहीं रहती।
इकाई-विहीन भौतिक राशियाँ भी भौतिक राशियाँ ही होती हैं, क्योंकि इन्हें मापा या निर्धारित किया जा सकता है, परंतु इन्हें व्यक्त करने के लिए किसी इकाई की आवश्यकता नहीं होती। ये राशियाँ केवल एक संख्यात्मक मान द्वारा व्यक्त की जाती हैं।
उदाहरण:
अपवर्तनांक (Refractive Index):
अपवर्तनांक प्रकाश की चाल के अनुपात के रूप में परिभाषित होता है। चूँकि यह चाल का अनुपात है, इसलिए इसकी कोई इकाई नहीं होती।आपेक्षिक घनत्व (Relative Density):
यह किसी पदार्थ के घनत्व और जल के घनत्व के अनुपात के रूप में व्यक्त किया जाता है। दोनों की इकाइयाँ समान होने के कारण कट जाती हैं, अतः आपेक्षिक घनत्व इकाई-विहीन होता है।तनाव (Strain):
यह लंबाई में परिवर्तन और मूल लंबाई के अनुपात के रूप में व्यक्त किया जाता है, इसलिए इसकी भी कोई इकाई नहीं होती।
अतः निष्कर्ष रूप में कहा जा सकता है कि वे भौतिक राशियाँ जो अनुपात के रूप में व्यक्त होती हैं और जिनकी कोई इकाई नहीं होती, इकाई-विहीन भौतिक राशियाँ कहलाती हैं, जैसे— अपवर्तनांक, आपेक्षिक घनत्व और तनाव।
उत्तर:
भौतिक राशियों के मापन के लिए जिन निश्चित मानों का प्रयोग किया जाता है, उन्हें इकाइयाँ कहते हैं। इकाइयों को मुख्यतः दो वर्गों में बाँटा गया है— मौलिक इकाइयाँ और व्युत्पन्न इकाइयाँ। इन दोनों में अंतर निम्नलिखित है—
मौलिक इकाई (Fundamental Unit):
वे इकाइयाँ जो स्वतंत्र होती हैं और जिन्हें अन्य किसी इकाई की सहायता से परिभाषित नहीं किया जाता, मौलिक इकाइयाँ कहलाती हैं। ये इकाइयाँ अन्य सभी इकाइयों का आधार होती हैं और सीधे मापी जाती हैं।
उदाहरण:
लंबाई की इकाई — मीटर
द्रव्यमान की इकाई — किलोग्राम
समय की इकाई — सेकण्ड
व्युत्पन्न इकाई (Derived Unit):
वे इकाइयाँ जो मौलिक इकाइयों के संयोजन से बनती हैं, व्युत्पन्न इकाइयाँ कहलाती हैं। ये इकाइयाँ स्वतंत्र नहीं होतीं, बल्कि मौलिक इकाइयों पर निर्भर करती हैं।
उदाहरण:
बल की इकाई — न्यूटन (kg·m/s²)
कार्य की इकाई — जूल (kg·m²/s²)
वेग की इकाई — मीटर/सेकण्ड
अंतर सारणी (संक्षेप में):
| मौलिक इकाई | व्युत्पन्न इकाई |
|---|---|
| स्वतंत्र होती हैं | मौलिक इकाइयों पर निर्भर |
| अन्य इकाइयों से नहीं बनती | मौलिक इकाइयों से बनती हैं |
| संख्या में सीमित | संख्या में बहुत अधिक |
| उदाहरण: मीटर, किलोग्राम | उदाहरण: न्यूटन, जूल |
निष्कर्ष:
मौलिक इकाइयाँ मापन प्रणाली की आधारशिला होती हैं, जबकि व्युत्पन्न इकाइयाँ इन्हीं मौलिक इकाइयों से मिलकर बनती हैं।
उत्तर:
विज्ञान में मापन को विश्व-भर में एक समान और शुद्ध बनाए रखने के लिए कुछ निश्चित मानकों को स्वीकार किया गया है। इन्हीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृत मानकों को प्रामाणिक लंबाई और प्रामाणिक समय कहा जाता है।
प्रामाणिक लंबाई से आशय उस निश्चित और मानक लंबाई से है, जिसे सभी देशों में मापन के लिए स्वीकार किया गया हो। वर्तमान में लंबाई की SI इकाई मीटर है। आधुनिक परिभाषा के अनुसार, प्रकाश द्वारा निर्वात में 1/299792458 सेकण्ड में तय की गई दूरी को 1 मीटर कहा जाता है। यह परिभाषा अत्यंत शुद्ध है और वैज्ञानिक प्रयोगों में विश्व-भर में प्रयुक्त होती है।
प्रामाणिक समय वह मानक समय है, जिसके आधार पर समय का मापन किया जाता है। समय की SI इकाई सेकण्ड है। आधुनिक परिभाषा के अनुसार, सीज़ियम-133 परमाणु द्वारा उत्सर्जित विकिरण के 9,192,631,770 दोलनों के समय को 1 सेकण्ड कहा जाता है। यह परिभाषा परमाणु घड़ी पर आधारित होने के कारण अत्यंत सटीक मानी जाती है।
निष्कर्ष:
प्रामाणिक लंबाई और प्रामाणिक समय वे अंतरराष्ट्रीय मानक हैं, जिनकी सहायता से लंबाई और समय का मापन हर स्थान पर एक-सा, विश्वसनीय और वैज्ञानिक रूप से सही किया जाता है।
उत्तर:
आयतन किसी वस्तु द्वारा घिरे हुए स्थान की मात्रा को कहते हैं। आयतन को मापने के लिए विभिन्न इकाइयों का प्रयोग किया जाता है, जिनमें घन मीटर, लीटर, मिलीलीटर, घन सेंटीमीटर आदि प्रमुख हैं। इन इकाइयों के बीच निम्नलिखित संबंध पाए जाते हैं—
1 घन मीटर (1 m³) = 1000 लीटर (1000 L)
1 लीटर (1 L) = 1000 मिलीलीटर (1000 ml)
1 घन डेसीमीटर (1 dm³) = 1 लीटर (1 L)
1 घन सेंटीमीटर (1 cm³) = 1 मिलीलीटर (1 ml)
1 घन मीटर (1 m³) = 10⁶ घन सेंटीमीटर (10⁶ cm³)
निष्कर्ष:
इन संबंधों की सहायता से आयतन की एक इकाई को आसानी से दूसरी इकाई में बदला जा सकता है। वैज्ञानिक प्रयोगों और दैनिक जीवन में मापन के लिए ये संबंध अत्यंत उपयोगी होते हैं।
प्रश्न 6. लीटर की परिभाषा में तापमान का उल्लेख क्यों किया जाता है?
उत्तर:
लीटर आयतन की एक इकाई है और आयतन का मान तापमान पर निर्भर करता है। अधिकांश पदार्थ, विशेषकर द्रव, तापमान बढ़ने पर फैलते हैं और तापमान घटने पर सिकुड़ते हैं। यदि तापमान निश्चित न किया जाए, तो किसी द्रव का आयतन अलग-अलग तापमान पर अलग-अलग होगा, जिससे मापन में त्रुटि आ सकती है।
इसी कारण लीटर की परिभाषा में तापमान का उल्लेख किया जाता है, ताकि आयतन का मापन सटीक और एक-समान हो सके। परंपरागत रूप से 1 लीटर को 4°C तापमान पर शुद्ध जल द्वारा घेरे गए आयतन के बराबर माना गया है, क्योंकि इस तापमान पर जल का घनत्व अधिकतम और आयतन स्थिर रहता है।
निष्कर्ष:
तापमान का उल्लेख इसलिए आवश्यक है ताकि आयतन के मापन में समानता, शुद्धता और विश्वसनीयता बनी रहे और सभी स्थानों पर लीटर का मान एक-सा हो।
उत्तर:
भौतिक विज्ञान में कुछ वस्तुएँ और दूरियाँ अत्यंत बड़ी होती हैं, जबकि कुछ वस्तुएँ अत्यंत छोटी होती हैं। ऐसी स्थितियों में सामान्य इकाइयों का प्रयोग सुविधाजनक नहीं होता। इसलिए मापन को सरल और स्पष्ट बनाने के लिए अति वृहद इकाइयों तथा अति लघु इकाइयों का प्रयोग किया जाता है।
अति वृहद इकाइयाँ:
वे इकाइयाँ जिनका प्रयोग बहुत बड़ी दूरियों या विशाल आकार की वस्तुओं को मापने के लिए किया जाता है, अति वृहद इकाइयाँ कहलाती हैं। इनका उपयोग विशेष रूप से खगोल विज्ञान में किया जाता है।
उदाहरण:
प्रकाश वर्ष (Light Year): प्रकाश द्वारा एक वर्ष में तय की गई दूरी।
पारसेक (Parsec): खगोलीय दूरियों को मापने की एक बहुत बड़ी इकाई।
अति लघु इकाइयाँ:
वे इकाइयाँ जिनका प्रयोग अत्यंत छोटे आकार की वस्तुओं या बहुत सूक्ष्म दूरी को मापने के लिए किया जाता है, अति लघु इकाइयाँ कहलाती हैं। इनका उपयोग परमाणु और नाभिकीय विज्ञान में किया जाता है।
उदाहरण:
ऑगस्ट्राम (Å): प्रकाश तरंगों या परमाणुओं के आकार को मापने में प्रयुक्त।
फर्मी (Fermi): परमाणु के केन्द्रक के आकार को मापने में प्रयुक्त।
निष्कर्ष:
अति वृहद इकाइयाँ विशाल दूरियों के मापन में तथा अति लघु इकाइयाँ सूक्ष्म आकारों के मापन में सहायक होती हैं, जिससे वैज्ञानिक अध्ययन सरल और अधिक सटीक हो जाता है।
प्रश्न 8. विमीय समीकरण को उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर:
किसी भौतिक राशि को उसके मौलिक राशियों (द्रव्यमान M, लंबाई L, समय T आदि) के घातों के रूप में व्यक्त करना विमीय समीकरण (Dimensional Equation) कहलाता है। विमीय समीकरण किसी भौतिक राशि की मौलिक इकाइयों पर आधारित संरचना को दर्शाता है और यह यह पता लगाने में मदद करता है कि किसी सूत्र या गणना में एकाई का संतुलन सही है या नहीं।
उदाहरण:
बल (Force) को लें। न्यूटन के नियम के अनुसार—
बल=द्रव्यमान×त्वरणबल = द्रव्यमान × त्वरणबल=द्रव्यमान×त्वरण
द्रव्यमान की इकाई M (किलोग्राम), और त्वरण की इकाई L/T² (मीटर/सेकण्ड²) है। अतः बल का विमीय समीकरण होता है—
F=MLT−2F = M L T^{-2}F=MLT−2
इसका अर्थ यह है कि बल की भौतिक राशि द्रव्यमान × लंबाई/समय² पर निर्भर करती है।
महत्त्व:
विमीय समीकरण किसी भौतिक सूत्र की सहीता की जाँच में सहायक होता है।
यह नई भौतिक राशियों के अनुमान में प्रयोग होता है।
यह वैज्ञानिक प्रयोगों और गणनाओं में एकरूपता सुनिश्चित करता है।
प्रश्न 9. जल में अविलेय ठोस का घनत्व कैसे ज्ञात किया जाता है?
उत्तर:
किसी ठोस पदार्थ का घनत्व मापन करने का सामान्य तरीका है— साधारण तुला और नपना बेलन का प्रयोग।
विधि:
सबसे पहले ठोस का द्रव्यमान (Mass) साधारण तुला से मापा जाता है।
फिर नपना बेलन में जल भरकर उसका आयतन (Volume) मापा जाता है।
नपना बेलन में पहले जल की प्रारंभिक ऊँचाई नोट की जाती है।
ठोस को जल में डालने पर जल का स्तर बढ़ जाता है।
जल के स्तर में वृद्धि × बेलन का आधार क्षेत्रफल = ठोस का आयतन।
घनत्व (Density) ज्ञात करने का सूत्र—
घनत्व=द्रव्यमान (Mass)आयतन (Volume)\text{घनत्व} = \frac{\text{द्रव्यमान (Mass)}}{\text{आयतन (Volume)}}घनत्व=आयतन (Volume)द्रव्यमान (Mass)
उदाहरण:
यदि किसी ठोस का द्रव्यमान 200 ग्राम है और उसका आयतन 50 cm³ है, तो घनत्व होगा—
Density=20050=4 g/cm³\text{Density} = \frac{200}{50} = 4 \text{ g/cm³}Density=50200=4 g/cm³
निष्कर्ष:
इस विधि से जल में अविलेय ठोस का घनत्व सरल और सटीक रूप से ज्ञात किया जा सकता है।
प्रश्न 10. निम्नलिखित में अंतर लिखिए—
(क) अदिश राशि एवं दैशिक राशि
अदिश राशि (Scalar Quantity):
ऐसी भौतिक राशि जिनमें केवल परिमाण (Magnitude) होता है।
इनका कोई दिशा (Direction) नहीं होता।
केवल संख्या और इकाई से व्यक्त की जाती हैं।
उदाहरण: द्रव्यमान, तापमान, आयतन, समय, ऊर्जा।
दैशिक राशि (Vector Quantity):
ऐसी भौतिक राशि जिसमें परिमाण के साथ दिशा भी होती है।
दिशा और परिमाण दोनों के बिना इन्हें व्यक्त नहीं किया जा सकता।
इनका प्रयोग विशेष रूप से बल, गति और विस्थापन में होता है।
उदाहरण: बल, वेग, त्वरण, विस्थापन।
(ख) मौलिक इकाई एवं व्युत्पन्न इकाई
मौलिक इकाई (Fundamental Unit):
स्वतंत्र इकाइयाँ होती हैं।
इन्हें अन्य इकाइयों पर आधारित नहीं बनाया जा सकता।
ये मापन प्रणाली की आधारशिला हैं।
उदाहरण: मीटर (लंबाई), किलोग्राम (द्रव्यमान), सेकण्ड (समय)।
व्युत्पन्न इकाई (Derived Unit):
मौलिक इकाइयों के संयोजन से बनती हैं।
ये स्वतंत्र नहीं होतीं और मौलिक इकाइयों पर निर्भर करती हैं।
उदाहरण: न्यूटन (बल) = kg·m/s², जूल (कार्य) = kg·m²/s²।
निष्कर्ष:
अदिश और दैशिक राशियाँ भौतिक राशि के प्रकार हैं, जबकि मौलिक और व्युत्पन्न इकाई मापन की प्रणाली से संबंधित हैं।
समझ और प्रयोग के लिए दोनों का अंतर स्पष्ट होना आवश्यक है।





