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Toggleवातावरण, इसके संसाधन और उनका संरक्षण
इसके चार मुख्य भाग हैं:
- नाइट्रोजन चक्र
- वातावरणीय प्रदूषण
- वातावरण और मानव आबादी
- जैविक विविधता और संरक्षण
1. नाइट्रोजन चक्र
नाइट्रोजन क्या है?
नाइट्रोजन एक बहुत महत्वपूर्ण तत्व है। वायुमंडल में लगभग 78% नाइट्रोजन गैस पाई जाती है।
नाइट्रोजन हमारे शरीर के लिए सीधे उपयोगी नहीं होती, लेकिन यह प्रोटीन, DNA, RNA और अनेक जैविक पदार्थों के निर्माण के लिए आवश्यक है।
पौधे नाइट्रोजन को मुख्य रूप से नाइट्रेट और अमोनियम लवण के रूप में ग्रहण करते हैं।
समस्या क्या है?
वायुमंडल में नाइट्रोजन बहुत अधिक मात्रा में होने के बावजूद अधिकांश पौधे सीधे वायुमंडलीय नाइट्रोजन का उपयोग नहीं कर सकते।
इसलिए नाइट्रोजन को अलग-अलग प्रक्रियाओं द्वारा ऐसे यौगिकों में बदलना पड़ता है, जिन्हें पौधे उपयोग कर सकें।
इसी प्राकृतिक प्रक्रिया को नाइट्रोजन चक्र कहते हैं।
नाइट्रोजन चक्र की परिभाषा
वायुमंडल, मिट्टी, पौधों, जन्तुओं और सूक्ष्मजीवों के बीच नाइट्रोजन के लगातार परिवर्तन और संचरण की प्रक्रिया को नाइट्रोजन चक्र कहते हैं।
नाइट्रोजन चक्र की प्रमुख प्रक्रियाएँ
नाइट्रोजन चक्र को मुख्य रूप से निम्न चरणों में समझा जा सकता है:
नाइट्रोजन स्थिरीकरण → अमोनिया निर्माण → नाइट्रीकरण → पौधों द्वारा अवशोषण → जन्तुओं में प्रवेश → अपघटन → विनाइट्रीकरण
अब इन्हें एक-एक करके समझते हैं।
1. नाइट्रोजन स्थिरीकरण
वायुमंडलीय नाइट्रोजन को उपयोगी नाइट्रोजन यौगिकों में बदलने की प्रक्रिया को नाइट्रोजन स्थिरीकरण कहते हैं।
यह मुख्य रूप से कुछ जीवाणुओं द्वारा किया जाता है।
उदाहरण
दलहनी पौधों की जड़ों में राइजोबियम (Rhizobium) नामक जीवाणु पाए जाते हैं।
ये वायुमंडलीय नाइट्रोजन को ऐसे यौगिकों में बदलने में सहायता करते हैं, जिनका पौधे उपयोग कर सकते हैं।
उदाहरण: मटर, चना, मसूर, मूंग आदि।
अन्य माध्यम
वायुमंडलीय बिजली और औद्योगिक प्रक्रियाएँ भी नाइट्रोजन के स्थिरीकरण में योगदान देती हैं।
2. अमोनिया का निर्माण
मृत पौधों और जन्तुओं के शरीर में उपस्थित प्रोटीन तथा अन्य नाइट्रोजनयुक्त पदार्थ जब सूक्ष्मजीवों द्वारा विघटित किए जाते हैं, तो अमोनिया या अमोनियम यौगिक बन सकते हैं।
इस प्रक्रिया को अमोनीकरण (Ammonification) कहते हैं।
3. नाइट्रीकरण
मिट्टी में उपस्थित कुछ जीवाणु अमोनिया या अमोनियम यौगिकों को पहले नाइट्राइट और फिर नाइट्रेट में बदलते हैं।
इस प्रक्रिया को नाइट्रीकरण (Nitrification) कहते हैं।
सरल रूप में:
अमोनिया → नाइट्राइट → नाइट्रेट
नाइट्रेट पौधों के लिए नाइट्रोजन का एक प्रमुख उपयोगी रूप है।
4. पौधों द्वारा नाइट्रोजन का अवशोषण
पौधे मिट्टी से नाइट्रेट और अमोनियम आयनों को अपनी जड़ों द्वारा ग्रहण करते हैं।
इनसे पौधे:
- अमीनो अम्ल बनाते हैं।
- प्रोटीन बनाते हैं।
- DNA और RNA के निर्माण में नाइट्रोजन का उपयोग करते हैं।
- अपनी वृद्धि और विकास करते हैं।
5. जन्तुओं में नाइट्रोजन का प्रवेश
जन्तु सामान्यतः पौधों को खाकर नाइट्रोजन प्राप्त करते हैं।
उदाहरण:
घास → गाय → मनुष्य
इस प्रकार पौधों में उपस्थित नाइट्रोजन भोजन के माध्यम से जन्तुओं तक पहुँचती है।
6. अपघटन
जब पौधे और जन्तु मर जाते हैं, तो उनके शरीर में उपस्थित नाइट्रोजनयुक्त पदार्थ मिट्टी में वापस पहुँचते हैं।
अपघटक जीव जैसे जीवाणु और कवक मृत जैव पदार्थों को विघटित करते हैं।
इससे नाइट्रोजन फिर मिट्टी के यौगिकों में पहुँच जाती है।
7. विनाइट्रीकरण
मिट्टी में कुछ जीवाणु नाइट्रेट को फिर से नाइट्रोजन गैस में बदल देते हैं।
इस प्रक्रिया को विनाइट्रीकरण (Denitrification) कहते हैं।
इसके द्वारा नाइट्रोजन वापस वायुमंडल में पहुँच जाती है।
नाइट्रोजन चक्र को याद रखने का आसान तरीका
वायुमंडलीय नाइट्रोजन
↓
नाइट्रोजन स्थिरीकरण
↓
अमोनिया
↓
नाइट्राइट
↓
नाइट्रेट
↓
पौधे
↓
जन्तु
↓
मृत पौधे एवं जन्तु
↓
अपघटन
↓
नाइट्रेट/नाइट्रोजन यौगिक
↓
विनाइट्रीकरण
↓
वायुमंडलीय नाइट्रोजन
नाइट्रोजन चक्र का महत्व
नाइट्रोजन चक्र बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि:
- यह प्रकृति में नाइट्रोजन का संतुलन बनाए रखता है।
- पौधों की वृद्धि में सहायता करता है।
- प्रोटीन निर्माण के लिए आवश्यक नाइट्रोजन उपलब्ध कराता है।
- DNA और RNA के निर्माण में सहायता करता है।
- मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में मदद करता है।
- पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
2. वातावरणीय प्रदूषण
वातावरण क्या है?
हमारे चारों ओर मौजूद वायु, जल, मिट्टी और अन्य प्राकृतिक घटकों से मिलकर हमारा वातावरण बनता है।
जब वातावरण के किसी घटक में हानिकारक पदार्थों की मात्रा इतनी बढ़ जाती है कि वह जीवों, मनुष्य या पर्यावरण के लिए हानिकारक हो जाए, तो इसे प्रदूषण कहते हैं।
प्रदूषण की परिभाषा
वातावरण में हानिकारक पदार्थों या प्रदूषकों की अवांछित मात्रा का बढ़ जाना वातावरणीय प्रदूषण कहलाता है।
प्रदूषक क्या है?
जो पदार्थ वातावरण को प्रदूषित करते हैं, उन्हें प्रदूषक (Pollutants) कहते हैं।
उदाहरण:
- धुआँ
- धूल
- कार्बन मोनोऑक्साइड
- सल्फर डाइऑक्साइड
- नाइट्रोजन ऑक्साइड
- प्लास्टिक
- कीटनाशक
- औद्योगिक रसायन
- सीवेज
प्रदूषण के प्रमुख प्रकार
मुख्य रूप से प्रदूषण को निम्न प्रकारों में बाँटा जाता है:
- वायु प्रदूषण
- जल प्रदूषण
- मृदा प्रदूषण
- ध्वनि प्रदूषण
- रेडियोधर्मी प्रदूषण
1. वायु प्रदूषण
जब वायु में धुआँ, जहरीली गैसें, धूल और अन्य हानिकारक पदार्थों की मात्रा बढ़ जाती है, तो इसे वायु प्रदूषण कहते हैं।
प्रमुख कारण
- वाहनों से निकलने वाला धुआँ
- कारखानों का धुआँ
- कोयला और पेट्रोलियम का दहन
- कचरा जलाना
- जंगलों की आग
- निर्माण कार्य से निकलने वाली धूल
प्रमुख प्रभाव
- श्वसन संबंधी रोग
- आँखों में जलन
- फेफड़ों को नुकसान
- अम्ल वर्षा
- वैश्विक ताप वृद्धि
- ओजोन परत को नुकसान
2. जल प्रदूषण
जब जल में हानिकारक रसायन, रोगजनक सूक्ष्मजीव, सीवेज या अन्य प्रदूषक मिल जाते हैं और जल जीवों तथा मनुष्यों के लिए हानिकारक हो जाता है, तो इसे जल प्रदूषण कहते हैं।
कारण
- घरेलू सीवेज
- औद्योगिक अपशिष्ट
- कृषि में उर्वरक और कीटनाशक
- प्लास्टिक और कचरा
- तेल का रिसाव
प्रभाव
- पीने का पानी दूषित होता है।
- जलजनित रोग बढ़ते हैं।
- मछलियों और अन्य जलीय जीवों की मृत्यु हो सकती है।
- जल में ऑक्सीजन की कमी हो सकती है।
- जलीय पारिस्थितिकी तंत्र प्रभावित होता है।
3. मृदा प्रदूषण
मिट्टी में हानिकारक रसायनों और कचरे की मात्रा बढ़ने से मृदा प्रदूषण होता है।
कारण
- रासायनिक उर्वरकों का अत्यधिक प्रयोग
- कीटनाशक
- प्लास्टिक
- औद्योगिक कचरा
- भारी धातुएँ
प्रभाव
- मिट्टी की उर्वरता कम हो सकती है।
- पौधों की वृद्धि प्रभावित होती है।
- खाद्य पदार्थों में विषैले पदार्थ प्रवेश कर सकते हैं।
4. ध्वनि प्रदूषण
अत्यधिक और अवांछित ध्वनि को ध्वनि प्रदूषण कहते हैं।
कारण
- वाहन
- कारखाने
- लाउडस्पीकर
- निर्माण कार्य
- मशीनें
प्रभाव
- सुनने की क्षमता में कमी
- तनाव
- नींद में बाधा
- उच्च रक्तचाप का जोखिम
- चिड़चिड़ापन
वैश्विक तापन
पृथ्वी के औसत तापमान में लंबे समय तक होने वाली वृद्धि को वैश्विक तापन (Global Warming) कहते हैं।
इसका प्रमुख कारण वातावरण में ग्रीनहाउस गैसों की मात्रा में वृद्धि है।
मुख्य ग्रीनहाउस गैसें:
- कार्बन डाइऑक्साइड
- मीथेन
- नाइट्रस ऑक्साइड
- जलवाष्प
ग्रीनहाउस प्रभाव
पृथ्वी के वातावरण में कुछ गैसें सूर्य से प्राप्त ऊष्मा के एक भाग को रोककर पृथ्वी को गर्म बनाए रखती हैं। इसे ग्रीनहाउस प्रभाव कहते हैं।
प्राकृतिक ग्रीनहाउस प्रभाव जीवन के लिए आवश्यक है, लेकिन मानव गतिविधियों से ग्रीनहाउस गैसों की अत्यधिक वृद्धि होने पर वैश्विक तापन बढ़ सकता है।
अम्ल वर्षा
वायु में उपस्थित कुछ प्रदूषक गैसें, विशेषकर सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड, वायुमंडलीय जल के साथ अभिक्रिया करके अम्लीय पदार्थ बना सकती हैं।
ऐसे अम्लीय पदार्थों वाली वर्षा को अम्ल वर्षा (Acid Rain) कहते हैं।
प्रभाव
- मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित होती है।
- जलाशय अम्लीय हो सकते हैं।
- पौधों को नुकसान पहुँच सकता है।
- इमारतों और स्मारकों को नुकसान हो सकता है।
ओजोन परत
वायुमंडल के समतापमंडल में उपस्थित ओजोन की परत सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी (UV) किरणों को काफी हद तक रोकती है।
कुछ रसायनों, विशेषकर CFCs, ने अतीत में ओजोन क्षरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
ओजोन परत का क्षरण होने पर UV विकिरण का अधिक प्रभाव पृथ्वी तक पहुँच सकता है।
प्रदूषण नियंत्रण के उपाय
प्रदूषण को कम करने के लिए:
- सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें।
- अधिक से अधिक पेड़ लगाएँ।
- कचरे का उचित निपटान करें।
- प्लास्टिक का उपयोग कम करें।
- उद्योगों के अपशिष्ट का उपचार करें।
- स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों का उपयोग बढ़ाएँ।
- जल स्रोतों में कचरा न डालें।
- अनावश्यक हॉर्न और तेज ध्वनि से बचें।
- 3R अपनाएँ — Reduce, Reuse, Recycle।
3. वातावरण और मानव आबादी
मनुष्य वातावरण का हिस्सा है और उसके संसाधनों पर निर्भर करता है।
मनुष्य को जीवन के लिए चाहिए:
- भोजन
- जल
- वायु
- भूमि
- ऊर्जा
- वन संसाधन
- खनिज
मानव आबादी बढ़ने के साथ इन संसाधनों की माँग भी बढ़ती है।
जनसंख्या वृद्धि
किसी क्षेत्र में मानवों की संख्या में समय के साथ वृद्धि को जनसंख्या वृद्धि कहते हैं।
तेजी से बढ़ती जनसंख्या वातावरण पर अतिरिक्त दबाव डालती है।
जनसंख्या वृद्धि के प्रमुख कारण
- जन्म दर अधिक होना
- मृत्यु दर में कमी
- चिकित्सा सुविधाओं में सुधार
- स्वच्छता में सुधार
- खाद्य उत्पादन में वृद्धि
- जीवन प्रत्याशा में वृद्धि
बढ़ती जनसंख्या का वातावरण पर प्रभाव
1. प्राकृतिक संसाधनों का अधिक उपयोग
बढ़ती जनसंख्या के कारण अधिक:
- जल
- भोजन
- भूमि
- ऊर्जा
- लकड़ी
की आवश्यकता होती है।
2. वनों की कटाई
घर, सड़क, उद्योग और कृषि भूमि के लिए जंगलों को काटा जाता है।
इससे:
- जैव विविधता कम होती है।
- मिट्टी का कटाव बढ़ता है।
- वन्यजीवों का आवास नष्ट होता है।
- कार्बन डाइऑक्साइड बढ़ सकती है।
3. जल की समस्या
जनसंख्या बढ़ने से पीने, कृषि और उद्योग के लिए अधिक जल की आवश्यकता होती है।
अत्यधिक भूजल दोहन से भूजल स्तर कम हो सकता है।
4. कचरे में वृद्धि
अधिक लोग → अधिक उपभोग → अधिक कचरा।
यदि कचरे का सही प्रबंधन न किया जाए, तो भूमि, जल और वायु प्रदूषित हो सकते हैं।
5. जैव विविधता में कमी
मानव बस्तियों, कृषि और उद्योगों के विस्तार से प्राकृतिक आवास नष्ट होते हैं।
इससे कई जीवों की संख्या घट सकती है और कुछ प्रजातियाँ विलुप्त भी हो सकती हैं।
सतत विकास
ऐसा विकास जिसमें वर्तमान पीढ़ी की आवश्यकताएँ पूरी हों, लेकिन भविष्य की पीढ़ियों की आवश्यकताओं को पूरा करने की क्षमता प्रभावित न हो, उसे सतत विकास (Sustainable Development) कहते हैं।
उदाहरण
- वर्षा जल संचयन
- सौर ऊर्जा
- वृक्षारोपण
- जल संरक्षण
- पुनर्चक्रण
- ऊर्जा की बचत
4. जैविक विविधता और संरक्षण
जैविक विविधता क्या है?
पृथ्वी पर पाए जाने वाले विभिन्न प्रकार के पौधों, जन्तुओं, सूक्ष्मजीवों और उनके बीच की आनुवंशिक तथा पारिस्थितिक विविधता को जैविक विविधता कहते हैं।
सरल शब्दों में:
जीव-जगत में पाई जाने वाली विविधता = जैविक विविधता।
जैव विविधता के तीन प्रमुख स्तर
1. आनुवंशिक विविधता
एक ही प्रजाति के सदस्यों में पाए जाने वाले आनुवंशिक अंतर को आनुवंशिक विविधता कहते हैं।
उदाहरण: एक ही प्रजाति के पौधों में रंग, आकार या रोग-प्रतिरोधकता में अंतर।
2. प्रजातीय विविधता
किसी क्षेत्र में पाई जाने वाली अलग-अलग प्रजातियों की विविधता को प्रजातीय विविधता कहते हैं।
उदाहरण: किसी जंगल में बाघ, हिरण, हाथी, पक्षी और अनेक पौधों का पाया जाना।
3. पारिस्थितिक तंत्र विविधता
विभिन्न प्रकार के पारिस्थितिक तंत्रों की विविधता को पारिस्थितिक तंत्र विविधता कहते हैं।
उदाहरण:
- जंगल
- घासभूमि
- नदी
- तालाब
- समुद्र
- मैंग्रोव
जैव विविधता का महत्व
जैव विविधता हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
1. भोजन
हमें विभिन्न पौधों और जन्तुओं से भोजन मिलता है।
2. औषधियाँ
बहुत-सी औषधियाँ पौधों और अन्य जीवों से प्राप्त पदार्थों से बनती हैं।
3. पारिस्थितिक संतुलन
हर जीव पारिस्थितिकी तंत्र में कोई न कोई भूमिका निभाता है।
4. परागण
मधुमक्खी और अन्य परागणकर्ता पौधों के प्रजनन में सहायता करते हैं।
5. मिट्टी की उर्वरता
सूक्ष्मजीव और अपघटक पोषक तत्वों के चक्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
6. आर्थिक महत्व
वन, मत्स्य, कृषि और औषधीय संसाधन मानव जीवन और अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण हैं।
जैव विविधता को खतरे
जैव विविधता को सबसे बड़ा खतरा मानव गतिविधियों से होता है।
मुख्य कारण:
- वनों की कटाई
- प्राकृतिक आवास का विनाश
- प्रदूषण
- अत्यधिक शिकार
- अत्यधिक मछली पकड़ना
- जलवायु परिवर्तन
- विदेशी आक्रामक प्रजातियाँ
- प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन
संरक्षण क्या है?
प्राकृतिक संसाधनों, जीवों, वनस्पतियों और पारिस्थितिक तंत्रों को सुरक्षित रखना तथा उनका विवेकपूर्ण उपयोग करना संरक्षण (Conservation) कहलाता है।
जैव विविधता संरक्षण के दो प्रमुख तरीके
1. इन-सीटू संरक्षण
जीवों को उनके प्राकृतिक आवास में ही सुरक्षित रखना इन-सीटू संरक्षण कहलाता है।
उदाहरण
- राष्ट्रीय उद्यान
- वन्यजीव अभयारण्य
- जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र
इसमें जीव अपने प्राकृतिक वातावरण में रहते हैं।
2. एक्स-सीटू संरक्षण
जीवों को उनके प्राकृतिक आवास से बाहर सुरक्षित रखना एक्स-सीटू संरक्षण कहलाता है।
उदाहरण
- चिड़ियाघर
- वनस्पति उद्यान
- बीज बैंक
- जीन बैंक
- कुछ परिस्थितियों में प्रजनन केंद्र
राष्ट्रीय उद्यान और अभयारण्य
राष्ट्रीय उद्यान
राष्ट्रीय उद्यान ऐसे संरक्षित क्षेत्र हैं जहाँ वन्यजीवों, वनस्पतियों और प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा की जाती है।
वन्यजीव अभयारण्य
ऐसे क्षेत्र जहाँ मुख्य रूप से वन्यजीवों और उनके आवास की सुरक्षा पर ध्यान दिया जाता है।
जैव विविधता संरक्षण के उपाय
- वनों की कटाई रोकना।
- वृक्षारोपण करना।
- वन्यजीवों का अवैध शिकार रोकना।
- प्राकृतिक आवासों की रक्षा करना।
- प्रदूषण कम करना।
- जल और मिट्टी का संरक्षण करना।
- राष्ट्रीय उद्यान और अभयारण्य विकसित करना।
- संकटग्रस्त प्रजातियों की रक्षा करना।
- प्राकृतिक संसाधनों का सतत उपयोग करना।
- लोगों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना।
⭐ चारों अध्यायों का आपस में संबंध
इन चारों विषयों को अलग-अलग याद करने के बजाय इस प्रकार समझें:
नाइट्रोजन चक्र
⬇️
प्रकृति में पोषक तत्वों का संतुलन
⬇️
स्वस्थ वातावरण
⬇️
यदि प्रदूषण बढ़े
⬇️
वातावरण प्रभावित
⬇️
मानव आबादी और संसाधनों पर दबाव बढ़े
⬇️
प्राकृतिक आवास का विनाश
⬇️
जैव विविधता में कमी
⬇️
इसलिए आवश्यक है—
संरक्षण + सतत विकास + संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग
📌 परीक्षा के लिए सबसे महत्वपूर्ण बातें
नाइट्रोजन चक्र
- वायुमंडल में नाइट्रोजन लगभग 78%।
- राइजोबियम नाइट्रोजन स्थिरीकरण में महत्वपूर्ण।
- अमोनिया → नाइट्राइट → नाइट्रेट = नाइट्रीकरण।
- नाइट्रेट → वायुमंडलीय नाइट्रोजन = विनाइट्रीकरण।
- मृत पदार्थों के विघटन से नाइट्रोजन मिट्टी में लौटती है।
वातावरणीय प्रदूषण
- प्रदूषक = वातावरण को प्रदूषित करने वाला पदार्थ।
- वायु, जल, मृदा और ध्वनि प्रमुख प्रदूषण।
- SO₂ और NOₓ अम्ल वर्षा में महत्वपूर्ण।
- CO₂ सहित ग्रीनहाउस गैसों की वृद्धि वैश्विक तापन को बढ़ा सकती है।
- ओजोन परत UV किरणों से सुरक्षा देती है।
वातावरण और मानव आबादी
- जनसंख्या वृद्धि से संसाधनों की माँग बढ़ती है।
- वनों की कटाई, प्रदूषण और कचरा बढ़ सकता है।
- सतत विकास वर्तमान और भविष्य दोनों की आवश्यकताओं का ध्यान रखता है।
जैविक विविधता
- आनुवंशिक विविधता
- प्रजातीय विविधता
- पारिस्थितिक तंत्र विविधता
- इन-सीटू संरक्षण = प्राकृतिक आवास में संरक्षण।
- एक्स-सीटू संरक्षण = प्राकृतिक आवास के बाहर संरक्षण।
याद रखने की सबसे आसान लाइन:
“संसाधनों का सही उपयोग → वातावरण की रक्षा → जैव विविधता का संरक्षण → मानव जीवन का सुरक्षित भविष्य।”
A. बहुविकल्पीय प्रश्न (Multiple Choice Questions)
[1 अंक]
1. निम्नलिखित में से कौन-सी ग्रीनहाउस गैस नहीं है?
(a) मिथेन
(b) कार्बन डाइऑक्साइड
(c) कार्बन मोनोऑक्साइड
(d) अमोनिया
उत्तर: (d) अमोनिया
2. जब हम साँस लेते हैं तो ऑक्सीजन के साथ नाइट्रोजन गैस भी शरीर में प्रवेश करती है। इस नाइट्रोजन का क्या होता है?
(a) यह ऑक्सीजन के साथ कोशिकाओं में पहुँचती है।
(b) यह CO₂ के साथ बहिःश्वसन द्वारा बाहर निकल जाती है।
(c) यह केवल नासिका कोशिकाओं द्वारा अवशोषित हो जाती है।
(d) इसका अवशोषण नहीं होता।
उत्तर: (b) यह CO₂ के साथ बहिःश्वसन द्वारा बाहर निकल जाती है।
3. वायु प्रदूषण का मानव-निर्मित स्रोत है—
(a) जीवाश्म ईंधन को जलाना
(b) धूल
(c) परागकण
(d) जंगल की आग
उत्तर: (a) जीवाश्म ईंधन को जलाना
4. स्वचालित वाहनों से होता है—
(a) वायु प्रदूषण
(b) जल प्रदूषण
(c) भू-प्रदूषण
(d) तापीय प्रदूषण
उत्तर: (a) वायु प्रदूषण
5. वनस्पति उद्यानों में संरक्षण होता है—
(a) जन्तुओं का
(b) वनस्पतियों का
(c) रेड पांडा का
(d) घड़ियाल का
उत्तर: (b) वनस्पतियों का
6. चिड़ियाघर में देखभाल होती है—
(a) जानवरों की
(b) पक्षियों की
(c) पौधों की
(d) जल की
उत्तर: (a) जानवरों की
7. हैजा रोग फैलने का प्रमुख कारण है—
(a) भोजन में मिलावट
(b) नमीयुक्त मौसम
(c) जल प्रदूषण
(d) विषाणु
उत्तर: (c) जल प्रदूषण
8. अम्लीय वर्षा मुख्यतः किसकी उपस्थिति के कारण होती है?
(a) ओजोन और धूल
(b) SO₂ और NOₓ
(c) SO₂ और CO
(d) CO और CO₂
उत्तर: (b) SO₂ और NOₓ
9. पश्चिम बंगाल के अरबरी जंगल में अधिकता है—
(a) टीक
(b) साल
(c) बाँस
(d) मैंग्रोव
उत्तर: (b) साल
10. जैव आवर्धन (Biomagnification) का अर्थ है—
(a) भोजन ग्रहण करने से जीवों की वृद्धि
(b) जनसंख्या में वृद्धि
(c) वातावरण का प्रदूषण
(d) अपघटन न होने वाले प्रदूषकों का खाद्य-श्रृंखला में क्रमशः अधिक मात्रा में जमा होना
उत्तर: (d) अपघटन न होने वाले प्रदूषकों का खाद्य-श्रृंखला में क्रमशः अधिक मात्रा में जमा होना
11. ग्रीनहाउस प्रभाव की निरंतर वृद्धि का प्रमुख कारण है—
(a) जीवाश्म ईंधन का अधिक जलाना
(b) वनोन्मूलन
(c) औद्योगिक प्रदूषण
(d) उपरोक्त सभी
उत्तर: (d) उपरोक्त सभी
12. नाइट्रीकरण के अंतर्गत होता है—
(a) अमोनिया का ऑक्सीकरण
(b) ऊर्जा की प्राप्ति
(c) नाइट्राइट का ऑक्सीकरण
(d) (a) और (c) दोनों
उत्तर: (d) (a) और (c) दोनों
13. डिनाइट्रीकरण आवश्यक है—
(a) नाइट्रोजन चक्र के लिए
(b) मृदा की उर्वरता बढ़ाने के लिए
(c) मृदा में नाइट्रोजन के स्तर को सुधारने के लिए
(d) उपरोक्त में से कोई नहीं
उत्तर: (a) नाइट्रोजन चक्र के लिए
14. नाइट्रोजन यौगिकीकरण में परिवर्तन होता है—
उत्तर: वायुमंडलीय नाइट्रोजन का उपयोगी नाइट्रोजन यौगिकों में।
15. जड़ ग्रंथिका लाल रंग की होती है—
(a) एन्थोसायनिन के कारण
(b) साइटोक्रोम के कारण
(c) फाइटोक्रोम के कारण
(d) लेगहीमोग्लोबिन के कारण
उत्तर: (d) लेगहीमोग्लोबिन के कारण
16. निम्नलिखित में से कौन-सा प्रदूषित जल से होने वाला रोग है?
(a) टायफाइड
(b) हेपेटाइटिस
(c) पीलिया
(d) इनमें से सभी
उत्तर: (d) इनमें से सभी
17. मानव द्वारा निर्मित वायु प्रदूषण का स्रोत है—
(a) जीवाश्म ईंधन का जलना
(b) परागकण
(c) धूल भरी आँधी
(d) जंगल की आग
उत्तर: (a) जीवाश्म ईंधन का जलना
18. अम्लीय वर्षा में उपस्थित प्रमुख घुलनशील गैसें हैं—
(a) हाइड्रोजन क्लोराइड
(b) सल्फर डाइऑक्साइड
(c) नाइट्रोजन के ऑक्साइड
(d) (b) और (c) दोनों
उत्तर: (d) (b) और (c) दोनों
19. निम्नलिखित में से कौन वायु प्रदूषक नहीं है?
(a) कार्बन मोनोऑक्साइड
(b) कार्बन डाइऑक्साइड
(c) धूल
(d) इनमें से सभी
उत्तर: (d) इनमें से सभी
20. स्यूडोमोनास जीवाणु नाइट्रोजन चक्र की किस अवस्था से संबंधित है?
(a) नाइट्रोजन स्थिरीकरण
(b) नाइट्रीकरण
(c) डिनाइट्रीफिकेशन
(d) अमोनीकरण
उत्तर: (c) डिनाइट्रीफिकेशन
21. नाइट्रीफिकेशन में निम्न में से कौन-सा जीव भाग लेता है?
(a) नाइट्रोसोमोनास
(b) एजोटोबैक्टर
(c) स्यूडोमोनास
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (a) नाइट्रोसोमोनास
22. वायु प्रदूषण से संबंधित रोग हैं—
(a) डायरिया, टाइफाइड, हेपेटाइटिस
(b) हेपेटाइटिस, दमा, बहरापन
(c) ब्रोंकाइटिस, अस्थमा, फेफड़ों का कैंसर
(d) फेफड़ों का कैंसर, पोलियो, मलेरिया
उत्तर: (c) ब्रोंकाइटिस, अस्थमा, फेफड़ों का कैंसर
23. निम्न में से कौन-सा जल प्रदूषण का परिणाम है?
(a) वैश्विक तापन
(b) यूट्रोफिकेशन
(c) वनोन्मूलन
(d) ध्वनि प्रदूषण
उत्तर: (b) यूट्रोफिकेशन
24. यदि निम्न में से कोई पदार्थ पर्यावरण में लंबे समय तक उपस्थित रहे तो जैव आवर्धन की संभावना बढ़ती है—
(a) अखबार
(b) जन्तुओं का मल-मूत्र
(c) सड़े हुए पत्ते
(d) क्लोरीनयुक्त कीटनाशक
उत्तर: (d) क्लोरीनयुक्त कीटनाशक
25. निम्न में से कौन-सी जोड़ी गलत है?
उत्तर: प्रश्न में विकल्प OCR के कारण पूर्णतः स्पष्ट नहीं हैं। मुख्य तथ्य: अवैध शिकार, आवास-विनाश और विदेशी आक्रामक प्रजातियाँ जैव विविधता के लिए खतरा हैं।
26. यदि वायु में परागकण, कवकों के बीजाणु तथा धूलकणों की मात्रा अचानक बढ़ जाए तो कौन-सी समस्या बढ़ सकती है?
(a) क्षयरोग
(b) अस्थमा
(c) बहरापन
(d) डेंगू
उत्तर: (b) अस्थमा
27. पूर्वी हिमालय हॉटस्पॉट में पाई जाने वाली विलुप्तप्राय प्रजाति है—
(a) लायन-टेल्ड मकाक
(b) ओरंगुटान
(c) लाल पांडा
(d) नीलगिरि लंगूर
उत्तर: (c) लाल पांडा
28. निम्न में से कौन-सा एक्स-सीटू (Ex-situ) संरक्षण का उदाहरण है?
(a) राष्ट्रीय उद्यान
(b) अभयारण्य
(c) जैवमंडल रिजर्व
(d) क्रायो-संरक्षण
उत्तर: (d) क्रायो-संरक्षण
29. सुंदरवन, गोरुमारा, कॉर्बेट और कुलिक/नंदादेवी जैसे संरक्षित क्षेत्रों को उनके सही संरक्षण-वर्ग से जोड़ने पर उपयुक्त क्रम विकल्पों के अनुसार चुना जाएगा।
मुख्य तथ्य:
राष्ट्रीय उद्यान — सुंदरवन, कॉर्बेट
अभयारण्य — कुलिक आदि
जैवमंडल रिजर्व — सुंदरवन/नंदादेवी जैसे क्षेत्र अपने संबंधित दर्जे में।
30. निम्न में कौन-सा बाघ प्रकल्प पश्चिम बंगाल में स्थित है?
(a) बांदीपुर
(b) सिमलीपाल
(c) सुंदरवन
(d) कान्हा
उत्तर: (c) सुंदरवन
31. बायोस्फियर रिजर्व के संबंध में सही कथन है—
(a) पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण के साथ स्थानीय मनुष्य तथा अन्य जीव समुदाय का संरक्षण किया जाता है।
(b) राष्ट्रीय उद्यान तथा अभयारण्य बायोस्फियर रिजर्व में शामिल नहीं होते।
(c) स्थानीय मनुष्यों की उपस्थिति तथा सहभागिता की अनुमति नहीं होती।
(d) इसका आकार सामान्यतः अभयारण्य से छोटा होता है।
उत्तर: (a) पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण के साथ स्थानीय मनुष्य तथा अन्य जीव समुदाय का संरक्षण किया जाता है।
B. अति संक्षिप्त उत्तर — 1 अंक
1. एक ग्रीनहाउस गैस का नाम बताइए।
उत्तर: कार्बन डाइऑक्साइड।
2. एक वायु प्रदूषक का नाम बताइए।
उत्तर: सल्फर डाइऑक्साइड (SO₂)।
3. धूम्रपान करने से किस रोग के होने की संभावना बढ़ जाती है?
उत्तर: फेफड़ों का कैंसर।
4. JFM का पूरा नाम लिखिए।
उत्तर: Joint Forest Management — संयुक्त वन प्रबंधन।
5. PBR का पूरा नाम क्या है?
उत्तर: People’s Biodiversity Register — जन जैव विविधता रजिस्टर।
6. संयुक्त वन प्रबंधन का प्रारंभ पश्चिम बंगाल के किस जिले से हुआ?
उत्तर: पश्चिम बंगाल के मिदनापुर जिले के अरबरी क्षेत्र से।
7. पश्चिम बंगाल में गैंडे के संरक्षण के लिए अभयारण्य का नाम बताइए।
उत्तर: जलदापाड़ा।
8. एक राष्ट्रीय उद्यान का नाम बताइए जहाँ शेर का संरक्षण होता है।
उत्तर: गिर राष्ट्रीय उद्यान।
9. लाभदायक पदार्थ द्वारा भी प्रदूषण हो सकता है? एक उदाहरण दीजिए।
उत्तर: हाँ। उदाहरण—अत्यधिक मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड भी पर्यावरण में समस्या उत्पन्न कर सकती है।
10. बड़े शहरों में वायु प्रदूषण का सबसे बड़ा स्रोत क्या है?
उत्तर: मोटर वाहनों से निकलने वाला धुआँ।
11. अम्लीय वर्षा में उपस्थित प्रमुख प्रदूषक कौन-से हैं?
उत्तर: SO₂ और NOₓ।
12. वायु प्रदूषण के एक मानव-निर्मित स्रोत का नाम बताइए।
उत्तर: जीवाश्म ईंधन का जलना।
13. एक स्तनधारी जन्तु का नाम बताइए जो विलुप्त होने के कगार पर है।
उत्तर: लाल पांडा।
14. चार शब्दों में से तीन एक ही विषय के हैं—असंगत शब्द बताइए।
उत्तर: दिए गए OCR पाठ में चार शब्द स्पष्ट नहीं हैं; संरक्षण से जुड़े शब्दों में एम्ब्रियो, मेरिस्टेमेटिक ऊतक, बीज और क्रायो-संरक्षण हों तो क्रायो-संरक्षण संरक्षण की विधि है।
15. सुंदरवन परिवेश से संबंधित आधुनिक चिंता का एक प्रमुख कारण लिखिए।
उत्तर: समुद्र के जलस्तर में वृद्धि तथा मैंग्रोव आवास का विनाश।
16. निम्न पदों का समन्वय किस पद से होता है—स्थानीय जैविक संसाधनों का ज्ञान, PBR, पारंपरिक मान्यता और संसाधनों का चिरस्थायी उपयोग?
उत्तर: जन जैव विविधता रजिस्टर (PBR)।
17. सिंगालिला नेशनल पार्क में संरक्षित एक लुप्तप्राय पशु का नाम लिखिए।
उत्तर: लाल पांडा।
18. किस प्रकार के इन-सीटू संरक्षण में सूक्ष्मजीवों, वन्यजीवों, वनस्पतियों के साथ मनुष्यों की विविधता, संस्कृति और जीवन-शैली का भी संरक्षण किया जाता है?
उत्तर: जैवमंडल रिजर्व (Biosphere Reserve)।
19. वनों के पुनर्निर्माण हेतु स्थानीय मनुष्य और वन विभाग मिलकर जिस व्यवस्था का अनुसरण करते हैं, उसका नाम बताइए।
उत्तर: संयुक्त वन प्रबंधन (JFM)।
रिक्त स्थान भरिए
1. किसी ________ की क्रिया द्वारा अमोनिया को नाइट्राइट तथा नाइट्रेट में बदला जाता है।
उत्तर: जीवाणु
2. धान के खेत द्वारा उत्पन्न होने वाली एक ग्रीनहाउस गैस है—
उत्तर: मीथेन।
3. हवा में घुले हुए धुएँ, राख, धूलकण तथा परागकणों के समूह को कहा जाता है—
उत्तर: SPM (Suspended Particulate Matter)।
4. बाजार में बिकने वाले बोतलबंद शीतल पेय के निर्माण में बहुत सारा पानी ________ होता है।
उत्तर: व्यर्थ/अपव्यय।
5. पश्चिम बंगाल में स्थित एक जैवमंडल रिजर्व है—
उत्तर: सुंदरवन जैवमंडल रिजर्व।
6. स्थानीय जैव विविधता को प्रभावित करने वाली एक विदेशी प्रजाति का नाम है—
उत्तर: लैंटाना कैमारा।
7. बीजों को लगभग −196°C तापमान पर तरल नाइट्रोजन में रखने वाली एक्स-सीटू संरक्षण विधि कहलाती है—
उत्तर: क्रायो-संरक्षण।
8. ________ को सर्पगंधा पौधे की जड़ से प्राप्त किया जाता है, जिसका उपयोग उच्च रक्तचाप कम करने की औषधि के रूप में किया जाता है।
उत्तर: रेसरपीन (Reserpine)।
सही / गलत
1. पश्चिम बंगाल के मानस राष्ट्रीय उद्यान में एक-सिंगा गैंडे का संरक्षण होता है।
उत्तर: गलत।
2. पूर्वी हिमालय हॉटस्पॉट में संरक्षित एक संकटग्रस्त पादप प्रजाति रोडोडेंड्रॉन है।
उत्तर: सही।
3. भंगुर/जैव-अपघटनीय प्रदूषक जैव आवर्धन के लिए उत्तरदायी होते हैं।
उत्तर: गलत।
जैव आवर्धन मुख्यतः जैव-अविघटनीय प्रदूषकों से संबंधित है।
4. SO₂ तथा NOₓ से अम्लीय वर्षा हो सकती है।
उत्तर: सही।
C. संक्षिप्त उत्तरवाले प्रश्न
[2 अंक]
1. प्रदूषण किसे कहते हैं?
उत्तर: वातावरण में हानिकारक पदार्थों या प्रदूषकों की मात्रा सामान्य सीमा से बढ़ जाने पर वातावरण की गुणवत्ता में होने वाले हानिकारक परिवर्तन को प्रदूषण कहते हैं।
2. वायु प्रदूषण किसे कहते हैं?
उत्तर: वायु में धुआँ, धूल, विषैली गैसें, परागकण तथा अन्य हानिकारक पदार्थों की मात्रा बढ़ जाने से वायु की गुणवत्ता में होने वाला हानिकारक परिवर्तन वायु प्रदूषण कहलाता है।
3. जल प्रदूषण की परिभाषा बताइए।
उत्तर: जल में हानिकारक रसायन, सीवेज, रोगजनक सूक्ष्मजीव या अन्य अपशिष्ट पदार्थों के मिल जाने से जल की गुणवत्ता खराब होना जल प्रदूषण कहलाता है।
4. यूट्रोफिकेशन से आप क्या समझते हैं?
उत्तर: जलाशय में नाइट्रेट और फॉस्फेट जैसे पोषक लवणों की अत्यधिक मात्रा पहुँचने से शैवाल एवं जलीय पौधों की अत्यधिक वृद्धि होती है। इससे जल में घुलित ऑक्सीजन कम हो सकती है और जलीय जीव मर सकते हैं। इस प्रक्रिया को यूट्रोफिकेशन कहते हैं।
5. जैविक विविधता क्या है?
उत्तर: पृथ्वी पर पाए जाने वाले विभिन्न प्रकार के जीवों, उनकी प्रजातियों, आनुवंशिक भिन्नताओं तथा विभिन्न पारिस्थितिक तंत्रों की विविधता को जैविक विविधता कहते हैं।
6. जैविक विविधता के हॉटस्पॉट से क्या समझते हैं?
उत्तर: ऐसा क्षेत्र जहाँ जैव विविधता बहुत अधिक हो तथा बड़ी संख्या में स्थानिक और संकटग्रस्त प्रजातियाँ पाई जाती हों और जो गंभीर खतरे में हो, उसे जैव विविधता हॉटस्पॉट कहते हैं।
7. In-situ संरक्षण से आप क्या समझते हैं?
उत्तर: जीवों तथा उनके प्राकृतिक आवास का उसी स्थान पर संरक्षण करना इन-सीटू संरक्षण कहलाता है।
उदाहरण: राष्ट्रीय उद्यान, अभयारण्य, जैवमंडल रिजर्व।
8. Ex-situ संरक्षण क्या है?
उत्तर: जीवों या उनके आनुवंशिक संसाधनों को उनके प्राकृतिक आवास से बाहर सुरक्षित रखना एक्स-सीटू संरक्षण कहलाता है।
उदाहरण: चिड़ियाघर, वनस्पति उद्यान, बीज बैंक, क्रायो-संरक्षण।
9. राष्ट्रीय उद्यान किसे कहते हैं?
उत्तर: ऐसा संरक्षित क्षेत्र जहाँ वन्यजीवों, वनस्पतियों तथा प्राकृतिक पारिस्थितिक तंत्र का संरक्षण किया जाता है, राष्ट्रीय उद्यान कहलाता है।
10. अभयारण्य की परिभाषा बताइए।
उत्तर: ऐसा संरक्षित क्षेत्र जहाँ मुख्य रूप से वन्यजीवों और उनके प्राकृतिक आवास को सुरक्षा प्रदान की जाती है, वन्यजीव अभयारण्य कहलाता है।
11. आरक्षित वन किसे कहते हैं?
उत्तर: सरकार द्वारा संरक्षण के लिए अधिसूचित ऐसे वन क्षेत्र, जहाँ वन संसाधनों के उपयोग और गतिविधियों पर विशेष नियंत्रण रहता है, आरक्षित वन कहलाते हैं।
12. जैवमंडल रिजर्व क्या है?
उत्तर: ऐसा बड़ा संरक्षित क्षेत्र जहाँ जैव विविधता, पारिस्थितिक तंत्र तथा स्थानीय समुदायों के जीवन और संस्कृति के बीच संतुलन बनाए रखते हुए संरक्षण किया जाता है, जैवमंडल रिजर्व कहलाता है।
13. क्रायो-प्रिजर्वेशन से क्या समझते हैं?
उत्तर: जैविक नमूनों जैसे बीज, कोशिकाएँ, ऊतक या जनन पदार्थों को अत्यंत कम तापमान, सामान्यतः तरल नाइट्रोजन के लगभग −196°C तापमान पर सुरक्षित रखने की विधि को क्रायो-संरक्षण कहते हैं।
14. नम भूमि (Wetland) से क्या समझते हैं?
उत्तर: ऐसी भूमि जो स्थायी या अस्थायी रूप से जल से ढकी रहती है और जहाँ विशेष प्रकार के पौधे तथा जन्तु पाए जाते हैं, उसे नम भूमि कहते हैं।
15. हरितगृह प्रभाव क्या है?
उत्तर: वातावरण की कुछ गैसें पृथ्वी से निकलने वाली ऊष्मा का एक भाग रोककर पृथ्वी को गर्म रखती हैं। इस प्राकृतिक प्रक्रिया को हरितगृह प्रभाव कहते हैं। इसके अत्यधिक बढ़ने से वैश्विक तापन हो सकता है।
16. अम्लीय वर्षा क्या है?
उत्तर: SO₂ तथा NOₓ जैसी गैसें वायुमंडल में जल के साथ अभिक्रिया करके अम्लीय पदार्थ बनाती हैं। ऐसे अम्लीय पदार्थों वाली वर्षा को अम्लीय वर्षा कहते हैं।
17. वायु प्रदूषण के दो प्राकृतिक स्रोत बताइए।
उत्तर:
- ज्वालामुखी विस्फोट
- जंगल की आग
इसके अतिरिक्त धूल भरी आँधी और परागकण भी प्राकृतिक स्रोत हो सकते हैं।
18. हॉटस्पॉट क्या है? यहाँ क्या होता है?
उत्तर: अत्यधिक जैव विविधता, स्थानिक प्रजातियों और संकटग्रस्त जीवों वाले तथा गंभीर खतरे में पड़े क्षेत्र को जैव विविधता हॉटस्पॉट कहते हैं। ऐसे क्षेत्रों में संरक्षण को विशेष प्राथमिकता दी जाती है।
19. जैविक विविधता के संरक्षण का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: जैविक विविधता का संरक्षण करने का मुख्य उद्देश्य प्रजातियों को विलुप्त होने से बचाना, प्राकृतिक आवासों की रक्षा करना और पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखना है।
20. मृदा प्रदूषण से आप क्या समझते हैं?
उत्तर: मिट्टी में प्लास्टिक, कीटनाशक, औद्योगिक अपशिष्ट तथा विषैले रसायनों की मात्रा बढ़ने से मिट्टी की गुणवत्ता और उर्वरता प्रभावित होना मृदा प्रदूषण कहलाता है।
21. ध्वनि प्रदूषण के दो हानिकारक प्रभाव बताइए।
उत्तर:
- सुनने की क्षमता में कमी या बहरापन।
- अनिद्रा, तनाव तथा उच्च रक्तचाप जैसी समस्याएँ।
22. नाइट्रोजन चक्र की परिभाषा लिखिए।
उत्तर: वायुमंडल, मिट्टी, पौधों, जन्तुओं और सूक्ष्मजीवों के बीच नाइट्रोजन के विभिन्न रूपों में लगातार परिवर्तन और संचरण की प्राकृतिक प्रक्रिया को नाइट्रोजन चक्र कहते हैं।
23. अमोनीकरण क्या है?
उत्तर: मृत पौधों एवं जन्तुओं तथा उनके अपशिष्टों में उपस्थित नाइट्रोजनयुक्त कार्बनिक पदार्थों को सूक्ष्मजीवों द्वारा अमोनिया या अमोनियम यौगिकों में बदलने की प्रक्रिया को अमोनीकरण कहते हैं।
24. नाइट्रीकरण की परिभाषा दीजिए।
उत्तर: अमोनिया को नाइट्राइट तथा नाइट्राइट को नाइट्रेट में बदलने की जीवाणु-जनित प्रक्रिया को नाइट्रीकरण कहते हैं।
25. नाइट्रोजन के यौगिकीकरण से क्या समझते हैं?
उत्तर: वायुमंडलीय नाइट्रोजन को जीवों द्वारा उपयोग किए जा सकने वाले नाइट्रोजन यौगिकों में बदलने की प्रक्रिया को नाइट्रोजन यौगिकीकरण/नाइट्रोजन स्थिरीकरण कहते हैं।
26. एक डिनाइट्रीफाइंग जीवाणु का नाम और उसका कार्य बताइए।
उत्तर: स्यूडोमोनास (Pseudomonas) एक डिनाइट्रीफाइंग जीवाणु है। यह मिट्टी के नाइट्रेट को नाइट्रोजन गैस में बदलकर वायुमंडल में वापस पहुँचाने में सहायता करता है।
27. दो नील-हरित शैवाल का नाम बताइए जो नाइट्रोजन का यौगिकीकरण करते हैं।
उत्तर:
- Nostoc
- Anabaena
28. दो अमोनीकरण जीवाणु का नाम बताइए।
उत्तर: Bacillus और Pseudomonas जैसे अपघटक सूक्ष्मजीव अमोनीकरण में भाग ले सकते हैं।
29. मनुष्य के विभिन्न क्रियाकलाप नाइट्रोजन चक्र को किस प्रकार प्रभावित करते हैं?
उत्तर:
- रासायनिक नाइट्रोजन उर्वरकों के अत्यधिक प्रयोग से मिट्टी और जल में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है।
- जीवाश्म ईंधन जलाने से NOₓ बनते हैं, जो अम्लीय वर्षा और नाइट्रोजन चक्र में असंतुलन पैदा कर सकते हैं।
30. जैव नाइट्रोजन स्थिरीकरण में भाग लेने वाले दो सूक्ष्मजीवों के नाम लिखिए।
उत्तर:
- Rhizobium
- Azotobacter
31. मनुष्य की क्रियाओं द्वारा नाइट्रोजन चक्र प्रभावित हुआ है—दो घटनाओं द्वारा सत्यापित कीजिए।
उत्तर:
- रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक प्रयोग से नाइट्रेट जल में पहुँचकर यूट्रोफिकेशन कर सकता है।
- जीवाश्म ईंधन के दहन से NOₓ बढ़ते हैं, जिससे अम्लीय वर्षा हो सकती है।
32. नाइट्रोजन चक्र में क्षति से होने वाली तीन घटनाएँ समझाइए।
उत्तर:
- जल का यूट्रोफिकेशन: अतिरिक्त नाइट्रेट से शैवाल की अत्यधिक वृद्धि होती है।
- अम्लीय वर्षा: NOₓ के कारण वर्षा का जल अम्लीय हो सकता है।
- मृदा एवं जल प्रदूषण: अत्यधिक नाइट्रोजन उर्वरक मिट्टी और जल में नाइट्रेट की मात्रा बढ़ा सकते हैं।
33. मानव क्रियाकलापों और नाइट्रोजन चक्र की क्षति के बीच संबंध स्थापित कीजिए।
उत्तर: जीवाश्म ईंधन का अत्यधिक दहन तथा रासायनिक उर्वरकों का अधिक प्रयोग नाइट्रोजन चक्र को प्रभावित करता है। NOₓ अम्लीय वर्षा में योगदान देते हैं तथा अतिरिक्त नाइट्रेट जलाशयों में पहुँचकर यूट्रोफिकेशन कर सकते हैं।
34. ध्वनि प्रदूषण के मस्तिष्क और हृदय पर हानिकारक प्रभाव बताइए।
उत्तर: अत्यधिक ध्वनि से मानसिक तनाव, चिड़चिड़ापन और अनिद्रा हो सकती है। लंबे समय तक ध्वनि प्रदूषण से हृदय की धड़कन और रक्तचाप बढ़ने जैसी समस्याएँ हो सकती हैं।
35. निम्न प्रदूषकों के हानिकारक प्रभाव लिखिए।
उत्तर:
(i) ग्रीनहाउस गैस: वैश्विक तापन और जलवायु परिवर्तन को बढ़ा सकती हैं।
(ii) SPM: श्वसन तंत्र में प्रवेश करके दमा और अन्य श्वसन समस्याएँ पैदा कर सकते हैं।
(iii) रासायनिक उर्वरक: जल में पहुँचकर यूट्रोफिकेशन तथा नाइट्रेट प्रदूषण बढ़ा सकते हैं।
(iv) जैव-अविघटनीय रसायन: खाद्य श्रृंखला में जमा होकर जैव आवर्धन कर सकते हैं।
36. श्वसन रोगों के क्या कारण हैं?
उत्तर: वायु प्रदूषण, धूम्रपान, धूल, धुआँ, SPM, परागकण तथा विषैली गैसें श्वसन रोगों के प्रमुख कारण हैं।
37. नम भूमि के विनाश तथा कृषि भूमि के निरंतर समाप्त होने का पर्यावरण पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
उत्तर: इससे जैव विविधता कम होगी, अनेक जीवों का प्राकृतिक आवास नष्ट होगा, जल संतुलन प्रभावित होगा और खाद्य उत्पादन पर भी प्रभाव पड़ सकता है।
38. PBR में जैव विविधता से संबंधित कौन-से मुख्य विषय अभिलेखित किए जाते हैं?
उत्तर: PBR में स्थानीय जैविक संसाधनों, उनकी उपलब्धता, उपयोग, स्थानीय समुदाय के पारंपरिक ज्ञान तथा संसाधनों के सतत उपयोग से संबंधित जानकारी दर्ज की जाती है।
39. भारतीय एक-सींग वाले गैंडे की संख्या बढ़ाने के दो उपाय बताइए।
उत्तर:
- अवैध शिकार को रोकना।
- प्राकृतिक आवास और संरक्षित क्षेत्रों की सुरक्षा करना।
40. जैव विविधता के संरक्षण में संयुक्त वन प्रबंधन की भूमिका क्या है?
उत्तर: JFM में स्थानीय समुदाय और वन विभाग मिलकर जंगलों की रक्षा, पुनर्वनीकरण और संसाधनों के सतत उपयोग का कार्य करते हैं। इससे वन संरक्षण के साथ स्थानीय लोगों की भागीदारी भी बढ़ती है।
41. वैश्विक तापन के कारण जैव विविधता के नुकसान के चार कारण लिखिए।
उत्तर:
- आवासों का परिवर्तन या विनाश।
- प्रजातियों के वितरण में परिवर्तन।
- समुद्र स्तर में वृद्धि।
- तापमान और वर्षा के पैटर्न में परिवर्तन।
42. मानव सभ्यता में जैव विविधता का योगदान लिखिए—(i) खाद्य उत्पादन (ii) औषधि उत्पादन।
उत्तर:
खाद्य उत्पादन: विभिन्न फसलें, फल, सब्जियाँ, मछली और अन्य खाद्य संसाधन जैव विविधता से मिलते हैं।
औषधि उत्पादन: अनेक औषधीय पौधे और जीव उपयोगी औषधीय पदार्थ प्रदान करते हैं।
43. वैश्विक तापन से समुद्र का जलस्तर बढ़ने पर मनुष्य और सुंदरवन की जैव विविधता पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
उत्तर: समुद्र का जलस्तर बढ़ने से सुंदरवन के निम्न-भूमि वाले द्वीपों में जलभराव और भूमि का क्षरण हो सकता है। मैंग्रोव वन और अनेक जीवों के आवास प्रभावित हो सकते हैं तथा स्थानीय लोगों के घर, कृषि और पेयजल संसाधनों पर भी खतरा बढ़ सकता है।
44. संकटापन्न सरीसृप के इन-सीटू संरक्षण का एक स्थान बताइए।
उत्तर: सुंदरवन राष्ट्रीय उद्यान/टाइगर रिजर्व में कई सरीसृपों का प्राकृतिक आवास संरक्षित है।
45. भारत में प्राणियों के शिकार के चार कारण बताइए।
उत्तर:
- मांस के लिए।
- चमड़ी, सींग, हड्डी आदि के लिए।
- अवैध व्यापार के लिए।
- मनोरंजन या खेल के लिए।
46. स्थलीय तथा जलीय जैव विविधता को नुकसान पहुँचाने वाली एक-एक विदेशी प्रजाति का उदाहरण दें।
उत्तर:
स्थलीय: लैंटाना कैमारा।
जलीय: जलकुंभी (Eichhornia crassipes)।
47. किसी अभयारण्य में प्रतिबंधित चार कार्यों की सूची बनाइए।
उत्तर:
- अवैध शिकार।
- वन्यजीवों को पकड़ना या मारना।
- पेड़ों की अवैध कटाई।
- वन्यजीवों के आवास को नष्ट करना।
48. स्थानीय जैव विविधता के संरक्षण में PBR के दो कार्य लिखिए।
उत्तर:
- स्थानीय जैविक संसाधनों तथा उनके उपयोग का दस्तावेजीकरण करना।
- स्थानीय समुदाय के पारंपरिक ज्ञान और संसाधनों के संरक्षण में सहायता करना।
49. नदी के पारिस्थितिकी तंत्र को नियंत्रित करने में जैव विविधता की क्या भूमिका है?
उत्तर: नदी में विभिन्न पौधे, मछलियाँ, सूक्ष्मजीव और अन्य जीव खाद्य श्रृंखला तथा पोषक चक्र को बनाए रखते हैं। इससे जल की गुणवत्ता, ऊर्जा प्रवाह और पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में सहायता मिलती है।
D. विस्तृत उत्तरवाले प्रश्न
[5 अंक]
1. प्रदूषण हमारे दैनिक जीवन को किस प्रकार प्रभावित करता है?
उत्तर:
प्रदूषण हमारे दैनिक जीवन तथा स्वास्थ्य दोनों को गंभीर रूप से प्रभावित करता है। वायु प्रदूषण के कारण मनुष्य को दमा, ब्रोंकाइटिस, एलर्जी और फेफड़ों से संबंधित रोग हो सकते हैं। जल प्रदूषण से हैजा, टायफाइड, हेपेटाइटिस आदि जलजनित रोग फैल सकते हैं।
मृदा प्रदूषण से मिट्टी की उर्वरता कम हो सकती है तथा विषैले पदार्थ खाद्य श्रृंखला में प्रवेश कर सकते हैं। ध्वनि प्रदूषण से अनिद्रा, मानसिक तनाव, उच्च रक्तचाप और सुनने की क्षमता में कमी हो सकती है।
इस प्रकार प्रदूषण मानव स्वास्थ्य, प्राकृतिक संसाधनों और पारिस्थितिक संतुलन को प्रभावित करता है।
2. प्रदूषण किसे कहते हैं? यह कितने प्रकार का होता है?
उत्तर:
वातावरण में हानिकारक पदार्थों या प्रदूषकों की मात्रा सामान्य सीमा से अधिक बढ़ जाने से वातावरण की गुणवत्ता में होने वाले हानिकारक परिवर्तन को प्रदूषण कहते हैं।
प्रमुख प्रकार—
- वायु प्रदूषण — वायु में धुआँ, धूल और विषैली गैसों की वृद्धि।
- जल प्रदूषण — जल में सीवेज, रसायन और अन्य अपशिष्टों का मिलना।
- मृदा प्रदूषण — मिट्टी में विषैले रसायन और कचरे का जमा होना।
- ध्वनि प्रदूषण — अत्यधिक और अवांछित ध्वनि।
- रेडियोधर्मी प्रदूषण — रेडियोधर्मी पदार्थों से होने वाला प्रदूषण।
3. अत्यधिक जनसंख्या वृद्धि से कौन-कौन-सी समस्याएँ उत्पन्न होती हैं?
उत्तर:
अत्यधिक जनसंख्या वृद्धि से प्राकृतिक संसाधनों पर बहुत अधिक दबाव पड़ता है। इसके प्रमुख प्रभाव हैं—
- भोजन, जल और ऊर्जा की माँग बढ़ती है।
- वनों की कटाई बढ़ती है।
- कृषि भूमि और प्राकृतिक आवास कम होते हैं।
- जल प्रदूषण और वायु प्रदूषण बढ़ता है।
- घरेलू तथा औद्योगिक कचरे की मात्रा बढ़ती है।
- भूजल का अत्यधिक दोहन होता है।
- जैव विविधता को नुकसान पहुँचता है।
- शहरों में आवास, यातायात और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ बढ़ती हैं।
इसलिए प्राकृतिक संसाधनों का सतत उपयोग आवश्यक है।
4. वातावरण में परिवर्तन से मानव में होने वाले दो रोगों के नाम और उनके कारण बताइए।
उत्तर:
1. अस्थमा
वायु में धूल, धुआँ, परागकण और अन्य प्रदूषक बढ़ने से संवेदनशील व्यक्तियों में अस्थमा की समस्या बढ़ सकती है।
2. फेफड़ों का कैंसर
लंबे समय तक तंबाकू के धुएँ तथा कुछ वायु प्रदूषकों के संपर्क में रहने से फेफड़ों के कैंसर का जोखिम बढ़ सकता है।
5. वातावरण में विभिन्न रूपों के जीव हमें किस प्रकार सहायता करते हैं?
उत्तर:
विभिन्न जीव वातावरण और मानव जीवन के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।
- पौधे प्रकाश संश्लेषण द्वारा भोजन बनाते और ऑक्सीजन छोड़ते हैं।
- अपघटक मृत पदार्थों को विघटित करके पोषक तत्वों को वापस पर्यावरण में पहुँचाते हैं।
- नाइट्रोजन स्थिरीकरण करने वाले सूक्ष्मजीव मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में सहायता करते हैं।
- मधुमक्खियाँ और अन्य कीट परागण में सहायता करते हैं।
- विभिन्न जीव खाद्य श्रृंखला और खाद्य जाल को बनाए रखते हैं।
- जैव विविधता पारिस्थितिक तंत्र को स्थिर बनाए रखने में सहायता करती है।
6. जैविक विविधता के नष्ट होने के क्या कारण हैं?
उत्तर:
जैविक विविधता के नष्ट होने के प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं—
- वनों की कटाई।
- प्राकृतिक आवास का विनाश।
- अवैध शिकार।
- अत्यधिक मछली पकड़ना।
- जल, वायु और मृदा प्रदूषण।
- विदेशी आक्रामक प्रजातियों का फैलाव।
- जलवायु परिवर्तन और वैश्विक तापन।
- प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन।
- शहरीकरण और औद्योगीकरण।
इन कारणों से अनेक प्रजातियाँ संकटग्रस्त या विलुप्त हो सकती हैं।
7. सुंदरवन के वातावरण को कौन नुकसान पहुँचा रहा है? जैविक विविधता के संरक्षण के लिए क्या उपाय किए जा रहे हैं?
उत्तर:
सुंदरवन के वातावरण को मुख्यतः समुद्र स्तर में वृद्धि, जलवायु परिवर्तन, आवास परिवर्तन, प्रदूषण, अत्यधिक संसाधन दोहन तथा मानवीय गतिविधियाँ प्रभावित करती हैं।
संरक्षण के लिए—
- मैंग्रोव वनों की रक्षा की जाती है।
- सुंदरवन को संरक्षित क्षेत्र के रूप में रखा गया है।
- वन्यजीवों के अवैध शिकार पर नियंत्रण किया जाता है।
- स्थानीय समुदायों को संरक्षण कार्यों में शामिल किया जाता है।
- वृक्षारोपण और प्राकृतिक आवास की पुनर्स्थापना की जाती है।
8. संरक्षण के प्रयास में सामान्य जन किस प्रकार भाग ले सकते हैं?
उत्तर:
सामान्य लोग निम्न तरीकों से संरक्षण में भाग ले सकते हैं—
- पेड़ लगाकर और वनों की रक्षा करके।
- जल तथा ऊर्जा की बचत करके।
- प्लास्टिक का उपयोग कम करके।
- कचरे का उचित निपटान और पुनर्चक्रण करके।
- वन्यजीवों का शिकार न करके।
- स्थानीय जैव विविधता की जानकारी और पारंपरिक ज्ञान को सुरक्षित रखकर।
- जैव विविधता संरक्षण कार्यक्रमों में भाग लेकर।
- स्थानीय संसाधनों का सतत उपयोग करके।
जन-सहभागिता के बिना दीर्घकालीन संरक्षण कठिन है।
9. नाइट्रोजन चक्र किसे कहते हैं? प्रकृति किस प्रकार नाइट्रोजन का पुनर्चक्रण करती है?
उत्तर:
वायुमंडल, मिट्टी, पौधों, जन्तुओं तथा सूक्ष्मजीवों के बीच नाइट्रोजन के विभिन्न रूपों में निरंतर परिवर्तन और संचरण को नाइट्रोजन चक्र कहते हैं।
वायुमंडल की नाइट्रोजन को कुछ जीवाणु उपयोगी नाइट्रोजन यौगिकों में बदलते हैं। इसे नाइट्रोजन स्थिरीकरण कहते हैं।
मृत पौधों और जन्तुओं के अपघटन से अमोनिया बनती है। फिर जीवाणु अमोनिया को नाइट्राइट तथा नाइट्रेट में बदलते हैं। इसे नाइट्रीकरण कहते हैं।
पौधे नाइट्रेट को ग्रहण करते हैं और प्रोटीन आदि बनाते हैं। जन्तु पौधों को खाकर नाइट्रोजन प्राप्त करते हैं।
अंत में डिनाइट्रीफाइंग जीवाणु नाइट्रेट को नाइट्रोजन गैस में बदलकर उसे वापस वायुमंडल में पहुँचा देते हैं।
10. नाइट्रोजन चक्र का नामांकित चित्र बनाइए।
उत्तर: परीक्षा में चित्र इस प्रकार बनाया जा सकता है:
वायुमंडलीय नाइट्रोजन (N₂)
↓
नाइट्रोजन स्थिरीकरण
↓
अमोनिया/अमोनियम
↓
नाइट्रीकरण
↓
नाइट्राइट
↓
नाइट्रेट
↓
पौधे
↓
जन्तु
↓
मृत पौधे एवं जन्तु / अपशिष्ट
↓
अपघटन एवं अमोनीकरण
↓
अमोनिया
↓
नाइट्रीकरण
↓
नाइट्रेट
↓
डिनाइट्रीकरण
↓
वायुमंडलीय N₂
चित्र में विशेष रूप से नाम लिखें: Rhizobium, Nitrosomonas, Nitrobacter और Pseudomonas।
11. नाइट्रोजन चक्र की क्रियाविधि का संक्षेप में वर्णन कीजिए।
उत्तर:
नाइट्रोजन चक्र में निम्न प्रमुख चरण होते हैं—
1. नाइट्रोजन स्थिरीकरण
Rhizobium जैसे जीवाणु वायुमंडलीय नाइट्रोजन को उपयोगी यौगिकों में बदलते हैं।
2. अमोनीकरण
मृत जीवों और अपशिष्टों के अपघटन से अमोनिया बनती है।
3. नाइट्रीकरण
अमोनिया → नाइट्राइट → नाइट्रेट में बदलती है।
4. आत्मसातकरण
पौधे नाइट्रेट को ग्रहण करके नाइट्रोजनयुक्त कार्बनिक पदार्थ बनाते हैं।
5. जन्तुओं में प्रवेश
जन्तु पौधों को खाकर नाइट्रोजन प्राप्त करते हैं।
6. डिनाइट्रीकरण
Pseudomonas जैसे जीवाणु नाइट्रेट को नाइट्रोजन गैस में बदलकर वायुमंडल में वापस भेजते हैं।
12. अत्यधिक आबादी बढ़ने से क्या समस्याएँ उत्पन्न होती हैं?
उत्तर:
अत्यधिक आबादी के कारण भोजन, जल, भूमि और ऊर्जा की माँग बढ़ती है। इसके कारण वनों की कटाई, शहरीकरण, औद्योगीकरण और प्राकृतिक आवास का विनाश बढ़ता है।
इसके अलावा वायु और जल प्रदूषण, कचरे की समस्या, भूजल की कमी तथा जैव विविधता में कमी जैसी समस्याएँ उत्पन्न होती हैं।
इसलिए जनसंख्या वृद्धि के साथ सतत विकास और संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग आवश्यक है।
13. वातावरण में जीवों के विभिन्न रूप हमें कैसे सहायता करते हैं?
उत्तर:
विभिन्न जीव पारिस्थितिकी तंत्र में अलग-अलग भूमिकाएँ निभाते हैं। पौधे उत्पादक के रूप में भोजन और ऑक्सीजन प्रदान करते हैं। जन्तु खाद्य श्रृंखला का हिस्सा होते हैं। सूक्ष्मजीव और अपघटक मृत पदार्थों को विघटित करके पोषक तत्वों का पुनर्चक्रण करते हैं।
मधुमक्खियाँ परागण में, नाइट्रोजन स्थिरीकरण करने वाले जीवाणु मिट्टी की उर्वरता में तथा विभिन्न जीव पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में सहायता करते हैं।
14. जैविक विविधता के नष्ट होने की आशंकाएँ क्या हैं?
उत्तर:
जैव विविधता नष्ट होने पर—
- अनेक प्रजातियाँ विलुप्त हो सकती हैं।
- खाद्य श्रृंखला और खाद्य जाल प्रभावित हो सकते हैं।
- पारिस्थितिक संतुलन बिगड़ सकता है।
- औषधीय और आनुवंशिक संसाधनों का नुकसान हो सकता है।
- परागण और पोषक चक्र जैसी प्राकृतिक सेवाएँ प्रभावित हो सकती हैं।
- भविष्य की पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधन कम हो सकते हैं।
15. सुंदरवन के वातावरण की समस्याएँ क्या हैं?
उत्तर:
सुंदरवन एक महत्वपूर्ण मैंग्रोव पारिस्थितिकी तंत्र है। इसकी प्रमुख समस्याएँ हैं—
- समुद्र के जलस्तर में वृद्धि।
- जलवायु परिवर्तन।
- चक्रवात और तूफान।
- मैंग्रोव वनों का विनाश।
- प्रदूषण।
- प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक उपयोग।
- वन्यजीवों का अवैध शिकार।
- मानव बस्तियों और अन्य गतिविधियों का विस्तार।
इन समस्याओं से सुंदरवन की जैव विविधता और स्थानीय समुदाय दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
16. जैविक विविधता को संरक्षित करने के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं?
उत्तर:
जैव विविधता के संरक्षण के लिए—
- प्राकृतिक आवासों की रक्षा करनी चाहिए।
- वनों की कटाई रोकनी चाहिए।
- राष्ट्रीय उद्यान और अभयारण्य विकसित करने चाहिए।
- वन्यजीवों के अवैध शिकार को रोकना चाहिए।
- प्रदूषण को कम करना चाहिए।
- संकटग्रस्त प्रजातियों का संरक्षण करना चाहिए।
- विदेशी आक्रामक प्रजातियों को नियंत्रित करना चाहिए।
- स्थानीय समुदायों को संरक्षण कार्यों में शामिल करना चाहिए।
- PBR जैसी व्यवस्थाओं द्वारा स्थानीय जैव संसाधनों का दस्तावेजीकरण करना चाहिए।
- संसाधनों का सतत उपयोग करना चाहिए।
17. जैविक विविधता के संरक्षण में JFM और PBR की भूमिका बताइए।
उत्तर:
JFM — संयुक्त वन प्रबंधन
JFM में स्थानीय समुदाय और वन विभाग मिलकर वन संरक्षण करते हैं। इससे वनों की रक्षा, पुनर्वनीकरण और संसाधनों के सतत उपयोग में सहायता मिलती है। स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ने से संरक्षण अधिक प्रभावी हो सकता है।
PBR — जन जैव विविधता रजिस्टर
PBR में किसी क्षेत्र के स्थानीय जैविक संसाधनों, उनके उपयोग और स्थानीय समुदाय के पारंपरिक ज्ञान का रिकॉर्ड रखा जाता है। इससे स्थानीय जैव विविधता की पहचान, संरक्षण और सतत उपयोग में सहायता मिलती है।
18. फ्लोचार्ट के माध्यम से नाइट्रोजन चक्र के स्तरों को समझाइए।
उत्तर:
वायुमंडलीय N₂
↓
नाइट्रोजन स्थिरीकरण
↓
अमोनिया/अमोनियम
↓
नाइट्रीकरण
↓
नाइट्राइट
↓
नाइट्रेट
↓
पौधों द्वारा अवशोषण
↓
जन्तुओं में नाइट्रोजन
↓
मृत जीव एवं अपशिष्ट
↓
अपघटन / अमोनीकरण
↓
अमोनिया
↓
नाइट्रीकरण
↓
नाइट्रेट
↓
डिनाइट्रीकरण
↓
वायुमंडलीय N₂
19. वायु प्रदूषण का मुख्य कारण क्या है? उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
वायु प्रदूषण का एक प्रमुख मानव-निर्मित कारण जीवाश्म ईंधनों का दहन है। पेट्रोल, डीजल और कोयला जलाने से CO, CO₂, SO₂, NOₓ तथा कणीय पदार्थ निकलते हैं।
उदाहरण—
- वाहन
- कारखाने
- ताप विद्युत संयंत्र
- कचरा जलाना
- ईंधन का घरेलू दहन
इसके अतिरिक्त धूल, परागकण, जंगल की आग और ज्वालामुखी जैसे प्राकृतिक स्रोत भी वायु को प्रभावित कर सकते हैं।
20. जल प्रदूषण के कारण और प्रभाव लिखिए।
उत्तर:
कारण
- घरेलू सीवेज।
- औद्योगिक अपशिष्ट।
- कृषि में रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का अत्यधिक प्रयोग।
- प्लास्टिक और ठोस कचरा।
- तेल और अन्य रसायनों का जल में मिलना।
प्रभाव
- जल पीने योग्य नहीं रहता।
- हैजा और टायफाइड जैसे रोग फैल सकते हैं।
- जल में ऑक्सीजन की मात्रा कम हो सकती है।
- मछलियों और अन्य जलीय जीवों की मृत्यु हो सकती है।
- यूट्रोफिकेशन हो सकता है।
21. “मनुष्य की बहुत-सी अनियंत्रित क्रियाओं से पर्यावरण प्रदूषित होता है।” तीन उदाहरणों द्वारा समझाइए।
उत्तर:
यह कथन सही है क्योंकि मानव की अनेक गतिविधियाँ सीधे पर्यावरण को प्रभावित करती हैं।
पहला उदाहरण: वाहनों में जीवाश्म ईंधन जलाने से धुआँ और विषैली गैसें निकलती हैं, जिससे वायु प्रदूषण होता है।
दूसरा उदाहरण: कारखानों का अनुपचारित रासायनिक अपशिष्ट नदियों में डालने से जल प्रदूषण होता है।
तीसरा उदाहरण: कृषि में रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी और जल प्रदूषित हो सकते हैं।
22. नाइट्रोजन चक्र में क्षति से होने वाली तीन घटनाएँ समझाइए।
उत्तर:
1. यूट्रोफिकेशन
अधिक मात्रा में नाइट्रेट और फॉस्फेट जलाशयों में पहुँचने से शैवाल की अत्यधिक वृद्धि होती है और घुलित ऑक्सीजन कम हो सकती है।
2. अम्लीय वर्षा
ईंधन के दहन से उत्पन्न NOₓ वातावरण में अभिक्रिया करके अम्लीय वर्षा में योगदान कर सकते हैं।
3. नाइट्रेट प्रदूषण
रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से नाइट्रेट मिट्टी और भूजल में पहुँच सकता है तथा जल की गुणवत्ता प्रभावित कर सकता है।
23. निम्न प्रदूषक पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित करते हैं?
उत्तर:
| प्रदूषक | पर्यावरण पर प्रभाव | मानव स्वास्थ्य पर प्रभाव |
|---|---|---|
| जैव-अविघटनीय कीटनाशक | खाद्य श्रृंखला में जमा होकर जैव आवर्धन | तंत्रिका एवं अन्य अंगों पर हानिकारक प्रभाव |
| परागकण | वायु की गुणवत्ता प्रभावित | एलर्जी और अस्थमा |
| नाइट्रेट/फॉस्फेट युक्त रासायनिक खाद | यूट्रोफिकेशन | दूषित जल से स्वास्थ्य समस्याएँ |
| जैविक/जीवाणुयुक्त कचरा | जल एवं मिट्टी का प्रदूषण | संक्रामक रोग |
| CFC | ओजोन क्षरण में योगदान | UV विकिरण से स्वास्थ्य जोखिम बढ़ सकता है |
24. निम्न घटनाओं के संभावित कारण बताइए।
(i) अनिद्रा, उच्च रक्तचाप, आंशिक या पूर्ण बहरापन
उत्तर: अत्यधिक ध्वनि प्रदूषण।
(ii) पानी में घुलित ऑक्सीजन की कमी और मरी हुई मछलियों का पानी के ऊपर तैरना
उत्तर: यूट्रोफिकेशन/जल प्रदूषण के कारण ऑक्सीजन की कमी।
(iii) मगरमच्छों की संख्या में कमी
उत्तर: प्राकृतिक आवास का विनाश, प्रदूषण, शिकार तथा भोजन की कमी।
(iv) फेफड़ों की श्वासनली का फूल जाना
उत्तर: ब्रोंकाइटिस या वायु प्रदूषण से संबंधित श्वसन समस्या।
(v) परागण में सहायता करने वाले कीटों की संख्या में कमी
उत्तर: कीटनाशकों का अत्यधिक उपयोग, आवास का विनाश और प्रदूषण।
25. मनुष्य में कौन-से पर्यावरणीय कारक कैंसर का कारण बन सकते हैं? वैश्विक तापन से समुद्र का जलस्तर बढ़ने पर क्या समस्याएँ होंगी?
उत्तर:
कैंसर से जुड़े पर्यावरणीय कारक
- तंबाकू का धुआँ।
- कुछ औद्योगिक रसायन।
- कुछ वायु प्रदूषक।
- कुछ प्रकार के विकिरण।
- लंबे समय तक कुछ विषैले पदार्थों के संपर्क में रहना।
समुद्र का जलस्तर बढ़ने के प्रभाव
- तटीय क्षेत्र जलमग्न हो सकते हैं।
- सुंदरवन के द्वीपों और मैंग्रोव आवास को नुकसान हो सकता है।
- कृषि भूमि में लवणता बढ़ सकती है।
- पेयजल स्रोत प्रभावित हो सकते हैं।
- अनेक वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास नष्ट हो सकते हैं।
26. “जलवायु में बदलाव तथा वैश्विक तापन मानव जनसंख्या में बढ़ोत्तरी का परिणाम है।” पर्यावरण पर इसके प्रभाव लिखिए।
उत्तर:
जनसंख्या बढ़ने पर ऊर्जा, परिवहन, उद्योग और भूमि की माँग बढ़ती है। जीवाश्म ईंधन के अधिक उपयोग तथा वनों की कटाई से ग्रीनहाउस गैसों की मात्रा बढ़ सकती है।
इसके परिणामस्वरूप—
- वैश्विक तापमान बढ़ सकता है।
- वर्षा के पैटर्न में परिवर्तन हो सकता है।
- समुद्र का जलस्तर बढ़ सकता है।
- हिमनद पिघल सकते हैं।
- प्राकृतिक आवास और जैव विविधता प्रभावित हो सकती है।
श्वसन संबंधी दो समस्याएँ: अस्थमा और ब्रोंकाइटिस।
लक्षण: साँस लेने में कठिनाई और लगातार खाँसी।
27. भारत के विभिन्न शहरों में जनसंख्या वृद्धि के कारण भूमिगत जल की कमी हो रही है—कारण सहित समर्थन कीजिए। सुंदरवन के पारिस्थितिकी तंत्र पर मानव आवास की वृद्धि का प्रभाव समझाइए।
उत्तर:
शहरों में जनसंख्या बढ़ने पर पीने, घरेलू उपयोग, उद्योग और निर्माण कार्यों के लिए अधिक भूजल निकाला जाता है। यदि भूजल का पुनर्भरण उसकी निकासी से कम हो जाए, तो भूमिगत जल स्तर नीचे चला जाता है।
सुंदरवन में मानव आवास बढ़ने से—
- मैंग्रोव वन क्षेत्र प्रभावित हो सकता है।
- प्राकृतिक आवास कम हो सकता है।
- वन्यजीवों का क्षेत्र घट सकता है।
- संसाधनों पर दबाव बढ़ सकता है।
- जैव विविधता प्रभावित हो सकती है।
मानचित्र में: सुंदरवन क्षेत्र को पश्चिम बंगाल के दक्षिणी भाग में दिखाकर मानव बस्तियों और मैंग्रोव क्षेत्र का संकेत करें।
28. जैव विविधता के घटने के कारणों की उचित उदाहरणों सहित व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
जैव विविधता में कमी के प्रमुख कारण हैं—
1. आवास का विनाश
वनों को कृषि, सड़क और भवनों के लिए काटने से वन्यजीवों का आवास नष्ट होता है।
2. शिकार
अवैध शिकार से बाघ, गैंडा और अन्य जीवों की संख्या घट सकती है।
3. प्रदूषण
जल, वायु और मृदा प्रदूषण जीवों के स्वास्थ्य और आवास को प्रभावित करता है।
4. विदेशी आक्रामक प्रजातियाँ
लैंटाना और जलकुंभी जैसी प्रजातियाँ स्थानीय जैव विविधता को प्रभावित कर सकती हैं।
5. जलवायु परिवर्तन
तापमान और वर्षा में बदलाव से अनेक जीवों के आवास और जीवन-चक्र प्रभावित होते हैं।
29. किसी क्षेत्र को जैव विविधता हॉटस्पॉट घोषित करने की प्रमुख शर्तें क्या हैं? एक्स-सीटू संरक्षण के दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
जैव विविधता हॉटस्पॉट के लिए मुख्य रूप से उस क्षेत्र में—
- उच्च स्थानिकता होनी चाहिए।
- बड़ी संख्या में पौधों की स्थानिक प्रजातियाँ होनी चाहिए।
- प्राकृतिक आवास का गंभीर रूप से नष्ट होना या खतरे में होना चाहिए।
- जैव विविधता के संरक्षण की विशेष आवश्यकता होनी चाहिए।
एक्स-सीटू संरक्षण के उदाहरण:
- चिड़ियाघर।
- वनस्पति उद्यान/बीज बैंक/क्रायो-संरक्षण।
30. सुंदरवन में तीन पर्यावरणीय समस्याएँ हैं—इनका जैव विविधता पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
(i) शिकार और शिकारी की संख्या में असंतुलन
शिकार अधिक होने से किसी प्रजाति की संख्या कम हो सकती है। इससे खाद्य श्रृंखला और पारिस्थितिक संतुलन प्रभावित होगा।
(ii) शहरीकरण के कारण मैंग्रोव पेड़ों का विनाश
मैंग्रोव नष्ट होने से अनेक मछलियों, पक्षियों, सरीसृपों और अन्य जीवों के आवास कम होंगे।
(iii) समुद्र स्तर में वृद्धि
द्वीपों के जलमग्न होने से प्राकृतिक आवास नष्ट हो सकते हैं और कई प्रजातियों को नए स्थानों पर जाना पड़ सकता है।
निष्कर्ष: इन तीनों कारणों से सुंदरवन की जैव विविधता और पारिस्थितिक संतुलन को गंभीर नुकसान हो सकता है।
31. पूर्वी हिमालय की तलहटी के दलदली घासस्थल में पाए जाने वाले विलुप्तप्राय स्तनधारी की जनसंख्या बढ़ाने के लिए कौन-से संरक्षणात्मक कार्य किए गए हैं? नदी के पारिस्थितिकी तंत्र में जैव विविधता की भूमिका बताइए।
उत्तर:
पूर्वी हिमालय की तलहटी के दलदली घासस्थलों में एक-सींग वाले गैंडे जैसे संकटग्रस्त स्तनधारियों के संरक्षण के लिए प्राकृतिक आवास की रक्षा, शिकार पर रोक, संरक्षित क्षेत्रों की स्थापना और वन्यजीवों की निगरानी जैसे उपाय किए जाते हैं।
नदी के पारिस्थितिकी तंत्र में जैव विविधता की भूमिका
नदी में विभिन्न प्रकार के पौधे, मछलियाँ, सूक्ष्मजीव और अन्य जीव खाद्य श्रृंखला एवं पोषक चक्र को बनाए रखते हैं। ये जीव जैविक पदार्थों के अपघटन, पोषक तत्वों के पुनर्चक्रण और ऊर्जा प्रवाह में सहायता करते हैं।
इस प्रकार जैव विविधता नदी के पारिस्थितिक संतुलन और जल-तंत्र की स्थिरता के लिए आवश्यक है।
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