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. ईसप की कथा
(Q) शेर और मच्छर की कहानी का विस्तार से वर्णन :
. शेर और मच्छर कहानी में शेर का परिचय :
बहुत समय पहले की बात है। एक घने और हरे-भरे जंगल में एक शेर रहता था। वह जंगल का राजा माना जाता था, लेकिन उसका स्वभाव बहुत ही क्रूर, घमंडी और निर्दयी था। वह अपनी ताकत के घमंड में चूर रहता था और किसी भी जानवर को बिना कारण परेशान करता था।
शेर को यह लगता था कि वह सबसे शक्तिशाली है, इसलिए उसे किसी से डरने की जरूरत नहीं है। वह जब चाहे, जिस जानवर को चाहे, मारकर खा जाता था। उसे दूसरों के दुख या दर्द की कोई चिंता नहीं थी।
जंगल के सभी जानवर उससे बहुत डरते थे। हिरन, खरगोश, लोमड़ी, बंदर, हाथी—सब उसके आतंक में जी रहे थे। कोई भी जानवर खुलकर जंगल में घूम नहीं पाता था। हर समय उनके मन में डर बना रहता था कि कहीं शेर उन्हें देख न ले।
शेर के इस व्यवहार से पूरा जंगल दुखी और परेशान हो गया था। सभी जानवर चाहते थे कि उन्हें इस अत्याचार से छुटकारा मिले।
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. शेर और मच्छर कहानी में सभी जानवरों ने सभा बैठाई :
एक दिन सभी जानवरों ने मिलकर एक गुप्त सभा बुलाई। यह सभा जंगल के एक शांत और सुरक्षित स्थान पर रखी गई, ताकि शेर को इसकी खबर न हो सके।
सभा में सभी जानवर बहुत चिंतित थे। हर कोई अपनी समस्या बता रहा था। कोई कहता—“हम अब इस जंगल में नहीं रह सकते।” कोई कहता—“हमें किसी और जगह चले जाना चाहिए।”
कुछ जानवरों ने यह भी कहा कि हमें मिलकर शेर से लड़ना चाहिए, लेकिन फिर सभी को याद आया कि शेर बहुत ताकतवर है। उससे लड़ना आसान नहीं है।
काफी देर तक विचार-विमर्श होता रहा, लेकिन कोई भी सही समाधान नहीं निकल पाया। सभी जानवर निराश हो गए और सोचने लगे कि अब उनका जीवन इसी डर में बीतेगा।
. शेर और मच्छर कहानी में मच्छर ने कहा – शेर को मैं सबक सिखाऊँगा :
तभी अचानक सभा में भिन्-भिन् की आवाज सुनाई दी। सभी जानवर इधर-उधर देखने लगे। एक छोटा-सा मच्छर उड़ता हुआ उनके बीच आ गया।
मच्छर ने आत्मविश्वास के साथ कहा —
“आप लोग चिंता मत कीजिए। मैं उस घमंडी शेर को सबक सिखाऊँगा।”
यह सुनकर सभी जानवर जोर-जोर से हँसने लगे। उन्हें विश्वास नहीं हो रहा था कि इतना छोटा-सा मच्छर उस ताकतवर शेर का सामना कर सकता है।
लेकिन मच्छर ने हिम्मत नहीं हारी। उसने फिर से कहा —
“आप लोग मुझ पर भरोसा कीजिए। मैं सात दिन के अंदर शेर को इस जंगल से भगा दूँगा।”
मच्छर की बातों में आत्मविश्वास था। कुछ जानवरों को उसकी बातों पर विश्वास होने लगा। उन्होंने सोचा—“क्यों न इसे एक मौका दिया जाए?”
इस तरह मच्छर ने शेर को सबक सिखाने का निश्चय कर लिया।
. शेर और मच्छर कहानी में मच्छर की योजना :
मच्छर बहुत छोटा जरूर था, लेकिन वह बहुत चालाक और बुद्धिमान था। उसने सोचा कि वह अपनी ताकत से नहीं, बल्कि अपनी चतुराई और फुर्ती से शेर को हराएगा।
उसने यह योजना बनाई कि वह शेर को सीधे लड़कर नहीं हराएगा, बल्कि उसे इतना परेशान करेगा कि वह खुद ही हार मान जाए।
मच्छर जानता था कि शेर बड़ा है, लेकिन उसकी एक कमजोरी भी है—वह छोटे-छोटे जीवों से जल्दी परेशान हो जाता है।
यही सोचकर मच्छर ने अपनी योजना पर काम शुरू किया।
. शेर और मच्छर कहानी में शेर मच्छर से परेशान होकर भाग जाता है :
अगले दिन शेर एक पेड़ के नीचे आराम कर रहा था। वह गहरी नींद में था। तभी मच्छर धीरे से उसके पास पहुँचा।
मच्छर ने शेर के कान के पास जाकर जोर-जोर से भिन्-भिन् करना शुरू कर दिया। शेर की नींद खुल गई और वह बहुत गुस्से में आ गया।
उसने मच्छर को मारने के लिए जोर से पंजा मारा, लेकिन मच्छर फुर्ती से उड़ गया। शेर का पंजा उसके अपने ही कान पर लग गया, जिससे उसे दर्द हुआ।
मच्छर बार-बार आकर उसे परेशान करने लगा। कभी वह उसकी गर्दन पर बैठ जाता, कभी उसकी पीठ पर, तो कभी फिर से कान में आवाज करने लगता।
शेर हर बार उसे पकड़ने की कोशिश करता, लेकिन हर बार मच्छर बच निकलता। इस चक्कर में शेर खुद को ही चोट पहुँचाने लगा।
धीरे-धीरे शेर बहुत थक गया। उसका शरीर घायल हो गया था। वह गुस्से और परेशानी से परेशान हो चुका था।
तीन दिन तक लगातार मच्छर उसे परेशान करता रहा। अब शेर को समझ में आ गया कि वह इस छोटे-से मच्छर से नहीं जीत सकता।
आखिरकार, शेर ने हार मान ली और डरकर जंगल छोड़कर भाग गया।
. शेर और मच्छर कहानी में सभी जानवर खुश हो गए :
अगले दिन मच्छर ने जंगल के सभी जानवरों को यह खुशखबरी दी कि शेर अब जंगल छोड़कर चला गया है।
यह सुनते ही सभी जानवर खुशी से झूम उठे। वे बहुत खुश थे कि अब उन्हें डर के बिना जीने का मौका मिलेगा।
लोमड़ी ने हँसते हुए कहा —
“वाह मच्छर! तुमने तो कमाल कर दिया। तुमने सात दिन का समय लिया था, लेकिन तीन दिन में ही जीत हासिल कर ली।”
सभी जानवरों ने मच्छर की तारीफ की और उसकी बहादुरी की सराहना की। वे नाचने लगे, गाने लगे और तालियाँ बजाने लगे।
अब जंगल में फिर से शांति और खुशी लौट आई थी। सभी जानवर बिना डर के रहने लगे और अपने जीवन का आनंद लेने लगे।
. कहानी से मिलने वाली शिक्षा :
इस कहानी से हमें कई महत्वपूर्ण शिक्षाएँ मिलती हैं—
कभी भी किसी को छोटा या कमजोर नहीं समझना चाहिए।
छोटा-सा मच्छर भी बड़े शेर को हरा सकता है।अहंकार और घमंड का अंत हमेशा बुरा होता है।
शेर अपने घमंड के कारण हार गया।बुद्धि और चतुराई ताकत से ज्यादा महत्वपूर्ण होती है।
मच्छर ने अपनी बुद्धि से शेर को हराया।हिम्मत और आत्मविश्वास से बड़ी से बड़ी समस्या को हल किया जा सकता है।
. निष्कर्ष :
“शेर और मच्छर” एक बहुत ही शिक्षाप्रद और रोचक कहानी है। यह हमें सिखाती है कि हमें कभी भी अपने आप पर घमंड नहीं करना चाहिए और न ही किसी को कमजोर समझना चाहिए।
यदि हम बुद्धि, साहस और धैर्य के साथ काम करें, तो हम जीवन की किसी भी कठिनाई को पार कर सकते हैं।
. शेर और मच्छर कहानी का question /ans
१. जंगल के जानवर शेर से क्यों परेशान थे ?
उत्तर :जिसे वह चाहता, उसे मारकर खा जाता। उसके मन में जरा भी दया नहीं थी।
२. जंगल के जानवरों ने गुपचुप सभा क्यों की ?
उत्तर :एक दिन सभी जानवरों ने जंगल में गुपचुप एक सभा की। सभी जानवर सोच रहे थे। इस अत्याचारी शेर से कैसे छुटकारा पाया जाए ?
३. मच्छर का नाम क्या था?
उत्तर : मच्छर का नाम भिन्-भिन् था।
४. शेर जंगल से क्यों भाग गया ?
उत्तर : मच्छर कभी उसको गरदन पर बैठता, तो कभी उसकी पीठ पर। कभी फिर से कान में भिन्- भिन् करने लगता। जहाँ भी मच्छर बैठता, शेर यहीं अपना पंजा मारता। उसने पंने मार-मारकर अपना शरीर लहूलुहान कर लिया। लेकिन जरा सा मच्छर काबू में नाहीं आया। मौका पाते ही वह फिर से कान में भिन्-भिन् करने लगता। आखिर शेर इतना परेशान हुआ कि वह तीसरे दिन ही भाग खड़ा हुआ।
.शेर और मच्छर कहानी का importance question:
उत्तर :जंगल के सभी जानवर शेर से परेशान थे ,क्यू कि वो सबको मर कर खा जाता था।
उत्तर :मच्छर ने कहा मैं शेर को सबक सिखाऊंगा।
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