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Toggle९ साधारण यंत्र समूह
परिचय
हम अपने दैनिक जीवन में ऐसे कई उपकरणों का उपयोग करते हैं जो कठिन कार्यों को आसान बना देते हैं। जैसे – कैंची, चाकू, हथौड़ा, पहिया, पुली, स्क्रू, रैंप आदि। इन सभी को साधारण यंत्र (Simple Machines) कहा जाता है।
साधारण यंत्र वे उपकरण हैं जो कम बल लगाकर अधिक कार्य करने में हमारी सहायता करते हैं। ये हमारे समय और श्रम दोनों की बचत करते हैं।
1. साधारण यंत्र (Simple Machine) क्या है?
परिभाषा:
जो उपकरण कम बल लगाकर अधिक कार्य करने में सहायता करे, उसे साधारण यंत्र कहते हैं।
उदाहरण
- कैंची
- चाकू
- कुल्हाड़ी
- हथौड़ा
- पहिया
- पुली
- स्क्रू
- सीढ़ी (ढलान)
2. साधारण यंत्रों की आवश्यकता
यदि साधारण यंत्र न होते तो—
- भारी सामान उठाना कठिन होता।
- कुएँ से पानी निकालना मुश्किल होता।
- लकड़ी काटना कठिन होता।
- वाहन चलाना कठिन होता।
- निर्माण कार्य बहुत कठिन हो जाता।
इसलिए साधारण यंत्र मनुष्य के जीवन को आसान बनाते हैं।
3. बल (Force)
किसी वस्तु को धक्का देना या खींचना बल कहलाता है।
उदाहरण
- दरवाजा खोलना
- गेंद फेंकना
- साइकिल चलाना
- रस्सी खींचना
4. कार्य (Work)
जब किसी वस्तु पर बल लगाकर उसे एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाया जाता है, तब कार्य (Work) होता है।
उदाहरण
- मेज उठाना
- बोरा खींचना
- पानी की बाल्टी उठाना
5. साधारण यंत्रों के प्रकार
मुख्य रूप से छः प्रकार के साधारण यंत्र होते हैं—
- उत्तोलक (Lever)
- पुली (Pulley)
- पहिया एवं धुरा (Wheel and Axle)
- ढलान (Inclined Plane)
- पेंच (Screw)
- कील या वेज (Wedge)
6. उत्तोलक (Lever)
उत्तोलक सबसे अधिक उपयोग होने वाला साधारण यंत्र है।
इसमें एक मजबूत डंडा किसी आधार (Fulcrum) पर टिका रहता है।
उत्तोलक के तीन भाग
- आधार (Fulcrum) – जहाँ डंडा टिका रहता है।
- भार (Load) – जिस वस्तु को उठाना है।
- प्रयास (Effort) – जो बल लगाया जाता है।
उत्तोलक के प्रकार
प्रथम प्रकार का उत्तोलक
आधार बीच में होता है।
उदाहरण
- झूला
- कैंची
- प्लास
द्वितीय प्रकार का उत्तोलक
भार बीच में होता है।
उदाहरण
- ठेला (Wheelbarrow)
- बोतल खोलने वाला उपकरण
तृतीय प्रकार का उत्तोलक
प्रयास बीच में होता है।
उदाहरण
- चिमटी
- मछली पकड़ने की छड़ी
- मानव का हाथ
7. पुली (Pulley)
पुली एक गोल पहिया होता है, जिसके ऊपर रस्सी चलती है।
इसका उपयोग भारी वस्तुएँ उठाने में किया जाता है।
उदाहरण
- कुएँ से पानी निकालना
- निर्माण कार्य में सामान उठाना
- क्रेन
पुली के लाभ
- कम बल लगता है।
- भारी वस्तु आसानी से उठ जाती है।
- दिशा बदलकर कार्य करना आसान हो जाता है।
8. पहिया एवं धुरा (Wheel and Axle)
पहिया और उसके बीच लगी धुरी मिलकर यह यंत्र बनाते हैं।
उदाहरण
- साइकिल
- कार
- बैलगाड़ी
- दरवाजे का हैंडल
- पानी का नल
लाभ
- गति बढ़ती है।
- घर्षण कम होता है।
- कम बल से वस्तु चलती है।
9. ढलान (Inclined Plane)
किसी ऊँचे स्थान तक सामान ले जाने के लिए तिरछी सतह बनाई जाती है।
इसे ढलान कहते हैं।
उदाहरण
- अस्पताल का रैंप
- ट्रक में सामान चढ़ाने का तख्ता
- पहाड़ी सड़क
लाभ
- कम बल से भारी वस्तु ऊपर पहुँच जाती है।
10. पेंच (Screw)
सर्पिल धागों (Threads) वाला यंत्र पेंच कहलाता है।
उदाहरण
- स्क्रू
- बल्ब का आधार
- बोतल का ढक्कन
उपयोग
- लकड़ी जोड़ना
- मशीन बनाना
- फर्नीचर बनाना
11. कील (Wedge)
दो ढलानों से मिलकर बना यंत्र कील कहलाता है।
यह काटने और चीरने के काम आता है।
उदाहरण
- चाकू
- कुल्हाड़ी
- छेनी
- सुई
लाभ
- कम बल से काटना आसान होता है।
12. घर्षण (Friction)
जब दो वस्तुएँ एक-दूसरे से रगड़ खाती हैं तो जो विरोधी बल उत्पन्न होता है, उसे घर्षण कहते हैं।
घर्षण के लाभ
- चलना संभव होता है।
- वाहन रुकते हैं।
- पेंसिल से लिख सकते हैं।
- दीवार पर कील टिकती है।
घर्षण की हानि
- मशीनें घिस जाती हैं।
- ऊष्मा उत्पन्न होती है।
- ऊर्जा की हानि होती है।
13. घर्षण कम करने के उपाय
- तेल लगाना
- ग्रीस लगाना
- बॉल बेयरिंग लगाना
- पहियों का उपयोग करना
14. दैनिक जीवन में साधारण यंत्र
| यंत्र | उपयोग |
|---|---|
| कैंची | कपड़ा काटना |
| कुल्हाड़ी | लकड़ी काटना |
| चाकू | सब्जी काटना |
| पुली | कुएँ से पानी निकालना |
| ठेला | सामान ढोना |
| स्क्रू | फर्नीचर जोड़ना |
| रैंप | सामान ऊपर ले जाना |
| पहिया | वाहन चलाना |
साधारण यंत्रों के लाभ
- कम बल लगता है।
- समय की बचत होती है।
- श्रम कम होता है।
- भारी वस्तुएँ आसानी से उठती हैं।
- कार्य जल्दी पूरा होता है।
- कार्य सुरक्षित बन जाता है।
याद रखने योग्य तथ्य
- साधारण यंत्र कार्य को आसान बनाते हैं।
- उत्तोलक के तीन भाग होते हैं— आधार, भार और प्रयास।
- पुली भारी वस्तु उठाने में सहायक है।
- पहिया एवं धुरा घर्षण कम करते हैं।
- ढलान कम बल से वस्तु ऊपर पहुँचाती है।
- पेंच सर्पिल धागों वाला यंत्र है।
- कील काटने और चीरने के लिए उपयोग होती है।
- घर्षण लाभदायक भी है और हानिकारक भी।
साधारण यंत्रों का सारांश
| यंत्र | मुख्य कार्य | उदाहरण |
|---|---|---|
| उत्तोलक | भार उठाना | कैंची, प्लास |
| पुली | भारी वस्तु उठाना | कुआँ, क्रेन |
| पहिया एवं धुरा | गति बढ़ाना | साइकिल, कार |
| ढलान | कम बल से ऊपर ले जाना | रैंप |
| पेंच | वस्तुएँ जोड़ना | स्क्रू |
| कील | काटना और चीरना | चाकू, कुल्हाड़ी |
निष्कर्ष
साधारण यंत्र मानव जीवन को सरल, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाते हैं। ये कम बल से अधिक कार्य करने में सहायता करते हैं, जिससे समय और श्रम दोनों की बचत होती है। घर, विद्यालय, खेत, कारखाने और निर्माण कार्य—हर जगह साधारण यंत्रों का महत्वपूर्ण उपयोग होता है। इसलिए इनके प्रकार, कार्य और उपयोग को समझना विज्ञान की दृष्टि से अत्यंत आवश्यक है।
भाग 1: साधारण यंत्र समूह -MCQ (बहुविकल्पीय प्रश्न)
नीचे दी गई वस्तुओं में से कौन साधारण यंत्र है?
a) सिलाई मशीन
b) स्क्रूड्राइवर
c) इलेक्ट्रिक कटिंग यंत्र
d) मुद्रण यंत्र
उत्तर: b) स्क्रूड्राइवरलीवर के किस प्रकार में बल और भार के बीच आलम्ब होता है?
a) प्रथम श्रेणी का लीवर
b) द्वितीय श्रेणी का लीवर
c) तृतीय श्रेणी का लीवर
d) कोई नहीं
उत्तर: a) प्रथम श्रेणी का लीवरस्क्रू की तुलना कील से अधिक सुविधाजनक क्यों होती है?
a) इसका आकार बड़ा है
b) इसका धुरीदार अंश और अवनत तल बल कम लगाता है
c) यह लकड़ी में फंसता नहीं
d) इसका रंग चमकीला होता है
उत्तर: b) इसका धुरीदार अंश और अवनत तल बल कम लगाता हैघिरनी का प्रयोग किसलिए किया जाता है?
a) पानी निकालने के लिए
b) बल की दिशा उलटने के लिए
c) वस्तु काटने के लिए
d) तेल लगाने के लिए
उत्तर: b) बल की दिशा उलटने के लिएनीचे में से कौन जटिल यंत्र है?
a) शावल
b) सिलाई मशीन
c) कलम
d) छेनी
उत्तर: b) सिलाई मशीन
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भाग 2: साधारण यंत्र समूह – Fill in the Blanks (रिक्त स्थान भरें)
सरल यंत्र वह है जिसमें एक ही स्थान पर ______ और दूसरे स्थान पर ______ होता है।
उत्तर: बल, कार्यलीवर के तीन घटक हैं – बल, भार और ______।
उत्तर: आलम्बस्क्रू में बल कम लगने का कारण है उसका ______।
उत्तर: अवनत तल (पिचदार अंश)अवनत तल वह है जिसमें कोई वस्तु ______ करके ऊपर चढ़ाई जाती है।
उत्तर: झुका हुआपिच बोर्ड से बनाए गए वृत्त को हम ______ और उसके केंद्र में पेंसिल या कलम को ______ कहते हैं।
उत्तर: पहिया, धुरी
भाग 3: साधारण यंत्र समूह –Short Questions (लघु प्रश्न)
सरल यंत्र क्या है?
उत्तर: सरल यंत्र वह यंत्र है जिसमें बल लगाने पर कार्य आसानी से किया जा सके। उदाहरण: लीवर, शावल, स्क्रू।लीवर के कितने प्रकार होते हैं और उनका नाम बताइए।
उत्तर: तीन प्रकार:प्रथम श्रेणी का लीवर
द्वितीय श्रेणी का लीवर
तृतीय श्रेणी का लीवर
अवनत तल क्या है?
उत्तर: अवनत तल वह झुका हुआ या ढलान वाली सतह है जिस पर वस्तु को ऊपर चढ़ाना आसान होता है।
4.घिरनी (Pulley) का उपयोग क्यों किया जाता है?
उत्तर: घिरनी का उपयोग बल की दिशा बदलने और भारी वस्तु को आसानी से ऊपर उठाने के लिए किया जाता है।
5.स्क्रू और कील में क्या अंतर है?
उत्तर: स्क्रू में पिचदार अंश और अवनत तल होता है, इसलिए इसे कम बल लगाकर लकड़ी में घुसाया जा सकता है।
भाग 4:साधारण यंत्र समूह – Long Questions (दीर्घ प्रश्न)
लीवर के प्रकार और उनका कार्य समझाइए।
उत्तर:
लीवर तीन प्रकार के होते हैं:प्रथम श्रेणी का लीवर: आलम्ब बीच में, बल और भार अलग-अलग सिरों पर। उदाहरण: झूला।
द्वितीय श्रेणी का लीवर: भार बीच में, बल और आलम्ब अलग। उदाहरण: झूला ढोने वाला टोकरी।
तृतीय श्रेणी का लीवर: बल बीच में, आलम्ब और भार अलग। उदाहरण: लोहे की चिमटी।
साधारण यंत्र और जटिल यंत्र में अंतर समझाइए।
उत्तर:साधारण यंत्र: एक या दो भागों से बना होता है और बल लगाकर काम आसान होता है।
जटिल यंत्र: कई साधारण यंत्रों को मिलाकर बनाया जाता है, जैसे सिलाई मशीन, डिल मशीन, इलेक्ट्रिक कटिंग यंत्र।
अवनत तल और झुका तल का महत्व समझाइए।
उत्तर:
अवनत तल पर वस्तु को ऊपर उठाना आसान होता है। जैसे, ट्रक पर ड्रम चढ़ाने के लिए लकड़ी की पटरी झुका तल बनाती है। खड़ी सीढ़ी की तुलना में झुका हुआ रास्ता कम बल की जरूरत डालता है।घिरनी और पहिया-धुरी का प्रयोग कहाँ-कहाँ होता है?
उत्तर:पानी के कुएँ में बाल्टी उठाने के लिए
साइकिल में
गन्ना पीसने वाली मशीन
रेडियो या पंखे में
भाग 5: FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
Q1. सरल यंत्र क्यों महत्वपूर्ण हैं?
उत्तर: क्योंकि ये हमारे काम को आसान बनाते हैं और कम बल लगाकर अधिक कार्य करने में मदद करते हैं।
Q2. स्क्रू को कील से ज्यादा उपयोगी क्यों माना जाता है?
उत्तर: स्क्रू का पिचदार अंश और अवनत तल इसे लकड़ी में कम बल लगाकर घुसाने में मदद करता है।
Q3. लीवर में आलम्ब का क्या कार्य है?
उत्तर: आलम्ब वह बिंदु है जिसके चारों ओर लीवर घूमता है और यह बल और भार के बीच संतुलन बनाता है।
Q4. घिरनी और पहिया-धुरी के उदाहरण क्या हैं?
उत्तर:
घिरनी – कुएँ की बाल्टी, पंखा।
पहिया-धुरी – साइकिल, गाड़ी का पहिया।
Q5. यंत्रों की सफाई और रख-रखाव क्यों आवश्यक है?
उत्तर: ताकि यंत्र जल्दी खराब न हो, घर्षण कम रहे, जंग न लगे और यह लंबे समय तक कार्य करता रहे।
भाग 6: टेबल – सरल यंत्र और जटिल यंत्र
| सरल यंत्र | जटिल यंत्र |
|---|---|
| सूई | सिलाई मशीन |
| कलम | मुद्रण यंत्र (मैन्युअल अफसेट) |
| शावल | डिल मशीन |
| छेनी | इलेक्ट्रिक कटिंग यंत्र |
| चाकू, ब्लेड, कैची, आरा | भाईब्रेटिंग यंत्र |
| हल | ट्रैक्टर |
| पंखा | ड्रम चढ़ाने वाली मशीन |
| साइकिल | — |
notice : इस article को लिखने के लिए हमने west bengal sylabus के ” परिवेश और विज्ञान ” class -6 की पुस्तक का help लिए। हमारा उद्देश्य केवल छात्रों को शिक्षित करना है। Google से गुजारिश है हमारे post को रैंक करे और छात्रों को शिक्षित करने में हमारी मदद करे।





