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6.साम्राज्य विस्तार और शासन by educatedindia
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Table of Contents

साम्राज्य विस्तार और शासन

प्राचीन भारत के महत्वपूर्ण राजवंश: मौर्य, कुषाण और गुप्त काल

भारत के इतिहास में मौर्य, कुषाण और गुप्त राजवंशों का अत्यधिक महत्व रहा है। इन राजवंशों की शासन व्यवस्था, संस्कृति, कला और मुद्राओं में कई समानताएँ और असमानताएँ देखने को मिलती हैं। आइए, इनसे जुड़े कुछ महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर विस्तार से जानते हैं।


1. साम्राज्य विस्तार और शासन का सही (✔) और गलत (X) वाक्य

1.1 सेल्यूकस और चन्द्रगुप्त मौर्य के बीच हमेशा शत्रुता थी।(गलत)
👉 सही उत्तर: चन्द्रगुप्त मौर्य ने सेल्यूकस निकेटर को हराया और उसके साथ संधि की, जिससे सेल्यूकस ने अपनी पुत्री का विवाह चन्द्रगुप्त मौर्य से किया तथा उसे अपने कुछ प्रदेश भी सौंप दिए।

1.2 मौर्य शासन काल में महिलाओं को भी महामात्य का दायित्व मिलता था।(सही)
👉 सही उत्तर: मौर्य काल में महिलाओं को भी प्रशासनिक पद दिए जाते थे। अशोक के शासन में कुछ महिलाएँ महामात्य के पद पर थीं।

1.3 कुषाण इस देश के ही नागरिक थे।(गलत)
👉 सही उत्तर: कुषाण वंश की उत्पत्ति मध्य एशिया से हुई थी और बाद में उन्होंने भारत के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में अपना साम्राज्य स्थापित किया।

1.4 चन्द्रगुप्त प्रथम गुप्ताब्द गिनने आरम्भ किए। (सही)
👉 सही उत्तर: गुप्त साम्राज्य के संस्थापक चन्द्रगुप्त प्रथम ने गुप्त संवत की शुरुआत की, जो उनके शासनकाल की शुरुआत को दर्शाता है।


2.साम्राज्य विस्तार और शासन का उपयुक्त व्याख्या चुनें

2.1अशोक ने अपने साम्राज्य में पशु हत्या को बन्द किया था।

Amazon Product Image👉 सही व्याख्या: धम्म का अनुसरण करने के लिए।

2.2 कुषाण सम्राट अपनी मूर्ति देवालयों में रखते थे।
👉 सही व्याख्या: वे प्रजा के सामने स्वयं को देवता जैसा ही सम्मानीय के रूप में उपस्थित करते थे।

2.3 गुप्त सम्राट बड़ी-बड़ी उपाधियाँ लेते थे।
👉 सही व्याख्या: सम्राट इसके जरिए अपनी विशाल क्षमता का प्रदर्शन करते थे।

2.4 सुवान जांग चीन से भारतीय उपमहादेश में आए थे।                                                 BUY NOW !                     

👉 सही व्याख्या: हर्षवर्धन के शासन के विषय में पुस्तक लिखने के लिए।


3.साम्राज्य विस्तार और शासन का अपनी भाषा में उत्तर

3.1 कलिंग युद्ध के परिणाम के साथ अशोक का धम्म से क्या सम्बंध था? धम्म उसके शासन को कितना प्रभावित किया था?

उत्तर :👉 कलिंग युद्ध में हुई भयानक हिंसा और जनहानि से अशोक को गहरा दुख हुआ। इसके बाद उन्होंने अहिंसा और बौद्ध धर्म को अपनाया, जिसे उन्होंने “धम्म” कहा। धम्म नीति के अंतर्गत उन्होंने युद्ध न करने, प्रजा की भलाई करने, धार्मिक सहिष्णुता, और नैतिक जीवन जीने पर जोर दिया।

3.2 मौर्य सम्राट गुप्तचर की नियुक्ति क्यों करते थे?

उत्तर :👉 मौर्य सम्राट अपने साम्राज्य की सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए गुप्तचरों की नियुक्ति करते थे। ये गुप्तचर राज्य के विभिन्न भागों में घूमकर राजा को जानकारी देते थे, जिससे विद्रोह और षड्यंत्रों को रोका जा सकता था।

3.3 मौर्य सम्राट और गुप्त सम्राट के मध्य क्षमता और मर्यादा की तुलना कीजिए।

उत्तर :👉 मौर्य सम्राटों का शासन अधिक केंद्रीकृत था, जिसमें राजा के पास असीमित शक्ति थी, जबकि गुप्त सम्राटों का शासन अपेक्षाकृत विकेंद्रीकृत था, जहाँ स्थानीय प्रशासकों को अधिक अधिकार मिले हुए थे। मौर्य सम्राटों का प्रशासन सख्त और संगठित था, जबकि गुप्त काल में शास्त्र, कला और विज्ञान में अधिक विकास हुआ।


4.मौर्य, कुषाण और गुप्त काल के मुद्राओं की तुलना करने पर क्या-क्या समानता असमानता देखने को मिलेगा।

उत्तर :-साम्राज्य विस्तार और शासन का मौर्य, कुषाण और गुप्त काल के मुद्राओं की तुलना

मुद्राएँ किसी भी साम्राज्य की आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक स्थिति को दर्शाती हैं। मौर्य, कुषाण और गुप्त काल की मुद्राओं में कई समानताएँ और असमानताएँ देखी जा सकती हैं।

विशेषतामौर्य काल की मुद्राएँकुषाण काल की मुद्राएँगुप्त काल की मुद्राएँ
धातुचाँदी, ताँबा, सीसास्वर्ण, ताँबा, चाँदीस्वर्ण, ताँबा, चाँदी
प्रमुख चित्रपशु, वृक्ष, धार्मिक चिन्हसम्राटों की आकृतियाँ, बौद्ध धर्म से जुड़े चिन्हदेवताओं की आकृतियाँ, सम्राटों के चित्र
लिपिब्राह्मीखरोष्ठी, ग्रीक, ब्राह्मीब्राह्मी
विषय-वस्तुराज्य के प्रतीक, व्यापारिक चिह्नराजा की छवि, धार्मिक चिह्नहिंदू देवी-देवताओं की आकृतियाँ

👉 समानताएँ:

  • तीनों राजवंशों की मुद्राएँ व्यापार और अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण संकेतक थीं।
  • मुद्राओं में राजा की पहचान, शासनकाल और धार्मिक प्रतीक अंकित किए गए थे।
  • ताँबा, चाँदी और स्वर्ण जैसी धातुओं का उपयोग किया गया।

👉 असमानताएँ:

  • मौर्य मुद्राएँ बिना उकेरे गए (Punch-marked) सिक्कों के रूप में थीं, जबकि कुषाण और गुप्त काल में सिक्कों पर उकेरी गई चित्रकारी देखने को मिलती है।
  • कुषाण काल में विदेशी प्रभाव अधिक था, इसलिए उनकी मुद्राओं पर ग्रीक और खरोष्ठी लिपि भी देखी जाती है।
  • गुप्त काल की मुद्राओं में हिंदू देवी-देवताओं का अधिक प्रभाव दिखता है, जबकि मौर्य और कुषाण मुद्राओं में बौद्ध और विदेशी प्रभाव प्रमुख था।

6.1 साम्राज्य क्या है? सम्राट कौन होता है?

साम्राज्य एक बहुत बड़ा राज्य होता है, जिसमें अनेक छोटे-बड़े राज्य शामिल होते हैं।

सम्राट वह शासक होता है जो कई राज्यों पर शासन करता है। इसलिए उसे “राजाओं का राजा” भी कहा जाता है।

उदाहरण:

  • एक राज्य का शासक = राजा
  • अनेक राज्यों के विशाल क्षेत्र का शासक = सम्राट

साम्राज्य सामान्यतः युद्धों और विजय अभियानों द्वारा बनते थे।


भारतीय उपमहाद्वीप का प्रथम साम्राज्य

ईसा पूर्व छठी शताब्दी में भारत में 16 महाजनपद थे।

इनमें से मगध सबसे शक्तिशाली बन गया।

मगध में तीन प्रमुख राजवंशों ने शासन किया—

  1. हर्यक वंश
  2. शिशुनाग वंश
  3. नंद वंश

इन्हीं के बाद मौर्य साम्राज्य की स्थापना हुई।


अलेक्जेंडर (सिकंदर) का आक्रमण

कब आया?

327-326 ईसा पूर्व

कहाँ से आया?

यूनान (ग्रीस) से

उसने क्या किया?

  • हिंदूकुश पर्वत पार करके भारत आया।
  • पंजाब क्षेत्र तक पहुँचा।
  • राजा पुरु (पोरस) से युद्ध किया।

हालाँकि वह आगे गंगा घाटी तक नहीं पहुँच सका।

प्रभाव

सिकंदर के आक्रमण के बाद उत्तर-पश्चिम भारत की छोटी शक्तियाँ कमजोर हो गईं।

इससे बाद में चंद्रगुप्त मौर्य को साम्राज्य बनाने में सहायता मिली।


चंद्रगुप्त मौर्य

मौर्य साम्राज्य का संस्थापक

चंद्रगुप्त मौर्य ने लगभग 325 ईसा पूर्व में मौर्य साम्राज्य की स्थापना की।

चाणक्य का योगदान

चाणक्य (कौटिल्य) ने चंद्रगुप्त की सहायता की।

दोनों ने मिलकर नंद वंश के अंतिम राजा धनानंद को पराजित किया।


सेल्यूकस से युद्ध

सिकंदर की मृत्यु के बाद उसके सेनापति सेल्यूकस निकेटर ने उत्तर-पश्चिम भारत पर शासन किया।

चंद्रगुप्त ने उससे युद्ध किया।

बाद में दोनों में संधि हुई।


अर्थशास्त्र

लेखक

कौटिल्य (चाणक्य)

महत्व

यह पुस्तक बताती है—

  • राजा को कैसे शासन करना चाहिए
  • कर कैसे वसूले जाएँ
  • सेना कैसे रखी जाए
  • प्रशासन कैसे चलाया जाए

यह प्राचीन भारत की सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक पुस्तक मानी जाती है।


बिंदुसार

चंद्रगुप्त के बाद उसका पुत्र बिंदुसार राजा बना।

उसने लगभग 300 ईसा पूर्व से 273 ईसा पूर्व तक शासन किया।

उसके समय साम्राज्य का अधिक विस्तार नहीं हुआ।


सम्राट अशोक

शासनकाल

लगभग 273 ईसा पूर्व से 232 ईसा पूर्व

मौर्य साम्राज्य का सबसे महान शासक

अशोक के शासनकाल में मौर्य साम्राज्य सबसे अधिक विशाल बना।


कलिंग युद्ध

कब?

लगभग 261 ईसा पूर्व

परिणाम

युद्ध में लाखों लोग मारे गए।

यह देखकर अशोक को बहुत दुख हुआ।

उसने युद्ध और हिंसा छोड़ दी।


अशोक और बौद्ध धर्म

कलिंग युद्ध के बाद—

  • अशोक ने बौद्ध धर्म अपनाया।
  • शांति का संदेश फैलाया।
  • पशु हत्या कम करने का प्रयास किया।
  • जनता के कल्याण के कार्य किए।

अशोक का धम्म

धम्म का अर्थ केवल धर्म नहीं था।

यह लोगों को अच्छे आचरण की शिक्षा देने की नीति थी।

धम्म के मुख्य सिद्धांत

✔ सत्य बोलना

✔ दया करना

✔ अहिंसा

✔ माता-पिता का सम्मान

✔ सभी धर्मों का आदर

✔ पशु-पक्षियों की रक्षा


मौर्य प्रशासन

1. सम्राट

सबसे ऊँचा अधिकारी।

उसकी आज्ञा अंतिम मानी जाती थी।


2. अमात्य

राजकीय अधिकारी।

ये प्रशासन चलाने में सहायता करते थे।


3. महामात्र

अशोक के समय के उच्च अधिकारी।

इनका काम था—

  • जनता की समस्याएँ सुनना
  • प्रशासन की देखभाल
  • धम्म का प्रचार

4. मंत्री परिषद

राजा को सलाह देती थी।

लेकिन अंतिम निर्णय सम्राट का होता था।


मौर्य सेना

मौर्य सेना बहुत बड़ी थी।

इसमें शामिल थे—

  • पैदल सैनिक
  • घुड़सवार
  • हाथी सेना
  • रथ सेना
  • नौसेना

गुप्तचर व्यवस्था

मौर्य शासकों ने गुप्तचरों का जाल बिछाया था।

वे—

  • अधिकारियों पर नजर रखते थे
  • शत्रुओं की जानकारी लाते थे
  • साम्राज्य की खबरें सम्राट तक पहुँचाते थे

कर व्यवस्था

मौर्य शासन की आय का मुख्य स्रोत कर था।

कर के प्रमुख स्रोत

  • कृषि
  • व्यापार
  • उद्योग
  • कारीगर

किसानों को अपनी उपज का एक भाग कर के रूप में देना पड़ता था।


मेगस्थनीज

कौन था?

यूनानी राजदूत

पुस्तक

इंडिका

इसमें उसने पाटलिपुत्र और मौर्य शासन का वर्णन किया।

हालाँकि उसमें कुछ गलतियाँ भी थीं।


मौर्य साम्राज्य का पतन

अशोक की मृत्यु के बाद—

  • कमजोर शासक आए
  • प्रांत स्वतंत्र होने लगे
  • साम्राज्य कमजोर हुआ

अंततः 185 ईसा पूर्व में अंतिम मौर्य शासक बृहद्रथ की हत्या कर दी गई।


शुंग वंश

संस्थापक

पुष्यमित्र शुंग

उसने मौर्य वंश का अंत किया।


कुषाण साम्राज्य

कुषाण कौन थे?

मध्य एशिया से आए यायावर लोग।

उन्होंने उत्तर-पश्चिम भारत में शासन स्थापित किया।


कनिष्क

कुषाण वंश का सबसे महान शासक।

उपलब्धियाँ

  • 78 ईस्वी में शासन शुरू किया।
  • शक संवत की शुरुआत हुई।
  • बौद्ध धर्म का संरक्षण किया।
  • चौथी बौद्ध संगीति आयोजित की।

राजधानी

पुरुषपुर (वर्तमान पेशावर)


परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण प्रश्न

अति लघु प्रश्न

  1. मौर्य साम्राज्य का संस्थापक कौन था?
    → चंद्रगुप्त मौर्य
  2. अर्थशास्त्र किसने लिखा?
    → कौटिल्य (चाणक्य)
  3. कलिंग युद्ध किसने लड़ा?
    → सम्राट अशोक
  4. अशोक की राजधानी क्या थी?
    → पाटलिपुत्र
  5. कनिष्क किस वंश का शासक था?
    → कुषाण वंश

लघु प्रश्न

  1. साम्राज्य और राज्य में अंतर लिखिए।
  2. चंद्रगुप्त मौर्य की उपलब्धियाँ लिखिए।
  3. कलिंग युद्ध का अशोक पर क्या प्रभाव पड़ा?
  4. अशोक के धम्म के मुख्य सिद्धांत लिखिए।
  5. मौर्य प्रशासन की विशेषताएँ बताइए।

याद रखने योग्य तथ्य

✅ भारत का प्रथम विशाल साम्राज्य = मौर्य साम्राज्य

✅ प्रथम सम्राट = चंद्रगुप्त मौर्य

✅ महानतम मौर्य शासक = अशोक

✅ अशोक का प्रतीक = सारनाथ का सिंह स्तंभ

✅ अर्थशास्त्र = कौटिल्य की पुस्तक

✅ इंडिका = मेगस्थनीज की पुस्तक

✅ शक संवत की शुरुआत = कनिष्क (78 ईस्वी)

notice : इस article लिखने के लिए हमने west bengal sylabus के अतीत और परम्परा class -6 की  पुस्तक का help लिए। हमारा उद्देश्य केवल छात्रों को शिक्षित करना है। Google से गुजारिश है हमारे post को रैंक करे और छात्रों को शिक्षित करने में हमारी मदद करे।

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