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सचमुच सोना
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सचमुच सोना

लोक कथा

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सचमुच सोना” एक बहुत ही सुंदर और प्रेरणादायक लोककथा है। इस कहानी में हमें मेहनत, बुद्धिमानी और जीवन के सच्चे मूल्यों के बारे में सीख मिलती है। कहानी बताती है कि मेहनत करने से ही जीवन में सफलता और सुख मिलता है। जो व्यक्ति आलसी होता है, वह जीवन में कुछ प्राप्त नहीं कर पाता, लेकिन जब वही व्यक्ति मेहनत करना सीख लेता है तो उसकी जिंदगी बदल जाती है।

कहानी की शुरुआत एक किसान से होती है। वह किसान बहुत मेहनती और समझदार व्यक्ति था। उसने अपने जीवन में बहुत मेहनत करके खेती की और अपने परिवार का पालन-पोषण किया। लेकिन एक समय ऐसा आया जब वह गंभीर रूप से बीमार पड़ गया। उसकी बीमारी इतनी बढ़ गई कि उसे यह समझ आ गया कि अब उसके जीवन के दिन बहुत कम बचे हैं।

सचमुच सोनाउस किसान का एक ही बेटा था। किसान अपने बेटे को बहुत प्यार करता था, लेकिन उसे अपने बेटे की एक आदत की चिंता भी थी। उसका बेटा बहुत आलसी था। वह काम करने से हमेशा बचता था और आराम से जीवन बिताना चाहता था। किसान को डर था कि अगर उसका बेटा ऐसे ही आलसी बना रहा तो भविष्य में उसे बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।

इसी चिंता के कारण किसान ने मरने से पहले अपने बेटे को अपने पास बुलाया। उसने प्यार से बेटे से कहा कि अब उसके जीवन के दिन पूरे हो चुके हैं और वह जाने से पहले एक जरूरी बात बताना चाहता है। किसान का बेटा अपने पिता की बात ध्यान से सुनने लगा।

लेकिन उस बेटे के मन में एक अलग ही विचार चल रहा था। उसे धन और सोने का बहुत लालच था। उसे लगता था कि उसके पिता ने जरूर कहीं बहुत सारा सोना छिपाकर रखा होगा। इसलिए उसने तुरंत अपने पिता से पूछा कि वह सोना कहाँ छिपा है।

किसान ने अपने बेटे की बात सुनी और मुस्कुराते हुए कहा कि उनका सारा सोना खेत में गड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि जब वह मर जाएँ, तब बेटा खेत को खोदकर उस सोने को निकाल सकता है। यह बात कहकर किसान ने हमेशा के लिए अपनी आँखें बंद कर लीं।

पिता की यह बात सुनकर बेटे की आँखों में लालच चमकने लगा। उसे विश्वास हो गया कि उसके खेत में सचमुच सोना छिपा हुआ है। वह बहुत खुश हो गया और उसने यह बात अपनी पत्नी को बताई।

बेटे की पत्नी बहुत बुद्धिमान और समझदार थी। उसने अपने पति से कहा कि अगर खेत में सोना गड़ा है तो उसे खोजने के लिए पूरी जमीन खोदनी पड़ेगी। तभी पता चल सकेगा कि सोना कहाँ है।

सचमुच सोना ,class-3

लेकिन बेटा बहुत आलसी था। वह खेत खोदने के काम से बचना चाहता था। जब भी उसकी पत्नी सोना खोजने की बात करती, वह नाराज़ हो जाता और कहता कि इतनी मेहनत कौन करेगा।

तब उसकी पत्नी ने उसे समझाया कि अगर सचमुच सोना मिल गया तो उनका जीवन पूरी तरह बदल जाएगा। यह सुनकर बेटे के मन में फिर लालच जाग गया।

उसने सोचा कि अगर सच में खेत में सोना है तो उसे निकालना जरूरी है। इसलिए उसने दो मजदूरों को बुलाया और उन्हें खेत खोदने के काम पर लगा दिया।

लेकिन पत्नी ने फिर उसे एक अच्छी सलाह दी। उसने कहा कि अगर मजदूरों को सोना मिल गया तो वे उसे चुपचाप ले भी जा सकते हैं। इसलिए उसे भी उनके साथ जाकर काम करना चाहिए।

पत्नी की यह बात सुनकर बेटे को लगा कि यह सही कह रही है। इसलिए उसने भी एक कुदाल उठाई और मजदूरों के साथ खेत खोदने लगा।

पहले तो उसे काम करने में बहुत कठिनाई हुई, क्योंकि वह कभी मेहनत करने का आदी नहीं था। लेकिन सोने की आशा में वह लगातार काम करता रहा। धीरे-धीरे वह खेत की मिट्टी खोदने लगा और पूरे खेत को पलट दिया।

सुबह से शाम तक मेहनत करने के बाद भी उसे कहीं भी सोना नहीं मिला। पाँच बीघा खेत खोदने के बाद भी उसे सोने का एक छोटा सा टुकड़ा भी नहीं मिला।

अब वह बहुत निराश हो गया। उसने गुस्से में अपनी पत्नी से कहा कि उसके पिता ने उसे धोखा दिया है। खेत में कोई सोना नहीं है और उसने बेकार ही इतनी मेहनत कर ली।

लेकिन उसकी पत्नी ने मुस्कुराते हुए कहा कि भले ही सोना नहीं मिला, लेकिन खेत अब खेती के लिए पूरी तरह तैयार हो गया है।

उसने अपने पति से कहा कि अब बारिश आने वाली है और यह धान बोने का सही समय है। किसान के पिता भी हर साल इसी समय खेत में धान बोते थे और अच्छी फसल पाते थे।

पत्नी की यह बात सुनकर बेटे को लगा कि इसमें कोई बुराई नहीं है। इसलिए उसकी पत्नी बाजार से धान का अच्छा बीज खरीदकर ले आई।

अब वह आलसी बेटा रोज सुबह से शाम तक खेत में काम करने लगा। उसकी पत्नी भी उसका पूरा साथ देती थी। वह रोज उसके लिए खाना लेकर खेत में जाती और उसका उत्साह बढ़ाती।

कहानी से मिलने वाली शिक्षा

इस कहानी से हमें बहुत महत्वपूर्ण शिक्षा मिलती है।

  1. मेहनत ही सफलता की कुंजी है।

  2. आलस जीवन को खराब कर देता है।

  3. बुद्धिमानी और परिश्रम से जीवन बदल सकता है।

  4. कृषि और मेहनत करने वाले लोगों का जीवन सम्मान के योग्य होता है।

इस प्रकार “सचमुच सोना” कहानी हमें सिखाती है कि जीवन में मेहनत करने से ही सुख और समृद्धि मिलती है। असली धन सोना-चांदी नहीं, बल्कि मेहनत और लगन है।

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1. सचमुच सोना पाठ का Question /Ans

(1) किसान के परिवार में कौन-कौन थे ?

उत्तर:उसका बेटा और बहू । 

(2) किसान के बेटे का स्वभाव कैसा था ?

उत्तर: आलसी। 

(3)पिता की बात सुनकर उसकी  मन की दशा कैसी हो गई?

उत्तर: उसकी आंखें लालच से भर गई। 

(4)अपने बेटे को कौन सा बात बताए बिना किसान चला गया ?

उत्तर:यही कि सोना कहां गड़ा है। 

2. सचमुच सोना पाठ का question/ans

2/(१ ) किसान के बेटे ने सुबह से शाम तक कितनी जमीन खोदी थी ?

उत्तर:5 बीघा। 

(२)किसान की बेटे की पहले कमाई से कौन खुश हुआ?

उत्तर:उसकी पत्नी। 

(३) किन-किन चीजों से मिट्टी को दी जा सकती है?

उत्तर:सब्बल , हसिया ,कुल्हाड़ी आदि । 

(४)बूढ़ा  किसान  के  कितने  बेटे  थे ?

उत्तर : बूढ़ा  किसान  के  एक बेटा  था। 

(५ )बूढ़े किसान  को कैसी  बिमारी  लग गई  थी ?

उत्तर :किसान को गंभीर बीमारी लग गयी थी।

३. कोष्ठक से सही उत्तर चुनकर वाक्य लिखो

३.१. लड़के की दोनों आँखें लालच से ______ उठीं।
उत्तर: लड़के की दोनों आँखें लालच से चमक उठीं


३.२. किसान के बेटे को उसकी पत्नी बहुत ______ थी।
(सरल / चालाक / बुद्धिमती / बेवकूफ)
उत्तर: किसान के बेटे को उसकी पत्नी बहुत बुद्धिमती थी।


३.३. ‘यदि सोना मिला तो ______ भाग्य खुल जाएँगे।’
(हमारे / तुम्हारे / मेरा)
उत्तर: ‘यदि सोना मिला तो हमारे भाग्य खुल जाएँगे।’


३.४. किसान के बेटे ने फसल काटने के बाद उसे ______ में बेचा।
(कम पैसे / दुकान / हाट बाजार)
उत्तर: किसान के बेटे ने फसल काटने के बाद उसे हाट बाजार में बेचा।


४. शब्दों को छाँटकर तालिका में लिखो

प्रश्न: रेफ वाले शब्द और रकार वाले शब्द अलग करो

उत्तर: रेफ वाले शब्द: प्रयास, हर्ज, गर्व, वर्षा

रकार वाले शब्द: प्रति, क्रोधित


५. शुद्ध शब्द चुनकर लिखो

५.१. बुदे / बूढ़े
उत्तर: बूढ़े

५.२. आलसी / आलति
उत्तर: आलसी

५.३. रूपये / रुपये
उत्तर: रुपये

५.४. बुद्धि / बुधो
उत्तर: बुद्धि

५.५. आखे / आँखें
उत्तर: आँखें


६. बारहखड़ी के अनुसार शब्द सजाओ

उत्तर:
दल, दान, दिन, दीप, दूर, दुम, दुःख, दृढ़, देव, दौड़, दोपहर, दैत्य, दंभ


७. संक्षिप्त उत्तर लिखो

७.१. किसान के बेटे के मन में खेती करने की बात क्यों नहीं आती थी?
उत्तर: क्योंकि वह आलसी था और मेहनत से बचना चाहता था।


७.२. अंत में किसान का बेटा काम पर क्यों गया?
उत्तर: अपनी पत्नी की समझदारी और प्रेरणा के कारण वह काम पर गया।


७.३. बीज बोने का सही समय कौन सा बताया गया?
उत्तर: सही समय वर्षा (बरसात) का बताया गया।


७.४. बीज कहाँ से लाए और किसका बीज खरीदा?
उत्तर: उसने बाजार से बीज लाए और धान का बीज खरीदा।


७.५. कहानी का सबसे अच्छा पात्र कौन लगा?
उत्तर: किसान के बेटे की पत्नी सबसे अच्छी लगी क्योंकि वह बुद्धिमती थी।


८. अपने शब्दों में उत्तर दो

८.१. ‘वहीं तो बताऊँगा…’ किसने, किससे और क्यों कहा?
उत्तर: यह बात किसान के बेटे ने अपनी पत्नी से कही, क्योंकि वह उसे खेत पर बुलाकर कुछ दिखाना चाहता था।


८.२. पत्नी ने अपने पति की सहायता कैसे की?
उत्तर: पत्नी ने उसे मेहनत करने के लिए प्रेरित किया और सही मार्गदर्शन दिया।


८.३. ‘सचमुच सोना फला है खेतों में’ किसने कहा?
उत्तर: यह बात किसान के बेटे ने कही।
सोने की तुलना फसल (धान) से की गई है।
दोनों कीमती और उपयोगी होते हैं, इसलिए उनमें समानता है।


८.४. पत्नी खुश क्यों हुई?
उत्तर: क्योंकि अच्छी फसल हुई और उन्हें लाभ मिला।


८.५. दोनों को क्या पुरस्कार मिला?
उत्तर: उन्हें अपनी मेहनत और बुद्धि का फल मिला यानी अच्छी फसल और धन।


८.६. पत्नी की बुद्धिमानी कैसे दिखाई देती है?
उत्तर: उसने अपने पति को सही दिशा दी और मेहनत करने के लिए प्रेरित किया।


९. खाली स्थान भरो

९.१. पीतल की थाली भी सोने की तरह ______ है।
उत्तर: चमकती


९.२. पके धान की बालियाँ भी सोने जैसी ______ हैं।
उत्तर: कीमती


९.३. सोना ______ होता है।
उत्तर: खाँटी


९.४. चाँदी चमकदार है पर सोने से कम ______ है।
उत्तर: दमकती

सचमुच सोना पाठ का importance question

उत्तर :बूढ़े  किसान को गंभीर बीमारी लग गई  थी। 

उत्तर :किसान ने अपने एक मात्र  बेटे को   बुलाया। 

उत्तर :बूढ़े  किसान ने कहा सोना खेत में गड़ा  हैं। 

उत्तर :खेत फसल से भर गया। सचमुच फसल के  रूप में सोना उगा। 

notice:-सचमुच सोना एक लोककथा है । इस article  लिखने के लिए हमने west  bengal  sylabus  के पाठबहार  पुस्तक का help लिए। हमारा उद्देश्य केवल छात्रों को शिक्षित करना  है। Google से गुजारिश है हमारे post को रैंक करे और छात्रों को शिक्षित करने में  हमारी मदद करे। 

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