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ध्वनी - प्रदूषण by educatedindia
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ध्वनि-प्रदूषण

(Noise Pollution) – Class 6 Geography, West Bengal Board

ध्वनि-प्रदूषण — सरल नोट्स

ध्वनि-प्रदूषण क्या है?

जब आवाज बहुत तेज, कर्कश और परेशान करने वाली हो जाती है, तब उसे ध्वनि-प्रदूषण कहते हैं।

ऐसी आवाजें मनुष्य के शरीर और मन दोनों को नुकसान पहुँचाती हैं।


ध्वनि-प्रदूषण के मुख्य कारण

शहरों में

  • वाहनों के हॉर्न
  • बस, ट्रक, मोटरसाइकिल
  • लाउडस्पीकर
  • कारखानों की मशीनें
  • हवाई जहाज
  • जनरेटर
  • तेज आवाज में टीवी और संगीत

गाँवों में

  • लाउडस्पीकर
  • कृषि मशीनें
  • त्योहारों का शोर
  • ढोल-नगाड़े

ध्वनि की तीव्रता

ध्वनि की तीव्रता को डेसीबल (dB) में मापा जाता है।

मापक यंत्र:

डेसीबल मीटर


विभिन्न ध्वनियों की तीव्रता

ध्वनितीव्रता
कानों में फुसफुसाना20 dB
घर के अंदर की आवाज40 dB
सामान्य बातचीत65 dB
व्यस्त सड़क70 dB
लाउडस्पीकर80 dB
तेज संगीत90 dB
जेट विमान100 dB
बिजली कड़कना110 dB
सायरन130 dB

ध्वनि-प्रदूषण के दुष्परिणाम

1. सुनने की शक्ति कम होना

बहुत तेज आवाज से कान खराब हो सकते हैं।

2. अनिद्रा

नींद ठीक से नहीं आती।

3. चिड़चिड़ापन

मन अशांत और गुस्सैल हो जाता है।

4. एकाग्रता में कमी

पढ़ाई और काम में ध्यान नहीं लगता।

5. स्वास्थ्य समस्याएँ

  • उच्च रक्तचाप
  • हृदय रोग
  • सिरदर्द
  • तनाव

साइलेंस ज़ोन क्या है?

स्कूल, अस्पताल आदि के पास शांति बनाए रखने के लिए “Silence Zone” बनाया जाता है।

यहाँ हॉर्न बजाना मना होता है।

उदाहरण

World Health Organization भी अधिक शोर को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक मानती है।


ध्वनि-प्रदूषण रोकने के उपाय

घर में

  • टीवी और रेडियो धीमी आवाज में चलाएँ।
  • बिना जरूरत हॉर्न न बजाएँ।
  • मशीनों में तेल डालें।

बाहर

  • पेड़ लगाएँ।
  • कारखाने घरों से दूर बनाएँ।
  • लाउडस्पीकर का कम उपयोग करें।
  • साइलेंसर वाली गाड़ियों का प्रयोग करें।

व्यक्तिगत सुरक्षा

  • ईयर प्लग का उपयोग करें।
  • बहुत तेज आवाज से दूर रहें।

गाँव और शहर में ध्वनि-प्रदूषण का अंतर

गाँवशहर
शोर कम होता हैशोर अधिक होता है
वाहन कमवाहन अधिक
प्राकृतिक आवाजें अधिकमशीनों की आवाजें अधिक
शांत वातावरणकोलाहल अधिक

महत्वपूर्ण प्रश्न–उत्तर

प्रश्न: ध्वनि-प्रदूषण क्या है?

उत्तर: बहुत तेज और कर्कश आवाजों से होने वाला प्रदूषण ध्वनि-प्रदूषण कहलाता है।

प्रश्न: ध्वनि की तीव्रता किसमें मापी जाती है?

उत्तर: डेसीबल (dB) में।

प्रश्न: ध्वनि मापक यंत्र का नाम क्या है?

उत्तर: डेसीबल मीटर।

प्रश्न: ध्वनि-प्रदूषण से कौन-कौन सी समस्याएँ होती हैं?

उत्तर:

  • सुनने की क्षमता कम होना
  • अनिद्रा
  • तनाव
  • उच्च रक्तचाप

प्रश्न: ध्वनि-प्रदूषण कम करने के दो उपाय लिखो।

उत्तर:

  1. बिना कारण हॉर्न न बजाना
  2. पेड़ लगाना

🧠 ध्वनी – प्रदूषण का MCQ (बहुविकल्पीय प्रश्न)

प्रश्न 1: ध्वनि की तीव्रता की इकाई क्या होती है?

  • A. वाट
  • B. वोल्ट
  • C. डेसीबल ✅
  • D. जूल

प्रश्न 2: डेसीबल मीटर का प्रयोग किसके लिए किया जाता है?

  • A. तापमान मापने के लिए
  • B. ध्वनि तीव्रता मापने के लिए ✅
  • C. वायु गुणवत्ता मापने के लिए
  • D. जल गुणवत्ता मापने के लिए

प्रश्न 3: शहरी क्षेत्रों में ध्वनि प्रदूषण का मुख्य कारण क्या है?

    • A. खेतों की जुताई
    • B. पक्षियों की आवाज
    • C. वाहनों का शोर ✅
    • D. नदियों की धारा

✍️ Fill in the blanks (रिक्त स्थान भरें)

  1. ध्वनि की तीव्रता को _______ में मापा जाता है।
    ➡️ डेसीबल
  2. _______ मीटर से ध्वनि की तीव्रता मापी जाती है।
    ➡️ डेसीबल
  3. शहरों में _______ की अधिक आवाज से ध्वनि प्रदूषण होता है।
    ➡️ वाहनों
  4. कानों को सुरक्षित रखने के लिए _______ का उपयोग किया जा सकता है।
    ➡️ ईयर प्लग

✅ True/False (सही या गलत)

  1. स्कूल और अस्पताल के पास शोर मचाना चाहिए। ❌
  2. ध्वनि प्रदूषण से नींद में खलल पड़ सकता है। ✅
  3. रेडियो और टीवी की तेज आवाज से ध्वनि प्रदूषण नहीं होता। ❌
  4. ध्वनि प्रदूषण से मानसिक तनाव भी हो सकता है। ✅

📌 Short Questions (लघु उत्तरीय प्रश्न)

प्रश्न 1: ध्वनि प्रदूषण क्या है?

उत्तर: जब कोई आवाज़ इतनी तेज़ हो जाए कि वह सुनने में कष्टदायक लगे और हमारे स्वास्थ्य पर बुरा असर डाले, तो उसे ध्वनि प्रदूषण कहते हैं।

प्रश्न 2: ध्वनि की तीव्रता मापने की इकाई क्या है?

उत्तर: डेसीबल (dB)

प्रश्न 3: ध्वनि प्रदूषण के दो स्रोत लिखिए।

उत्तर: वाहनों का शोर, लाउडस्पीकर

प्रश्न 4: डेसीबल मीटर का प्रयोग क्यों किया जाता है?

उत्तर: ध्वनि की तीव्रता को मापने के लिए।

 

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📚 Long Questions (दीर्घ उत्तरीय प्रश्न)

प्रश्न 1: ध्वनि प्रदूषण क्या है? इसके कारण और प्रभाव लिखिए।

उत्तर: ध्वनि प्रदूषण वह स्थिति है जब किसी क्षेत्र में अनावश्यक और तीव्र आवाजें वातावरण को प्रदूषित करती हैं। यह कानों को कष्ट देने के साथ-साथ मानसिक और शारीरिक समस्याएँ भी उत्पन्न करती हैं।

कारण:

  • वाहनों का शोर
  • लाउडस्पीकर का तेज़ उपयोग
  • कल-कारखानों की आवाजें
  • तेज संगीत

प्रभाव:

  • सुनने की क्षमता कम होना
  • अनिद्रा और तनाव
  • उच्च रक्तचाप
  • पाचन और हृदय संबंधी समस्याएँ

प्रश्न 2: ध्वनि प्रदूषण को कम करने के उपाय लिखिए।ध्वनी - प्रदूषण by educatedindia

उत्तर:

  • हॉर्न का अनावश्यक प्रयोग न करें
  • स्कूल, अस्पताल के पास साइलेंस ज़ोन बनाए जाएं
  • घर में टी.वी., रेडियो धीमी आवाज़ में चलाएं
  • ईयरप्लग का प्रयोग करें
  • घर के चारों ओर पेड़ लगाएं
  • पुराने वाहनों की मरम्मत कराएं

प्रश्न 3: शहर और गाँव में ध्वनि प्रदूषण की स्थिति की तुलना कीजिए।

उत्तर:

बिंदुगाँवशहर
ध्वनि स्रोतबैलगाड़ी, खेत के उपकरणवाहन, कारखाने, लाउडस्पीकर
ध्वनि तीव्रताकमअधिक
शांतिअधिककम
प्रदूषण प्रभावकमअधिक

प्रश्न 4: डेसीबल मीटर क्या है? इसका प्रयोग कहाँ होता है?

उत्तर: डेसीबल मीटर एक यंत्र है जो ध्वनि की तीव्रता को मापता है। इसका उपयोग स्कूल, अस्पताल, कल-कारखानों, और सार्वजनिक स्थानों पर ध्वनि स्तर को मापने के लिए किया जाता है।

 

notice : इस article लिखने के लिए हमने west bengal sylabus के हमारी पृथ्वी  , class -6 की  पुस्तक का help लिए। हमारा उद्देश्य केवल छात्रों को शिक्षित करना है। Google से गुजारिश है हमारे post को रैंक करे और छात्रों को शिक्षित करने में हमारी मदद करे।

 

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