📘 जीवन गठन के स्तर (Levels of Organisation of Life) – Class 9 Life Science
जीवित प्राणियों का शरीर विभिन्न स्तरों पर संगठित होता है, जिसे हम जीवन गठन के स्तर कहते हैं। सबसे सूक्ष्म इकाई कोशिका होती है, जो ऊतक, अंग, अंग-प्रणाली और पूरे शरीर का निर्माण करती है। कोशिकाओं के प्रकार, उनके अंगक (organelles), ऊतकों के प्रकार (जन्तु और पादप), तथा उनके कार्य इस अध्याय के मुख्य बिंदु हैं। इसके अलावा, कोशिका झिल्ली, केन्द्रक, माइटोकॉन्ड्रिया, राइबोसोम, जीन, ATP जैसे घटक, एवं ऊतकों का वर्गीकरण, उनके कार्य, तथा मानव शरीर की कुछ महत्वपूर्ण क्रियाएँ जैसे रसारोहण, पोषण, और उत्सर्जन पर भी चर्चा की गई है।
प्रस्तावना
हमारे आसपास अनेक प्रकार के जीव पाए जाते हैं—मनुष्य, पेड़-पौधे, पक्षी, कीट और सूक्ष्मजीव। सभी जीवों का शरीर एक जैसा नहीं होता, लेकिन प्रत्येक जीव का शरीर छोटे-छोटे घटकों से मिलकर बना होता है।
जीवों के शरीर में संगठन का एक निश्चित क्रम होता है। सबसे छोटी संरचनात्मक और क्रियात्मक इकाई कोशिका है। कई कोशिकाएँ मिलकर ऊतक बनाती हैं, कई ऊतक मिलकर अंग बनाते हैं और कई अंग मिलकर अंग-तंत्र बनाते हैं। इस प्रकार जीव का शरीर विभिन्न स्तरों पर संगठित होता है।
इन्हीं को जीवन गठन के स्तर या जीवों में संगठन के स्तर कहा जाता है।
1. जीवन गठन का अर्थ
जीवन गठन से आशय उस क्रम से है जिसमें किसी जीव का शरीर छोटी-छोटी संरचनात्मक इकाइयों से मिलकर अधिक जटिल संरचना बनाता है।
इसे सामान्य रूप से इस प्रकार समझ सकते हैं:
कोशिका → ऊतक → अंग → अंग-तंत्र → जीव
उदाहरण के लिए:
मांसपेशी कोशिकाएँ → मांसपेशी ऊतक → हृदय → परिसंचरण तंत्र → मानव शरीर
2. कोशिका — जीवन की मूल इकाई
कोशिका जीवों के शरीर की सबसे छोटी संरचनात्मक और क्रियात्मक इकाई है।
सभी जीव एक या अधिक कोशिकाओं से बने होते हैं।
उदाहरण
- अमीबा — एककोशिकीय जीव
- बैक्टीरिया — एककोशिकीय जीव
- मनुष्य — बहुकोशिकीय जीव
- पेड़-पौधे — बहुकोशिकीय जीव
कोशिका के अंदर अनेक छोटे-छोटे भाग पाए जाते हैं, जिन्हें कोशिकांग कहा जाता है।
प्रमुख कोशिकांग
- केंद्रक
- कोशिका झिल्ली
- कोशिकाद्रव्य
- माइटोकॉन्ड्रिया
- राइबोसोम
- पादप कोशिका में हरितलवक
- पादप कोशिका में बड़ी रिक्तिका
3. एककोशिकीय जीव
जिन जीवों का पूरा शरीर केवल एक कोशिका से बना होता है, उन्हें एककोशिकीय जीव कहते हैं।
एक ही कोशिका उनके शरीर के सभी आवश्यक कार्य करती है।
उदाहरण
- अमीबा
- पैरामीशियम
- यूग्लीना
- अनेक प्रकार के बैक्टीरिया
विशेषता
एककोशिकीय जीव में एक ही कोशिका पोषण, श्वसन, उत्सर्जन और प्रजनन जैसे कार्य करती है।
4. बहुकोशिकीय जीव
जिन जीवों का शरीर अनेक कोशिकाओं से मिलकर बना होता है, उन्हें बहुकोशिकीय जीव कहते हैं।
इनमें अलग-अलग कोशिकाएँ अलग-अलग कार्यों के लिए विशेषीकृत हो सकती हैं।
उदाहरण
- मनुष्य
- कुत्ता
- पक्षी
- मछली
- पेड़
- फूल वाले पौधे
मनुष्य के शरीर में अरबों कोशिकाएँ होती हैं और ये कोशिकाएँ अलग-अलग कार्य करती हैं।
5. कोशिका से ऊतक का निर्माण
जब समान संरचना और समान कार्य करने वाली कोशिकाएँ एक साथ समूह बनाती हैं, तो ऊतक बनता है।
उदाहरण
मांसपेशी कोशिकाएँ मिलकर मांसपेशी ऊतक बनाती हैं।
इसी प्रकार पौधों में भी विभिन्न प्रकार के ऊतक पाए जाते हैं।
ऊतक की विशेषता
ऊतक का मुख्य उद्देश्य किसी विशेष कार्य को प्रभावी ढंग से करना है।
6. पादप ऊतक
पौधों में ऊतक मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं:
- विभज्योतक ऊतक
- स्थायी ऊतक
6.1 विभज्योतक ऊतक
वे ऊतक जिनकी कोशिकाएँ लगातार विभाजित होती रहती हैं, विभज्योतक ऊतक कहलाते हैं।
ये पौधे की वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
प्रकार
- शीर्षस्थ विभज्योतक
- पार्श्व विभज्योतक
- अंतर्वेशी विभज्योतक
6.2 स्थायी ऊतक
जब विभज्योतक कोशिकाएँ विभाजन की क्षमता खोकर किसी विशेष कार्य के लिए विशेषीकृत हो जाती हैं, तो वे स्थायी ऊतक बनाती हैं।
प्रमुख स्थायी ऊतक
- पैरेंकाइमा
- कोलेनकाइमा
- स्क्लेरेंकाइमा
पौधों में जाइलम और फ्लोएम भी महत्वपूर्ण संवहनी ऊतक हैं।
जाइलम
जाइलम जड़ों से पानी और खनिजों को पौधे के अन्य भागों तक पहुँचाने में सहायता करता है।
फ्लोएम
फ्लोएम पत्तियों में बने भोजन को पौधे के अन्य भागों तक पहुँचाता है।
7. जन्तु ऊतक
जन्तुओं में मुख्य रूप से चार प्रकार के ऊतक पाए जाते हैं:
- उपकला ऊतक
- संयोजी ऊतक
- मांसपेशी ऊतक
- तंत्रिका ऊतक
7.1 उपकला ऊतक
यह शरीर की बाहरी सतह तथा कई आंतरिक अंगों की सतह को ढकता है।
कार्य
- शरीर की सुरक्षा
- पदार्थों का अवशोषण
- स्राव
- कुछ स्थानों पर पदार्थों का आदान-प्रदान
उदाहरण
त्वचा की बाहरी परत और आंत की आंतरिक परत।
7.2 संयोजी ऊतक
यह शरीर के विभिन्न अंगों और ऊतकों को जोड़ने तथा सहारा देने का कार्य करता है।
उदाहरण
- रक्त
- अस्थि
- उपास्थि
- वसा ऊतक
- स्नायु
रक्त भी एक प्रकार का संयोजी ऊतक है क्योंकि यह शरीर के विभिन्न भागों के बीच पदार्थों का परिवहन करता है।
7.3 मांसपेशी ऊतक
मांसपेशी ऊतक शरीर की गति और विभिन्न अंगों की गतिविधियों में सहायता करता है।
प्रमुख प्रकार
- रेखित मांसपेशी
- अरेखित मांसपेशी
- हृदय की मांसपेशी
हृदय की मांसपेशियाँ लगातार और लयबद्ध रूप से कार्य करती हैं।
7.4 तंत्रिका ऊतक
तंत्रिका ऊतक शरीर में संदेशों को ग्रहण करने और एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाने में सहायता करता है।
यह मुख्य रूप से तंत्रिका कोशिकाओं या न्यूरॉन्स से बना होता है।
कार्य
- संवेदनाओं को ग्रहण करना
- संदेशों को पहुँचाना
- शरीर की गतिविधियों का नियंत्रण और समन्वय
8. ऊतक से अंग का निर्माण
कई अलग-अलग प्रकार के ऊतक मिलकर एक अंग बनाते हैं।
अंग किसी विशेष कार्य को पूरा करने के लिए बना होता है।
उदाहरण
हृदय एक अंग है।
हृदय में विभिन्न प्रकार के ऊतक मिलकर कार्य करते हैं और हृदय शरीर में रक्त का संचार करने में सहायता करता है।
इसी प्रकार:
- फेफड़े — श्वसन से संबंधित अंग
- पेट — पाचन से संबंधित अंग
- मस्तिष्क — नियंत्रण और समन्वय से संबंधित अंग
- गुर्दे — उत्सर्जन से संबंधित अंग
9. अंग-तंत्र
जब कई अंग मिलकर किसी महत्वपूर्ण शारीरिक कार्य को पूरा करते हैं, तो उन्हें मिलाकर अंग-तंत्र बनता है।
उदाहरण
पाचन तंत्र में कई अंग मिलकर भोजन के पाचन और पोषक पदार्थों के अवशोषण में सहायता करते हैं।
इसके प्रमुख अंगों में शामिल हैं:
- मुख
- ग्रसनी
- ग्रासनली
- आमाशय
- छोटी आंत
- बड़ी आंत
- मलाशय
10. मानव शरीर के प्रमुख अंग-तंत्र
मनुष्य के शरीर में कई अंग-तंत्र होते हैं।
1. पाचन तंत्र
भोजन को पचाने और पोषक पदार्थों को शरीर में उपलब्ध कराने का कार्य करता है।
2. श्वसन तंत्र
ऑक्सीजन ग्रहण करने और कार्बन डाइऑक्साइड बाहर निकालने में सहायता करता है।
3. परिसंचरण तंत्र
रक्त के माध्यम से ऑक्सीजन, पोषक पदार्थ और अन्य पदार्थों का परिवहन करता है।
4. उत्सर्जन तंत्र
शरीर से अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने में सहायता करता है।
5. तंत्रिका तंत्र
शरीर की विभिन्न गतिविधियों का नियंत्रण और समन्वय करता है।
6. कंकाल तंत्र
शरीर को आकार और सहारा प्रदान करता है तथा आंतरिक अंगों की रक्षा करता है।
7. पेशीय तंत्र
शरीर की गति में सहायता करता है।
8. प्रजनन तंत्र
जीवों में नई संतति उत्पन्न करने में सहायता करता है।
11. अंग-तंत्र से पूर्ण जीव का निर्माण
विभिन्न अंग-तंत्र मिलकर एक पूर्ण जीव का निर्माण करते हैं।
उदाहरण के लिए मनुष्य में पाचन, श्वसन, परिसंचरण, उत्सर्जन, तंत्रिका और अन्य अंग-तंत्र एक-दूसरे के साथ समन्वय करके कार्य करते हैं।
इस प्रकार सभी अंग-तंत्र मिलकर मानव शरीर को जीवित रखने में सहायता करते हैं।
12. जीवन गठन के स्तर का क्रम
कक्षा 9 के स्तर पर इसे इस सरल क्रम से याद किया जा सकता है:
कोशिका
↓
ऊतक
↓
अंग
↓
अंग-तंत्र
↓
जीव
उदाहरण
मांसपेशी कोशिका → मांसपेशी ऊतक → हृदय → परिसंचरण तंत्र → मनुष्य
13. कोशिका, ऊतक, अंग और अंग-तंत्र में अंतर
| स्तर | अर्थ | उदाहरण |
|---|---|---|
| कोशिका | जीवन की मूल इकाई | तंत्रिका कोशिका |
| ऊतक | समान कार्य करने वाली कोशिकाओं का समूह | तंत्रिका ऊतक |
| अंग | विभिन्न ऊतकों से बना भाग | हृदय |
| अंग-तंत्र | कई अंगों का समूह | परिसंचरण तंत्र |
| जीव | सभी अंग-तंत्रों से बना पूर्ण जीव | मनुष्य |
14. जीवन गठन के स्तर का महत्व
जीवों में संगठन के विभिन्न स्तरों का होना बहुत महत्वपूर्ण है।
प्रमुख महत्व
- शरीर के कार्यों को व्यवस्थित करता है।
- अलग-अलग कोशिकाएँ अलग-अलग कार्य कर सकती हैं।
- जटिल कार्यों को आसानी से पूरा करने में सहायता मिलती है।
- शरीर के विभिन्न भागों में कार्यों का विभाजन होता है।
- शरीर के सभी अंगों और तंत्रों में समन्वय बना रहता है।
15. कार्य-विभाजन का महत्व
बहुकोशिकीय जीवों में सभी कोशिकाएँ एक जैसा कार्य नहीं करतीं।
कुछ कोशिकाएँ गति में सहायता करती हैं, कुछ संदेश पहुँचाती हैं, कुछ सुरक्षा प्रदान करती हैं और कुछ पदार्थों का परिवहन करती हैं।
इसे कार्य-विभाजन कहा जाता है।
कार्य-विभाजन के कारण बहुकोशिकीय जीव अधिक जटिल और व्यवस्थित तरीके से कार्य कर पाते हैं।
16. जीवन गठन को एक उदाहरण से समझें
मान लीजिए हमें एक मानव शरीर को समझना है।
सबसे पहले कोशिकाएँ होती हैं।
कोशिकाएँ → ऊतक बनाती हैं।
विभिन्न ऊतक मिलकर:
अंग बनाते हैं।
विभिन्न अंग मिलकर:
अंग-तंत्र बनाते हैं।
और विभिन्न अंग-तंत्र मिलकर:
एक पूर्ण मानव शरीर बनाते हैं।
इस प्रकार जीवन का संगठन छोटे स्तर से बड़े स्तर की ओर बढ़ता है।
17. परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण बिंदु
- कोशिका जीवन की मूल संरचनात्मक और क्रियात्मक इकाई है।
- समान कार्य करने वाली कोशिकाओं के समूह को ऊतक कहते हैं।
- कई प्रकार के ऊतक मिलकर अंग बनाते हैं।
- कई अंग मिलकर अंग-तंत्र बनाते हैं।
- विभिन्न अंग-तंत्र मिलकर पूर्ण जीव का निर्माण करते हैं।
- एककोशिकीय जीव केवल एक कोशिका से बने होते हैं।
- बहुकोशिकीय जीव अनेक कोशिकाओं से बने होते हैं।
- पौधों और जन्तुओं में अलग-अलग प्रकार के ऊतक पाए जाते हैं।
- कार्य-विभाजन बहुकोशिकीय जीवों की महत्वपूर्ण विशेषता है।
संक्षिप्त सारांश
जीवन गठन के स्तर जीवों के शरीर में संगठन के क्रम को दर्शाते हैं। सबसे छोटी इकाई कोशिका है। समान कोशिकाएँ मिलकर ऊतक, विभिन्न ऊतक मिलकर अंग, कई अंग मिलकर अंग-तंत्र और सभी अंग-तंत्र मिलकर एक पूर्ण जीव बनाते हैं।
इसका मुख्य क्रम है:
कोशिका → ऊतक → अंग → अंग-तंत्र → जीव
यह संगठन जीवों के शरीर में कार्य-विभाजन, समन्वय और विभिन्न जीवन-क्रियाओं को व्यवस्थित रूप से चलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर
प्रश्न 1. कोशिका क्या है?
उत्तर: कोशिका जीवों के शरीर की सबसे छोटी संरचनात्मक और क्रियात्मक इकाई है।
प्रश्न 2. ऊतक किसे कहते हैं?
उत्तर: समान संरचना और समान कार्य करने वाली कोशिकाओं के समूह को ऊतक कहते हैं।
प्रश्न 3. अंग क्या है?
उत्तर: विभिन्न प्रकार के ऊतकों से मिलकर बनी ऐसी संरचना जो कोई विशेष कार्य करती है, अंग कहलाती है।
प्रश्न 4. अंग-तंत्र क्या है?
उत्तर: कई अंग जब मिलकर किसी विशेष शारीरिक कार्य को पूरा करते हैं, तो उनके समूह को अंग-तंत्र कहते हैं।
प्रश्न 5. एककोशिकीय जीव क्या हैं?
उत्तर: जिन जीवों का पूरा शरीर केवल एक कोशिका से बना होता है, उन्हें एककोशिकीय जीव कहते हैं। उदाहरण—अमीबा।
प्रश्न 6. बहुकोशिकीय जीव क्या हैं?
उत्तर: जिन जीवों का शरीर अनेक कोशिकाओं से मिलकर बना होता है, उन्हें बहुकोशिकीय जीव कहते हैं। उदाहरण—मनुष्य।
प्रश्न 7. जीवन गठन का क्रम लिखिए।
उत्तर:
कोशिका → ऊतक → अंग → अंग-तंत्र → जीव
प्रश्न 8. कार्य-विभाजन से क्या तात्पर्य है?
उत्तर: बहुकोशिकीय जीवों में अलग-अलग कोशिकाओं और ऊतकों द्वारा अलग-अलग कार्य किए जाने को कार्य-विभाजन कहते हैं।
📚 प्रश्नावली (Class 9 Life Science WBBSE)
🅐 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) –
कोशिकाओं को देखा जा सकता है –
✅ (a) इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी द्वाराजन्तु कोशिका की बाहरी झिल्ली है –
✅ (c) कोशिका झिल्लीकोशिका भित्ति होती है –
✅ (b) पारगम्यहरित लवक एक प्रकार का –
✅ (c) वर्णी लवक‘आत्महत्या का थैला’ कहलाता है –
✅ (a) लाइसोसोमकेन्द्रक में पाया जाने वाला द्रव्य है –
✅ (c) केन्द्रक द्रव्यजीन बने होते हैं –
✅ (d) DNA सेऊर्जा का सिक्का है –
✅ (a) ATPरसधानी की झिल्ली कहलाती है –
✅ (c) टोनोप्लास्टविभाजन की क्षमता होती है –
✅ (c) विभाजी कोशिकाओं मेंरसारोहण की क्रिया होती है –
✅ (b) जाइलम द्वारारतौंधी का कारण –
✅ (d) विटामिन A की कमीरेनिन है –
✅ (d) किण्वस्पर्शेन्द्रिय है –
✅ (b) त्वचासबसे बड़ी पाचन ग्रन्थि है –
✅ (a) यकृत
🅑 रिक्त स्थान भरें –
- जीवाणु तथा नील-हरित शैवाल का निर्माण प्रोकैरियोटिक कोशिका द्वारा होता है।
जन्तु कोशिका में कोशिका भित्ति का अभाव होता है।
जीवाणुओं में 70S प्रकार का राइबोसोम मिलता है।
लाइसोसोम में पाचन एंजाइम भरा रहता है।
जटिल ऊतक है – जाइलम तथा फ्लोएम।
सख्त ऊतक की कोशिकायें मृत होती हैं।
रेखित पेशी स्वैच्छिक पेशी भी कहलाती है।
एपिडर्मिस ऊतक ऊतक संरक्षण का कार्य करता है।
रेशेदार पौधों में स्क्लेरेंकाइमा प्रचुर मात्रा में मिलता है।
हृदय पेशी हृदय की दीवार बनाती है।
🅒 सही / गलत –विटामिन C जल में घुलनशील है। ✅ सही
फ्लोएम तंतु जीवित कोशिकाएं हैं – ❌ गलत
भुजाओं की पेशी अरेबी पेशी का उदाहरण है – ❌ गलत
मानव यकृत शरीर की सबसे बड़ी पाचक ग्रंथि है – ✅ सही
लौह तत्व की कमी से घेघा रोग होता है – ❌ गलत
रक्त एक प्रकार का ठोस संयोजी ऊतक है – ❌ गलत (यह द्रव संयोजी ऊतक है)
🅓 मिलान करें –
🅔 संक्षिप्त उत्तर प्रश्न (Class 9 Life Science – West Bengal Board)
📌 1. जीवद्रव्य क्या है?
उत्तर: जीवद्रव्य कोशिका का जैविक द्रव्य है जिसमें सभी कोशिकांग (organelles) तैरते हैं। यह केन्द्रक और कोशिका झिल्ली के बीच स्थित होता है।
📌 2. ऊर्जा देने वाले खाद्य पदार्थ कौन-कौन से हैं?
उत्तर: कार्बोहाइड्रेट और वसा ऊर्जा प्रदान करने वाले मुख्य खाद्य घटक हैं।
📌 3. जल हमारे जीवन के लिए क्यों आवश्यक है?
उत्तर: जल जीवन क्रियाओं के लिए आवश्यक है और शरीर के तापमान को नियंत्रित करने में मदद करता है।
📌 4. घेघा रोग का कारण क्या है?
उत्तर: घेघा रोग आयोडीन की कमी के कारण होता है।
📌 5. प्रोकैरियोटिक कोशिका किसे कहते हैं?
उत्तर: वे कोशिकाएं जिनमें स्पष्ट केन्द्रक (nucleus) नहीं होता, प्रोकैरियोटिक कोशिकाएं कहलाती हैं। जैसे – जीवाणु।
📌 6. गुणसूत्र क्या है?
उत्तर: गुणसूत्र (Chromosome) DNA और प्रोटीन से बने धागेनुमा संरचनाएं हैं, जो आनुवंशिक लक्षणों को नियंत्रित करती हैं।
📌 7. यूकैरियोटिक कोशिका किसे कहते हैं?
उत्तर: वे कोशिकाएं जिनमें स्पष्ट केन्द्रक और अंगक (organelles) होते हैं, यूकैरियोटिक कोशिकाएं कहलाती हैं।
📌 8. विभाजी ऊतक क्या है?
उत्तर: विभाजी ऊतक वे कोशिकाएं होती हैं जो लगातार विभाजित होकर नई कोशिकाओं का निर्माण करती हैं।
📌 9. संवहन पूल क्या होता है?
उत्तर: संवहन पूल वह प्रणाली है जिसमें जल और पोषक तत्वों का संचालन पौधों में जाइलम और फ्लोएम के माध्यम से होता है।
📌 10. न्यूरॉन किसे कहते हैं?
उत्तर: न्यूरॉन तंत्रिका तंतु की इकाई है जो तंत्रिका संकेतों का संचालन करता है। इसे तंत्रिका कोशिका भी कहते हैं।
📌 11. सूत्र-युग्मन (Synapse) क्या होता है?
उत्तर: सूत्र-युग्मन दो न्यूरॉनों के मध्य स्थित संपर्क स्थल होता है, जहाँ पर संकेतों का आदान-प्रदान होता है।
📌 12. खाद्य स्थानान्तरण व रसारोहण को क्या कहते हैं?
उत्तर: खाद्य स्थानान्तरण और रसारोहण की क्रिया को मिलाकर संचलन (Translocation) कहते हैं।
📌 13. मस्तिष्क कहाँ स्थित होता है?
उत्तर: मस्तिष्क खोपड़ी (skull) के अंदर स्थित होता है।
📌 14. वृक्क (Kidney) क्या है?
उत्तर: वृक्क उत्सर्जन अंग है जो शरीर से अपशिष्ट पदार्थ को मूत्र के रूप में बाहर निकालता है।
📌 15. अण्डाशय के दो कार्य क्या हैं?
उत्तर:
अण्डाणुओं का निर्माण करना।
महिला हार्मोन जैसे एस्ट्रोजेन और प्रोजेस्टेरोन का स्त्राव करना।
🅕 विस्तृत उत्तरीय प्रश्न – Class 9 Life Science (WBBSE)
🧠 जीवन गठन के स्तर – प्रश्नोत्तर
📌 1. जीवद्रव्य की प्रकृति पर टिप्पणी लिखिए।
उत्तर:
जीवद्रव्य (Cytoplasm) कोशिका का अर्धतरल, जैविक पदार्थ होता है जो कोशिका झिल्ली और केन्द्रक के बीच स्थित होता है। यह एक जेल जैसे पदार्थ से बना होता है जिसमें पानी, खनिज लवण, प्रोटीन, वसा और शर्करा घुली होती हैं। इसमें सभी कोशिकांग जैसे माइटोकॉन्ड्रिया, राइबोसोम, एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम आदि तैरते रहते हैं। जीवद्रव्य में ही कोशिका की अधिकांश जैव रासायनिक क्रियाएँ होती हैं, जैसे प्रोटीन संश्लेषण, ऊर्जा निर्माण, और पदार्थों का परिवहन।
📌 2. ऊर्जा देने वाले भोजन के उपादानों का विवरण दीजिए।
उत्तर:
ऊर्जा प्रदान करने वाले मुख्य भोजन के घटक कार्बोहाइड्रेट और वसा हैं।
कार्बोहाइड्रेट: यह शरीर की त्वरित ऊर्जा का मुख्य स्रोत होता है। उदाहरण – चावल, गेहूँ, आलू आदि।
वसा: यह ऊर्जा का संचित स्रोत होता है, जो दीर्घकालिक ऊर्जा प्रदान करता है। शरीर की सुरक्षा और तापमान बनाए रखने में सहायक है। उदाहरण – घी, तेल, मक्खन आदि।
प्रोटीन भी कुछ मात्रा में ऊर्जा देता है परंतु इसका मुख्य कार्य शरीर निर्माण करना है।
📌 3. प्रोकैरियोटिक और यूकैरियोटिक कोशिकाओं में अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
| विशेषता | प्रोकैरियोटिक कोशिका | यूकैरियोटिक कोशिका |
|---|---|---|
| केन्द्रक | स्पष्ट केन्द्रक नहीं | स्पष्ट केन्द्रक होता है |
| आकार | छोटा | बड़ा |
| उदाहरण | जीवाणु, नील-हरित शैवाल | जन्तु, पादप, कवक आदि |
| अंगक | अंगक साधारण या अनुपस्थित | अंगक विकसित और झिल्ली युक्त |

📌 4. जन्तु और पादप कोशिकाओं के मध्य तुलना कीजिए।
उत्तर:
| विशेषता | जन्तु कोशिका | पादप कोशिका |
|---|---|---|
| कोशिका भित्ति | अनुपस्थित | उपस्थित |
| हरितलवक | नहीं होता | होता है |
| रसधानी | छोटी और अनेक | एक बड़ी |
| आकार | अनियमित | नियमित |
| केन्द्रक का स्थान | केंद्र में | किनारे की ओर |
📌 5. विटामिन की परिभाषा और घुलनशीलता के आधार पर वर्गीकरण कीजिए।
उत्तर:
विटामिन शरीर की वृद्धि, विकास एवं प्रतिरक्षा के लिए आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्व हैं जो शरीर स्वयं नहीं बना सकता।
वर्गीकरण:
वसा में घुलनशील विटामिन – A, D, E, K
जल में घुलनशील विटामिन – B समूह (B1, B2, B6, B12 आदि) एवं C
उदाहरण:
विटामिन A – आँखों के लिए आवश्यक
विटामिन C – रोग प्रतिरोधकता के लिए
विटामिन D – हड्डियों के लिए
📌 6. विकर (Enzyme) की परिभाषा, विशेषताएँ और पाचक विकर लिखिए।
उत्तर:
विकर (Enzyme) जैविक उत्प्रेरक होते हैं जो शरीर में रासायनिक अभिक्रियाओं को तीव्र करते हैं।
विशेषताएँ:
प्रोटीन से बने होते हैं
विशिष्ट होते हैं (एक एंजाइम केवल एक क्रिया करता है)
ताप और pH के प्रति संवेदनशील होते हैं
मुख्य पाचक विकर:
अमाइलेज (Amylase): स्टार्च को तोड़ता है
पेप्सिन: प्रोटीन को पाचन करता है
लाइपेस: वसा का पाचन करता है
ट्रिप्सिन: प्रोटीन का पाचन छोटी आंत में
📌 7. जन्तु ऊतकों का विवरण दें। हृदय जीवन भर क्यों धड़कता है?
उत्तर:
जन्तु ऊतक के प्रकार:
एपिथीलियल (Epithelium): आवरण ऊतक
संयोजी (Connective): रक्त, अस्थि आदि
पेशीय (Muscular): गति में सहायक
तंत्रिका (Nervous): संदेश वहन करता है
हृदय की धड़कन:
हृदय में विशेष पेशी होती है जिसे हृदय पेशी (Cardiac Muscle) कहते हैं। यह पेशी स्वतः संकुचन करती रहती है, इस कारण हृदय जीवन भर बिना थके धड़कता रहता है।
📌 8. जाइलम और फ्लोएम ऊतकों के बीच अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
| विशेषता | जाइलम | फ्लोएम |
|---|---|---|
| कार्य | जल का परिवहन | भोजन का स्थानांतरण |
| कोशिकाएँ | मृत | जीवित |
| दिशा | एक दिशा में (नीचे से ऊपर) | दोनों दिशाओं में |
| तत्व | ट्रैकिड्स, वेसल्स | सिव ट्यूब्स, साथी कोशिकाएं |
📌 9. नेफ्रॉन का चित्रण करें।
उत्तर:
नेफ्रॉन वृक्क की कार्यात्मक इकाई है।
संरचना:
Bowman’s capsule

Glomerulus
Proximal tubule
Loop of Henle
Distal tubule
Collecting duct
📌 10. निम्न पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए –
(a) फेफड़ा:
फेफड़े श्वसन अंग हैं जहाँ पर ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड का आदान-प्रदान होता है।
(b) हृदय:
हृदय एक पेशीय अंग है जो रक्त को पूरे शरीर में पंप करता है। यह चार कोष्ठों वाला होता है।
(c) सुषुम्ना (Spinal Cord):
यह मेरुरज्जु है जो मस्तिष्क से प्राप्त संकेतों को शरीर के विभिन्न भागों तक पहुँचाता है।
(d) आमाशय (Stomach):
यह पाचन तंत्र का अंग है जो भोजन को पचाने में सहायक होता है। यहाँ हाइड्रोक्लोरिक अम्ल और पेप्सिन एंजाइम भोजन को पचाते हैं।
(e) अण्डाशय (Ovary):
यह महिला जनन अंग है जो अण्डाणु बनाता है और हार्मोन जैसे एस्ट्रोजन एवं प्रोजेस्टेरोन का स्त्राव करता है।
notice : इस article लिखने के लिए हमने west bengal sylabus के “नव जीवन विज्ञान एंव पर्यावरण ” class – की पुस्तक का help लिए। हमारा उद्देश्य केवल छात्रों को शिक्षित करना है। Google से गुजारिश है हमारे post को रैंक करे और छात्रों को शिक्षित करने में हमारी मदद करे।








