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Toggleजीव की शारीरिक क्रियाएं
प्रस्तावना
सभी जीवित प्राणी अपने जीवन को बनाए रखने के लिए कई प्रकार की क्रियाएँ करते हैं। जैसे—भोजन प्राप्त करना, भोजन को पचाना, ऊर्जा प्राप्त करना, श्वसन करना, पदार्थों का परिवहन करना और शरीर से अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालना।
इन सभी आवश्यक क्रियाओं को सामूहिक रूप से जीव की शारीरिक क्रियाएँ या जीवन-प्रक्रियाएँ कहा जाता है।
मनुष्य और अन्य बहुकोशिकीय जीवों में ये क्रियाएँ विभिन्न अंगों और अंग-तंत्रों की सहायता से होती हैं।
प्रमुख शारीरिक क्रियाएँ
- पोषण
- श्वसन
- परिवहन
- उत्सर्जन
1. पोषण
जीवों द्वारा भोजन प्राप्त करने तथा उससे आवश्यक पोषक पदार्थ प्राप्त करने की प्रक्रिया को पोषण कहते हैं।
भोजन से जीव को:
- ऊर्जा मिलती है।
- शरीर की वृद्धि होती है।
- टूट-फूट की मरम्मत होती है।
- शरीर की विभिन्न क्रियाएँ चलती हैं।
2. पोषण के प्रकार
पोषण मुख्य रूप से दो प्रकार का होता है:
- स्वपोषी पोषण
- परपोषी पोषण
2.1 स्वपोषी पोषण
जो जीव अपना भोजन स्वयं बनाते हैं, उन्हें स्वपोषी कहते हैं।
हरे पौधे सूर्य के प्रकाश की सहायता से कार्बन डाइऑक्साइड और जल से भोजन बनाते हैं।
इस प्रक्रिया को प्रकाश संश्लेषण कहते हैं।
प्रकाश संश्लेषण के लिए आवश्यक चीजें
- सूर्य का प्रकाश
- क्लोरोफिल
- कार्बन डाइऑक्साइड
- जल
सरल रूप में:
कार्बन डाइऑक्साइड + जल → ग्लूकोज + ऑक्सीजन
यह प्रक्रिया मुख्य रूप से पौधों की हरी पत्तियों में होती है।
3. प्रकाश संश्लेषण
प्रकाश संश्लेषण वह प्रक्रिया है जिसमें हरे पौधे सूर्य के प्रकाश और क्लोरोफिल की उपस्थिति में कार्बन डाइऑक्साइड तथा जल से भोजन बनाते हैं।
प्रकाश संश्लेषण का महत्व
- पौधों को भोजन मिलता है।
- पृथ्वी पर ऑक्सीजन की मात्रा बनाए रखने में सहायता मिलती है।
- खाद्य श्रृंखला का आधार तैयार होता है।
- सौर ऊर्जा रासायनिक ऊर्जा में परिवर्तित होती है।
4. परपोषी पोषण
जो जीव अपना भोजन स्वयं नहीं बना सकते और भोजन के लिए दूसरे जीवों पर निर्भर रहते हैं, उन्हें परपोषी जीव कहते हैं।
उदाहरण
- मनुष्य
- गाय
- कुत्ता
- शेर
- अनेक सूक्ष्मजीव
परपोषी पोषण के विभिन्न प्रकार हो सकते हैं, जैसे:
- होलोजोइक पोषण
- मृतजीवी पोषण
- परजीवी पोषण
मनुष्य में मुख्य रूप से होलोजोइक पोषण पाया जाता है।
5. मानव में पोषण
मनुष्य भोजन को ग्रहण करके उसे पचाता है। पाचन के बाद भोजन से प्राप्त पोषक पदार्थ शरीर में अवशोषित होकर विभिन्न कोशिकाओं तक पहुँचते हैं।
मानव पोषण की मुख्य अवस्थाएँ हैं:
भोजन ग्रहण → पाचन → अवशोषण → आत्मसात → मल त्याग
6. मानव पाचन तंत्र
मानव पाचन तंत्र में कई अंग मिलकर भोजन के पाचन का कार्य करते हैं।
प्रमुख अंग
- मुख
- ग्रसनी
- ग्रासनली
- आमाशय
- छोटी आंत
- बड़ी आंत
- मलाशय
- गुदा
इसके अलावा यकृत और अग्न्याशय जैसी सहायक ग्रंथियाँ भी पाचन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
7. मुख में पाचन
भोजन सबसे पहले मुख में प्रवेश करता है।
दाँत भोजन को छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ते हैं और जीभ भोजन को मिलाने में सहायता करती है।
लार में पाया जाने वाला लार एमाइलेज स्टार्च के पाचन की शुरुआत करता है।
8. आमाशय में पाचन
भोजन ग्रासनली से होकर आमाशय में पहुँचता है।
आमाशय में अम्ल और पाचक रस स्रावित होते हैं।
आमाशय में:
- भोजन का मिश्रण होता है।
- प्रोटीन के पाचन की शुरुआत होती है।
- अम्लीय वातावरण रोगाणुओं को नष्ट करने में सहायता करता है।
9. छोटी आंत
छोटी आंत पाचन और पोषक पदार्थों के अवशोषण का बहुत महत्वपूर्ण स्थान है।
यहाँ भोजन का पाचन काफी हद तक पूरा होता है।
छोटी आंत की अंदरूनी सतह पर उंगली जैसी संरचनाएँ होती हैं जिन्हें विल्ली कहा जाता है।
विल्ली पोषक पदार्थों के अवशोषण के लिए सतह क्षेत्र बढ़ाती हैं।
10. बड़ी आंत
छोटी आंत से बचा हुआ पदार्थ बड़ी आंत में पहुँचता है।
बड़ी आंत मुख्य रूप से:
- जल के अवशोषण
- अपचित पदार्थों को मल के रूप में आगे बढ़ाने
में सहायता करती है।
11. श्वसन
जीवों को अपने जीवन कार्यों के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है।
भोजन में उपस्थित पोषक पदार्थों से ऊर्जा प्राप्त करने की प्रक्रिया में श्वसन महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
कोशिकीय स्तर पर ग्लूकोज के टूटने से ऊर्जा प्राप्त होती है।
ऑक्सीजन की उपस्थिति में सामान्य रूप से:
ग्लूकोज + ऑक्सीजन → कार्बन डाइऑक्साइड + जल + ऊर्जा
12. श्वसन के प्रकार
श्वसन मुख्य रूप से दो प्रकार का माना जाता है:
- वायवीय श्वसन
- अवायवीय श्वसन
12.1 वायवीय श्वसन
जब भोजन का विघटन ऑक्सीजन की उपस्थिति में होता है और पर्याप्त ऊर्जा प्राप्त होती है, तो इसे वायवीय श्वसन कहते हैं।
मनुष्य की कोशिकाओं में सामान्य परिस्थितियों में वायवीय श्वसन प्रमुख रूप से होता है।
12.2 अवायवीय श्वसन
जब भोजन का विघटन ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में होता है, तो इसे अवायवीय श्वसन कहते हैं।
कुछ सूक्ष्मजीवों में यह प्रक्रिया सामान्य रूप से होती है।
13. मानव श्वसन तंत्र
मनुष्य में श्वसन के लिए एक विशेष तंत्र होता है।
प्रमुख अंग
- नासिका
- नासिका गुहा
- ग्रसनी
- कंठ
- श्वासनली
- श्वसनी
- फेफड़े
- वायुकोष्ठिकाएँ
14. श्वास लेना और श्वास छोड़ना
श्वास लेना वह प्रक्रिया है जिसमें हम वायु को फेफड़ों के अंदर लेते हैं।
इस वायु में ऑक्सीजन होती है।
श्वास छोड़ना वह प्रक्रिया है जिसमें कार्बन डाइऑक्साइड से युक्त वायु शरीर से बाहर निकलती है।
इस प्रक्रिया में डायाफ्राम और पसलियों की मांसपेशियाँ महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
15. फेफड़ों में गैसों का आदान-प्रदान
फेफड़ों में बहुत छोटी-छोटी वायु थैलियाँ होती हैं जिन्हें वायुकोष्ठिकाएँ या एल्विओलाई कहते हैं।
इनके आसपास रक्त की महीन केशिकाएँ होती हैं।
यहाँ:
- ऑक्सीजन रक्त में प्रवेश करती है।
- कार्बन डाइऑक्साइड रक्त से बाहर आकर फेफड़ों में पहुँचती है।
इसके बाद कार्बन डाइऑक्साइड श्वास छोड़ते समय शरीर से बाहर निकलती है।
16. परिवहन
जीवों के शरीर में भोजन, ऑक्सीजन, जल, हार्मोन और अन्य आवश्यक पदार्थों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाना आवश्यक है।
इस कार्य को परिवहन कहा जाता है।
मनुष्य में परिवहन का मुख्य कार्य रक्त और परिसंचरण तंत्र द्वारा किया जाता है।
17. मानव परिसंचरण तंत्र
मानव परिसंचरण तंत्र के मुख्य घटक हैं:
- हृदय
- रक्त
- रक्त वाहिकाएँ
हृदय एक पंप की तरह कार्य करता है और रक्त को शरीर के विभिन्न भागों तक पहुँचाने में सहायता करता है।
18. रक्त
रक्त एक तरल संयोजी ऊतक है।
इसके प्रमुख घटक हैं:
1. प्लाज्मा
यह रक्त का तरल भाग है। इसमें विभिन्न पदार्थ घुले रहते हैं।
2. लाल रक्त कोशिकाएँ
इनमें हीमोग्लोबिन पाया जाता है और ये मुख्य रूप से ऑक्सीजन के परिवहन में सहायता करती हैं।
3. श्वेत रक्त कोशिकाएँ
ये शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
4. प्लेटलेट्स
ये रक्त का थक्का बनाने में सहायता करती हैं।
19. रक्त वाहिकाएँ
रक्त वाहिकाएँ मुख्य रूप से तीन प्रकार की होती हैं:
धमनियाँ
धमनियाँ हृदय से रक्त को शरीर के विभिन्न भागों की ओर ले जाती हैं।
शिराएँ
शिराएँ रक्त को शरीर के विभिन्न भागों से हृदय की ओर लाती हैं।
केशिकाएँ
केशिकाएँ बहुत पतली रक्त वाहिकाएँ होती हैं। इनके माध्यम से रक्त और ऊतकों के बीच पदार्थों का आदान-प्रदान होता है।
20. हृदय
हृदय एक पेशीय अंग है जो लगातार रक्त को पंप करता है।
मानव हृदय में चार कक्ष होते हैं:
- दायाँ आलिंद
- दायाँ निलय
- बायाँ आलिंद
- बायाँ निलय
हृदय का मुख्य कार्य रक्त का परिसंचरण बनाए रखना है।
21. पौधों में परिवहन
पौधों में भी जल, खनिज और भोजन का परिवहन होता है।
इसके लिए मुख्य रूप से दो प्रकार के संवहनी ऊतक कार्य करते हैं:
जाइलम
जाइलम जड़ों से जल और खनिजों को पौधे के ऊपरी भागों तक पहुँचाने में सहायता करता है।
फ्लोएम
फ्लोएम पत्तियों में बने भोजन को पौधे के अन्य भागों तक पहुँचाता है।
22. पौधों में जल का परिवहन
पौधे अपनी जड़ों द्वारा मिट्टी से जल और खनिजों को अवशोषित करते हैं।
यह जल जाइलम के माध्यम से तने और पत्तियों तक पहुँचता है।
पत्तियों से जल का कुछ भाग जलवाष्प के रूप में बाहर निकलता है। इस प्रक्रिया को वाष्पोत्सर्जन कहते हैं।
वाष्पोत्सर्जन पौधे में जल के ऊपर की ओर परिवहन में सहायक हो सकता है।
23. उत्सर्जन
जीवों में विभिन्न रासायनिक क्रियाओं के दौरान अपशिष्ट पदार्थ बनते हैं।
शरीर से इन अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने की प्रक्रिया को उत्सर्जन कहते हैं।
मनुष्य में उत्सर्जित पदार्थ
- कार्बन डाइऑक्साइड
- यूरिया
- अतिरिक्त जल
- अतिरिक्त लवण
24. मानव उत्सर्जन तंत्र
मानव उत्सर्जन तंत्र के मुख्य अंग हैं:
- दो वृक्क
- दो मूत्रवाहिनियाँ
- मूत्राशय
- मूत्रमार्ग
वृक्क
वृक्क रक्त को छानकर अपशिष्ट पदार्थों को अलग करने में सहायता करते हैं।
इससे मूत्र का निर्माण होता है।
25. नेफ्रॉन
वृक्क की संरचनात्मक और क्रियात्मक इकाई को नेफ्रॉन कहते हैं।
प्रत्येक वृक्क में बहुत बड़ी संख्या में नेफ्रॉन पाए जाते हैं।
नेफ्रॉन के प्रमुख कार्य हैं:
- रक्त का निस्यंदन
- उपयोगी पदार्थों का पुनःअवशोषण
- अपशिष्ट पदार्थों को मूत्र के रूप में अलग करना
26. पौधों में उत्सर्जन
पौधों में भी उपापचय के दौरान अपशिष्ट पदार्थ बनते हैं।
पौधे विभिन्न तरीकों से इन पदार्थों को बाहर निकालते या संग्रहित करते हैं।
उदाहरण:
- ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड का गैसों के रूप में आदान-प्रदान
- अतिरिक्त जल का वाष्पोत्सर्जन
- कुछ अपशिष्ट पदार्थों का पत्तियों, छाल या अन्य भागों में संग्रह
27. सभी शारीरिक क्रियाओं का आपस में संबंध
पोषण, श्वसन, परिवहन और उत्सर्जन अलग-अलग प्रक्रियाएँ दिखाई देती हैं, लेकिन वास्तव में ये एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं।
उदाहरण के लिए:
भोजन → पाचन → पोषक पदार्थ → रक्त द्वारा परिवहन → कोशिकाओं तक पहुँच → श्वसन द्वारा ऊर्जा → अपशिष्ट पदार्थ → उत्सर्जन
इस प्रकार शरीर की सभी जीवन-प्रक्रियाएँ एक-दूसरे के साथ समन्वय करके काम करती हैं।
28. जीवों के लिए शारीरिक क्रियाएँ क्यों आवश्यक हैं?
शारीरिक क्रियाओं के बिना जीव का जीवन संभव नहीं है।
इनके द्वारा:
- शरीर को ऊर्जा मिलती है।
- शरीर की वृद्धि होती है।
- कोशिकाओं की मरम्मत होती है।
- आवश्यक पदार्थ शरीर के विभिन्न भागों तक पहुँचते हैं।
- अपशिष्ट पदार्थ बाहर निकलते हैं।
- शरीर का आंतरिक संतुलन बनाए रखने में सहायता मिलती है।
29. महत्वपूर्ण शब्दावली
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| पोषण | भोजन प्राप्त करने और उपयोग करने की प्रक्रिया |
| प्रकाश संश्लेषण | पौधों द्वारा भोजन बनाने की प्रक्रिया |
| श्वसन | ऊर्जा प्राप्त करने की प्रक्रिया |
| परिसंचरण | पदार्थों का शरीर में परिवहन |
| उत्सर्जन | अपशिष्ट पदार्थों को शरीर से बाहर निकालना |
| जाइलम | जल और खनिजों का परिवहन करने वाला पौध ऊतक |
| फ्लोएम | भोजन का परिवहन करने वाला पौध ऊतक |
| नेफ्रॉन | वृक्क की संरचनात्मक और क्रियात्मक इकाई |
| एल्विओलाई | फेफड़ों की सूक्ष्म वायु थैलियाँ |
| हीमोग्लोबिन | लाल रक्त कोशिकाओं में पाया जाने वाला श्वसन वर्णक |
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर
प्रश्न 1. जीवन-प्रक्रियाएँ क्या हैं?
उत्तर: जीवों के जीवित रहने और शरीर के सामान्य कार्यों को चलाने के लिए आवश्यक क्रियाओं को जीवन-प्रक्रियाएँ या शारीरिक क्रियाएँ कहते हैं।
प्रश्न 2. प्रमुख जीवन-प्रक्रियाओं के नाम लिखिए।
उत्तर: प्रमुख जीवन-प्रक्रियाएँ हैं—पोषण, श्वसन, परिवहन और उत्सर्जन।
प्रश्न 3. स्वपोषी पोषण क्या है?
उत्तर: जिस पोषण में जीव अपना भोजन स्वयं बनाते हैं, उसे स्वपोषी पोषण कहते हैं। हरे पौधे इसका उदाहरण हैं।
प्रश्न 4. प्रकाश संश्लेषण क्या है?
उत्तर: हरे पौधों द्वारा सूर्य के प्रकाश और क्लोरोफिल की उपस्थिति में कार्बन डाइऑक्साइड तथा जल से भोजन बनाने की प्रक्रिया प्रकाश संश्लेषण कहलाती है।
प्रश्न 5. श्वसन क्यों आवश्यक है?
उत्तर: श्वसन से भोजन में उपस्थित ऊर्जा शरीर की कोशिकाओं के लिए उपयोगी रूप में उपलब्ध होती है। यह ऊर्जा विभिन्न जीवन-क्रियाओं के लिए आवश्यक है।
प्रश्न 6. जाइलम का क्या कार्य है?
उत्तर: जाइलम जड़ों से जल और खनिजों को पौधे के अन्य भागों तक पहुँचाने में सहायता करता है।
प्रश्न 7. फ्लोएम का क्या कार्य है?
उत्तर: फ्लोएम पत्तियों में बने भोजन को पौधे के विभिन्न भागों तक पहुँचाने का कार्य करता है।
प्रश्न 8. नेफ्रॉन क्या है?
उत्तर: नेफ्रॉन वृक्क की संरचनात्मक और क्रियात्मक इकाई है। यह रक्त के निस्यंदन और मूत्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
प्रश्न 9. रक्त के मुख्य घटक कौन-कौन से हैं?
उत्तर: रक्त के मुख्य घटक प्लाज्मा, लाल रक्त कोशिकाएँ, श्वेत रक्त कोशिकाएँ और प्लेटलेट्स हैं।
प्रश्न 10. उत्सर्जन क्या है?
उत्तर: शरीर में बनने वाले अपशिष्ट पदार्थों को शरीर से बाहर निकालने की प्रक्रिया को उत्सर्जन कहते हैं।
Quick Revision
जीवन की प्रमुख शारीरिक क्रियाएँ:
पोषण → श्वसन → परिवहन → उत्सर्जन
पौधों में:
प्रकाश संश्लेषण → भोजन का निर्माण
जाइलम → जल और खनिजों का परिवहन
फ्लोएम → भोजन का परिवहन
मनुष्य में:
पाचन तंत्र → भोजन का पाचन
श्वसन तंत्र → गैसों का आदान-प्रदान
परिसंचरण तंत्र → पदार्थों का परिवहन
उत्सर्जन तंत्र → अपशिष्ट पदार्थों का निष्कासन
निष्कर्ष
जीवों के शरीर में होने वाली पोषण, श्वसन, परिवहन और उत्सर्जन जैसी प्रक्रियाएँ जीवन को बनाए रखने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। पोषण से भोजन प्राप्त होता है, श्वसन से ऊर्जा उपलब्ध होती है, परिवहन से आवश्यक पदार्थ शरीर के विभिन्न भागों तक पहुँचते हैं और उत्सर्जन से हानिकारक अपशिष्ट पदार्थ शरीर से बाहर निकलते हैं।
इस प्रकार सभी शारीरिक क्रियाएँ एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं और जीव के जीवन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
📘 Group-A: बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ) – उत्तर सहित
CO₂ का सबसे बड़ा स्रोत है –
➡️ (b) जन्तुप्रकाश संश्लेषण की क्रिया होती है –
➡️ (b) केवल दिन के समयप्रकाश संश्लेषण का अर्थ है –
➡️ (a) प्रकाश ऊर्जा का उपयोगऊर्जा तथा कच्चे पदार्थों की उपस्थिति में कार्बोहाइड्रेट का निर्माण होता है –
➡️ प्रकाश संश्लेषण द्वाराश्वसन है एक –
➡️ (a) विनाशात्मक क्रियाकोशिका में ऊर्जा का पदार्थ है –
➡️ (a) ATPमनुष्य का श्वसन अंग है –
➡️ (d) फेफड़ाविकर बने होते हैं –
➡️ (c) प्रोटीन केअमरलता है –
➡️ (b) परजीवीजोंक एक जन्तु है –
➡️ (a) परजीवीजन्तु समपोषण की अवस्थाएँ होती हैं –
➡️ (a) तीनहृदय को घेरने वाली झिल्ली है –
➡️ (d) पेरिकार्डियमवृक्क का कार्य है –
➡️ (a) उत्सर्जननेफ्रॉन मिलता है –
➡️ (c) वृक्क मेंमूत्र की प्रकृति होती है –
➡️ (a) अम्लीयपसीने की ग्रन्थियाँ मिलती हैं –
➡️ (a) त्वचा में
✍️ Group-B: रिक्त स्थानों की पूर्ति करें
प्रकाश संश्लेषण का केन्द्र स्थल है – हरितलवक (Chloroplast)।
NADP एक है – कोएन्जाइम (Coenzyme)।
श्वसन का केन्द्र स्थल है – माइटोकॉन्ड्रिया (Mitochondria)।
श्वसन की दर युवा कोशिकाओं में तीव्र होती है।
- घेंघा आयोडीन द्वारा अच्छा हो सकता है।
श्वसन ऑक्सीजन द्वारा अच्छा हो सकता है।
सबसे बड़ी ग्रन्थि है – यकृत (Liver)।
मूलदाब को यंत्र द्वारा मापा जाता है – पोरोमीटर (Porometer)।
पल्मोनरी शिरा में रक्त प्रवाहित होता है – ऑक्सीजन युक्त (Oxygenated)।
पौधों में कोई निश्चित उत्सर्जन तंत्र नहीं होता है।
मानव शरीर में निर्मित मूत्र की मात्रा है – लगभग 1.5 लीटर प्रति दिन।
कशेरुकी में पृष्ठ रज्जु मेरुदंड (Vertebral Column) में प्रतिस्थापित हो जाता है।
✅ |II| सही / गलत चुनें (True/False)
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प्रकाश संश्लेषण में उत्पन्न ऑक्सीजन का स्रोत CO₂ है।
➡️ ❌ गलत
सही तथ्य: ऑक्सीजन का स्रोत जल (H₂O) होता है, न कि CO₂।रसांकुर आमाशय में रहकर भोजन का पाचन करता है।
➡️ ❌ गलत
सही तथ्य: रसांकुर (gastric gland) आमाशय की दीवारों में होता है, न कि अलग अंग के रूप में।मनाइकोलिसिन को EMP Pathway भी कहते हैं।
➡️ ✅ सही
EMP (Embden–Meyerhof–Parnas) पथ को ही ग्लाइकोलाइसिस या मनाइकोलिसिन प्रक्रिया कहा जाता है।केचुआ का उत्सर्जी अंग नेफ्रेडिया है।
➡️ ✅ सही
सही तथ्य: केंचुए में नेफ्रिडिया उत्सर्जन अंग के रूप में कार्य करता है।S.A नोड को हृदय का पेसमेकर भी कहते हैं।
➡️ ✅ सही
सही तथ्य: SA Node हृदय की धड़कन को नियंत्रित करता है, इसलिए इसे “पेसमेकर” कहा जाता है।एट्रोपीन सर्पगंधा से प्राप्त होता है जो रक्तचाप को कम करता है।
➡️ ❌ गलत
सही तथ्य: एट्रोपीन एट्रोपा बेलाडोना नामक पौधे से प्राप्त होता है और यह हृदयगति बढ़ाने में सहायक होता है। सर्पगंधा (Rauvolfia serpentina) से रेसर्पीन प्राप्त होता है जो रक्तचाप को कम करता है।
✅ C. स्तम्भ मिलान कीजिए (सही युग्म बनाएं)
| स्तम्भ A | स्तम्भ B | सही मिलान |
|---|---|---|
| (i) यूग्लीना | (a) विविधपोषी | (i) → (a) |
| (ii) एगरिकस | (b) गलफड | (ii) → (b) |
| (iii) बेगची | (e) प्रकाशसंश्लेषण | (iii) → (e) |
| (iv) उपचय तथा अपचय | (c) चयापचय | (iv) → (c) |
| (v) मूत्र का संग्रह मूत्राशय | (d) मूत्राशय | (v) → (d) |
✅ उत्तर का क्रम:
(i – a), (ii – b), (iii – e), (iv – c), (v – d)
✅ Group-C – प्रश्नों का 2 से 3 वाक्यों में उत्तर दें (Total: 12 Marks)
1. ‘प्रकाश संश्लेषण को ऑक्सीकरण-अवकरण की क्रिया कहते हैं’ क्यों?
➡️ प्रकाश संश्लेषण में जल (H₂O) का ऑक्सीकरण होकर ऑक्सीजन निकलती है और CO₂ का अवकरण होकर ग्लूकोज बनता है। इसलिए इसे ऑक्सीकरण-अवकरण की क्रिया कहते हैं।
2. एक जन्तु और एक पौधा लिखो जो प्रकाश संश्लेषण करता और नहीं करता।
➡️ यूग्लीना एक ऐसा जन्तु है जो प्रकाश संश्लेषण करता है। कस्कुटा (आमरबेल) एक परजीवी पौधा है जो प्रकाश संश्लेषण नहीं करता।
3. भेलामेन क्या है? इसका कार्य लिखो।
➡️ भेलामेन एक प्रकार की परत होती है जो ऑर्किड पौधों की जड़ों पर पाई जाती है। इसका कार्य वायुमंडलीय नमी का अवशोषण करना है।
4. रात में पेड़ के नीचे सोना हानिकारक क्यों है?
➡️ रात में पेड़ प्रकाश संश्लेषण नहीं करते और केवल श्वसन के द्वारा CO₂ छोड़ते हैं। अधिक CO₂ से दम घुटने का खतरा होता है।
5. NADP, PGA, ATP तथा CAC का पूरा नाम लिखो।
➡️
NADP: Nicotinamide Adenine Dinucleotide Phosphate
PGA: Phosphoglyceric Acid
ATP: Adenosine Triphosphate
CAC: Citric Acid Cycle
6. दौड़ते समय साँसे तेज क्यों चलती हैं?
➡️ दौड़ने से शरीर को अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है, जिसके लिए ऑक्सीजन अधिक चाहिए। इसलिए साँसे तेज चलने लगती हैं।
7. सूक्ष्म मात्रिक तत्व की परिभाषा तथा उदाहरण।
➡️ ऐसे तत्व जो पौधों की वृद्धि के लिए बहुत कम मात्रा में आवश्यक होते हैं उन्हें सूक्ष्म मात्रिक तत्व कहते हैं। उदाहरण: जिंक (Zn)।
8. वसा में घुलनशील और जल में घुलनशील विटामिन का नाम।
➡️
वसा में घुलनशील: विटामिन A
जल में घुलनशील: विटामिन C
9. वेनस हृदय क्या है? एक उदाहरण दो।
➡️ ऐसा हृदय जिसमें रक्त खुली परिपथ से होकर बहता है, वेनस हृदय कहलाता है। उदाहरण: झींगा।
10. पेसमेकर क्या है? इसका कार्य।
➡️ हृदय में SA नोड को पेसमेकर कहते हैं। यह हृदय की धड़कनों को नियंत्रित करता है।
11. अवशोषण और रसारोहण में संबंध बताओ।
➡️ अवशोषण वह प्रक्रिया है जिससे पचे हुए भोजन को रक्त में लिया जाता है, और रसारोहण वह प्रक्रिया है जिससे वह भोजन शरीर के अंगों तक पहुँचाया जाता है।
12. रक्त किस प्रकार जमता है?
➡️ जब किसी घाव से रक्त निकलता है तो प्लेटलेट्स फाइब्रिन जाल बनाते हैं जिससे थक्का जमता है और रक्त बहाव रुकता है।
13. केशिका गुच्छ कहाँ पाया जाता है? इसका कार्य।
➡️ यह वृक्क (किडनी) में पाया जाता है। इसका कार्य रक्त को निस्यंदित करके मल पदार्थ अलग करना है।
14. सिस्टोलिक तथा डाइस्टोलिक की परिभाषा और उदाहरण।
➡️ सिस्टोलिक: हृदय संकुचन की अवस्था (उदाहरण: 120 mm Hg)
डाइस्टोलिक: हृदय विश्राम की अवस्था (उदाहरण: 80 mm Hg)
15. ऑर्निथिन चक्र कहाँ चलता है? ADH का पूरा नाम।
➡️ ऑर्निथिन चक्र यकृत (Liver) में चलता है और यह अमोनिया को यूरिया में बदलता है।
ADH का पूरा नाम: Anti Diuretic Hormone।
🧪 E : विस्तृत प्रश्नों के उत्तर (Long Answers)
1. प्रकाश संश्लेषण की क्रिया विधि लिखो एवं जन्तु जगत किस प्रकार इस क्रिया में लाभान्वित होता है?
उत्तर:
प्रकाश संश्लेषण वह प्रक्रिया है जिसमें हरे पौधे, क्लोरोफिल की उपस्थिति में सूर्य के प्रकाश का उपयोग करके कार्बन डाइऑक्साइड और जल से ग्लूकोज़ (C₆H₁₂O₆) और ऑक्सीजन (O₂) बनाते हैं।
समीकरण:
6CO₂ + 6H₂O —(सौर ऊर्जा एवं क्लोरोफिल)—> C₆H₁₂O₆ + 6O₂
जन्तु जगत इस क्रिया से लाभान्वित होता है क्योंकि इससे भोजन (ग्लूकोज़) और श्वसन के लिए आवश्यक ऑक्सीजन प्राप्त होती है।
**2. निम्न अभिक्रिया की व्याख्या करो:
6CO₂ + 12H₂O → C₆H₁₂O₆ + 6O₂ + 6H₂O**
उत्तर:
यह प्रकाश संश्लेषण की विस्तृत रासायनिक अभिक्रिया है। इसमें 6 अणु कार्बन डाइऑक्साइड और 12 अणु जल का उपयोग कर पौधे क्लोरोफिल और सूर्य के प्रकाश की सहायता से एक अणु ग्लूकोज़ (C₆H₁₂O₆), 6 अणु ऑक्सीजन और 6 अणु जल का निर्माण करते हैं। यह क्रिया पौधों में पत्तियों के क्लोरोप्लास्ट में होती है।
3. धमन किसे कहते हैं? दिन के समय प्रकाश संश्लेषण तथा श्वसन की क्रियायें किस प्रकार साथ-साथ होती हैं?
उत्तर:
धमन वह रक्त वाहिनी होती है जो हृदय से रक्त को शरीर के विभिन्न भागों में ले जाती है।
दिन में पौधों में प्रकाश संश्लेषण और श्वसन दोनों क्रियाएँ होती हैं। प्रकाश संश्लेषण में कार्बन डाइऑक्साइड का उपयोग होता है और ऑक्सीजन निकलती है, जबकि श्वसन में ऑक्सीजन का उपयोग होता है और कार्बन डाइऑक्साइड बनती है। दिन में प्रकाश संश्लेषण की दर अधिक होती है जिससे वातावरण में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ती है।
4. आवश्यक तत्व तथा सूक्ष्म मात्रिक तत्व से तुम क्या समझते हो? तीन आवश्यक तत्व तथा दो सूक्ष्म मात्रिक तत्वों के नाम लिखो।
उत्तर:
आवश्यक तत्व वे तत्व होते हैं जो पौधों की वृद्धि और विकास के लिए अनिवार्य होते हैं।
सूक्ष्म मात्रिक तत्व वे तत्व होते हैं जो बहुत कम मात्रा में आवश्यक होते हैं लेकिन उनकी उपस्थिति भी अनिवार्य होती है।
तीन आवश्यक तत्व: नाइट्रोजन (N), फॉस्फोरस (P), पोटैशियम (K)
दो सूक्ष्म मात्रिक तत्व: आयरन (Fe), जिंक (Zn)
5. जन्तु सम पोषण की कितनी अवस्थायें हैं? इन अवस्थाओं के नाम लिखो।
उत्तर:
जन्तु सम पोषण में निम्नलिखित अवस्थाएँ होती हैं:
भोजन ग्रहण (Ingestion)
पाचन (Digestion)
अवशोषण (Absorption)
आत्मसात (Assimilation)
अपशिष्ट निष्कासन (Egestion)
6. विटामिन किसे कहते हैं? जिन विटामिनों से तुम परिचित हो उनके नाम, स्रोत तथा अभाव जनित लक्षण लिखो। मानव शरीर किस विटामिन के संश्लेषण में समर्थ है?
उत्तर:
विटामिन ऐसे कार्बनिक यौगिक होते हैं जो शरीर की वृद्धि, पोषण तथा रोगों से लड़ने के लिए आवश्यक होते हैं और शरीर इन्हें स्वयं नहीं बना सकता।
उदाहरण:
विटामिन A – स्रोत: गाजर, मक्खन | अभाव: रतौंधी
विटामिन B – स्रोत: अनाज, दालें | अभाव: बेरी-बेरी
विटामिन C – स्रोत: आंवला, नींबू | अभाव: स्कर्वी
विटामिन D – स्रोत: धूप, अंडा | अभाव: रिकेट्स
मानव शरीर केवल विटामिन D का संश्लेषण सूर्य के प्रकाश की सहायता से करता है।
7. रक्त का रंग लाल क्यों होता है? रक्त के विभिन्न उपादानों का संक्षिप्त विवरण दो।
उत्तर:
रक्त का रंग लाल होता है क्योंकि इसमें उपस्थित हीमोग्लोबिन नामक प्रोटीन लाल रंग का होता है।
रक्त के घटक:
प्लाज्मा – तरल भाग
लाल रक्त कणिकाएँ (RBCs) – हीमोग्लोबिन से युक्त
श्वेत रक्त कणिकाएँ (WBCs) – रोग प्रतिरोधक
प्लेटलेट्स – रक्त का थक्का जमाना
8. विकर किसे कहते हैं? विकर की विशेषताओं को लिखो। पाचक विकरों का वर्णन करो।
उत्तर:
विकर (Enzyme) जैविक उत्प्रेरक होते हैं जो रासायनिक अभिक्रियाओं को गति प्रदान करते हैं।
विशेषताएँ:
जैविक उत्पत्ति वाले होते हैं।
विशिष्ट तापमान और pH पर कार्य करते हैं।
पाचक विकर:एमाइलेज – स्टार्च को शर्करा में बदलता है।
पेप्सिन – प्रोटीन को पेप्टाइड्स में तोड़ता है।
लाइपेज – वसा को फैटी एसिड और ग्लिसरॉल में तोड़ता है।
9. मानव शरीर में रक्त के परिवहन की व्याख्या करो। धमनी एवं शिरा में अन्तर लिखो।
उत्तर:
मानव शरीर में हृदय रक्त को धमनी द्वारा शरीर के भागों में भेजता है और शिरा द्वारा रक्त को वापस हृदय में लाया जाता है।
अन्तर:
धमनी मोटी दीवारों वाली होती है, रक्त को हृदय से दूर ले जाती है।
शिरा पतली दीवारों वाली होती है, रक्त को हृदय की ओर लाती है।
10. एक नेफ्रॉन का स्वच्छ तथा नामांकित चित्र खींचो।
उत्तर:
बोमैन कैप्सूल
ग्लोमेरुलसप्रॉक्सिमल ट्यूब्यूल
लूप ऑफ हेनले
डिस्टल ट्यूब्यूल
- कलेक्टिंग डक्ट
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