Table of Contents
Toggleपृथ्वी का आंतरिक भाग
🔹 1.पृथ्वी का आंतरिक भाग का वस्तुनिष्ठ (Objective / MCQ) प्रश्न उत्तर सहित
प्रश्न 1. पृथ्वी के केन्द्र तक की दूरी लगभग कितनी है?
A. 3000 किमी
B. 4000 किमी
C. 6370 किमी
D. 8000 किमी
✔ उत्तर: C. 6370 किमी
प्रश्न 2. पृथ्वी का सबसे गहरा प्राकृतिक गर्त कौन-सा है?
A. रॉकी पर्वत
B. कोला गर्त
C. हिमालय
D. अंडमान गर्त
✔ उत्तर: B. कोला गर्त
प्रश्न 3. भू-गर्भ में स्थित पिघले हुए पदार्थ को क्या कहते हैं?
A. लावा
B. मैग्मा
C. मिट्टी
D. चट्टान
✔ उत्तर: B. मैग्मा
प्रश्न 4. कौन-सी भूकंप तरंगें तरल माध्यम में नहीं चलतीं?
A. P तरंग
B. S तरंग
C. दोनों
D. कोई नहीं
✔ उत्तर: B. S तरंग
🔹 2.पृथ्वी का आंतरिक भाग का एक पंक्ति वाले प्रश्न (One-Liner) उत्तर सहित
प्रश्न 1. पृथ्वी के भीतर ताप को क्या कहते हैं?
✔ उत्तर: पृथ्वी के भीतर के ताप को भू-ताप कहते हैं।
प्रश्न 2. पृथ्वी के सबसे बाहरी ठोस भाग को क्या कहा जाता है?
✔ उत्तर: पृथ्वी के सबसे बाहरी भाग को भू-पर्पटी (भू-पृष्ठ) कहते हैं।
प्रश्न 3. मैग्मा जब पृथ्वी के बाहर आ जाता है तो क्या कहलाता है?
✔ उत्तर: मैग्मा जब बाहर निकलता है तो उसे लावा कहते हैं।
🔹 3.पृथ्वी का आंतरिक भाग का 2 अंक के प्रश्न उत्तर सहित
प्रश्न 1.पृथ्वी के केन्द्र तक खुदाई करना संभव क्यों नहीं है?
उत्तर:पृथ्वी के भीतर गहराई के साथ ताप और दाब अत्यधिक बढ़ जाता है। 33 मीटर की गहराई पर ताप लगभग 1°C बढ़ता है। इतना अधिक ताप और दबाव सहन कर पाना मनुष्य और मशीनों के लिए असंभव है, इसलिए पृथ्वी के केन्द्र तक खुदाई नहीं की जा सकती।
प्रश्न 2.उष्ण झरना क्या है?
उत्तर:पृथ्वी के भीतर भू-ताप के कारण गर्म हुआ जल जब सतह पर बाहर निकलता है, तो उसे उष्ण झरना (Hot Spring) कहते हैं।
🔹 4.पृथ्वी का आंतरिक भाग का 5 अंक के प्रश्न उत्तर सहित
प्रश्न 1.पृथ्वी के आंतरिक भाग के बारे में जानकारी कैसे प्राप्त की जाती है?
उत्तर:पृथ्वी के आंतरिक भाग को प्रत्यक्ष रूप से देखना संभव नहीं है। इसलिए वैज्ञानिक अप्रत्यक्ष साधनों का उपयोग करते हैं। भूकंप के समय उत्पन्न होने वाली P और S तरंगों का अध्ययन किया जाता है। ये तरंगें अलग-अलग पदार्थों में अलग गति से चलती हैं। इनके व्यवहार से पृथ्वी के अंदर मौजूद विभिन्न परतों, उनके घनत्व और अवस्था की जानकारी मिलती है। इसके अलावा ज्वालामुखी, उष्ण झरने और गहरे गर्तों से भी जानकारी प्राप्त होती है।
प्रश्न 2.मैग्मा और लावा में अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:मैग्मा पृथ्वी के अंदर अत्यधिक ताप और दाब में पिघली हुई अवस्था में पाया जाता है। जब यही मैग्मा ज्वालामुखी के द्वारा पृथ्वी की सतह पर बाहर निकल आता है, तो उसे लावा कहा जाता है। अर्थात् स्थान के आधार पर इनके नाम बदल जाते हैं।
🔹 5.पृथ्वी का आंतरिक भाग का 10 अंक का प्रश्न उत्तर सहित (Exam Oriented)
प्रश्न:पृथ्वी की आंतरिक संरचना का वर्णन कीजिए।
उत्तर:पृथ्वी का आंतरिक भाग तीन मुख्य परतों में विभाजित है—
(1) भू-पर्पटी (Crust)
यह पृथ्वी की सबसे बाहरी और पतली परत है। महासागरों के नीचे इसकी मोटाई लगभग 5 किमी तथा महाद्वीपों के नीचे लगभग 30–60 किमी होती है। इसमें सिलिका और एल्युमिनियम की अधिकता होती है, जिसे सियाल कहा जाता है।
(2) गुरुमंडल (Mantle)
यह भू-पर्पटी के नीचे लगभग 2900 किमी तक फैला हुआ है। यह पृथ्वी का सबसे बड़ा भाग है। यहाँ तापमान 2000°C से 3000°C तक होता है। इस भाग में मैग्मा पाया जाता है। गुरुमंडल के ऊपरी भाग में ऐस्थेनोस्फीयर स्थित है, जहाँ पदार्थ अर्द्ध-तरल अवस्था में होता है।
(3) केन्द्रमंडल (Core)
यह पृथ्वी का सबसे भीतरी भाग है। इसमें लोहा और निकेल की अधिकता होती है। केन्द्रमंडल को बाह्य केन्द्रमंडल और अन्तः केन्द्रमंडल में बाँटा गया है। बाह्य केन्द्रमंडल अर्द्ध-तरल होता है, जबकि अन्तः केन्द्रमंडल अत्यधिक दाब के कारण ठोस अवस्था में होता है। यही भाग पृथ्वी के चुम्बकीय क्षेत्र का कारण है।
🔹 6. Optional / Practice Questions
प्रश्न 1. भू-ताप ऊर्जा क्या है और इसका उपयोग कहाँ होता है?
उत्तर:भू-ताप ऊर्जा पृथ्वी के भीतर मौजूद प्राकृतिक ताप से प्राप्त होने वाली ऊर्जा है। पृथ्वी के केन्द्र से निकलने वाला यह ताप धीरे-धीरे भू-पृष्ठ की ओर प्रवाहित होता रहता है। इसी ताप को उपयोग में लाकर विद्युत ऊर्जा का उत्पादन किया जाता है।
भू-ताप ऊर्जा का उपयोग मुख्यतः बिजली उत्पादन, उष्ण झरनों, घरों को गर्म रखने, तथा औद्योगिक कार्यों में होता है। आइसलैंड और अमेरिका जैसे देशों में इसका बड़े पैमाने पर प्रयोग किया जाता है।
प्रश्न 2. ऐस्थेनोस्फीयर को दुर्बल मंडल क्यों कहा जाता है?
उत्तर:ऐस्थेनोस्फीयर शिलामंडल के नीचे स्थित वह परत है जहाँ अत्यधिक ताप और दाब के कारण चट्टानें पूर्ण रूप से ठोस नहीं होतीं, बल्कि अर्द्ध-तरल और नरम अवस्था में रहती हैं।
इस परत के पदार्थ आसानी से बह सकते हैं और इसमें परिचलन धाराएँ उत्पन्न होती हैं। इसी कारण यह परत कठोर नहीं होती और इसे दुर्बल मंडल (Asthenosphere) कहा जाता है।
प्रश्न 3. पृथ्वी के आंतरिक भाग में घनत्व क्यों बढ़ता जाता है?
उत्तर:पृथ्वी के भीतर गहराई बढ़ने के साथ-साथ दाब और ताप दोनों बढ़ते जाते हैं। अधिक दाब के कारण पदार्थों के कण एक-दूसरे के बहुत पास आ जाते हैं, जिससे उनका घनत्व बढ़ जाता है।
इसके अलावा, पृथ्वी की उत्पत्ति के समय भारी धातुएँ जैसे लोहा और निकेल केन्द्र की ओर इकट्ठी हो गईं, जबकि हल्के पदार्थ ऊपर रह गए। इसी कारण पृथ्वी के आंतरिक भाग में घनत्व अधिक पाया जाता है।
प्रश्न 4. भूकंप तरंगों का अध्ययन क्यों आवश्यक है?
उत्तर:भूकंप तरंगों का अध्ययन इसलिए आवश्यक है क्योंकि पृथ्वी के आंतरिक भाग को प्रत्यक्ष रूप से देखना संभव नहीं है।
भूकंप के समय उत्पन्न P और S तरंगें पृथ्वी की विभिन्न परतों से होकर गुजरती हैं और अलग-अलग गति से चलती हैं। इन तरंगों के व्यवहार का अध्ययन करके वैज्ञानिक पृथ्वी की आंतरिक संरचना, परतों की मोटाई, घनत्व और अवस्था के बारे में जानकारी प्राप्त करते हैं।
प्रश्न 5. पृथ्वी के केन्द्र में पदार्थ ठोस क्यों होते हैं जबकि ताप अधिक होता है?
उत्तर:पृथ्वी के केन्द्र में ताप बहुत अधिक होता है, लेकिन वहाँ दाब उससे भी अधिक होता है। अत्यधिक दाब के कारण पदार्थ पिघल नहीं पाते और ठोस अवस्था में बने रहते हैं।
इसी कारण पृथ्वी के अन्तः केन्द्रमंडल में पदार्थ अत्यधिक ताप होने के बावजूद ठोस अवस्था में पाए जाते हैं।
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