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Toggleपृथ्वी का आंतरिक भाग
1. अध्याय का परिचय
हम जिस पृथ्वी पर रहते हैं, उसका केवल बाहरी भाग ही हमें दिखाई देता है। पृथ्वी के अंदरूनी हिस्से में भी कई परतें हैं। वैज्ञानिकों ने विभिन्न प्रमाणों और भूकंपीय तरंगों के अध्ययन से पृथ्वी की आंतरिक संरचना के बारे में जानकारी प्राप्त की है।
पृथ्वी की आंतरिक संरचना को मुख्य रूप से तीन प्रमुख परतों में बाँटा जाता है—
- भूपर्पटी (Crust)
- मेंटल (Mantle)
- क्रोड (Core)
इन तीनों परतों की मोटाई, तापमान, दबाव और संरचना अलग-अलग होती है।
2. पृथ्वी की आंतरिक संरचना
इसे एक सरल उदाहरण से समझिए।
अगर हम पृथ्वी को एक उबले हुए अंडे की तरह मानें, तो—
- अंडे का बाहरी छिलका → भूपर्पटी
- अंडे का सफेद भाग → मेंटल
- अंडे का पीला भाग → क्रोड
हालाँकि पृथ्वी और अंडे की वास्तविक संरचना अलग है, यह उदाहरण पृथ्वी की परतों को समझने में मदद करता है।
3. भूपर्पटी (Crust)
पृथ्वी की सबसे ऊपरी और सबसे पतली परत को भूपर्पटी कहते हैं।
हम इसी परत पर रहते हैं।
भूपर्पटी दो प्रमुख प्रकार की होती है—
① महाद्वीपीय भूपर्पटी
यह महाद्वीपों के नीचे पाई जाती है और सामान्यतः अधिक मोटी होती है।
② महासागरीय भूपर्पटी
यह महासागरों के नीचे पाई जाती है और महाद्वीपीय भूपर्पटी की तुलना में अधिक पतली होती है।
महत्वपूर्ण बात
भूपर्पटी की मोटाई हर जगह समान नहीं होती।
महाद्वीपों के नीचे यह अधिक मोटी और महासागरों के नीचे अपेक्षाकृत पतली होती है।
4. मेंटल (Mantle)
भूपर्पटी के नीचे स्थित बहुत मोटी परत को मेंटल कहते हैं।
मेंटल पृथ्वी के अंदर बहुत गहराई तक फैला हुआ है।
यहाँ तापमान और दबाव भूपर्पटी की तुलना में बहुत अधिक होता है।
मेंटल की ऊपरी भाग की कुछ चट्टानें बहुत गर्म और नरम/लचीली अवस्था में हो सकती हैं। पृथ्वी के अंदर की गर्मी के कारण यहाँ पदार्थों की गति होती रहती है।
इसी आंतरिक गतिविधि का संबंध प्लेटों की गति, ज्वालामुखी और भूकंप जैसी घटनाओं से है।
5. क्रोड (Core)
पृथ्वी की सबसे अंदरूनी परत को क्रोड कहते हैं।
क्रोड मुख्य रूप से लोहा और निकेल जैसे भारी तत्वों से बना माना जाता है।
क्रोड दो भागों में बाँटा जाता है—
① बाहरी क्रोड
बाहरी क्रोड मुख्यतः द्रव अवस्था में माना जाता है।
② आंतरिक क्रोड
आंतरिक क्रोड अत्यधिक तापमान के बावजूद बहुत अधिक दबाव के कारण ठोस अवस्था में रहता है।
6. पृथ्वी के अंदर तापमान
जैसे-जैसे हम पृथ्वी के अंदर जाते हैं, सामान्यतः तापमान और दबाव बढ़ते जाते हैं।
पृथ्वी के केंद्र के पास तापमान अत्यंत अधिक होता है।
इसी कारण पृथ्वी का आंतरिक भाग बहुत गर्म है।
7. पृथ्वी के अंदर की जानकारी हमें कैसे मिलती है?
हम पृथ्वी के अंदर बहुत गहराई तक जाकर सीधे उसका अध्ययन नहीं कर सकते।
इसलिए वैज्ञानिक विभिन्न तरीकों से पृथ्वी के अंदर की जानकारी प्राप्त करते हैं।
सबसे महत्वपूर्ण माध्यमों में से एक है—
भूकंपीय तरंगें
भूकंप के दौरान उत्पन्न होने वाली तरंगें पृथ्वी के अंदर से होकर गुजरती हैं।
इन तरंगों की गति और दिशा में होने वाले परिवर्तन का अध्ययन करके वैज्ञानिक पृथ्वी की आंतरिक संरचना के बारे में जानकारी प्राप्त करते हैं।
8. भूकंप क्या है?
पृथ्वी की अंदरूनी चट्टानों में अचानक होने वाली हलचल के कारण पृथ्वी की सतह में कंपन उत्पन्न होता है, जिसे भूकंप कहते हैं।
भूकंप से उत्पन्न ऊर्जा तरंगों के रूप में चारों ओर फैलती है। इन्हें भूकंपीय तरंगें कहते हैं।
9. भूकंप का केंद्र
भूकंप जहाँ पृथ्वी के अंदर उत्पन्न होता है, उस स्थान को उद्गम केंद्र (Focus/Hypocentre) कहते हैं।
उद्गम केंद्र के ठीक ऊपर पृथ्वी की सतह पर स्थित स्थान को अधिकेंद्र (Epicentre) कहते हैं।
याद रखें:
अंदर का स्थान → उद्गम केंद्र
सतह पर उसके ठीक ऊपर → अधिकेंद्र
10. ज्वालामुखी
पृथ्वी के अंदर अत्यधिक गर्म पदार्थ मौजूद होते हैं। जब पृथ्वी के अंदर का गर्म पिघला पदार्थ दरारों या छिद्रों से बाहर निकलता है, तो ज्वालामुखीय गतिविधि होती है।
पृथ्वी के अंदर मौजूद पिघले हुए पदार्थ को मैग्मा कहा जाता है।
जब यही पदार्थ पृथ्वी की सतह पर पहुँचता है, तो इसे लावा कहा जाता है।
याद रखने का आसान तरीका:
अंदर = मैग्मा
बाहर = लावा
11. चट्टानें और पृथ्वी का आंतरिक भाग
पृथ्वी की बाहरी ठोस परत मुख्य रूप से विभिन्न प्रकार की चट्टानों से बनी है।
चट्टानों का निर्माण और परिवर्तन पृथ्वी की आंतरिक तथा बाहरी प्रक्रियाओं के कारण होता रहता है।
चट्टानों के प्रमुख प्रकार हैं—
- आग्नेय चट्टान
- अवसादी चट्टान
- कायांतरित चट्टान
⭐ महत्वपूर्ण शब्द एवं परिभाषाएँ
1. भूपर्पटी
पृथ्वी की सबसे ऊपरी और सबसे पतली परत को भूपर्पटी कहते हैं।
2. मेंटल
भूपर्पटी के नीचे स्थित पृथ्वी की बहुत मोटी परत को मेंटल कहते हैं।
3. क्रोड
पृथ्वी की सबसे अंदरूनी परत को क्रोड कहते हैं।
4. मैग्मा
पृथ्वी के अंदर मौजूद अत्यधिक गर्म पिघले हुए पदार्थ को मैग्मा कहते हैं।
5. लावा
ज्वालामुखी के माध्यम से पृथ्वी की सतह पर निकलने वाले मैग्मा को लावा कहते हैं।
6. भूकंप
पृथ्वी की अंदरूनी हलचल के कारण धरातल में होने वाले कंपन को भूकंप कहते हैं।
7. भूकंपीय तरंगें
भूकंप से उत्पन्न ऊर्जा के तरंगों के रूप में फैलने को भूकंपीय तरंगें कहते हैं।
8. उद्गम केंद्र
पृथ्वी के अंदर वह स्थान जहाँ से भूकंप की ऊर्जा उत्पन्न होती है, उद्गम केंद्र कहलाता है।
9. अधिकेंद्र
उद्गम केंद्र के ठीक ऊपर पृथ्वी की सतह पर स्थित स्थान को अधिकेंद्र कहते हैं।
📝 परीक्षा में पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण प्रश्न
प्रश्न 1. पृथ्वी की आंतरिक संरचना की प्रमुख परतों के नाम लिखिए।
उत्तर: पृथ्वी की तीन प्रमुख आंतरिक परतें हैं—
- भूपर्पटी
- मेंटल
- क्रोड
प्रश्न 2. भूपर्पटी क्या है?
उत्तर: पृथ्वी की सबसे ऊपरी और सबसे पतली ठोस परत को भूपर्पटी कहते हैं। हम इसी परत पर रहते हैं।
प्रश्न 3. मेंटल क्या है?
उत्तर: भूपर्पटी के नीचे स्थित पृथ्वी की बहुत मोटी परत को मेंटल कहते हैं। इसमें तापमान और दबाव बहुत अधिक होता है।
प्रश्न 4. क्रोड किसे कहते हैं?
उत्तर: पृथ्वी की सबसे अंदरूनी परत को क्रोड कहते हैं। यह मुख्य रूप से भारी तत्वों, विशेषकर लोहे और निकेल, से बना माना जाता है।
प्रश्न 5. क्रोड कितने भागों में बाँटा जाता है?
उत्तर: क्रोड को दो भागों में बाँटा जाता है—
- बाहरी क्रोड
- आंतरिक क्रोड
प्रश्न 6. पृथ्वी के अंदर जाने पर तापमान और दबाव में क्या परिवर्तन होता है?
उत्तर: पृथ्वी के अंदर गहराई बढ़ने के साथ सामान्यतः तापमान और दबाव दोनों बढ़ते जाते हैं।
प्रश्न 7. वैज्ञानिक पृथ्वी के आंतरिक भाग की जानकारी कैसे प्राप्त करते हैं?
उत्तर: वैज्ञानिक भूकंपीय तरंगों के अध्ययन सहित विभिन्न वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर पृथ्वी के आंतरिक भाग की जानकारी प्राप्त करते हैं।
प्रश्न 8. मैग्मा और लावा में क्या अंतर है?
उत्तर: पृथ्वी के अंदर मौजूद पिघले हुए गर्म पदार्थ को मैग्मा कहते हैं, जबकि यही पदार्थ पृथ्वी की सतह पर निकलने के बाद लावा कहलाता है।
प्रश्न 9. भूकंप का उद्गम केंद्र और अधिकेंद्र क्या है?
उत्तर: पृथ्वी के अंदर जहाँ से भूकंप की ऊर्जा उत्पन्न होती है, उसे उद्गम केंद्र कहते हैं। इसके ठीक ऊपर पृथ्वी की सतह पर स्थित स्थान को अधिकेंद्र कहते हैं।
प्रश्न 10. पृथ्वी की आंतरिक संरचना को कितनी प्रमुख परतों में बाँटा गया है?
उत्तर: पृथ्वी की आंतरिक संरचना को मुख्य रूप से तीन परतों में बाँटा गया है—भूपर्पटी, मेंटल और क्रोड।
🔥 5 अंकों का महत्वपूर्ण प्रश्न
प्रश्न: पृथ्वी की आंतरिक संरचना का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
पृथ्वी की आंतरिक संरचना को मुख्य रूप से तीन परतों में बाँटा जाता है—भूपर्पटी, मेंटल और क्रोड।
भूपर्पटी पृथ्वी की सबसे ऊपरी और पतली परत है। मनुष्य इसी पर रहता है। इसके नीचे मेंटल स्थित है, जो बहुत मोटी परत है और इसमें तापमान तथा दबाव बहुत अधिक होता है। सबसे अंदर क्रोड स्थित है। क्रोड मुख्य रूप से लोहे और निकेल जैसे भारी तत्वों से बना माना जाता है। इसे बाहरी और आंतरिक क्रोड में बाँटा जाता है।
पृथ्वी के अंदर गहराई बढ़ने के साथ तापमान और दबाव सामान्यतः बढ़ते जाते हैं। वैज्ञानिक भूकंपीय तरंगों सहित विभिन्न प्रमाणों की सहायता से पृथ्वी की आंतरिक संरचना का अध्ययन करते हैं।
🧠 Quick Revision
पृथ्वी की 3 मुख्य परतें:
🌍 भूपर्पटी → मेंटल → क्रोड
सबसे बाहरी → भूपर्पटी
बीच की मोटी परत → मेंटल
सबसे अंदर → क्रोड
क्रोड के प्रमुख तत्व → लोहा + निकेल
अंदर का पिघला पदार्थ → मैग्मा
सतह पर निकला मैग्मा → लावा
भूकंप का अंदरूनी स्थान → उद्गम केंद्र
उद्गम केंद्र के ठीक ऊपर सतह का स्थान → अधिकेंद्र
गहराई बढ़ने पर → तापमान और दबाव बढ़ते हैं।
🔹 1.पृथ्वी का आंतरिक भाग का वस्तुनिष्ठ (Objective / MCQ) प्रश्न उत्तर सहित
प्रश्न 1. पृथ्वी के केन्द्र तक की दूरी लगभग कितनी है?
A. 3000 किमी
B. 4000 किमी
C. 6370 किमी
D. 8000 किमी
✔ उत्तर: C. 6370 किमी
प्रश्न 2. पृथ्वी का सबसे गहरा प्राकृतिक गर्त कौन-सा है?
A. रॉकी पर्वत
B. कोला गर्त
C. हिमालय
D. अंडमान गर्त
✔ उत्तर: B. कोला गर्त
प्रश्न 3. भू-गर्भ में स्थित पिघले हुए पदार्थ को क्या कहते हैं?
A. लावा
B. मैग्मा
C. मिट्टी
D. चट्टान
✔ उत्तर: B. मैग्मा
प्रश्न 4. कौन-सी भूकंप तरंगें तरल माध्यम में नहीं चलतीं?
A. P तरंग
B. S तरंग
C. दोनों
D. कोई नहीं
✔ उत्तर: B. S तरंग
🔹 2.पृथ्वी का आंतरिक भाग का एक पंक्ति वाले प्रश्न (One-Liner) उत्तर सहित
प्रश्न 1. पृथ्वी के भीतर ताप को क्या कहते हैं?
✔ उत्तर: पृथ्वी के भीतर के ताप को भू-ताप कहते हैं।
प्रश्न 2. पृथ्वी के सबसे बाहरी ठोस भाग को क्या कहा जाता है?
✔ उत्तर: पृथ्वी के सबसे बाहरी भाग को भू-पर्पटी (भू-पृष्ठ) कहते हैं।
प्रश्न 3. मैग्मा जब पृथ्वी के बाहर आ जाता है तो क्या कहलाता है?
✔ उत्तर: मैग्मा जब बाहर निकलता है तो उसे लावा कहते हैं।
🔹 3.पृथ्वी का आंतरिक भाग का 2 अंक के प्रश्न उत्तर सहित
प्रश्न 1.पृथ्वी के केन्द्र तक खुदाई करना संभव क्यों नहीं है?
उत्तर:पृथ्वी के भीतर गहराई के साथ ताप और दाब अत्यधिक बढ़ जाता है। 33 मीटर की गहराई पर ताप लगभग 1°C बढ़ता है। इतना अधिक ताप और दबाव सहन कर पाना मनुष्य और मशीनों के लिए असंभव है, इसलिए पृथ्वी के केन्द्र तक खुदाई नहीं की जा सकती।
प्रश्न 2.उष्ण झरना क्या है?
उत्तर:पृथ्वी के भीतर भू-ताप के कारण गर्म हुआ जल जब सतह पर बाहर निकलता है, तो उसे उष्ण झरना (Hot Spring) कहते हैं।
🔹 4.पृथ्वी का आंतरिक भाग का 5 अंक के प्रश्न उत्तर सहित
प्रश्न 1.पृथ्वी के आंतरिक भाग के बारे में जानकारी कैसे प्राप्त की जाती है?
उत्तर:पृथ्वी के आंतरिक भाग को प्रत्यक्ष रूप से देखना संभव नहीं है। इसलिए वैज्ञानिक अप्रत्यक्ष साधनों का उपयोग करते हैं। भूकंप के समय उत्पन्न होने वाली P और S तरंगों का अध्ययन किया जाता है। ये तरंगें अलग-अलग पदार्थों में अलग गति से चलती हैं। इनके व्यवहार से पृथ्वी के अंदर मौजूद विभिन्न परतों, उनके घनत्व और अवस्था की जानकारी मिलती है। इसके अलावा ज्वालामुखी, उष्ण झरने और गहरे गर्तों से भी जानकारी प्राप्त होती है।
प्रश्न 2.मैग्मा और लावा में अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:मैग्मा पृथ्वी के अंदर अत्यधिक ताप और दाब में पिघली हुई अवस्था में पाया जाता है। जब यही मैग्मा ज्वालामुखी के द्वारा पृथ्वी की सतह पर बाहर निकल आता है, तो उसे लावा कहा जाता है। अर्थात् स्थान के आधार पर इनके नाम बदल जाते हैं।
🔹 5.पृथ्वी का आंतरिक भाग का 10 अंक का प्रश्न उत्तर सहित (Exam Oriented)
प्रश्न:पृथ्वी की आंतरिक संरचना का वर्णन कीजिए।
उत्तर:पृथ्वी का आंतरिक भाग तीन मुख्य परतों में विभाजित है—
(1) भू-पर्पटी (Crust)
यह पृथ्वी की सबसे बाहरी और पतली परत है। महासागरों के नीचे इसकी मोटाई लगभग 5 किमी तथा महाद्वीपों के नीचे लगभग 30–60 किमी होती है। इसमें सिलिका और एल्युमिनियम की अधिकता होती है, जिसे सियाल कहा जाता है।
(2) गुरुमंडल (Mantle)
यह भू-पर्पटी के नीचे लगभग 2900 किमी तक फैला हुआ है। यह पृथ्वी का सबसे बड़ा भाग है। यहाँ तापमान 2000°C से 3000°C तक होता है। इस भाग में मैग्मा पाया जाता है। गुरुमंडल के ऊपरी भाग में ऐस्थेनोस्फीयर स्थित है, जहाँ पदार्थ अर्द्ध-तरल अवस्था में होता है।
(3) केन्द्रमंडल (Core)
यह पृथ्वी का सबसे भीतरी भाग है। इसमें लोहा और निकेल की अधिकता होती है। केन्द्रमंडल को बाह्य केन्द्रमंडल और अन्तः केन्द्रमंडल में बाँटा गया है। बाह्य केन्द्रमंडल अर्द्ध-तरल होता है, जबकि अन्तः केन्द्रमंडल अत्यधिक दाब के कारण ठोस अवस्था में होता है। यही भाग पृथ्वी के चुम्बकीय क्षेत्र का कारण है।
🔹 6. Optional / Practice Questions
प्रश्न 1. भू-ताप ऊर्जा क्या है और इसका उपयोग कहाँ होता है?
उत्तर:भू-ताप ऊर्जा पृथ्वी के भीतर मौजूद प्राकृतिक ताप से प्राप्त होने वाली ऊर्जा है। पृथ्वी के केन्द्र से निकलने वाला यह ताप धीरे-धीरे भू-पृष्ठ की ओर प्रवाहित होता रहता है। इसी ताप को उपयोग में लाकर विद्युत ऊर्जा का उत्पादन किया जाता है।
भू-ताप ऊर्जा का उपयोग मुख्यतः बिजली उत्पादन, उष्ण झरनों, घरों को गर्म रखने, तथा औद्योगिक कार्यों में होता है। आइसलैंड और अमेरिका जैसे देशों में इसका बड़े पैमाने पर प्रयोग किया जाता है।
प्रश्न 2. ऐस्थेनोस्फीयर को दुर्बल मंडल क्यों कहा जाता है?
उत्तर:ऐस्थेनोस्फीयर शिलामंडल के नीचे स्थित वह परत है जहाँ अत्यधिक ताप और दाब के कारण चट्टानें पूर्ण रूप से ठोस नहीं होतीं, बल्कि अर्द्ध-तरल और नरम अवस्था में रहती हैं।
इस परत के पदार्थ आसानी से बह सकते हैं और इसमें परिचलन धाराएँ उत्पन्न होती हैं। इसी कारण यह परत कठोर नहीं होती और इसे दुर्बल मंडल (Asthenosphere) कहा जाता है।
प्रश्न 3. पृथ्वी के आंतरिक भाग में घनत्व क्यों बढ़ता जाता है?
उत्तर:पृथ्वी के भीतर गहराई बढ़ने के साथ-साथ दाब और ताप दोनों बढ़ते जाते हैं। अधिक दाब के कारण पदार्थों के कण एक-दूसरे के बहुत पास आ जाते हैं, जिससे उनका घनत्व बढ़ जाता है।
इसके अलावा, पृथ्वी की उत्पत्ति के समय भारी धातुएँ जैसे लोहा और निकेल केन्द्र की ओर इकट्ठी हो गईं, जबकि हल्के पदार्थ ऊपर रह गए। इसी कारण पृथ्वी के आंतरिक भाग में घनत्व अधिक पाया जाता है।
प्रश्न 4. भूकंप तरंगों का अध्ययन क्यों आवश्यक है?
उत्तर:भूकंप तरंगों का अध्ययन इसलिए आवश्यक है क्योंकि पृथ्वी के आंतरिक भाग को प्रत्यक्ष रूप से देखना संभव नहीं है।
भूकंप के समय उत्पन्न P और S तरंगें पृथ्वी की विभिन्न परतों से होकर गुजरती हैं और अलग-अलग गति से चलती हैं। इन तरंगों के व्यवहार का अध्ययन करके वैज्ञानिक पृथ्वी की आंतरिक संरचना, परतों की मोटाई, घनत्व और अवस्था के बारे में जानकारी प्राप्त करते हैं।
प्रश्न 5. पृथ्वी के केन्द्र में पदार्थ ठोस क्यों होते हैं जबकि ताप अधिक होता है?
उत्तर:पृथ्वी के केन्द्र में ताप बहुत अधिक होता है, लेकिन वहाँ दाब उससे भी अधिक होता है। अत्यधिक दाब के कारण पदार्थ पिघल नहीं पाते और ठोस अवस्था में बने रहते हैं।
इसी कारण पृथ्वी के अन्तः केन्द्रमंडल में पदार्थ अत्यधिक ताप होने के बावजूद ठोस अवस्था में पाए जाते हैं।
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