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— रामचन्द्र तिवारी
1. लेखक परिचय — रामचन्द्र तिवारी
आचार्य रामचन्द्र तिवारी हिंदी के प्रसिद्ध साहित्यकार, आलोचक और अध्यापक थे। उनका जन्म 4 जून 1924 ई. को उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले के कुकुढ़ा गाँव में हुआ था। हिंदी साहित्य में वे विशेष रूप से आलोचक के रूप में प्रसिद्ध हुए।
उन्होंने हिंदी साहित्य के विभिन्न विषयों पर महत्वपूर्ण लेखन किया। उनकी प्रमुख रचनाओं में ‘हिंदी का गद्य साहित्य’, ‘मध्ययुगीन काल साधना’, ‘आचार्य रामचंद्र शुक्ल’, ‘कबीर मीमांसा’ और ‘आलोचना का दायित्व’ आदि शामिल हैं।
रामचन्द्र तिवारी की भाषा सरल, प्रभावशाली और विचारपूर्ण है। उनकी रचनाओं में साहित्य के साथ-साथ प्रकृति, जीवन और मानवीय अनुभवों का सुंदर चित्रण मिलता है।
‘पानी की कहानी’ उनकी प्रसिद्ध रचना है। इसमें लेखक ने पानी की एक छोटी-सी ओस की बूँद को पात्र बनाकर उसके जन्म, विकास और जीवन-यात्रा का रोचक वर्णन किया है। पाठ में वैज्ञानिक तथ्यों को कल्पना और कहानी के माध्यम से बहुत सरल ढंग से समझाया गया है।
रामचन्द्र तिवारी का निधन 4 जनवरी 2009 ई. को हुआ।
2. पाठ की विधा
‘पानी की कहानी’ आत्मकथात्मक शैली में लिखी गई एक रोचक और ज्ञानवर्धक रचना है।
इसमें पानी की एक बूँद स्वयं अपने जीवन की कहानी सुनाती है। वैज्ञानिक तथ्यों को कल्पना के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।
3. पूरी कहानी का सारांश
‘पानी की कहानी’ में लेखक ने पानी की एक छोटी-सी ओस की बूँद को कहानी का मुख्य पात्र बनाया है। एक दिन लेखक बेर की झाड़ी के पास से गुजर रहा था। तभी एक ओस की बूँद बेर की झाड़ी से उसके हाथ पर आ गिरी। वह बूँद लेखक से बातचीत करने लगी और उसने अपने जीवन की पूरी कहानी सुनाई।
बूँद ने बताया कि उसका संबंध बहुत पुराने समय से है। उसके पुरखे हाइड्रोजन और ऑक्सीजन नामक गैसें थीं। अरबों वर्ष पहले इन गैसों की रासायनिक क्रिया से पानी का जन्म हुआ। उस समय पृथ्वी एक आग का गोला थी। धीरे-धीरे पृथ्वी ठंडी हुई और पानी के विभिन्न रूप बनने लगे।
बूँद ने बताया कि उसके जीवन में अनेक परिवर्तन आए। कभी वह भाप के रूप में रही, कभी बर्फ बनी और कभी तरल पानी के रूप में पृथ्वी पर घूमती रही। पानी का जीवन लगातार रूप बदलता रहा।
एक समय वह समुद्र में पहुँची। समुद्र के भीतर उसने अनेक प्रकार के जीव-जंतुओं को देखा। उसने विचित्र मछलियाँ, कछुए, समुद्री जीव और समुद्र की गहराई में रहने वाले अनेक प्राणियों को देखा। समुद्र का पानी उसे बहुत खारा लगा।
इसके बाद पानी की बूँद पृथ्वी के विभिन्न भागों में घूमती रही। वह नदियों और धाराओं के साथ बहती हुई पहाड़ों तक पहुँची। पानी की धाराएँ पहाड़ों के पत्थरों पर लगातार प्रहार करती हैं। इसी कारण बड़े-बड़े पत्थर टूटकर छोटे-छोटे कणों और अंततः रेत में बदल जाते हैं।
पानी की बूँद ने पृथ्वी के भीतर और पेड़ों के जीवन को भी देखा। पेड़ अपनी जड़ों के रोओं द्वारा जमीन से पानी खींचते हैं। बूँद को लगा कि पेड़ पानी की बूँदों को बड़ी निर्दयता से अपनी ओर खींच लेते हैं। इसी कारण वह क्रोध और घृणा से काँप उठी।
बूँद अंततः एक पेड़ के पत्ते तक पहुँची। सूर्य की गर्मी मिलने पर उसे फिर उड़ने की शक्ति प्राप्त हुई। इस प्रकार पानी की बूँद अपने पुराने रूप में लौटने के लिए तैयार हो गई।
अंत में सूर्य निकलने पर ओस की बूँद धीरे-धीरे लेखक की आँखों से ओझल हो गई। इस प्रकार उसकी जीवन-यात्रा जल-चक्र के विभिन्न रूपों—भाप, बादल, बर्फ, जल, नदी, समुद्र और ओस—से होकर गुजरती है।
इस कहानी के माध्यम से लेखक ने पानी के महत्व, उसके विभिन्न रूपों और प्रकृति में उसके निरंतर चक्र को रोचक ढंग से प्रस्तुत किया है।
4. वस्तुनिष्ठ प्रश्न
(क) ‘पानी की कहानी’ पाठ किस शैली में लिखा गया है?
उत्तर: (iii) आत्मकथात्मक शैली
(ख) ओस कहाँ से आई थी?
उत्तर: (iv) बेर के पेड़ से।
(ग) किसके लिए ओस के असंख्य बंधुओं ने अपने प्राण नाश किए?
उत्तर: (iv) पेड़ के लिए।
(घ) ओस के पुरखे कौन-कौन सी गैसें हैं?
उत्तर: (iii) हाइड्रोजन और ऑक्सीजन।
(ङ) पृथ्वी प्रारंभ में कैसी थी?
उत्तर: (iv) आग का गोला।
(च) रामचन्द्र तिवारी की मृत्यु कब हुई?
उत्तर: 4 जनवरी 2009 ई.
(छ) ओस की बूँद के अनुसार जड़ों के रोएँ कैसे होते हैं?
उत्तर: निर्दयी।
(ज) बूँद को उड़ने की शक्ति कौन देता है?
उत्तर: सूर्य।
(झ) बूँद भाग्य पर भरोसा करके कहाँ सिकुड़ी रही?
उत्तर: पत्ते में।
(ञ) अपने जन्म के आरंभिक काल में बूँद किस रूप में घूमती थी?
उत्तर: ओस के रूप में।
(ट) बूँद को समुद्र की कौन-सी चीज अच्छी नहीं लगी?
उत्तर: खारापन।
(ठ) ऊपर आकाश में पहुँचकर बूँद को किस पुरानी सहेली के दर्शन हुए?
उत्तर: आँधी।
(ड) कौन धीरे-धीरे आँखों से ओझल हो गई?
उत्तर: ओस की बूँद।
5. लघुत्तरीय प्रश्न-उत्तर
(1) क्रोध और घृणा से कौन काँप उठी?
उत्तर: ओस की बूँद क्रोध और घृणा से काँप उठी।
(2) किसके शरीर से चमक निकलती थी?
उत्तर: समुद्र की गहराई में रहने वाली एक विचित्र मछली के शरीर से चमक निकलती थी।
(3) उनका शरीर कब हाइड्रोजन और ऑक्सीजन में विभाजित हो गया?
उत्तर: अरबों वर्ष पहले पानी के पूर्वजों का संबंध हाइड्रोजन और ऑक्सीजन गैसों से था। रासायनिक क्रिया के कारण इन गैसों से पानी का निर्माण हुआ।
(4) किस कारण वह बूँद बनकर नीचे कूद पड़ी?
उत्तर: बहुत-सी जलवाष्प के कण आपस में मिलकर भारी हो गए। इसी कारण वह बूँद का रूप लेकर नीचे गिर पड़ी।
(5) पहाड़ों के पत्थरों का रेत रूप कैसे बनता है?
उत्तर: पानी की बूँदें और धाराएँ लगातार पहाड़ों के पत्थरों पर प्रहार करती हैं। इससे पत्थर टूटकर छोटे-छोटे टुकड़ों में बदल जाते हैं और धीरे-धीरे रेत का रूप ले लेते हैं।
(6) रामचन्द्र तिवारी का जन्म कब और कहाँ हुआ था?
उत्तर: रामचन्द्र तिवारी का जन्म 4 जून 1924 ई. को उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले के कुकुढ़ा गाँव में हुआ था।
(7) ओस को लेखक के किस भाव से दुःख हुआ?
उत्तर: ओस की बूँद को लेखक के अविश्वास के भाव से दुःख हुआ।
(8) बूँद ऊँची शिखर से कहाँ गिरी?
उत्तर: बूँद ऊँचे शिखर से कूदकर एक चट्टान पर गिरी।
6. व्याख्या-मूलक प्रश्न
‘क्रोध और घृणा से उसका शरीर काँप उठा।’
(क) यह पंक्ति किस पाठ से ली गई है?
उत्तर: यह पंक्ति ‘पानी की कहानी’ पाठ से ली गई है।
(ख) इसके रचनाकार कौन हैं?
उत्तर: इसके रचनाकार रामचन्द्र तिवारी हैं।
(ग) किसका शरीर काँप उठा और क्यों?
उत्तर: ओस की बूँद का शरीर क्रोध और घृणा से काँप उठा। उसने देखा कि पेड़ अपनी जड़ों और जड़ों के रोओं द्वारा पृथ्वी से पानी को बलपूर्वक खींच लेते हैं। पानी की अनेक बूँदों ने पेड़ को बड़ा बनाने में अपना जीवन लगा दिया था। यह देखकर बूँद को बहुत दुःख और क्रोध हुआ।
7. बोधमूलक प्रश्न-उत्तर
(1) पानी का जन्म कैसे हुआ?
उत्तर: पानी के जन्म से पहले हाइड्रोजन और ऑक्सीजन गैसें मौजूद थीं। इन गैसों की रासायनिक क्रिया से जलवाष्प बनी। बाद में पृथ्वी के ठंडा होने पर जलवाष्प के संघनन और अन्य प्राकृतिक परिवर्तनों से पानी के विभिन्न रूप बने। इस प्रकार हाइड्रोजन और ऑक्सीजन को पानी का पुरखा कहा गया है।
(2) प्रारंभ में पानी के शरीर का रूप कैसा था और क्रमशः कैसा हो गया?
उत्तर: प्रारंभ में पानी के पूर्वज हाइड्रोजन और ऑक्सीजन गैसों के रूप में थे। रासायनिक क्रिया के बाद पानी का निर्माण हुआ। वह पहले जलवाष्प के रूप में रहा, फिर बर्फ और बाद में तरल पानी के रूप में बदल गया। इस प्रकार पानी लगातार अपना रूप बदलता रहा।
(3) समुद्र के भीतर उसने क्या-क्या देखा?
उत्तर: समुद्र के भीतर बूँद ने अनेक प्रकार के जीव-जंतुओं को देखा। उसने रेंगने वाले जीव, जालीदार मछलियाँ, बड़े-बड़े कछुए, आठ हाथों वाली मछली तथा चमकने वाली विचित्र मछली देखी। समुद्र की गहराई में उसने पेड़-पौधों, पहाड़ियों, घाटियों और गुफाओं में रहने वाले अनेक जीवों को भी देखा।
(4) ज्वालामुखी किसे कहते हैं?
उत्तर: जब पृथ्वी के अंदर से धुआँ, राख, रेत, पिघली हुई धातुएँ और लपटें पृथ्वी के फटने से बाहर निकलती हैं, तो उसे ज्वालामुखी कहते हैं।
(5) पहाड़ से गिरकर सरिता बनकर पानी क्या करता है?
उत्तर: पहाड़ से गिरकर पानी सरिता का रूप लेता है। वह कभी भूमि को काटता है और कभी पेड़ों तथा चट्टानों को क्षति पहुँचाता है। बहते-बहते वह मैदानों से होकर नगरों और अंततः समुद्र तक पहुँच जाता है।
8. भाषा-बोध
(1) निम्नलिखित शब्दों के विशेषण रूप
| शब्द | विशेषण |
|---|---|
| जंगल | जंगली |
| प्रकृति | प्राकृतिक |
| नगर | नागरिक |
| दर्शन | दर्शनीय |
| श्रद्धा | श्रद्धालु |
| साहस | साहसी |
| अनुभव | अनुभवी |
| शक्ति | शक्तिशाली |
(2) शब्द-युग्मों का वाक्य-प्रयोग
इधर-उधर: बच्चे मैदान में इधर-उधर घूम रहे थे।
उथल-पुथल: अचानक आई आँधी से पूरे गाँव में उथल-पुथल मच गई।
बंधु-बांधवों: त्योहार पर वह अपने बंधु-बांधवों से मिलने गया।
जैसे-तैसे: उसने जैसे-तैसे अपना काम पूरा किया।
चहल-पहल: बाजार में सुबह से ही चहल-पहल दिखाई दे रही थी।
आस-पास: हमारे घर के आस-पास बहुत से पेड़ हैं।
मैली-कुचैली: गरीब बच्चा मैली-कुचैली पोशाक पहने था।
लाल-पीला: क्रोध के कारण उसका चेहरा लाल-पीला हो गया।
उछलने-कूदने: बच्चे मैदान में उछलने-कूदने लगे।
(3) अंग्रेजी के समान अर्थ वाले शब्द
| हिंदी शब्द | English |
|---|---|
| हाइड्रोजन | Hydrogen |
| रासायनिक क्रिया | Chemical Reaction |
| दुर्घटना | Accident |
| ऑक्सीजन | Oxygen |
| तापक्रम | Temperature |
9. पाठ से मिलने वाली शिक्षा
‘पानी की कहानी’ हमें बताती है कि पानी प्रकृति का अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा है। पानी लगातार अपना रूप बदलता रहता है और प्रकृति के चक्र को बनाए रखता है।
यह पाठ हमें पानी को व्यर्थ नष्ट न करने और प्रकृति के प्रति संवेदनशील रहने की प्रेरणा देता है। साथ ही यह रचना वैज्ञानिक तथ्यों को कल्पना के माध्यम से सरल और रोचक ढंग से समझाती है।
10. परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण बिंदु
- पाठ: पानी की कहानी
- लेखक: रामचन्द्र तिवारी
- शैली: आत्मकथात्मक
- मुख्य पात्र: ओस की बूँद
- ओस की बूँद कहाँ से आई: बेर की झाड़ी से
- पानी के पुरखे: हाइड्रोजन और ऑक्सीजन
- प्रारंभिक पृथ्वी: आग का गोला
- बूँद को उड़ने की शक्ति: सूर्य से
- समुद्र का जो गुण अच्छा नहीं लगा: खारापन
- जड़ों के रोएँ: निर्दयी
- पहाड़ों से रेत बनने का कारण: पानी की बूँदों का लगातार प्रहार
- मुख्य विषय: पानी का जन्म, उसके रूप और उसकी जीवन-यात्रा
- मुख्य संदेश: पानी का संरक्षण और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता
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