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देश की माटी देश का जल ,class 3 ,EDUCATED INDIA
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देश की माटी देश का जल

रविन्द्रनाथ ठाकुर

 देश की माटी, देश का जल हवा देश की, देश के फल सरस बनें प्रभु, सरस बनें।

देश के घर और देश के घाट देश के वन औ देश के बाट सरल बनें प्रभु, सरल बनें।

देश के तन और देश के मन देश के घर के भाई-बहन विमल बनें प्रभु, विमल बनें।

देश की इच्छा, देश की आशा काम देश का, देश की भाषा एक बनें प्रभु, एक बनें।

देश की माटी, देश का जल हवा देश की, देश के फल सरस बनें प्रभु, सरस बनें।

देश की माटी देश का जल कविता की सरल व्याख्या (लगभग 1000 शब्द)
यह कविता देशभक्ति और एकता की भावना से भरी हुई एक प्रार्थना है। इसमें कवि भगवान से अपने देश के लिए अनेक प्रकार की मंगलकामनाएँ करता है। कवि चाहता है कि उसका देश हर प्रकार से श्रेष्ठ, पवित्र, सुखी और एकजुट बने। यह कविता हमें सिखाती है कि केवल देश से प्रेम करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि हमें देश की प्रकृति, समाज और लोगों के बीच भी प्रेम, शांति और एकता बनाए रखनी चाहिए।

कविता की शुरुआत में कवि भगवान से प्रार्थना करता है कि हमारे देश की मिट्टी पवित्र और जीवन देने वाली बने। मिट्टी किसी भी देश की सबसे महत्वपूर्ण संपत्ति होती है, क्योंकि उसी मिट्टी से अन्न पैदा होता है और लोगों का जीवन चलता है। अगर मिट्टी अच्छी और उपजाऊ होगी तो देश के लोगों को पर्याप्त भोजन मिलेगा और देश समृद्ध बनेगा। इसलिए कवि चाहता है कि देश की मिट्टी सभी के लिए लाभदायक हो और उसमें पवित्रता बनी रहे।

इसके बाद कवि देश के जल की बात करता है। जल जीवन का आधार है और इसके बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। कवि चाहता है कि देश का जल स्वच्छ और शुद्ध हो, ताकि लोग स्वस्थ जीवन जी सकें। जब पानी साफ और पवित्र होगा, तो लोगों को बीमारियों से भी बचाव मिलेगा। इसलिए कवि भगवान से प्रार्थना करता है कि देश के सभी नदियाँ, तालाब और जल स्रोत स्वच्छ और उपयोगी बने रहें।

देश की माटी देश का जल कवि आगे देश की हवा के बारे में भी प्रार्थना करता है। हवा भी जीवन के लिए उतनी ही जरूरी है जितना जल और भोजन। अगर हवा शुद्ध होगी तो लोग स्वस्थ और प्रसन्न रहेंगे। कवि चाहता है कि देश की हवा इतनी स्वच्छ और सुखद हो कि हर व्यक्ति उसे सांस के साथ ग्रहण करके अपने जीवन में ताजगी और ऊर्जा महसूस करे। शुद्ध हवा से प्रकृति भी संतुलित रहती है और लोगों का स्वास्थ्य भी अच्छा रहता है।

इसके बाद कवि देश के फल और भोजन की समृद्धि की कामना करता है। वह चाहता है कि देश के पेड़-पौधे अच्छे फल दें और सभी लोगों को पर्याप्त भोजन मिले। जब प्रकृति उदार होगी और हर व्यक्ति को भोजन मिलेगा, तब देश में भूख और गरीबी कम होगी। इससे समाज में खुशहाली और संतोष का वातावरण बनेगा।

कवि केवल प्रकृति की ही नहीं बल्कि देश के घरों और समाज की भी चिंता करता है। वह भगवान से प्रार्थना करता है कि देश के सभी घर शांतिपूर्ण और प्रेम से भरे हों। जब घरों में प्रेम और सद्भाव होगा, तब समाज भी मजबूत बनेगा। परिवार किसी भी समाज की नींव होते हैं, इसलिए यदि परिवारों में प्रेम और शांति होगी तो पूरे देश में सुख और समृद्धि आएगी।

कवि देश के घाट, रास्तों और वनों के लिए भी मंगलकामना करता है। घाट और रास्ते लोगों के आने-जाने और आपसी संपर्क के साधन होते हैं। यदि रास्ते सरल और सुरक्षित होंगे तो लोगों के बीच मेल-जोल बढ़ेगा और समाज में एकता की भावना मजबूत होगी। इसी तरह वन भी प्रकृति का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। वन हमें ऑक्सीजन, लकड़ी और अनेक प्रकार के प्राकृतिक संसाधन प्रदान करते हैं। इसलिए कवि चाहता है कि देश के वन हरे-भरे और सुरक्षित बने रहें।

कवि देश के नागरिकों के लिए भी भगवान से प्रार्थना करता है। वह चाहता है कि देश के सभी भाई-बहन तन और मन से पवित्र रहें। इसका अर्थ यह है कि लोगों के विचार अच्छे हों, उनका व्यवहार सच्चा और ईमानदार हो और वे एक-दूसरे के साथ प्रेम और सम्मान से रहें। जब लोगों के मन में पवित्रता और सच्चाई होगी, तब समाज में झगड़े, ईर्ष्या और नफरत कम होगी।

कवि यह भी चाहता है कि देश के सभी लोग एक-दूसरे के साथ भाईचारे की भावना से रहें। देश में कई प्रकार के धर्म, भाषा और संस्कृतियाँ होती हैं, लेकिन इसके बावजूद सभी लोगों को मिल-जुलकर रहना चाहिए। यही सच्ची देशभक्ति है कि हम अपने देश के हर नागरिक को अपना भाई-बहन समझें और उसके साथ सम्मान और प्रेम से व्यवहार करें।

कविता के अंत में कवि एक बहुत महत्वपूर्ण बात कहता है। वह भगवान से प्रार्थना करता है कि देश के लोगों की इच्छा, आशा, काम और भाषा एक हो जाए। इसका अर्थ यह है कि सभी लोग एक ही लक्ष्य की ओर बढ़ें और देश की उन्नति के लिए मिलकर कार्य करें। जब लोगों के विचार और उद्देश्य एक होंगे, तब देश तेजी से प्रगति करेगा।

कवि यह भी चाहता है कि लोगों के बीच किसी प्रकार का भेदभाव न हो। चाहे कोई किसी भी धर्म, जाति या भाषा का हो, सभी लोग एक साथ मिलकर रहें और देश को आगे बढ़ाने में अपना योगदान दें। यही सच्ची एकता और देशभक्ति का संदेश है।

यह कविता हमें सिखाती है कि देश की उन्नति केवल सरकार या किसी एक व्यक्ति से नहीं होती, बल्कि पूरे समाज के सहयोग से होती है। यदि देश के सभी नागरिक अच्छे विचारों वाले, मेहनती और एकजुट होंगे, तो देश अवश्य ही प्रगति करेगा।

अंततः यह कविता देश के लिए एक सुंदर प्रार्थना है, जिसमें कवि ने प्रकृति, समाज और नागरिकों के कल्याण की कामना की है। कविता हमें यह सिखाती है कि हमें अपने देश से प्रेम करना चाहिए, उसकी प्रकृति की रक्षा करनी चाहिए और सभी लोगों के साथ मिल-जुलकर रहना चाहिए।

इस प्रकार यह कविता देशभक्ति, एकता, प्रेम और सद्भावना का संदेश देती है। यह हमें प्रेरणा देती है कि हम अपने देश को बेहतर बनाने के लिए मिलकर प्रयास करें और एक आदर्श समाज का निर्माण करें।

देश की माटी देश का जल :प्र्शन -उत्तर

देश की मट्टी देश का जल class -3 की कविता है।1.(1)आपके आस-पास गांव/शहर की मिट्टी का रंग कैसा है?

उत्तर:कथा 

(2) उस मिट्टी में कौन कौन सी फसल उगाई जाती है?

उत्तर: धान, सब्जी, फल, गेहुँ आदि।

(3)मिट्टी से बनी कौन-कौन सी चीज अपने घर के काम में इस्तेमाल करते हो ?

उत्तर : घड़ा, चूल्हा आदि

(4) मिट्टी से बर्तन बनाने वाले को क्या कहते हैं?

उत्तर:कुम्हार ।

(5)मिट्टी से बने खिलौने अगर तुम्हारे घर में है तो उनके नाम लिखो ?

उत्तर:घोड़ा ,हाथी ।

(6) अपने मातृभाषा का नाम बताओ ?

उत्तर:हिंदी ।

(7)किसी अन्य भाषा का नाम बताओ ?

उत्तर :अंग्रेजी, बांग्ला ,उर्दू आदि ।

2/(1)प्रभु से किन-किन चीजों को सरल बनाने की प्रार्थना की गई है?

उत्तर: देश की माटी,जल,हवा,फल,घर -घाट आदि को सरल बनाने की प्रार्थना की गई है ।

(2)प्रभु से किन-किन चीजों को विमल बनाने की प्रार्थना की गई है ?

उत्तर : तन ,मन ,भाई ,बहन को विमल बनाने की प्रार्थना की गई है ।

(3)प्रभु से किन-किन चीजों को एक बनाने की प्रार्थना की गई है ?

उत्तर : प्रभु से इच्छा ,आशा ,कम ,भाषा को एक बनाने की प्रार्थना की गई है।

(4)इन्हें एक बनाने की प्रार्थना क्यों की गई है? 

उत्तर:देश के विकास के लिए इन्हें एक बनाने की प्रार्थना की गई है ।

 

📝 प्रश्न–उत्तर

1. प्रश्न: यह कविता किसके लिए प्रार्थना है?
उत्तर: यह कविता हमारे देश के लिए एक प्रार्थना है।

2. प्रश्न: कवि देश की मिट्टी, जल और हवा के लिए क्या चाहता है?
उत्तर: कवि चाहता है कि ये सब शुद्ध और सबके लिए लाभदायक बनें।

3. प्रश्न: कवि देश के फलों के बारे में क्या कहता है?
उत्तर: वह चाहता है कि देश के फल मीठे और अच्छे बनें।

4. प्रश्न: कवि देश के घर और घाट कैसे देखना चाहता है?
उत्तर: वह चाहता है कि वे सरल और शांतिपूर्ण हों।

5. प्रश्न: कविता में ‘वन और बाट’ से क्या मतलब है?
उत्तर: इसका मतलब है जंगल और रास्ते।

6. प्रश्न: कवि देश के लोगों के लिए क्या प्रार्थना करता है?
उत्तर: वह चाहता है कि देश के लोग तन और मन से पवित्र रहें।

7. प्रश्न: ‘विमल बनें’ का क्या अर्थ है?
उत्तर: इसका अर्थ है शुद्ध और साफ बनें।

8. प्रश्न: कवि देश की इच्छा और आशा के लिए क्या चाहता है?
उत्तर: वह चाहता है कि देश की इच्छा और आशा एक हों।

9. प्रश्न: कविता हमें क्या संदेश देती है?
उत्तर: यह कविता हमें देशभक्ति और एकता का संदेश देती है।

10. प्रश्न: इस कविता का मुख्य भाव क्या है?
उत्तर: इस कविता का मुख्य भाव देश के प्रति प्रेम और एकता की भावना है।

३. कविता की पंक्तियाँ लिखो

३.१. हे प्रभु! देश के घर… (अर्थ के अनुसार)
उत्तर:
देश के घर और देश के घाट,
देश के वन और देश के बाट,
सरल बनें प्रभु, सरल बनें।


३.२. हे प्रभु! सभी देशवासी… (अर्थ के अनुसार)
उत्तर:
देश के भाई-बहन सब जन,
तन-मन से हों निर्मल पावन,
छल-कपट से दूर रहें।


४. खाली स्थान भरिए

४.१. देश के घर और ______ के घाट…
उत्तर:
देश के घर और देश के घाट,
देश के वन और देश के बाट,
सरल बनें प्रभु, सरल बनें।


४.२. देश की इच्छा, देश की आशा…
उत्तर:
देश की इच्छा, देश की आशा,
काम देश का, देश की भाषा,
एक बने प्रभु, एक बनें।


५. वर्णों को जोड़कर शब्द बनाओ

प्रश्न: द + े + श = ?
उत्तर: देश

प्रश्न: अ + र + ा + म = ?
उत्तर: आराम

प्रश्न: अ + म + र + ा + ई = ?
उत्तर: अमराई


६. तुकान्त शब्दों के जोड़े लिखो

प्रश्न: तुकान्त शब्द लिखिए
उत्तर:
जल–फल, घर–घाट, तन–मन, इच्छा–आशा, वन–जन, बाट–घाट


७. बिखरे अक्षरों को सही करो

प्रश्न: मका → ?
उत्तर: काम

प्रश्न: शदे → ?
उत्तर: देश

प्रश्न: लसर → ?
उत्तर: सरल

प्रश्न: हनव → ?
उत्तर: वन

प्रश्न: बहन → ?
उत्तर: बहन


८. वर्ण-विच्छेद करो

प्रश्न: फल → ?
उत्तर: फ + ल

प्रश्न: फूल → ?
उत्तर: फ + ू + ल

प्रश्न: हवा → ?
उत्तर: ह + वा

प्रश्न: भाई → ?
उत्तर: भा + ई

प्रश्न: प्रभु → ?
उत्तर: प्र + भु

प्रश्न: बाट → ?
उत्तर: बा + ट


९. समानार्थी शब्द लिखो

प्रश्न: पानी → ?
उत्तर: जल

प्रश्न: गृह → ?
उत्तर: घर

प्रश्न: पवन → ?
उत्तर: हवा

प्रश्न: शरीर → ?
उत्तर: तन

प्रश्न: राष्ट्र → ?
उत्तर: देश


१०. सही विकल्प चुनो

१०.१. देश के फल (नीरस / सरस / फीके) हों
उत्तर: ✔ सरस

१०.२. देश के लोग (झगड़ालू / असहज / सरल) बनें
उत्तर: ✔ सरल

१०.३. सभी का मन (निर्मल / गंदा / काला) बने
उत्तर: ✔ निर्मल

१०.४. हम सभी (अनेक / एक / दो) हैं
उत्तर: ✔ एक


११. ‘बस’ से बने शब्द लिखो

उत्तर:
बासठ, बासा, बासी, बाँस, बसेरा, बसंत, बसूला


१२. मिलान कीजिए

प्रश्न: हिन्दी → ?
उत्तर: भाषा

प्रश्न: देश → ?
उत्तर: भारत

प्रश्न: पेड़ → ?
उत्तर: फल

प्रश्न: जल → ?
उत्तर: बादल

प्रश्न: वन → ?
उत्तर: पेड़


१३. हमारे देश की राष्ट्रभाषा का नाम क्या है?

उत्तर: हिन्दी


१४. हमारे राज्य की भाषा का नाम क्या है?

उत्तर: (उदाहरण) बंगाली


१५. प्रार्थना की चार पंक्तियाँ लिखो

उत्तर:
हे प्रभु! हमें ज्ञान दो,
सत्य और धर्म का मान दो,
हम सब मिलकर आगे बढ़ें,
देश सेवा का वरदान दो।

 

१ ६. अपने भारत देश के बारे में पांच वाक्य लिखो।

उत्तर : हमारा भारत महान  है। 

हम सब भारत  के निवासी  है। 

 भारत का रष्टीय  झण्डा  तिरंगा है। 

भारत में सभी धर्म के लोग साथ मिलजुल कर  रहते है।

 भारत का संविधान महँ है। 

देश की माटी देश का जल पाठ का importance question

उत्तर :देश की माटी  देश का जल कविता  के कवि का नाम  रवीन्द्रनाथ  ठाकुर है। 

उत्तर :देश की माटी देश का जल कविता में भारत देश का उल्लेख हैं। 

notice:-देश की माटी  देश का जल कविता रवीन्द्रनाथ  ठाकूर  ने लिखा है। इस article  लिखने के लिए हमने west  bengal  sylabus  के पाठबहार  पुस्तक का help लिए। हमारा उद्देश्य केवल छात्रों को शिक्षित करना  है। Google से गुजारिश है हमारे post को रैंक करे और छात्रों को शिक्षित करने में  हमारी मदद करे। 

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