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नदी कविता डॉ पशुराम शुक्ला ने लिखा है।
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नदी कविता

नदी कविता

नदी निकलती है पर्वत से,

 मैदानों में बहती है।

 और अंत में मिल सागर से, 

एक कहानी कहती है।

बचपन में छोटी थी पर मैं,

 बड़े वेग से बहती थी।

 आँधी-तूफान, बाढ़-बवंडर,

 सब कुछ हँसकर सहती थी।

मैदानों में आकर मैंने,

 सेवा का संकल्प लिया। 

और बना जैसे भी मुझसे,

 मानव का उपकार किया।

अंत समय में बचा शेष जो,

 सागर को उपहार दिया।

 सब कुछ अर्पित करके अपने,

 जीवन को साकार किया।

बच्चों शिक्षा लेकर मुझसे, मेरे जैसे हो जाओ।

 सेवा और समर्पण से तुम, जीवन बगिया महकाओ।

कविता की सरल व्याख्या

यह कविता नदी के जीवन के माध्यम से हमें सेवा, त्याग और समर्पण का संदेश देती है। कवि नदी की यात्रा को एक कहानी की तरह प्रस्तुत करता है और बताता है कि हमें भी नदी से सीख लेकर अपना जीवन उपयोगी बनाना चाहिए।

कविता की शुरुआत में कवि बताता है कि नदी पर्वत से निकलती है। पहाड़ों के बीच से उसका जन्म होता है। वहाँ से निकलकर वह धीरे-धीरे मैदानों की ओर बहती है। आगे चलकर वह लंबी यात्रा करते हुए अंत में समुद्र (सागर) में जाकर मिल जाती है। इस पूरी यात्रा में नदी जैसे एक कहानी सुनाती है।

इसके बाद नदी अपने बचपन की बात बताती है। वह कहती है कि जब वह छोटी थी, तब भी वह बहुत तेज बहती थी। रास्ते में उसे आँधी, तूफान, बाढ़ और बवंडर जैसी कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। लेकिन नदी इन सब परेशानियों से कभी नहीं डरती थी। वह हर कठिनाई को हँसते हुए सह लेती थी और आगे बढ़ती रहती थी।

इससे हमें यह शिक्षा मिलती है कि जीवन में कठिनाइयाँ आएँ तो हमें डरना नहीं चाहिए, बल्कि साहस के साथ उनका सामना करना चाहिए।

जब नदी मैदानों में पहुँचती है, तब वह एक नया संकल्प लेती है। वह तय करती है कि वह लोगों की सेवा और भलाई करेगी। नदी का पानी खेतों को सींचता है, जिससे फसलें उगती हैं। लोग पीने के लिए पानी पाते हैं। पशु-पक्षी भी नदी के पानी से अपनी प्यास बुझाते हैं। इस प्रकार नदी अनेक तरीकों से मनुष्य और प्रकृति का उपकार करती है।

नदी अपने जीवन का हर पल दूसरों की सेवा में लगा देती है। वह बिना किसी स्वार्थ के लोगों की मदद करती रहती है।

कविता में आगे बताया गया है कि जब नदी अपनी लंबी यात्रा के अंत में समुद्र तक पहुँचती है, तब उसके पास जो कुछ भी बचा होता है, वह सब समुद्र को दे देती है। वह अपना सारा जल सागर को अर्पित कर देती है। इस तरह नदी अपने जीवन को पूर्ण और सफल बना लेती है।

इससे हमें यह सीख मिलती है कि जीवन में हमें भी दूसरों के लिए कुछ अच्छा करना चाहिए। जब हम अपने जीवन को सेवा और त्याग के लिए समर्पित करते हैं, तभी हमारा जीवन सच्चे अर्थों में सफल बनता है।

कविता के अंत में नदी बच्चों से कहती है कि वे उससे शिक्षा लें। उन्हें भी नदी की तरह सेवा, प्रेम और समर्पण का रास्ता अपनाना चाहिए। जब बच्चे अच्छे काम करेंगे और दूसरों की मदद करेंगे, तब उनका जीवन एक सुंदर बगीचे की तरह महक उठेगा।

कविता का सार

इस कविता में नदी की यात्रा के माध्यम से हमें जीवन का एक महत्वपूर्ण संदेश दिया गया है। हमें जीवन में आने वाली कठिनाइयों से घबराना नहीं चाहिए। हमें दूसरों की सेवा करनी चाहिए और अपने जीवन को समाज के लिए उपयोगी बनाना चाहिए। सेवा, त्याग और समर्पण से ही जीवन सुंदर और सफल बनता है।

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१. नदी कविता के आधार पर खाली स्थानों को भरो।

१.१ नदी निकलती है पर्वत से,

 मैदानों में बहती है।

 और अंत में मिल सागर से, 

एक कहानी कहती है।

२. नदी कविता के प्रश्नों का संक्षेप में उत्तर दो।

२.१. नदी कहते ही तुम्हें कौन सी नदी का नाम याद आता है ?

उत्तर :नदी कहते ही हमे गंगा, यमुना ,सरस्वती का नाम याद आता है।

२.२. कविता की नदी कहाँ से निकल रही है?

उत्तर : कविता की नदी पर्वत से निकलती है ।

२.३. कविता की नदी अंत में जाकर किससे मिलती है?

उत्तर:  कविता की नदी अंत में जाकर सागर से मिलती है।

२.४. बचपन की नदी का वेग कैसा था ?

उत्तर :बचपन में नदी का वेग  बड़ा था।

२.५. नदी से कौन सा संकल्प किया?

उत्तर :नदी ने  सेवा का संकल्प लिया

२.६. नदी ने किसका उपकार किया?

उत्तर : नदी ने  मानव का उपाय किया ।

२.७. नदी ने क्या करके अपना जीवन साकार किया?

उत्तर :नदी ने सब कुछ अर्पित करके  अपना जीवन सरकार किया।

२.८. नदी हमें कौन सी शिक्षा देती है?

उत्तर :नदी  हमें सेवा और समर्पण करने की शिक्षा देती 

३. नदी कविता का question /ans

३.१. नदी कहाँ से निकलकर कहाँ मिल जाती है?

उत्तर :नदी पर्वत से निकलकर सागर में मिलती है।

३.२. बचपन में नदी की धारा कैसी थी ?

उत्तर :बचपन में  नदी   की धारा बड़ी थी ।

३.३. कहाँ आने के बाद नदी ने सेवा का संकल्प लिया ?

उत्तर :मैदाने में आने के बाद नदी ने सेवा का संकल्प लिया ।

३.४. नदी अपने जीवन के अंत में क्या करती है?

उत्तर : नदी  अपने जीवन के अंत में सागर को उपहार देता है ।

३.५. नदी के जीवन से हमें कौन सी शिक्षा मिलती है?

उत्तर :नदी के जीवन से हमें सेवा और समर्पण करने की शिक्षा मिलती है।

३.६. सेवा और समर्पण का तात्पर्य क्या है? बताओ।

उत्तर :सेवा का तात्पर्य होता है। किसी की खिदमत करना ,संपन्न का तात्पर्य है अपना सब कुछ उसे पर वार देना  ।

४. दिमागी कसरत – सोचो और आपस में चर्चा करो |

 

४.१. नदी में पानी कहाँ से आता है?

उत्तर:नदी में पानी  झरनों से आता है।


४.२. बारिश का पानी कहाँ जाता है?
उत्तर:बारिश का पानी नदियों, तालाबों, झीलों और समुद्र में चला जाता है।


४.३. नदियों का अंत कहाँ होता है?
उत्तर:नदियों का अंत समुद्र या महासागर में होता है।


४.४. नदी के पानी के क्या उपयोग हैं?
उत्तर:नदी के पानी का उपयोग पीने, खेती, नहाने, कपड़े धोने और बिजली बनाने में होता है।


४.५. नदी के ऊपर पुल क्यों बनाए जाते हैं?
उत्तर:नदी के ऊपर पुल इसलिए बनाए जाते हैं ताकि लोग आसानी से एक जगह से दूसरी जगह जा सकें।


५. नदी के पर्यायवाची शब्द

उत्तर:नद, सलिला, तटनी, तरंगिणी, सरिता, निर्झरिणी


६. शब्द श्रृंखला (अंतिम अक्षर से शब्द बनाओ)

उत्तर:
नदी → दीया → याक → कमल → लकड़ी → ईख → खरगोश


७. नदियों के नाम लिखो

प्रश्न: पश्चिम बंगाल की नदियों के नाम लिखो
उत्तर:दामोदर, तिस्ता, स्वर्णरेखा, भागीरथी, जलढाका, तोरसा


प्रश्न: अन्य नदियों के नाम लिखो
उत्तर:गंगा, यमुना, गोमती, सरस्वती, महानंदा, अजय


८. नदी में चलने वाले यान (वाहन) के नाम लिखो

उत्तर:नाव, जहाज, स्टीमर, डोंगी


९. नदी में रहने वाले प्राणियों के नाम लिखो

उत्तर:मछली, मगरमच्छ, कछुआ, डॉल्फिन

उत्तर : नदी कविता के कवी डॉ परशुराम शुक्ला  है। 

उत्तर : नदी मैदानों में बहती है। 

उत्तर : इस कविता में डॉ परशुराम शुक्ला नदी का तारीफ करते हुआ कहते है की नदी पर्वत से निकलती हैं।  मैदानों से होते हुए सागर से मिल जाती है। बचपन में ये छोटी थी लेकिन इसकी धरा तेज़ थी। अंधी -तूफान सब कुछ है क्र सेहती थी। जब मैदान में अति हैं तो सेवा का संकल्प लेती है। इसलिए हम सब बच्चो  को व् नदी से शिक्षा लेकर  हमें सम्पूर्ण संसार का सेवा करना चाहिए। 

notice :-नदी कविता डॉ पशुराम शुक्ला ने लिखा है। इस article  लिखने के लिए हमने west  bengal  sylabus  के पाठबहार  पुस्तक का help लिए। हमारा उद्देश्य केवल छात्रों को शिक्षित करना  है। Google से गुजारिश है हमारे post को रैंक करे और छात्रों को शिक्षित करने में  हमारी मदद करे। 

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