Table of Contents
Toggleआनुवंशिकता व सामान्य आनुवंशिक बीमारियाँ
आनुवंशिकता और आनुवंशिक रोग
इस पाठ को मुख्य रूप से दो भागों में समझा जा सकता है—
आनुवंशिकता
कुछ सामान्य आनुवंशिक रोग
1. आनुवंशिकता
आनुवंशिकता क्या है?
माता-पिता से उनके संतानों में गुणों और विशेषताओं का स्थानांतरण होने की प्रक्रिया को आनुवंशिकता (Heredity) कहते हैं।
उदाहरण के लिए—
माता-पिता की आँखों का रंग बच्चों में आ सकता है।
बालों का प्रकार माता-पिता से संतानों में आ सकता है।
रक्त समूह भी आनुवंशिक रूप से निर्धारित होता है।
कुछ रोगों की प्रवृत्ति भी माता-पिता से संतानों में स्थानांतरित हो सकती है।
अर्थात्—
माता-पिता → आनुवंशिक सूचना → संतान
आनुवंशिक सूचना मुख्य रूप से DNA में सुरक्षित रहती है।
आनुवंशिकता को समझने के लिए DNA, जीन और गुणसूत्र को समझना जरूरी है
1. DNA
DNA का पूरा नाम है—
डीऑक्सीराइबोन्यूक्लिक अम्ल
(Deoxyribonucleic Acid)
DNA एक जटिल अणु है, जिसमें जीव के आनुवंशिक गुणों से संबंधित सूचनाएँ सुरक्षित रहती हैं।
DNA को आप एक निर्देश-पुस्तिका की तरह समझ सकते हैं, जिसमें शरीर के निर्माण और कार्यों से संबंधित आनुवंशिक निर्देश मौजूद होते हैं।
2. जीन क्या है?
DNA का वह विशिष्ट भाग जिसमें किसी विशेष गुण से संबंधित आनुवंशिक सूचना होती है, जीन (Gene) कहलाता है।
उदाहरण के लिए किसी जीव में किसी विशेष गुण को नियंत्रित करने वाली सूचना DNA के एक विशेष भाग में हो सकती है।
इसलिए सरल क्रम है—
DNA → जीन → आनुवंशिक गुण
3. गुणसूत्र क्या है?
कोशिका के केंद्रक में DNA विशेष प्रकार के प्रोटीन के साथ मिलकर बहुत व्यवस्थित संरचना बनाता है, जिसे गुणसूत्र (Chromosome) कहते हैं।
गुणसूत्रों पर अनेक जीन स्थित होते हैं।
इसे इस प्रकार याद रखें—
गुणसूत्र = DNA + प्रोटीन की व्यवस्थित संरचना
और—
गुणसूत्रों पर जीन स्थित होते हैं।
DNA, जीन और गुणसूत्र में संबंध
इसे एक उदाहरण से समझिए।
मान लीजिए एक बड़ी पुस्तक है।
गुणसूत्र = पुस्तक
DNA = पुस्तक में लिखा हुआ विस्तृत पदार्थ
जीन = उस पुस्तक का कोई विशेष अध्याय/निर्देश
इस प्रकार जीन DNA का एक भाग है और DNA गुणसूत्र का प्रमुख आनुवंशिक घटक है।
याद रखने योग्य क्रम
गुणसूत्र → DNA → जीन → गुण
आनुवंशिक लक्षण क्या हैं?
वे लक्षण जो माता-पिता से संतानों में आनुवंशिक रूप से पहुँचते हैं, आनुवंशिक लक्षण कहलाते हैं।
उदाहरण
आँखों का रंग
बालों का प्रकार
रक्त समूह
त्वचा से संबंधित कुछ विशेषताएँ
कुछ आनुवंशिक रोग
लेकिन हर दिखाई देने वाला गुण केवल आनुवंशिक नहीं होता।
उदाहरण के लिए शरीर का वजन आनुवंशिकता के साथ-साथ भोजन, व्यायाम और वातावरण से भी प्रभावित होता है।
आनुवंशिकता और विभिन्नता
संतान अपने माता-पिता से अनेक गुण प्राप्त करती है, इसलिए वह उनसे मिलती-जुलती होती है।
लेकिन संतान बिल्कुल माता-पिता की प्रतिलिपि नहीं होती।
माता-पिता और संतानों में जो छोटे-छोटे अंतर दिखाई देते हैं, उन्हें विभिन्नता (Variation) कहते हैं।
उदाहरण
एक ही परिवार के दो भाई-बहनों में—
कद अलग हो सकता है।
बालों का प्रकार अलग हो सकता है।
चेहरे की बनावट अलग हो सकती है।
इसलिए—
आनुवंशिकता समानता पैदा करती है, जबकि विभिन्नता जीवों में अंतर पैदा करती है।
आनुवंशिकता का महत्व
आनुवंशिकता का जीवों के लिए बहुत अधिक महत्व है।
1. पीढ़ियों में गुणों का स्थानांतरण
माता-पिता के गुण संतानों तक पहुँचते हैं।
2. प्रजाति की निरंतरता
जीवों के गुण एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुँचते रहते हैं। इससे प्रजातियों की निरंतरता बनी रहती है।
3. विभिन्नता का आधार
आनुवंशिक परिवर्तन विभिन्नता उत्पन्न करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
4. आनुवंशिक रोगों को समझने में सहायता
कई रोग जीन या गुणसूत्रों में होने वाले परिवर्तन से संबंधित होते हैं। आनुवंशिकता का अध्ययन इन रोगों को समझने में मदद करता है।
मेंडल और आनुवंशिकता
आनुवंशिकता के वैज्ञानिक अध्ययन में ग्रेगर जॉन मेंडल (Gregor Johann Mendel) का विशेष योगदान है।
उन्होंने मटर के पौधों पर प्रयोग करके यह समझने का प्रयास किया कि माता-पिता के गुण संतानों में किस प्रकार पहुँचते हैं।
उन्हें अक्सर “आनुवंशिकी का जनक” कहा जाता है।
उन्होंने प्रमुख रूप से आनुवंशिकता के नियमों को समझाने में योगदान दिया।
प्रभावी और अप्रभावी लक्षण
आनुवंशिकी में कुछ लक्षण प्रभावी (Dominant) और कुछ अप्रभावी (Recessive) हो सकते हैं।
प्रभावी लक्षण
जो लक्षण अपनी उपस्थिति को प्रकट करने में सक्षम होता है, उसे प्रभावी लक्षण कहते हैं।
अप्रभावी लक्षण
जो लक्षण प्रभावी लक्षण की उपस्थिति में दबा रह सकता है, उसे अप्रभावी लक्षण कहते हैं।
उदाहरण के लिए यदि किसी आनुवंशिक उदाहरण में—
T = लंबा पौधा
t = बौना पौधा
तो—
TT → लंबा
Tt → लंबा
tt → बौना
यह उदाहरण आनुवंशिकता में प्रभावी और अप्रभावी लक्षण समझने के लिए उपयोग किया जाता है।
2. कुछ सामान्य आनुवंशिक रोग
अब हम पाठ के दूसरे महत्वपूर्ण भाग पर आते हैं।
आनुवंशिक रोग क्या हैं?
वे रोग या विकार जो जीन या गुणसूत्रों में परिवर्तन/दोष के कारण उत्पन्न होते हैं और कई मामलों में माता-पिता से संतानों में स्थानांतरित हो सकते हैं, आनुवंशिक रोग कहलाते हैं।
इनमें से कुछ रोग जन्म से उपस्थित होते हैं, जबकि कुछ की अभिव्यक्ति बाद में हो सकती है।
सामान्य आनुवंशिक रोग
कक्षा 10 के स्तर पर निम्न रोगों को विशेष रूप से समझना उपयोगी है—
हीमोफीलिया
थैलेसीमिया
सिकल सेल एनीमिया
रंगांधता
डाउन सिंड्रोम
1. हीमोफीलिया
हीमोफीलिया (Haemophilia) एक आनुवंशिक रक्तस्रावी विकार है।
इसमें रक्त के सामान्य रूप से जमने की क्षमता प्रभावित होती है।
क्या होता है?
सामान्य व्यक्ति को चोट लगने पर रक्त का थक्का बनता है और रक्तस्राव धीरे-धीरे रुक जाता है।
हीमोफीलिया में रक्त का थक्का बनने की प्रक्रिया में आवश्यक कारक की कमी/दोष के कारण रक्तस्राव लंबे समय तक जारी रह सकता है।
प्रमुख लक्षण
चोट लगने पर लंबे समय तक रक्तस्राव
बार-बार रक्तस्राव
गंभीर स्थिति में आंतरिक रक्तस्राव भी हो सकता है।
आनुवंशिक प्रकृति
हीमोफीलिया सामान्यतः X-linked recessive आनुवंशिक विकार के रूप में पढ़ाया जाता है।
इसी कारण यह पुरुषों में अधिक दिखाई देता है।
2. थैलेसीमिया
थैलेसीमिया (Thalassemia) एक आनुवंशिक रक्त विकार है।
इसमें शरीर में हीमोग्लोबिन के निर्माण की प्रक्रिया प्रभावित होती है।
हीमोग्लोबिन लाल रक्त कोशिकाओं में पाया जाता है और शरीर के विभिन्न भागों तक ऑक्सीजन पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
थैलेसीमिया में क्या होता है?
हीमोग्लोबिन का निर्माण सामान्य रूप से नहीं हो पाता।
इसके कारण रोगी में एनीमिया (रक्ताल्पता) हो सकती है।
प्रमुख लक्षण
कमजोरी
थकान
त्वचा का पीला पड़ना
एनीमिया
गंभीर मामलों में बार-बार रक्त चढ़ाने की आवश्यकता पड़ सकती है।
महत्वपूर्ण बात
थैलेसीमिया आनुवंशिक रोग है और माता-पिता से संतानों में संबंधित जीन के माध्यम से जा सकता है।
3. सिकल सेल एनीमिया
सिकल सेल एनीमिया (Sickle Cell Anaemia) एक आनुवंशिक रक्त रोग है।
सामान्य लाल रक्त कोशिकाएँ लगभग गोल और लचीली होती हैं।
इस रोग में लाल रक्त कोशिकाएँ असामान्य हँसिया/दरांती जैसी आकृति ग्रहण कर सकती हैं।
इसी कारण इसे सिकल सेल कहा जाता है।
इसके कारण क्या समस्या होती है?
असामान्य लाल रक्त कोशिकाएँ आसानी से रक्त वाहिकाओं में फँस सकती हैं और रक्त प्रवाह में बाधा डाल सकती हैं।
प्रमुख लक्षण
एनीमिया
कमजोरी
दर्द
थकान
अंगों तक ऑक्सीजन की आपूर्ति में समस्या
यह रोग आनुवंशिक रूप से प्राप्त होता है।
4. रंगांधता
रंगांधता (Colour Blindness) में व्यक्ति को कुछ रंगों को पहचानने या उनमें अंतर करने में कठिनाई होती है।
विशेष रूप से लाल और हरे रंगों को पहचानने में समस्या हो सकती है।
कारण
रंग पहचानने से संबंधित दृष्टि-तंत्र में आनुवंशिक दोष के कारण रंगांधता हो सकती है।
यह भी सामान्यतः X-linked recessive लक्षण के रूप में पढ़ाया जाता है।
महत्वपूर्ण बात
रंगांधता का अर्थ यह नहीं है कि व्यक्ति पूरी तरह से देख नहीं सकता।
व्यक्ति सामान्य रूप से वस्तुओं को देख सकता है, लेकिन कुछ रंगों के बीच अंतर करने में कठिनाई हो सकती है।
5. डाउन सिंड्रोम
डाउन सिंड्रोम (Down Syndrome) एक आनुवंशिक/गुणसूत्रीय विकार है।
इसमें सामान्य 46 गुणसूत्रों के स्थान पर सामान्यतः 47 गुणसूत्र पाए जाते हैं।
इसका प्रमुख कारण 21वें गुणसूत्र की एक अतिरिक्त प्रति होना है।
इसे Trisomy 21 कहा जाता है।
प्रमुख विशेषताएँ
शारीरिक विकास में विलंब
बौद्धिक विकास में विभिन्न स्तर की कठिनाई
चेहरे की कुछ विशिष्ट संरचनात्मक विशेषताएँ
मांसपेशियों की टोन कम हो सकती है।
आनुवंशिक रोग कैसे उत्पन्न हो सकते हैं?
आनुवंशिक रोग मुख्य रूप से दो प्रकार के आनुवंशिक परिवर्तनों से जुड़े हो सकते हैं—
1. जीन में परिवर्तन
यदि किसी विशेष जीन में परिवर्तन हो जाए, तो उस जीन से संबंधित प्रोटीन या जैविक प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
उदाहरण—
हीमोफीलिया, सिकल सेल एनीमिया आदि।
2. गुणसूत्रों में परिवर्तन
गुणसूत्रों की संख्या या संरचना में परिवर्तन होने पर भी आनुवंशिक विकार उत्पन्न हो सकते हैं।
उदाहरण—
डाउन सिंड्रोम।
आनुवंशिक रोग और संक्रामक रोग में अंतर
| आनुवंशिक रोग | संक्रामक रोग |
|---|---|
| जीन या गुणसूत्रों से संबंधित | रोगजनक सूक्ष्मजीवों से संबंधित |
| माता-पिता से संतानों में जा सकते हैं | एक व्यक्ति से दूसरे में फैल सकते हैं |
| सामान्यतः संक्रामक नहीं होते | कई संक्रामक रोग फैलते हैं |
| उदाहरण—हीमोफीलिया, थैलेसीमिया | उदाहरण—टीबी, फ्लू आदि |
आनुवंशिकता को एक Flow Chart से समझें
माता-पिता
↓
जनन कोशिकाएँ (Gametes)
↓
DNA
↓
जीन
↓
आनुवंशिक सूचना
↓
संतान में लक्षण
बहुत महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु
1. आनुवंशिकता क्या है?
माता-पिता से संतानों में आनुवंशिक गुणों के स्थानांतरण की प्रक्रिया को आनुवंशिकता कहते हैं।
2. आनुवंशिकता की मूल इकाई क्या है?
जीन।
3. DNA का पूरा नाम क्या है?
डीऑक्सीराइबोन्यूक्लिक अम्ल (Deoxyribonucleic Acid)।
4. जीन कहाँ स्थित होते हैं?
गुणसूत्रों पर।
5. गुणसूत्र किससे बने होते हैं?
मुख्य रूप से DNA और प्रोटीन से।
6. थैलेसीमिया किस प्रकार का रोग है?
आनुवंशिक रक्त विकार।
7. हीमोफीलिया में क्या समस्या होती है?
रक्त के सामान्य रूप से जमने की प्रक्रिया प्रभावित होती है।
8. सिकल सेल एनीमिया में RBC का आकार कैसा हो सकता है?
हँसिया/दरांती जैसा।
9. रंगांधता में किस प्रकार की समस्या होती है?
कुछ रंगों को पहचानने या उनमें अंतर करने में कठिनाई।
10. डाउन सिंड्रोम किस गुणसूत्र से संबंधित है?
21वाँ गुणसूत्र।
11. डाउन सिंड्रोम में कुल गुणसूत्र कितने होते हैं?
सामान्यतः 47 गुणसूत्र।
एक नजर में पूरा पाठ
| विषय | मुख्य बात |
|---|---|
| आनुवंशिकता | माता-पिता से संतानों में गुणों का स्थानांतरण |
| जीन | आनुवंशिक सूचना की मूल इकाई |
| DNA | आनुवंशिक सूचना का प्रमुख वाहक |
| गुणसूत्र | DNA और प्रोटीन की व्यवस्थित संरचना |
| विभिन्नता | जीवों में पाए जाने वाले अंतर |
| हीमोफीलिया | रक्त का थक्का बनने की प्रक्रिया प्रभावित |
| थैलेसीमिया | हीमोग्लोबिन निर्माण से संबंधित आनुवंशिक विकार |
| सिकल सेल एनीमिया | असामान्य आकार की RBC से संबंधित रोग |
| रंगांधता | कुछ रंगों को पहचानने में कठिनाई |
| डाउन सिंड्रोम | 21वें गुणसूत्र की अतिरिक्त प्रति से संबंधित |
सबसे आसान तरीके से याद करें
आनुवंशिकता = माता-पिता के गुण → संतान
DNA = आनुवंशिक सूचना का भंडार
जीन = आनुवंशिकता की इकाई
गुणसूत्र = DNA की व्यवस्थित संरचना
हीमोफीलिया = रक्त जमने में समस्या
थैलेसीमिया = हीमोग्लोबिन निर्माण में समस्या
सिकल सेल एनीमिया = हँसिया जैसी RBC
रंगांधता = रंग पहचानने में कठिनाई
डाउन सिंड्रोम = 21वें गुणसूत्र की अतिरिक्त प्रति
अभ्यास प्रश्न एवं उत्तर
कक्षा 10 जीव विज्ञान
A. सही विकल्प का चयन कीजिए
Multiple Choice Questions — [1 Mark]
1. शरीर में समन्वय करने का कार्य करता है—
उत्तर: (d) तंत्रिका तंत्र और अंतःस्रावी तंत्र दोनों।
2. केंद्रीय तंत्रिका तंत्र के भाग हैं—
उत्तर: (b) मस्तिष्क और मेरुरज्जा।
3. मस्तिष्क का सबसे बड़ा भाग है—
उत्तर: (b) सेरिब्रम।
4. मनुष्य में कॉर्पस कैलोसम जोड़ता है—
उत्तर: (a) दो सेरिब्रल हेमीस्फीयर्स को।
5. मनुष्य में क्रेनियल तंत्रिकाओं की संख्या है—
उत्तर: (c) 12 जोड़ियाँ।
6. मनुष्य में मेरुतंत्रिकाओं की संख्या है—
उत्तर: (a) 31 जोड़ियाँ।
7. एसिटिलकोलीन है—
उत्तर: (d) न्यूरोट्रांसमीटर।
8. निम्नलिखित में से कौन रासायनिक दूत नहीं है?
उत्तर: (d) एंटेरोकाइनेज।
9. निम्नलिखित में से कौन अंतःस्रावी ग्रंथि नहीं है?
उत्तर: (c) सिबेसियस ग्रंथि।
10. डायबिटीज इन्सिपिडस किस हार्मोन की कमी से होता है?
उत्तर: (b) वैसोप्रेसिन/ADH।
11. वृक्क में जल के पुनःअवशोषण का नियंत्रण किसके अधीन है?
उत्तर: (b) ADH।
12. एड्रिनेलिन स्रावित होता है—
उत्तर: (b) एड्रिनल मेड्यूला से।
13. मानव शरीर में संकट/आपातकालीन प्रतिक्रिया से संबंधित ग्रंथि है—
उत्तर: (d) एड्रिनल ग्रंथि।
14. अग्नाशय स्रावित करता है—
उत्तर: (d) इंसुलिन और ग्लूकागॉन दोनों।
15. डायबिटीज मेलिटस किस हार्मोन की कमी/अपर्याप्त क्रिया से संबंधित है?
उत्तर: (b) इंसुलिन।
16. निम्नलिखित में से कौन-सा हार्मोन फलों के पकने से संबंधित है?
उत्तर: (d) एथिलीन।
17. पौधे का कौन-सा भाग ऋणात्मक गुरुत्वानुवर्तन प्रदर्शित करता है?
उत्तर: (a) तना।
18. दो न्यूरॉन्स के बीच के रिक्त स्थान को कहते हैं—
उत्तर: (b) सिनेप्स।
19. निम्नलिखित में से कौन एक पादप हार्मोन है?
उत्तर: (a) ऑक्सीन।
20. मस्तिष्क का कौन-सा भाग शरीर का संतुलन बनाए रखने में सहायता करता है?
उत्तर: (b) सेरिबेलम।
21. कुछ फूल सूर्योदय के बाद खिलते हैं और सूर्यास्त के बाद बंद हो जाते हैं। यह है—
उत्तर: (c) फोटोनैस्टी।
22. सनड्यू नामक कीटभक्षी पौधे की पत्ती के रोम कीट के संपर्क में आते ही मुड़कर उसे पकड़ लेते हैं। यह है—
उत्तर: (b) सिस्मोनैस्टी।
23. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन ट्रॉपिक गति से संबंधित है?
उत्तर: (d) यह उद्दीपन की दिशा द्वारा नियंत्रित प्रेरित वक्रता गति है।
24. ट्रॉपिक गति का लक्षण है—
उत्तर: (c) यह उद्दीपन की दिशा के अनुसार पौधे या उसके अंग की वृद्धि/वक्रता से संबंधित गति है।
25. डायबिटीज मेलिटस से आक्रांत व्यक्ति निम्नलिखित में से किस हार्मोन को उचित मात्रा में बनाने में अक्षम हो सकता है?
उत्तर: (b) इंसुलिन।
26. महिलाओं में FSH ग्राफियन फॉलिकल को उत्तेजित करके जिस हार्मोन के स्राव में सहायता करता है, वह है—
उत्तर: (c) एस्ट्रोजन।
27. निम्न में से असत्य कथन चुनिए—
उत्तर: (b) एड्रिनेलिन हृदय के आउटपुट को घटाता है।
कारण: एड्रिनेलिन सामान्यतः हृदय की गति तथा हृदय के आउटपुट को बढ़ाता है।
28. निम्न वाक्यों में इंसुलिन के बारे में गलत कथन है—
उत्तर: (c) वसा तथा प्रोटीन को ग्लूकोज में परिवर्तन करने में सहायक है।
कारण: इंसुलिन रक्त में ग्लूकोज की मात्रा कम करने और ग्लूकोज के उपयोग/संग्रह में सहायता करता है।
29. एड्रिनेलिन संबंधी कौन-सा कथन असत्य है?
उत्तर: (b) किशोरावस्था के दौरान शुक्राणु उत्पादन में सहायक है।
30. शरीर का तापक्रम नियंत्रित करने से संबंधित मानव मस्तिष्क का भाग है—
उत्तर: (c) हाइपोथैलेमस।
31. इनमें से कौन-सा प्रतिवर्ती चाप सही है?
उत्तर: (d) ग्राही अंग → संवेदी तंत्रिका → तंत्रिका केंद्र → चालक तंत्रिका → प्रभावी अंग।
32. मनुष्य के शरीर में क्रेनियल तंत्रिकाओं की संख्या है—
उत्तर: (c) 12 जोड़ियाँ।
33. सही जोड़ी चुनिए—
उत्तर: (d)
CSF → केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को आघात से बचाने में सहायक
हाइपोथैलेमस → शारीरिक तापक्रम नियंत्रण
सेरिबेलम → शारीरिक संतुलन
मेडुला ऑब्लोंगाटा → हृदय गति तथा निगलने जैसी अनैच्छिक क्रियाओं का नियंत्रण
34. स्तंभ A को स्तंभ B से मिलाइए—
A. CSF → (i) केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को आघात से बचाता है।
B. मेनिन्जेज → (iii) सुरक्षा/आघात से बचाव में सहायक।
C. न्यूरोग्लिया → (ii) तंत्रिका कोशिकाओं को सहारा तथा संबंधित कार्यों में सहायता।
उत्तर: (d) A-(i), B-(iii), C-(ii)
35. निम्न में से सही क्रम है—
उत्तर: (c) संवेदी अंग → संवेदी तंत्रिका → तंत्रिका केंद्र → चालक तंत्रिका → कार्यकारी अंग।
36. सही जोड़ी चुनिए—
उत्तर: (c) लेंस प्रकाश का अपवर्तन करता है तथा समायोजन में सहायता करता है।
37. स्तंभ A तथा स्तंभ B का सही मिलान—
फ्लेक्शन → बाइसेप्स
एक्सटेंशन → क्वाड्रिसेप्स
रोटेशन → पिरिफॉर्मिस
उत्तर: (c) A-(iii), B-(i), C-(ii)
B. अति संक्षिप्त उत्तरवाले प्रश्न
Very Short Answer Type Questions — [1 Mark]
1. मस्तिष्क की मूल इकाई का क्या नाम है?
उत्तर: न्यूरॉन।
2. मस्तिष्क को सुरक्षा प्रदान करने वाली झिल्लियों का नाम क्या है?
उत्तर: मेनिन्जेज।
3. अनुचलन/टैक्टिक गति का एक उदाहरण दीजिए।
उत्तर: प्रकाश की ओर यूग्लीना का गति करना।
4. आंतरिक कर्ण में उपस्थित द्रव का नाम बताइए।
उत्तर: एंडोलिम्फ तथा पेरिलिम्फ।
5. एक्सॉन के छोर पर उपस्थित एक न्यूरोट्रांसमीटर का नाम बताइए।
उत्तर: एसिटिलकोलीन।
6. आँसू में उपस्थित एक एंजाइम का नाम बताइए।
उत्तर: लाइसोजाइम।
7. हाइपोथैलेमस का एक प्रमुख कार्य बताइए।
उत्तर: यह शरीर के तापक्रम, भूख, प्यास आदि के नियंत्रण में सहायता करता है।
8. आंतरिक कर्ण में उपस्थित ग्राही का नाम बताइए।
उत्तर: श्रवण के लिए कॉर्टी का अंग तथा संतुलन के लिए वेस्टिब्युलर ग्राही।
9. स्वाद महसूस करने वाली प्रमुख क्रेनियल तंत्रिकाओं में से एक का नाम बताइए।
उत्तर: ग्लॉसोफैरिंजियल तंत्रिका।
10. आँख में होने वाले एक रोग का नाम बताइए।
उत्तर: मायोपिया।
11. अग्नाशय की बीटा कोशिकाओं से उत्पन्न हार्मोन का नाम बताइए।
उत्तर: इंसुलिन।
12. थायरॉक्सिन हार्मोन किस ग्रंथि से उत्पन्न होता है?
उत्तर: थायरॉयड ग्रंथि।
13. वृक्क के शीर्ष पर उपस्थित अंतःस्रावी ग्रंथि का नाम बताइए।
उत्तर: अधिवृक्क/एड्रिनल ग्रंथि।
14. किस अंतःस्रावी ग्रंथि को मास्टर ग्रंथि कहा जाता है?
उत्तर: पीयूष ग्रंथि।
15. हार्मोन उत्पन्न करने वाली ग्रंथियाँ कितने प्रकार की होती हैं?
उत्तर: मुख्य रूप से अंतःस्रावी, बहिःस्रावी और मिश्रित ग्रंथियों के रूप में समझी जाती हैं।
16. पौधों की वृद्धि में सहायक एक हार्मोन का नाम बताइए।
उत्तर: ऑक्सीन।
17. मनुष्य में द्वितीयक लैंगिक लक्षणों के लिए कौन-सा हार्मोन उत्तरदायी है?
उत्तर: पुरुषों में टेस्टोस्टेरॉन तथा महिलाओं में एस्ट्रोजन प्रमुख हैं।
18. नाक में उपस्थित संवेदी ग्राही का नाम बताइए।
उत्तर: घ्राण ग्राही।
19. मनुष्य में वृद्धि हार्मोन किस ग्रंथि से स्रावित होता है?
उत्तर: पीयूष ग्रंथि के अग्र खंड से।
20. कौन-सी अंतःस्रावी/जनन ग्रंथि पुरुषों में उपस्थित है, लेकिन महिलाओं में नहीं?
उत्तर: वृषण।
21. बेमेल शब्द चुनिए— TSH, ACTH, GTH, CSF
उत्तर: CSF।
कारण: TSH, ACTH और GTH हार्मोन हैं, जबकि CSF मस्तिष्क-मेरुरज्जु द्रव है।
22. बेमेल चुनिए— बौनापन, घेघा, थैलेसीमिया, डायबिटीज मेलिटस
उत्तर: थैलेसीमिया।
कारण: यह आनुवंशिक रक्त विकार है, जबकि अन्य दिए गए विकार हार्मोन/अंतःस्रावी कार्यों से संबंधित हो सकते हैं।
23. हार्मोन का कार्य पूर्ण हो जाने के बाद शरीर में उसकी क्या परिणति होती है?
उत्तर: हार्मोन सामान्यतः निष्क्रिय होकर उपापचयित तथा शरीर से समाप्त/बाहर कर दिए जाते हैं।
24. बेमेल शब्द चुनिए— बुनियादी चयापचय दर, थायरॉक्सिन, लाल रक्त कोशिकाओं का क्रमिक परिवर्तन, एक्सोफ्थैल्मिक गॉइटर।
उत्तर: लाल रक्त कोशिकाओं का क्रमिक परिवर्तन।
25. श्वान कोशिका कहाँ स्थित होती है?
उत्तर: परिधीय तंत्रिका तंत्र के न्यूरॉनों के एक्सॉन के चारों ओर।
26. मायलिन शीथ का एक कार्य लिखिए।
उत्तर: यह एक्सॉन को विद्युतरोध प्रदान करती है और तंत्रिका आवेग के तीव्र संचरण में सहायता करती है।
27. मनुष्य के नेत्रगोलक के लेंस का एक कार्य लिखिए।
उत्तर: लेंस प्रकाश का अपवर्तन करके उसे रेटिना पर केंद्रित करता है।
28. लेंस तथा रेटिना के बीच के विट्रियस चैंबर में उपस्थित द्रव का एक कार्य लिखिए।
उत्तर: विट्रियस ह्यूमर नेत्रगोलक का आकार बनाए रखने और प्रकाश के संचरण में सहायता करता है।
29. बेमेल शब्द चुनिए— ग्लॉसोफैरिंजियल, ऑक्यूलोमोटर, ट्राइजेमिनल, ऑक्सीटोसिन।
उत्तर: ऑक्सीटोसिन।
कारण: पहले तीन क्रेनियल तंत्रिकाएँ हैं, जबकि ऑक्सीटोसिन एक हार्मोन है।
30. आचार्य जगदीश चंद्र बोस ने किस पौधे को विद्युत उद्दीपन देकर प्रयोग किया था?
उत्तर: छुईमुई/मिमोसा जैसे संवेदनशील पौधों पर उन्होंने पौधों की संवेदनशीलता से संबंधित प्रयोग किए।
31. पके फलों में कौन-सा हार्मोन अधिक महत्वपूर्ण होता है?
उत्तर: एथिलीन।
32. आयोडीन की कमी से किस हार्मोन के संश्लेषण में समस्या होती है?
उत्तर: थायरॉक्सिन।
33. आपातकालीन परिस्थितियों में किस हार्मोन के प्रभाव से शरीर के रोंगटे खड़े हो जाते हैं?
उत्तर: एड्रिनेलिन।
34. प्रतिवर्ती क्रिया कैसी होती है?
उत्तर: तेज, तात्कालिक और अनैच्छिक।
35. मानव नेत्र में लेंस की फोकस दूरी को ठीक करने की पद्धति को क्या कहते हैं?
उत्तर: समायोजन (Accommodation)।
सही तथा गलत
1. ऑक्सीन बीजों की प्रसुप्त अवस्था समाप्त करके अंकुरण में सहायता करता है।
उत्तर: सही।
2. डायबिटीज इन्सिपिडस में अत्यधिक मात्रा में पतला मूत्र बनता है।
उत्तर: सही।
3. हाइपोथैलेमस मनुष्य के शारीरिक तापक्रम को कायम रखता है।
उत्तर: सही।
4. एसिटिलकोलीन तथा एड्रिनेलिन दोनों न्यूरोट्रांसमीटर हैं।
उत्तर: गलत।
सही कथन: एसिटिलकोलीन न्यूरोट्रांसमीटर है; एड्रिनेलिन मुख्यतः हार्मोन के रूप में कार्य करता है।
5. कोरॉयड लेंस की वक्रता एवं आकार परिवर्तन से आँख के समायोजन में सहायता करती है।
उत्तर: गलत।
सही कथन: सिलियरी मांसपेशियाँ लेंस की वक्रता बदलकर समायोजन में सहायता करती हैं।
6. पैरामीसियम का प्रचलन अंग फ्लैजेला है।
उत्तर: गलत।
सही कथन: पैरामीसियम में प्रचलन के लिए सिलिया होती हैं।
7. दूरस्थ चीजों को देखने के लिए लेंस की फोकस दूरी बढ़ती है।
उत्तर: सही।
8. पौधों में वृद्धि से संबंधित दिशा-निर्भर गति ट्रॉपिक गति है।
उत्तर: सही।
C. संक्षिप्त उत्तरवाले प्रश्न
Short Answer Type Questions — [2 Marks]
1. संवेदनशीलता क्या है?
उत्तर:
पर्यावरण में होने वाले परिवर्तनों या उद्दीपनों को महसूस करने की जीव की क्षमता को संवेदनशीलता कहते हैं। जीव प्रकाश, ताप, स्पर्श, रसायन आदि उद्दीपनों के प्रति संवेदनशील हो सकते हैं।
2. उद्दीपन किसे कहते हैं?
उत्तर:
पर्यावरण में होने वाला ऐसा परिवर्तन जो जीव में कोई प्रतिक्रिया उत्पन्न करता है, उद्दीपन (Stimulus) कहलाता है। जैसे तेज प्रकाश, तापमान में परिवर्तन या स्पर्श।
3. अनुक्रिया क्या है?
उत्तर:
किसी उद्दीपन के कारण जीव द्वारा प्रदर्शित प्रतिक्रिया को अनुक्रिया (Response) कहते हैं। जैसे गर्म वस्तु को छूने पर हाथ को तुरंत पीछे खींच लेना।
4. उत्तेजनशीलता से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
उद्दीपन को ग्रहण करके उसके प्रति प्रतिक्रिया उत्पन्न करने की क्षमता को उत्तेजनशीलता/Excitability कहते हैं। तंत्रिका और पेशी कोशिकाओं में यह गुण विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
5. संवेग/तंत्रिका आवेग से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
तंत्रिका कोशिका के माध्यम से संदेश के रूप में विद्युत-रासायनिक परिवर्तन के संचरण को तंत्रिका आवेग कहते हैं। यह शरीर के एक भाग से दूसरे भाग तक सूचना पहुँचाता है।
6. अनुचलन गति की परिभाषा बताइए।
उत्तर:
किसी बाहरी उद्दीपन की दिशा के अनुसार पूरे जीव या उसके चलायमान भाग की दिशा-निर्भर गति को अनुचलन/टैक्टिक गति कहते हैं। उदाहरण—प्रकाश की ओर यूग्लीना का जाना।
7. अनुवर्तन गति से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
पौधे या उसके किसी अंग की उद्दीपन की दिशा के अनुसार होने वाली वृद्धि-आधारित वक्रता को अनुवर्तन/ट्रॉपिक गति कहते हैं। जैसे तने का प्रकाश की ओर मुड़ना।
8. अनुकुंचन/नैस्टिक गति किसे कहते हैं?
उत्तर:
ऐसी पादप गति जो उद्दीपन की दिशा पर निर्भर नहीं करती, नैस्टिक गति कहलाती है। उदाहरण—छुईमुई की पत्तियों का स्पर्श पर बंद होना।
9. प्रतिवर्ती क्रिया से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
बिना किसी सचेत निर्णय के उद्दीपन के प्रति होने वाली तेज और स्वचालित प्रतिक्रिया को प्रतिवर्ती क्रिया (Reflex Action) कहते हैं। जैसे गर्म वस्तु से हाथ हटाना।
10. समायोजन क्या है?
उत्तर:
निकट तथा दूर की वस्तुओं को स्पष्ट देखने के लिए आँख के लेंस की वक्रता और फोकस दूरी में परिवर्तन की प्रक्रिया को समायोजन कहते हैं।
11. आँख में होने वाले दो रोगों के नाम बताइए।
उत्तर:
मायोपिया
हाइपरमेट्रोपिया
12. प्रचलन किसे कहते हैं?
उत्तर:
पूरे जीव का एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाना प्रचलन (Locomotion) कहलाता है। जैसे मनुष्य का चलना और पक्षी का उड़ना।
13. गति से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
जीव के पूरे शरीर या उसके किसी अंग की स्थिति में होने वाले परिवर्तन को गति (Movement) कहते हैं।
14. संधि किसे कहते हैं?
उत्तर:
दो या दो से अधिक अस्थियों के मिलने के स्थान को संधि (Joint) कहते हैं। यह शरीर को गति प्रदान करने में सहायता करती है।
15. अग्नाशय को मिश्रित ग्रंथि कहते हैं। इससे उत्पन्न दो हार्मोन के नाम बताइए।
उत्तर:
अग्नाशय से प्रमुख रूप से—
इंसुलिन
ग्लूकागॉन
स्रावित होते हैं। यह पाचक रस भी बनाता है, इसलिए इसे मिश्रित ग्रंथि कहते हैं।
16. प्रतिवर्ती क्रिया के दो लाभ बताइए।
उत्तर:
यह शरीर को अचानक होने वाली हानि से तुरंत बचाती है।
यह बिना सोच-विचार के बहुत तेजी से प्रतिक्रिया उत्पन्न करती है।
17. छुईमुई की पत्ती स्पर्श करने पर क्यों बंद हो जाती है?
उत्तर:
छुईमुई में स्पर्श के कारण पत्ती के आधार के विशेष भाग में कोशिकाओं का तुर्गर दाब तेजी से बदल जाता है। इसके कारण पत्तियाँ सिकुड़कर बंद हो जाती हैं। यह नैस्टिक गति का उदाहरण है।
18. ऑक्सीन किस प्रकार तने को प्रकाश की ओर मुड़ने में सहायता करता है?
उत्तर:
तने के प्रकाशित भाग की अपेक्षा छायांकित भाग में ऑक्सीन अधिक एकत्रित हो जाता है। इससे छायांकित भाग की कोशिकाओं में अधिक वृद्धि होती है। परिणामस्वरूप तना प्रकाश की ओर मुड़ जाता है। इसे धनात्मक प्रकाशानुवर्तन कहते हैं।
19. गति और प्रचलन में अंतर बताइए।
| गति | प्रचलन |
|---|---|
| शरीर या उसके किसी अंग की स्थिति में परिवर्तन | पूरे जीव का एक स्थान से दूसरे स्थान जाना |
| यह शरीर के किसी अंग में भी हो सकती है | इसमें सामान्यतः पूरे जीव का स्थान बदलता है |
| हाथ का हिलना इसका उदाहरण है | मनुष्य का चलना इसका उदाहरण है |
20. गिब्बरेलिन हार्मोन पौधों में बीज तथा पर्वसंधि को किस प्रकार प्रभावित करता है?
उत्तर:
गिब्बरेलिन बीजों के अंकुरण को बढ़ावा देता है। यह बीज में कुछ एंजाइमों के निर्माण को सक्रिय करके संचित भोजन के उपयोग में सहायता करता है। इसके अतिरिक्त यह तने की पर्वसंधियों/इंटरनोड्स की लंबाई बढ़ाता है और पौधे की ऊँचाई में वृद्धि कर सकता है।
21. कृषि में खर-पतवार नियंत्रण तथा उत्पादन वृद्धि के लिए कृत्रिम पादप हार्मोन के कार्य लिखिए।
उत्तर:
कृत्रिम पादप हार्मोन का उपयोग—
कुछ खर-पतवारों को नियंत्रित करने में,
जड़ निर्माण बढ़ाने में,
फल बनने में,
फल के आकार एवं विकास को प्रभावित करने में,
पौधों की वृद्धि नियंत्रित करने में
किया जा सकता है।
22. पौधों में वृद्धि से संबंधित ऑक्सीन के कार्यों की सारणी बनाइए।
| ऑक्सीन का कार्य | प्रभाव |
|---|---|
| कोशिका वृद्धि | कोशिकाओं की लंबाई बढ़ाता है |
| प्रकाशानुवर्तन | तने को प्रकाश की ओर मोड़ने में सहायता |
| जड़ निर्माण | उपयुक्त मात्रा में जड़ बनने को बढ़ावा |
| फल विकास | फल के विकास में सहायता |
| कलम लगाना | जड़ बनने में उपयोगी |
| खर-पतवार नियंत्रण | कृत्रिम ऑक्सीन कुछ खर-पतवारों को नियंत्रित कर सकते हैं |
23. मानव शरीर की जनन ग्रंथियों से संबंधित GTH की दो भूमिकाएँ लिखिए।
उत्तर:
GTH यानी Gonadotropic Hormones में FSH और LH प्रमुख हैं।
FSH जनन कोशिकाओं के विकास तथा महिलाओं में फॉलिकल के विकास में सहायता करता है।
LH महिलाओं में अंडोत्सर्जन तथा पुरुषों में टेस्टोस्टेरॉन के स्राव को नियंत्रित करने में भूमिका निभाता है।
24. निम्न कार्यों से संबंधित हार्मोन के नाम लिखिए।
| कार्य | हार्मोन |
|---|---|
| रक्त में शर्करा की मात्रा नियंत्रित करना | इंसुलिन और ग्लूकागॉन |
| थायरॉयड हार्मोन के स्राव को उत्तेजित करना | TSH |
| शरीर की वृद्धि | वृद्धि हार्मोन (GH/STH) |
| कॉर्पस ल्यूटियम को बनाए रखने में सहायता | LH |
| गर्भाशय की पेशियों का संकुचन | ऑक्सीटोसिन |
25. LH तथा ICSH मनुष्य की जनन ग्रंथियों से संबंधित हार्मोन के स्राव को नियंत्रित करते हैं—इस कथन का मूल्यांकन कीजिए।
उत्तर:
यह कथन मूल रूप से सही है। महिलाओं में LH अंडोत्सर्जन तथा कॉर्पस ल्यूटियम के विकास में महत्वपूर्ण है। पुरुषों में LH को ICSH भी कहा जाता है और यह वृषण की Leydig कोशिकाओं को टेस्टोस्टेरॉन स्रावित करने के लिए उत्तेजित करता है।
26. निम्न कार्यों को नियंत्रित करने वाले हार्मोन की तालिका बनाइए।
| कार्य | हार्मोन |
|---|---|
| लंबी हड्डियों की वृद्धि में सहायता | वृद्धि हार्मोन |
| कॉर्पस ल्यूटियम को विकसित/बनाए रखने में सहायता | LH |
| यकृत में ग्लूकोज निर्माण को नियंत्रित करना | इंसुलिन |
| प्रसव के समय गर्भाशय की पेशियों का संकुचन | ऑक्सीटोसिन |
27. प्राकृतिक तथा अर्जित प्रतिवर्ती क्रिया को तालिका में दिखाइए।
| प्राकृतिक प्रतिवर्ती क्रिया | अर्जित प्रतिवर्ती क्रिया |
|---|---|
| जन्मजात होती है | अनुभव/अभ्यास से विकसित होती है |
| नवजात का स्तनपान | साइकिल चलाना |
| छींक आना | विकेटकीपर द्वारा गेंद पकड़ना |
| पलक झपकाना | सीखे हुए कौशल के अनुसार प्रतिक्रिया |
28. केंद्रीय तंत्रिका तंत्र एवं परिधीय तंत्रिका तंत्र के भाग लिखिए।
उत्तर:
केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (CNS):
मस्तिष्क
मेरुरज्जा
परिधीय तंत्रिका तंत्र (PNS):
क्रेनियल तंत्रिकाएँ
स्पाइनल/मेरु तंत्रिकाएँ
29. आँख में दृष्टि संबंधी किन दो दृष्टि-दोषों को ठीक किया जा सकता है?
उत्तर:
मायोपिया — अवतल लेंस से।
हाइपरमेट्रोपिया — उत्तल लेंस से।
30. दरवाजे की घंटी सुनकर दरवाजा खोलने की क्रिया का तंत्रिका पथ लिखिए।
उत्तर:
ध्वनि
→ कान के श्रवण ग्राही
→ श्रवण तंत्रिका
→ मस्तिष्क
→ चालक तंत्रिका
→ हाथ की पेशियाँ
→ दरवाजा खोलना।
31. निम्न घटनाओं पर होने वाली प्रतिवर्ती क्रिया लिखिए।
उत्तर:
जब खाद्य कण ट्रैकिया में प्रवेश करे:
खाँसी की प्रतिवर्ती क्रिया होती है।
जब बाहरी कण नाक में प्रवेश करे:
छींकने की प्रतिवर्ती क्रिया होती है।
32. आँख के प्रमुख अपवर्तक माध्यमों के नाम लिखिए।
उत्तर:
कॉर्निया → जलीय द्रव (Aqueous humour) → लेंस → काचाभ द्रव (Vitreous humour)।
33. मेनिन्जेज तथा CSF की स्थिति बताइए।
उत्तर:
मेनिन्जेज मस्तिष्क तथा मेरुरज्जा को घेरने वाली सुरक्षात्मक झिल्लियाँ हैं। CSF मस्तिष्क तथा मेरुरज्जा के आसपास पाया जाने वाला द्रव है। यह CNS को झटकों से बचाने में सहायता करता है।
34. एक पशु जो विश्राम अवस्था में था, गमन करने का प्रयास करता है। इसके संभावित कारण लिखिए।
उत्तर:
इसके संभावित कारण हैं—
बाहरी उद्दीपन जैसे भोजन, खतरा या प्रकाश।
तंत्रिका तंत्र द्वारा मांसपेशियों को संदेश मिलना।
मांसपेशियों और अस्थियों की समन्वित क्रिया।
शरीर को भोजन, सुरक्षा या उपयुक्त स्थान की आवश्यकता।
D. विस्तृत उत्तरवाले प्रश्न
Long Answer Type Questions — [5 Marks]
1. मनुष्य के मस्तिष्क के विभिन्न भागों का नाम और कार्य बताइए।
उत्तर:
मस्तिष्क मानव शरीर के केंद्रीय तंत्रिका तंत्र का सबसे महत्वपूर्ण अंग है। यह शरीर की विभिन्न क्रियाओं का नियंत्रण, समन्वय तथा नियमन करता है। मस्तिष्क को मुख्य रूप से निम्न भागों में समझा जा सकता है—
1. सेरिब्रम
यह मस्तिष्क का सबसे बड़ा भाग है। यह सोचने, समझने, स्मृति, बुद्धि, इच्छा, भावनाओं तथा ऐच्छिक क्रियाओं के नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
2. सेरिबेलम
यह शरीर के संतुलन, मुद्रा तथा मांसपेशियों के समन्वय को बनाए रखता है। चलने, दौड़ने और शरीर को संतुलित रखने में इसका विशेष महत्व है।
3. मेडुला ऑब्लोंगाटा
यह कई अनैच्छिक क्रियाओं को नियंत्रित करता है। जैसे—हृदय गति, श्वसन, निगलना और खाँसी जैसी क्रियाएँ।
4. पोंस
यह मस्तिष्क के विभिन्न भागों के बीच संदेशों के संचार में सहायता करता है तथा श्वसन के नियमन में भी भूमिका निभाता है।
5. हाइपोथैलेमस
यह शरीर के तापक्रम, भूख, प्यास, नींद तथा अंतःस्रावी नियंत्रण से संबंधित महत्वपूर्ण कार्य करता है।
निष्कर्ष
इस प्रकार मस्तिष्क शरीर के विभिन्न अंगों से सूचना प्राप्त करके उनका नियंत्रण और समन्वय करता है।
2. प्रतिवर्ती क्रिया क्या है? यह कितने प्रकार की होती है? प्रत्येक की परिभाषा लिखिए।
उत्तर:
किसी उद्दीपन के प्रति बिना सचेत निर्णय के होने वाली तेज और स्वचालित प्रतिक्रिया को प्रतिवर्ती क्रिया (Reflex Action) कहते हैं।
उदाहरण—गर्म वस्तु को छूते ही हाथ को पीछे खींच लेना।
प्रतिवर्ती क्रिया को सामान्यतः निम्न प्रकार से समझा जा सकता है—
1. प्राकृतिक/जन्मजात प्रतिवर्ती क्रिया
जो प्रतिवर्ती क्रिया जन्म से ही उपस्थित होती है और सीखने की आवश्यकता नहीं होती, उसे प्राकृतिक प्रतिवर्ती क्रिया कहते हैं।
उदाहरण:
छींकना
पलक झपकना
नवजात का दूध पीना
गर्म वस्तु से हाथ हटाना
2. अर्जित प्रतिवर्ती क्रिया
जो क्रिया अनुभव, अभ्यास या प्रशिक्षण से विकसित होती है, उसे अर्जित प्रतिवर्ती क्रिया कहते हैं।
उदाहरण:
साइकिल चलाना
गेंद को देखकर तुरंत पकड़ना
अभ्यास से विकसित किसी कौशल में तुरंत प्रतिक्रिया देना।
3. पौधे किस प्रकार वातावरण के परिवर्तनों को महसूस करते हैं?
उत्तर:
पौधों में मनुष्यों की तरह तंत्रिका तंत्र नहीं होता, फिर भी वे वातावरण में होने वाले परिवर्तनों को महसूस करके प्रतिक्रिया करते हैं। पौधों की कोशिकाओं में उद्दीपन को महसूस करने और उसके प्रति प्रतिक्रिया करने की क्षमता होती है।
पौधे निम्न प्रकार के उद्दीपन के प्रति प्रतिक्रिया कर सकते हैं—
1. प्रकाश
पौधे प्रकाश की दिशा को महसूस करते हैं। तना सामान्यतः प्रकाश की ओर बढ़ता है। इसे धनात्मक प्रकाशानुवर्तन कहते हैं।
2. गुरुत्व
जड़ें सामान्यतः गुरुत्व की दिशा में बढ़ती हैं, जबकि तना गुरुत्व की विपरीत दिशा में बढ़ता है।
3. जल
जड़ें जल की ओर बढ़ती हैं। इसे जलानुवर्तन (Hydrotropism) कहते हैं।
4. स्पर्श
छुईमुई की पत्तियाँ स्पर्श के कारण बंद हो जाती हैं। यह नैस्टिक गति का उदाहरण है।
5. रासायनिक उद्दीपन
परागनलिका रासायनिक संकेतों के प्रभाव से बीजांड की ओर बढ़ती है।
इन प्रतिक्रियाओं में पादप हार्मोन, विशेष रूप से ऑक्सीन आदि, महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
4. गति किसे कहते हैं? यह कितने प्रकार की होती है? प्रत्येक की परिभाषा लिखिए।
उत्तर:
जीव के पूरे शरीर या उसके किसी भाग की स्थिति में होने वाले परिवर्तन को गति (Movement) कहते हैं।
पौधों में गति को मुख्य रूप से निम्न प्रकार से समझा जा सकता है—
1. अनुचलन/टैक्टिक गति
बाहरी उद्दीपन की दिशा के अनुसार पूरे जीव या चलायमान भाग की दिशा-निर्भर गति को टैक्टिक गति कहते हैं।
उदाहरण: प्रकाश की ओर यूग्लीना का जाना।
2. अनुवर्तन/ट्रॉपिक गति
उद्दीपन की दिशा के अनुसार पौधे या उसके किसी अंग की वृद्धि-आधारित वक्रता को ट्रॉपिक गति कहते हैं।
उदाहरण: तने का प्रकाश की ओर मुड़ना।
3. नैस्टिक गति
ऐसी गति जो उद्दीपन की दिशा पर निर्भर नहीं करती, नैस्टिक गति कहलाती है।
उदाहरण: छुईमुई की पत्तियों का स्पर्श पर बंद होना।
5. हार्मोन किसे कहते हैं? पादप हार्मोन की क्या विशेषताएँ हैं?
उत्तर:
अंतःस्रावी ग्रंथियों द्वारा निर्मित ऐसे रासायनिक संदेशवाहक जो शरीर के विभिन्न कार्यों का नियंत्रण और समन्वय करते हैं, हार्मोन कहलाते हैं।
पौधों में पाए जाने वाले वृद्धि एवं विकास को नियंत्रित करने वाले रासायनिक पदार्थों को पादप हार्मोन या फाइटोहॉर्मोन कहते हैं।
पादप हार्मोन की प्रमुख विशेषताएँ
ये बहुत कम मात्रा में भी प्रभावी होते हैं।
ये पौधों की वृद्धि और विकास को नियंत्रित करते हैं।
ये एक स्थान पर बनकर दूसरे स्थान पर प्रभाव डाल सकते हैं।
ये कोशिका विभाजन और कोशिका वृद्धि को प्रभावित करते हैं।
प्रकाश, गुरुत्व तथा जल जैसे उद्दीपनों के प्रति पौधे की प्रतिक्रिया में इनकी भूमिका होती है।
प्रमुख पादप हार्मोन: ऑक्सीन, गिब्बरेलिन, साइटोकाइनिन, एथिलीन और एब्सिसिक अम्ल।
6. मनुष्य की तीन प्रमुख अंतःस्रावी ग्रंथियों के नाम बताइए। अंतःस्रावी और बहिःस्रावी ग्रंथि में अंतर बताइए।
उत्तर:
मनुष्य की प्रमुख अंतःस्रावी ग्रंथियों में—
पीयूष ग्रंथि
थायरॉयड ग्रंथि
एड्रिनल ग्रंथि
शामिल हैं।
अंतःस्रावी तथा बहिःस्रावी ग्रंथि में अंतर
| अंतःस्रावी ग्रंथि | बहिःस्रावी ग्रंथि |
|---|---|
| इनमें नलिकाएँ नहीं होतीं | सामान्यतः नलिकाएँ होती हैं |
| हार्मोन सीधे रक्त में छोड़ती हैं | स्राव को नलिका द्वारा बाहर/विशिष्ट स्थान पर पहुँचाती हैं |
| उदाहरण—पीयूष, थायरॉयड | उदाहरण—लार ग्रंथि |
| हार्मोन बनाना प्रमुख कार्य | एंजाइम, पाचक रस आदि का स्राव कर सकती हैं |
7. न्यूरल नियमन और समन्वय से आप क्या समझते हैं? उदाहरण द्वारा स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
तंत्रिका तंत्र द्वारा शरीर के विभिन्न अंगों की क्रियाओं का नियंत्रण तथा उनके बीच सूचनाओं का समन्वय न्यूरल नियमन और समन्वय कहलाता है।
तंत्रिका तंत्र उद्दीपन को ग्रहण करके तंत्रिका आवेग के रूप में संदेश को उचित केंद्र तक पहुँचाता है और वहाँ से प्रतिक्रिया के लिए संबंधित अंग को संदेश भेजता है।
उदाहरण—गर्म वस्तु को छूना
गर्म वस्तु
↓
त्वचा के ग्राही
↓
संवेदी न्यूरॉन
↓
मेरुरज्जा
↓
चालक न्यूरॉन
↓
हाथ की मांसपेशियाँ
↓
हाथ तुरंत पीछे हट जाता है।
यह एक प्रतिवर्ती क्रिया है।
8. द्विनेत्री दृष्टि से क्या समझते हैं? एकनेत्री और द्विनेत्री दृष्टि में अंतर बताइए।
उत्तर:
जब दोनों आँखें किसी वस्तु को देखने में साथ-साथ कार्य करती हैं और दोनों आँखों से प्राप्त सूचनाओं को मस्तिष्क एक संयुक्त दृश्य के रूप में समझता है, तो इसे द्विनेत्री दृष्टि (Binocular Vision) कहते हैं।
अंतर
| एकनेत्री दृष्टि | द्विनेत्री दृष्टि |
|---|---|
| मुख्यतः एक आँख से प्राप्त दृश्य पर आधारित | दोनों आँखों की सूचनाओं का उपयोग |
| दृष्टि क्षेत्र अपेक्षाकृत अधिक हो सकता है | दोनों आँखों के सामान्य क्षेत्र में अधिक स्पष्ट संयुक्त दृष्टि |
| गहराई का अनुमान अपेक्षाकृत कम | गहराई एवं दूरी का बेहतर अनुमान |
| अनेक शिकार/अन्य प्राणियों में पाया जाता है | मनुष्य में प्रमुख रूप से पाया जाता है |
9. आँख में होने वाले दो रोगों का नाम, कारण और निवारण बताइए।
उत्तर:
1. मायोपिया
इसमें व्यक्ति निकट की वस्तुओं को स्पष्ट देख सकता है, लेकिन दूर की वस्तुएँ स्पष्ट दिखाई नहीं देतीं।
कारण:
नेत्रगोलक का अधिक लंबा होना या आँख की अपवर्तक शक्ति अधिक होना।
निवारण:
उचित शक्ति के अवतल लेंस का प्रयोग किया जाता है।
2. हाइपरमेट्रोपिया
इसमें दूर की वस्तुएँ अपेक्षाकृत स्पष्ट दिखाई देती हैं, लेकिन निकट की वस्तुएँ स्पष्ट दिखाई नहीं देतीं।
कारण:
नेत्रगोलक छोटा होना या आँख की अपवर्तक शक्ति कम होना।
निवारण:
उचित शक्ति के उत्तल लेंस का प्रयोग किया जाता है।
10. कोई जंतु प्रचलन क्यों करता है? प्रचलन और गति में अंतर बताइए।
उत्तर:
जंतु अपने जीवन की विभिन्न आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए प्रचलन करते हैं।
प्रचलन के कारण
भोजन प्राप्त करना।
शत्रु से बचना।
साथी की खोज करना।
अनुकूल वातावरण की तलाश करना।
प्रजनन तथा आश्रय के लिए उपयुक्त स्थान तक पहुँचना।
प्रचलन और गति में अंतर
| गति | प्रचलन |
|---|---|
| शरीर या किसी अंग की स्थिति बदलना | पूरे जीव का स्थान बदलना |
| हाथ-पैर हिलाना गति है | चलना/दौड़ना प्रचलन है |
| स्थान बदलना आवश्यक नहीं | स्थान परिवर्तन आवश्यक है |
11. संधि से क्या समझते हैं? विभिन्न प्रकार की चल संधियों के नाम और उदाहरण बताइए।
उत्तर:
दो अस्थियों के मिलने के स्थान को संधि (Joint) कहते हैं। संधियाँ शरीर की गति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
प्रमुख चल संधियाँ
1. काज/हिंज संधि:
एक दिशा में गति कराती है।
उदाहरण: कोहनी और घुटना।
2. गेंद और प्याला संधि:
कई दिशाओं में गति संभव होती है।
उदाहरण: कंधा और कूल्हा।
3. धुरी/पिवट संधि:
घूर्णन की अनुमति देती है।
उदाहरण: गर्दन के कशेरुकों के बीच विशेष संधि।
4. ग्लाइडिंग संधि:
अस्थियाँ एक-दूसरे के ऊपर सीमित रूप से सरकती हैं।
उदाहरण: कलाई की कुछ अस्थियों के बीच।
12. मेरुरज्जा की तुलना में मस्तिष्क द्वारा किसी सूचना के संचरण में अधिक समय क्यों लगता है?
उत्तर:
मेरुरज्जा से संबंधित प्रतिवर्ती क्रियाओं में संदेश का मार्ग अपेक्षाकृत छोटा होता है। इसलिए प्रतिक्रिया बहुत तेजी से हो सकती है।
जबकि मस्तिष्क से संबंधित क्रियाओं में संदेश को विभिन्न तंत्रिका केंद्रों तक पहुँचकर संसाधित किया जाता है। मस्तिष्क सूचना को समझता, उसका विश्लेषण करता और उसके अनुसार प्रतिक्रिया का नियंत्रण करता है।
इसलिए सामान्यतः मस्तिष्क से जुड़ी जटिल सूचनाओं के प्रसंस्करण में प्रतिवर्ती मेरुरज्जीय प्रतिक्रिया की तुलना में अधिक समय लग सकता है।
13. मनुष्य के शरीर का स्वच्छ चित्र बनाकर अंतःस्रावी ग्रंथियों का नामांकन कीजिए।
उत्तर:
परीक्षा में मानव शरीर का सरल रूपरेखा चित्र बनाकर निम्न ग्रंथियों को उचित स्थान पर अंकित करें—
पीयूष ग्रंथि — मस्तिष्क के आधार पर
थायरॉयड ग्रंथि — गर्दन में
थाइमस — वक्ष क्षेत्र में
एड्रिनल ग्रंथियाँ — दोनों वृक्कों के ऊपर
अग्नाशय — उदर में
अंडाशय — महिला में
वृषण — पुरुष में
चित्र में प्रत्येक ग्रंथि का नाम स्पष्ट रूप से लिखना चाहिए।
14. मानव मस्तिष्क का स्वच्छ चित्र बनाकर प्रमुख भागों का नामांकन कीजिए।
उत्तर:
मस्तिष्क का पार्श्व दृश्य बनाकर निम्न भागों को अंकित करें—
सेरिब्रम
सेरिबेलम
पोंस
मेडुला ऑब्लोंगाटा
मेरुरज्जा
हाइपोथैलेमस
चित्र के नीचे लिखें कि सेरिब्रम सबसे बड़ा भाग, सेरिबेलम संतुलन, तथा मेडुला अनैच्छिक क्रियाओं से संबंधित है।
15. प्रतिवर्ती चाप का स्वच्छ चित्र बनाकर ग्राही, संवेदी न्यूरॉन, तंत्रिका केंद्र, चालक न्यूरॉन और प्रभावी को दर्शाइए।
उत्तर:
प्रतिवर्ती चाप का क्रम—
ग्राही → संवेदी न्यूरॉन → तंत्रिका केंद्र → चालक न्यूरॉन → प्रभावी अंग
उदाहरण—
त्वचा का ग्राही
↓
संवेदी न्यूरॉन
↓
मेरुरज्जा
↓
चालक न्यूरॉन
↓
मांसपेशी
↓
हाथ पीछे हटता है।
परीक्षा के चित्र में प्रत्येक भाग का नाम स्पष्ट रूप से अंकित करें।
16. मानव आँख के उर्ध्वकाट का स्वच्छ एवं नामांकित चित्र बनाइए।
उत्तर:
आँख का सरल अनुप्रस्थ/उर्ध्वकाट बनाकर निम्न भागों को नामांकित करें—
कॉर्निया
आइरिस
पुतली
लेंस
सिलियरी मांसपेशी
जलीय द्रव
विट्रियस ह्यूमर
रेटिना
ऑप्टिक तंत्रिका
स्क्लेरा
कोरॉयड
चित्र में प्रकाश की दिशा कॉर्निया → लेंस → विट्रियस ह्यूमर → रेटिना की ओर दिखाना उपयोगी रहेगा।
17. न्यूरॉन का स्वच्छ चित्र बनाकर कोशिकाय, डेंड्रॉन, एक्सॉन, न्यूरिलेमा, मायलिन शीथ और सिनेप्स को नामांकित कीजिए।
उत्तर:
न्यूरॉन तंत्रिका तंत्र की संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई है।
चित्र में—
कोशिका काय/Cell body
डेंड्राइट/डेंड्रॉन
एक्सॉन
मायलिन शीथ
न्यूरिलेमा
नोड ऑफ रैनवियर
एक्सॉन टर्मिनल
सिनेप्स
अंकित करें।
कार्य: डेंड्राइट संदेश ग्रहण करते हैं, कोशिका काय उनका समन्वय करता है और एक्सॉन तंत्रिका आवेग को आगे ले जाता है।
18. कृषि तथा बागवानी में कृत्रिम पादप हार्मोन की भूमिका लिखिए। ग्लूकोज के अवशोषण तथा उपापचय में हार्मोन के प्रभाव बताइए।
उत्तर:
कृषि और बागवानी में कृत्रिम पादप हार्मोन
| उपयोग | प्रभाव |
|---|---|
| खर-पतवार नियंत्रण | कुछ कृत्रिम ऑक्सीन खर-पतवार को नियंत्रित करते हैं |
| जड़ निर्माण | कलमों में जड़ बनने में सहायता |
| फल विकास | फल के विकास को प्रभावित करना |
| फल बनने में सहायता | कुछ स्थितियों में बीज रहित फल उत्पादन में उपयोग |
| पौध वृद्धि नियंत्रण | वृद्धि को नियंत्रित करने में उपयोग |
ग्लूकोज के अवशोषण और उपापचय में इंसुलिन
इंसुलिन रक्त में ग्लूकोज की मात्रा कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह कोशिकाओं द्वारा ग्लूकोज के उपयोग में सहायता करता है और यकृत तथा मांसपेशियों में ग्लूकोज को ग्लाइकोजन के रूप में संग्रहित करने को बढ़ावा देता है।
इसके विपरीत ग्लूकागॉन रक्त में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ाने में सहायता करता है।
19. एक मनुष्य दूर की चीजें स्पष्ट देख सकता है लेकिन पास की चीजें स्पष्ट रूप से नहीं देख पाता। संभावित कारण और निवारण बताइए।
उत्तर:
यह स्थिति सामान्यतः हाइपरमेट्रोपिया (दूरदृष्टिता) से संबंधित हो सकती है।
कारण
नेत्रगोलक सामान्य से छोटा हो सकता है।
आँख की अपवर्तक शक्ति अपेक्षाकृत कम हो सकती है।
लेंस की समायोजन क्षमता कम होने पर भी निकट की वस्तु को स्पष्ट करने में कठिनाई हो सकती है।
निवारण
उचित शक्ति के उत्तल लेंस वाले चश्मे का उपयोग किया जाता है। उत्तल लेंस प्रकाश किरणों को उचित रूप से अभिसरित करके रेटिना पर स्पष्ट प्रतिबिंब बनने में सहायता करता है।
20. दुर्घटना में घायल व्यक्ति में निम्न कार्य प्रभावित हुए। संबंधित मस्तिष्क भागों के नाम लिखिए। हार्मोन के फीडबैक नियंत्रण को उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर:
| प्रभावित कार्य | संबंधित मस्तिष्क भाग |
|---|---|
| वाक्शक्ति/बोलने की शक्ति | सेरिब्रम का संबंधित भाषाई क्षेत्र |
| भूख और प्यास | हाइपोथैलेमस |
| निद्रा तथा शरीर का तापक्रम | हाइपोथैलेमस |
| शारीरिक साम्य/संतुलन | सेरिबेलम |
| जीभ का संचालन तथा निगलना | मेडुला तथा संबंधित तंत्रिका केंद्र |
| हार्मोन का फीडबैक नियंत्रण | हाइपोथैलेमस-पीयूष तंत्र |
हार्मोन का फीडबैक नियंत्रण
हार्मोन के स्तर को नियंत्रित रखने के लिए शरीर में फीडबैक तंत्र कार्य करता है।
उदाहरण—थायरॉक्सिन
हाइपोथैलेमस
↓
TRH
↓
पीयूष ग्रंथि
↓
TSH
↓
थायरॉयड ग्रंथि
↓
थायरॉक्सिन
जब रक्त में थायरॉक्सिन की मात्रा बढ़ जाती है, तो यह हाइपोथैलेमस और पीयूष ग्रंथि को संकेत देता है, जिससे TRH तथा TSH का स्राव कम होता है। इससे थायरॉक्सिन का उत्पादन नियंत्रित रहता है।
इसे नकारात्मक प्रतिपुष्टि (Negative Feedback) कहते हैं।
21. द्विनेत्री तथा एकनेत्री दृष्टि में तीन अंतर लिखिए—प्रतिबिंब का गठन, दृष्टि का क्षेत्र और गहराई।
उत्तर:
| आधार | एकनेत्री दृष्टि | द्विनेत्री दृष्टि |
|---|---|---|
| प्रतिबिंब | मुख्यतः एक आँख से प्राप्त सूचना | दोनों आँखों की सूचनाओं का संयुक्त उपयोग |
| दृष्टि का क्षेत्र | अपेक्षाकृत अधिक हो सकता है | दोनों आँखों के सामान्य क्षेत्र में संयुक्त दृष्टि |
| गहराई का अनुमान | अपेक्षाकृत कम | गहराई एवं दूरी का बेहतर अनुमान |
22. प्राकृतिक प्रतिवर्ती क्रिया तथा उपार्जित प्रतिवर्ती क्रिया में अंतर लिखिए।
उत्तर:
| आधार | प्राकृतिक प्रतिवर्ती क्रिया | उपार्जित प्रतिवर्ती क्रिया |
|---|---|---|
| प्रकृति | जन्मजात | सीखी हुई |
| पूर्व अनुभव | आवश्यक नहीं | अभ्यास/अनुभव आवश्यक |
| तंत्रिका पथ | जन्म से स्थापित | अभ्यास से विकसित/सुदृढ़ प्रतिक्रिया पथ |
| उदाहरण | छींकना, पलक झपकना | साइकिल चलाना, अभ्यास से गेंद पकड़ना |
23. प्रतिवर्ती चाप का चित्रण करें तथा उसके भागों का नामांकन करें।
उत्तर:
प्रतिवर्ती चाप वह तंत्रिका पथ है जिसके माध्यम से प्रतिवर्ती क्रिया पूरी होती है।
क्रम
उद्दीपन
↓
ग्राही अंग
↓
संवेदी तंत्रिका/न्यूरॉन
↓
तंत्रिका केंद्र — मेरुरज्जा
↓
चालक तंत्रिका/न्यूरॉन
↓
प्रभावी अंग — मांसपेशी
↓
प्रतिक्रिया
उदाहरण
गर्म वस्तु को छूने पर त्वचा के ग्राही उद्दीपन को ग्रहण करते हैं। संदेश संवेदी न्यूरॉन से मेरुरज्जा तक जाता है। वहाँ से चालक न्यूरॉन के माध्यम से मांसपेशी को संदेश मिलता है और हाथ पीछे हट जाता है।
24. मानव नेत्रगोलक के उर्ध्वकाट का स्वच्छ चित्र बनाकर कॉर्निया, लेंस, विट्रियस ह्यूमर तथा रेटिना को नामांकित कीजिए।
उत्तर:
परीक्षा में आँख का साफ और बड़ा चित्र बनाकर निम्न भागों को सही स्थान पर लिखें—
1. कॉर्निया: आँख का सामने का पारदर्शी भाग; प्रकाश के अपवर्तन में महत्वपूर्ण।
2. लेंस: प्रकाश किरणों को अपवर्तित करके रेटिना पर केंद्रित करता है और समायोजन में सहायता करता है।
3. विट्रियस ह्यूमर: लेंस और रेटिना के बीच स्थित जेल जैसा पदार्थ; नेत्रगोलक का आकार बनाए रखने में सहायता करता है।
4. रेटिना: आँख की प्रकाश-संवेदी परत। इसमें रॉड और कोन जैसे प्रकाशग्राही पाए जाते हैं।
चित्र में प्रकाश का क्रम
कॉर्निया → जलीय द्रव → लेंस → विट्रियस ह्यूमर → रेटिना
अतिरिक्त महत्वपूर्ण प्रश्नों का त्वरित Revision
याद रखें—
मस्तिष्क का सबसे बड़ा भाग → सेरिब्रम
शरीर का संतुलन → सेरिबेलम
तापक्रम, भूख, प्यास → हाइपोथैलेमस
हृदय गति, निगलना जैसी अनैच्छिक क्रियाएँ → मेडुला ऑब्लोंगाटा
मास्टर ग्रंथि → पीयूष ग्रंथि
वृद्धि हार्मोन → GH/STH
जल का पुनःअवशोषण → ADH
आपातकालीन प्रतिक्रिया → एड्रिनेलिन
रक्त में ग्लूकोज कम करना → इंसुलिन
रक्त में ग्लूकोज बढ़ाना → ग्लूकागॉन
पौधे का वृद्धि हार्मोन → ऑक्सीन
तने का प्रकाश की ओर मुड़ना → धनात्मक प्रकाशानुवर्तन
जड़ का गुरुत्व की ओर बढ़ना → धनात्मक गुरुत्वानुवर्तन
तने का गुरुत्व के विपरीत बढ़ना → ऋणात्मक गुरुत्वानुवर्तन
छुईमुई की पत्ती बंद होना → नैस्टिक गति
फूल का प्रकाश के अनुसार खुलना-बंद होना → फोटोनैस्टी
दो न्यूरॉनों के बीच का स्थान → सिनेप्स
PNS में मायलिन बनाने वाली कोशिका → श्वान कोशिका
मानव क्रेनियल तंत्रिकाएँ → 12 जोड़ियाँ
मानव मेरु तंत्रिकाएँ → 31 जोड़ियाँ
प्रतिवर्ती चाप → ग्राही → संवेदी न्यूरॉन → CNS → चालक न्यूरॉन → प्रभावी
मायोपिया → अवतल लेंस
हाइपरमेट्रोपिया → उत्तल लेंस
आँसू का एंजाइम → लाइसोजाइम
फल पकना → एथिलीन
थायरॉक्सिन के निर्माण के लिए आवश्यक तत्व → आयोडीन
.आनुवंशिकता व सामान्य आनुवंशिक बीमारियाँ पाठ का mcq
1 .आनुवंशिकता का पिता कहा जाता है-
उत्तर :-मेंडल को
2 .मेंडल एक मठ के पादरी थे-
उत्तर :-आस्ट्रिया के
३. कायिक विभिन्नता होती है –
उत्तर:-उपार्जित
4. जीव की जीनी संरचना है-
उत्तर :-जीनो टाइप
5 .इनमे से कौन सभी जीवों में वंशानुगत गुणों को पीढ़ी -दर -पीढ़ी संचारित करता हैं –
उत्तर :-ऑटोसोम
6 .मेंडल के मटर के पौधे पर किये गये प्रसिद्ध प्रयोग की व्याख्या में शुद्ध रूप से लम्बे P को प्रदर्शित किया गया-
उत्तर :-Tt द्वारा
उत्तर :-आनुवंशिकी विज्ञान
9. विपरीत लक्षणों के जोड़े हैं-
उत्तर:-द्विसंकर
10. मेंडल ने अपना प्रयोग किया, मटर के-
उत्तर :- 7 जोड़ों पर
11. F, पीढ़ी में प्रकट होने वाला लक्षण है-
उत्तर :-प्रभावी
12. लाला एवं सफेद फूलों के मध्य संकरण की क्रिया होने पर –
उत्तर :-लाल रंग प्रभावी होता है
13. यदि एक लम्बे पौधे का संकरण नाटे पौधे से हो, तो पीढ़ी में में सभी पौधे-
उत्तर :-संकर लम्बे होंगे
14. मेंडल के नियम हैं –
उत्तर :-चार
15. निम्नांकित में से कौन लिंग सहलग्न रोग है-
उत्तर :-रतौंधी
16. वर्णान्धता से पीड़ित व्यक्ति किन रंगों में अन्तर नहीं कर पाता-
उत्तर :-लाल व हरा
17. वर्णान्धता का सम्बन्ध किसमें गड़बड़ी से है-
उत्तर :-आँखों की मांसपेशी
18. मानव में लिंग का निर्धारण होता है-
उत्तर :-लैंगिक गुणसूत्र के विशिष्ट सयोग द्वारा
19. जीन विनिमय होता है-
उत्तर :-समसूत्री
20. लिंग गुणसूत्र का अन्य नाम है-
उत्तर :-हेट्रोसोम
.आनुवंशिकता व सामान्य आनुवंशिक बीमारियाँ पाठ का रिक्त स्थानों की पूर्ति करो
1. ग्रेगर मेंडल ने आनुवंशिकता का पता लगाया।
2. TT अक्षरों का उपयोग लम्बे लक्षणों का लिए होता है।
3. जीन्स DNA के बने होते हैं।
4. संकर संतानों को उत्पन्न करने की विधि मिश्रित विवाद कहलाती है ।
5. Rr रेसेसिव गुणसूत्रों को व्यक्त करता है।
6. मेंडल के आनुवंशिकता संबंधी नियम 4 नियम हैं।
7. मेण्डल का पूरा नाम जॉन ग्रेगर जॉनासेन मेंडल है।
8. मानव के गुणसूत्रों की संख्या 46 है।
9. गंजापन एक अनुवांशिक बीमारी है।
10. गुणसूत्र मनुष्य में लिंग निर्धारण करते हैं।
11. लिंग निर्धारण में भाग लेने वाले गुणसूत्रों को सेक्स लिंक्ड गुणसूत्र कहते हैं।
12. मानव में शिशु लिंग का निर्धारण पिता की अनुवांशिक रचना द्वारा होता है।
13. मानव की द्विगुणित कोशिका में ऑटोसोम्स की संख्या 46 है।
14. नर जीनरेटर प्रकार के युग्मक (gamets) उत्पन्न करते हैं।
15. सहलग्न जीनों की स्थिति एक साथ होती है।
. आनुवंशिकता व सामान्य आनुवंशिक बीमारियाँ पाठ का लघुत्तरीय प्रश्न
उत्तर :-मटर पौधे के विभिन्न जोड़ियों में विपरीत लक्षणों की कुछ उदाहरण हैं:
1. रंग: हरी, पीली, या विभिन्न रंगों की पोषणीयता।
2. आकार: छोटे, बड़े, गोल, या गुच्छ में आकार।
3. धारी: अधिक या कम फूलों की धारी।
4. पौधे की ऊँचाई: लंबे, छोटे, या मध्यम ऊँचाई के पौधे।
5. फल: बड़े, छोटे, स्वादिष्ट, अस्वादिष्ट, और विभिन्न रसों वाले फल।
6. दल: सफेद, काला, और विभिन्न रंगों वाले दल।
7. बीज: छोटे, बड़े, समान आकार वाले, और विभिन्न रंगों वाले बीज।
उत्तर :-एक संकर संकरण वह प्रक्रिया है जिसमें दो संस्थानिक विशेषताएँ या गुणसूत्र एक संयोजन में मिलकर एक नयी विशेषता का निर्माण करती हैं। यह संकरण विभिन्न गणनात्मक प्रक्रियाओं में हो सकता है जैसे की उत्परिवर्तन, मेलानिन उत्पन्नन आदि।एक उदाहरण है हमारे शरीर में मेलानिन का उत्पन्नन।
जब हमारे शरीर में सूर्य की किरणों का प्रभाव होता है, तो मेलानिन उत्पन्न होता है जो हमारे त्वचा को गुलाबी होने से बचाता है। यह एक संकर संकरण का उदाहरण है जहां एक प्राकृतिक प्रक्रिया के माध्यम से एक नयी विशेषता उत्पन्न होती है।
[3 .a ] आनुवंशिकता (Heredity )
उत्तर :-साध्धारणतः देखा गया है कि जीव प्रजनन की क्रिया के द्वारा अपने ही जैसे जीव की उत्पत्ति करता है। अतः यह कहा जा सकता है कि प्रत्येक शिशु में ऐसे गुण विद्यमान होते हैं जो उसे जनकों के समान बनाते हैं। अतः माता-पिता के उन गुणों का अध्ययन जो सन्तानों को माता-पिता के सदृश्य बनाते हैं, आनुवंशिकता (heredity) कहलाता है।
उत्तर :-आनुवंशिकता के संबंध में समूची जानकारी कोशिका के सविस्तार अध्ययन से प्राप्त हुई है।
उत्तर :- माता-पिता के शरीर की कोशिकाओं में ही पैतृक लक्षण (parental characters) पनपते हैं जो जनन के समय सन्तान के शरीर में जकन सन्तान को माता-पिता के सदृश बनाते हैं।
उत्तर :-जीव-विज्ञान की वह शाखा जो माता-पिता और सन्तान के समान लक्षणों के वंशागति (legacy) या आनुवंशिकता से संबंधित है, आनुवंशिकता विज्ञान (hereditary qualities) कहलाती है।
उत्तर :-मेण्डल का पूरा नाम ग्रेगर जॉन मेण्डल है। मेण्डल को अनुवांशिकता का पिता कहा जाता है।
उनका जन्म 1822 में हुआ। और मृतुय १८८४ में हुआ। ये आस्ट्रिया के वैज्ञानिक ब्रुन (Brunn)के मठ में पादरी था।
मेंडल के कार्य की पुनखोज (Rediscovery) सन् 1900 में तीन वनस्पति शास्त्री, हॉलैण्ड के ह्यूगो डी ब्राइस, जर्मनी के कोरेंस तथा ऑस्ट्रिया के बॉन शरमैक अलग-अलग प्रयोग करते हुए सामान्य (normal) निष्कर्ष पर पहुँचे।
पुराने दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान उनलोगों ने पाया कि उनके निष्कर्ष मेंडल द्वारा सन् 1866 में प्रकाशित निष्कर्षों के समान थे।
वे लोग मेंडल को प्राथमिकता देने पर सहमत हुए और उन निष्कर्षों को मंडल के ‘आनुवंशिकता का नियम’ कहा इसलिए मेडल को आनुवंशिकी का जनक (Father of hereditary qualities) कहते हैं।








1 thought on “आनुवंशिकता व सामान्य आनुवंशिक बीमारियाँ”
Nice