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वह चिड़िया जो चोंच मारकर चढ़ी नदी का दिल टटोलकर जल का मोती ले जाती है वह छोटी गरबीली चिड़िया नीले पंखोंवाली मैं हूँ मुझे नदी से बहुत प्यार है।
कविता का भावार्थ / सारांश
यह सुंदर कविता एक छोटी, नीले पंखों वाली चिड़िया के माध्यम से हमें प्रकृति के प्रति प्रेम, संतोष और सरल जीवन का संदेश देती है। कवि ने चिड़िया की अलग-अलग गतिविधियों का वर्णन करते हुए उसके स्वभाव और गुणों को बहुत ही सरल और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत किया है।
कविता के पहले भाग में चिड़िया कहती है—
“चोंच मारकर दूध-भरे जुंडी के दाने रुचि से, रस से खा लेती है…”
इसका अर्थ है कि वह चिड़िया खेतों में जाकर दाने बड़े आनंद और संतोष के साथ खाती है। यहाँ चिड़िया के माध्यम से यह बताया गया है कि हमें जो भी मिले, उसमें संतुष्ट रहना चाहिए। वह छोटी चिड़िया है, लेकिन बहुत खुश रहती है। उसे अन्न से बहुत प्यार है, यानी वह भोजन का सम्मान करती है।
दूसरे भाग में चिड़िया कहती है—
“कंठ खोलकर बूढ़े वन-बाबा की खातिर रस उड़ेलकर गा लेती है…”
यहाँ चिड़िया का मधुर स्वभाव दिखाया गया है। वह अपने मीठे गीतों से जंगल के वातावरण को आनंदमय बना देती है। “वन-बाबा” से तात्पर्य जंगल या प्रकृति से है। चिड़िया अपने गीतों से प्रकृति की सेवा करती है। इससे हमें यह सीख मिलती है कि हमें भी अपनी कला और गुणों से दूसरों को खुशी देनी चाहिए।
तीसरे भाग में चिड़िया कहती है—
“चोंच मारकर चढ़ी नदी का दिल टटोलकर जल का मोती ले जाती है…”
इसका अर्थ है कि चिड़िया नदी से पानी पीती है और उसमें से अपने लिए जरूरी चीजें ढूँढ लेती है। यहाँ “जल का मोती” पानी की बूंद या जीवन के अमूल्य तत्व का प्रतीक है। चिड़िया को नदी से बहुत प्यार है, यानी वह प्रकृति के हर रूप से जुड़ी हुई है।
चिड़िया के गुण :
इस कविता में चिड़िया के कई अच्छे गुणों को दर्शाया गया है—
संतोषी स्वभाव – जो मिलता है, उसी में खुश रहना
प्रकृति प्रेम – अन्न, जंगल और नदी से प्रेम
मधुरता – मीठे स्वर में गाना
सरल जीवन – बिना किसी लालच के जीना
कविता से मिलने वाली शिक्षा :
इस कविता से हमें कई महत्वपूर्ण बातें सीखने को मिलती हैं—
हमें अपने जीवन में संतोषी बनना चाहिए।
हमें प्रकृति से प्रेम करना चाहिए और उसका सम्मान करना चाहिए।
हमें अपनी कला और गुणों से दूसरों को खुशी देनी चाहिए।
हमें सरल और खुशहाल जीवन जीना चाहिए।
निष्कर्ष :
यह कविता एक छोटी-सी चिड़िया के माध्यम से बहुत बड़ी सीख देती है। यह हमें सिखाती है कि खुशी बड़े साधनों में नहीं, बल्कि संतोष, प्रेम और सरलता में होती है।
यदि हम चिड़िया की तरह जीवन जीना सीख लें, तो हमारा जीवन भी सुखी और सुंदर बन सकता है।
वह चिड़िया जो कविता का वस्तुनिष्ठ प्रश्न उत्तर
(क) चिड़िया के पंख हैं-
उत्तर: नीले
(ख) चिड़िया कैसी है?
उत्तर: छोटी
(ग) चिड़िया किसके लिए गाती है?
उत्तर: बूढ़े वन-बाबा के लिए
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Buy Nowवह चिड़िया जो कविता का बोधमूलक प्रश्न उत्तर
1. (क) ‘वह चिड़िया जो’ कविता का सारांश-लिखये ।
उत्तर :- इस कविता में नीले पंखों वाली एक छोटी चिड़िया के कार्यों का वर्णन है। वह चिड़िया अन्न से, गाने से, और नदी से प्रेम करती है। वह संतोषी और मेहनती है। यह कविता हमें प्राकृतिक जीवन का आदर करना सिखाती है।
1. (ख) चिड़िया कौन-कौन से कार्य करती है?
उत्तर :- जुंडी के दाने खाती है।बूढ़े वन-बाबा के लिए गाती है।नदी से जल का मोती ले जाती है।
वह चिड़िया जो कविता का निर्देशानुसार उत्तर
वह चिड़िया जो- चोंच मारकर दूध-भरे जुंडी के दाने रुचि से, रस से खा लेती है वह छोटी संतोषी चिड़िया नीले पंखोंवाली मैं हूँ मुझे अन्न से बहुत प्यार है।
(i) इस पद्यांश के कवि कौन है? यह किस शीर्षक से उधृत है?
उत्तर :-इस पद्यांश के कवि केदारनाथ अग्रवाल हैं।यह कविता ‘वह चिड़िया जो’ शीर्षक से ली गई है।
(ii) चिड़िया को किससे प्यार है? उसे संतोषी क्यों कहा गया है?
उत्तर :-चिड़िया को अन्न से प्यार है।उसे संतोषी इसलिए कहा गया है क्योंकि वह थोड़े में ही संतुष्ट रहती है।
वह चिड़िया जो- कंठ खोलकर बूढ़े वन-बाबा की खातिर रस उड़ेलकर गा लेती है वह छोटी मुँह बोली चिड़िया नीले पंखोंवाली मैं हूँ मुझे क्जिन से बहुत प्यार है।
(i) चिड़िया को मुहं बोली क्यू कहा गया हैं ?
उत्तर :-चिड़िया को “मुँह बोली” इसलिए कहा गया है क्योंकि वह अपने गीतों के माध्यम से बूढ़े वन-बाबा के प्रति अपनी भावना और स्नेह व्यक्त करती है। यह मुँह बोली चिड़िया अपने गाने से वन-बाबा के साथ एक आत्मीय संबंध स्थापित करती है। कविता में “मुँह बोली” शब्द चिड़िया के गाने की मधुरता और उसकी भावनात्मक अभिव्यक्ति को दर्शाने के लिए प्रयोग किया गया है।
(ii)विजन का क्या अर्थ हैं ?चिड़िया को विजन से क्यों प्रेम हैं ?
उत्तर :-विजन का अर्थ है शांति, सन्नाटा, या एकांत। यह वह स्थिति है जहां चारों ओर शांति और सुकून हो, और मन को शांति का अनुभव हो।चिड़िया को विजन से प्रेम इसलिए है क्योंकि वह प्रकृति की गोद में, शांत और एकांत वातावरण में, अपनी स्वतंत्रता और सौंदर्य का आनंद लेती है। विजन चिड़िया को आत्मिक सुकून और आनंद प्रदान करता है, जो उसकी सरलता और प्रकृति प्रेम को दर्शाता है। शांत वातावरण में वह अपने गानों और गतिविधियों से अपनी खुशी व्यक्त करती है।
notice : वह चिड़िया जो कविता केदारनाथ अग्रवाल ने लिखा है। इस article लिखने के लिए हमने west bengal sylabus के साहित्य मेला पुस्तक का help लिए। हमारा उद्देश्य केवल छात्रों को शिक्षित करना है। Google से गुजारिश है हमारे post को रैंक करे और छात्रों को शिक्षित करने में हमारी मदद करे।
📘 भाषा-बोध
✍️ (क) पर्यायवाची शब्द
प्रश्न: निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची लिखिए।
- चिड़िया – पक्षी, पंछी
- नदी – सरिता, धारा
- मोती – मुक्त, रत्न
- दूध – क्षीर, दुग्ध
- वन – जंगल, अरण्य
✍️ (ख) ‘या’ जोड़कर शब्द बनाओ
प्रश्न: ‘चिड़ी + या = चिड़िया’ की तरह और शब्द बनाओ।
उत्तर:
- लड़ी + या = लड़िया
- गुड़िया + या = गुड़िया (पहले से बना शब्द)
- कढ़ी + या = कढ़िया
- झाड़ी + या = झाड़िया
- मछली + या = मछलिया
👉 आसान समझ:
जब किसी शब्द के अंत में “या” जोड़ते हैं, तो नया शब्द बनता है।





